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नसीमुद्दीन सिद्दीकी और फूल बाबू सपा में शामिल

February 15, 2026

नसीमुद्दीन सिद्दीकी और फूल बाबू सपा में शामिल

Posted on 15.02.2026 Time 03.40 PM, Sunday, Lucknow, Political Breking

लखनऊ, 15 फरवरी। पूर्व मंत्री और हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी और पीलीभीत के नेता पूर्व मंत्री अनीस अहमद फूल बाबू आज समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उन्हें खुद अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल कराया।

बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे Naseemuddin Siddiqui ने आज समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।

इस मौके पर अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू भी सपा में शामिल हुए। अनीस अहमद तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा कई पूर्व विधायकों ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

अपना दल (S) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।

#Naseemuddin Siddiqui and Fool Babu joined Samajwadi Party

सीतापुर में नाराज विधायक का थाने में धरना

Posted on 15.02.2026, Time 03.33 PM Sunday, Sitapur, Police Station Rampur Mathura, MLA Gyan Tiwari

सीतापुर , 15 फरवरी। रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सेवता से बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी का गुस्सा फूट पड़ा। विधायक अपने समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने पहुंचे और थाना परिसर में जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर पुलिस मनमानी कर रही है और आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही।

विधायक ज्ञान तिवारी ने थाने में तैनात दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि देर रात एक नौटंकी कार्यक्रम को जबरन बंद कराए जाने के बाद मामला अनावश्यक रूप से तूल पकड़ गया और पुलिस ने नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की। इसी से आक्रोशित होकर वे समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
विधायक के थाने पहुंचने की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अधिकारी पहुंचे और विधायक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले संवाद के दौरान सीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभारी निरीक्षक, दीवान और कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
विधायक ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके व्यवहार से जनता में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे।

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे

उप्र समाचार सेवा (UPSS), Posted दिनांक: 15 फरवरी 2026, Time 03.16 PM स्थान: वीरभद्र, ऋषिकेश (उत्तराखंड)

Kedarnath Dham Temple Opening Date

Kedarnath dham के कपाट खुलने की तिथि घोषित

वीरभद्र (ऋषिकेश), 15 फरवरी 2026,  केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, यात्रा तैयारियों की रफ्तार तेज हो गई है।
रुद्रप्रयाग जनपद में हिमालय की गोद में स्थित भगवान केदारनाथ  धाम Kedarnath Dham के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खोलने की तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और पंचांग गणना के बाद की गई।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार कपाट वृष लग्न में खुलेंगे, जिसे शुभता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और समृद्धि का संकेत भी समझा जाता है, जिससे भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

Kedarnath Dham Temple

केदार नाथ मंदिर

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रा जल्दी प्रारंभ हो रही है। वर्ष 2025 में कपाट मई माह में खुले थे, जबकि इस बार अप्रैल में ही दर्शन का अवसर मिलेगा। इससे यात्रा अवधि बढ़ेगी और स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों तथा रोजगार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

तिथि घोषित होते ही प्रशासन, पुलिस और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पैदल मार्गों से बर्फ हटाने, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, आपदा प्रबंधन दल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा यात्रियों के लिए ठहरने की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों—देहरादून, हल्द्वानी, नैनीताल और अल्मोड़ा—में यात्रा को लेकर तैयारियाँ शुरू हो गई हैं और श्रद्धालु चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं। अब सभी की नजरें उस शुभ तिथि पर टिकी हैं जब बाबा केदार के कपाट पुनः खुलेंगे और भक्तों को दर्शन का अवसर मिलेगा।

संस्थागत डिलीवरी कराए, गर्भावस्था के समय दवाओ से करे परहेज- डॉ आरती यादव (मनो चिकित्सक)

Dr Arti Yadav, Barabanki

डा आरती यादव से भरता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार दिलीप कुमार श्रीवास्तव

Posted on 15..02.2026 Sunday, Time 10.33 AM Barabanki, Dr Arti Yadav, Dilip Kumar Shrivastava

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या बहुत अधिक है और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की संख्या भी बड़ी है, इसलिए सीपी प्रभावित बच्चों की संख्या भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होने की संभावना व्यक्त की जाती है।
सेरेब्रल पाल्सी (CP) बच्चों की संख्या में वृद्धि होने के कारण प्रतिदिन बाराबंकी जिला अस्पताल में स्थित मनो चिकित्सा विभाग की ओपीडी में 25 से 30 CP बच्चे इलाज के लिए आते हैं। शनिवार को हमारे संवाददाता दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने मनोचिकित्सक डॉ आरती यादव से सेरेब्रल पाल्सी CP बच्चों के बारे में वार्ता की और इसके कारण निवारण की को समझा उसी के कुछ अंश प्रस्तुत है। मनो चिकित्सक डॉ आरती यादव से जो पूछा गया कि सीपी बच्चों का जन्म किन कारणो से होता है, तो उन्होंने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी (CP) मुख्य रूप से जन्म से पहले, या तुरंत बाद मस्तिष्क के अविकसित रहने या क्षति पहुँचने के कारण होती है। प्रमुख कारणों में ऑक्सीजन की कमी, संक्रमण, समय से पहले जन्म, कम वजन, भ्रूण आघात और जेनेटिक म्यूटेशन ढशामिल हैं, जो बच्चे की हलचल और मांसपेशियों के नियंत्रण को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि मां को रूबेला, ज़ीका वायरस, या अन्य गंभीर संक्रमण होना.
मस्तिष्क का असामान्य विकास गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क का सही से विकसित न हो पाना।
जेनेटिक उत्परिवर्तन में बदलाव जो मस्तिष्क विकास को रोकते हैं ।
जन्म के समय दम घुटना या ऑक्सीजन न पहुंचना, गर्भनाल गले में फंसना,डिलीवरी के दौरान मस्तिष्क में चोट लगना आदि कारण हो सकते है। मेनिन्जाइटिस या एन्सेफलाइटिस जैसे गंभीर इन्फेक्शन,शिशु के सिर में आघात, गिरने या दुर्घटना से चोट. मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बाधित होना.
मुख्य जोखिम कारण होते है।
समय से पहले पैदा हुए बच्चो का
जन्म के समय वजन 1.5 कि0ग्रा से कम होना.गर्भ मे एक से अधिक बच्चो का होना CP का कारण हो सकता।
डॉक्टर यादव बताती है कि सीपी का कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता और कई मामलों में यह जन्मजात मस्तिष्क विकृतियों से जुड़ा होता है।
जब उनसे पूछा गया की क्या सावधानी बरती जाए कि CP बच्चों का जन्म रोका जा सके। तो उन्होंने बताया कि संस्थागत डिलीवरी ही कराई जाए,गर्भावस्था में बिना चिकित्सक की सलाह के किसी भी दवा का प्रयोग न किया जाए, गर्भावस्था में अगर मां को तेज बुखार आ रहा है साथ ही शरीर में दाने निकले हुए हैं तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जिन माताओ गर्भावस्था के समय थायराइड या शुगर की समस्या होती है, उन्हें सेरेब्रल बच्चे होने की संभावनाएं अधिक होती है।
डॉ आरती यादव रहती हैं कि सेरेब्रल बच्चों को दवाओ से अधिक योगा ,सर्जरी तथा फिजियोथैरेपी की आवश्यकता होती है जिससे तमाम बच्चे चलने,समझने, अपना कार्य स्वयं करने में सक्षम पाए जाते हैं।
ऐसे बच्चों को पारिवारिक, सामाजिक प्यार सम्मान तथा देख-रेख की अत्यधिक आवश्यकता होती है। और अब तो सरकार भी इन बच्चों पर अधिक ध्यान दे रही है, इनके इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ ही इन्हें समझ में जोड़ने के लिए कई योजना चल रही है।

Virbhadra महाशिवरात्रि पर वीरभद्र मंदिर में आस्था का सैलाब, प्राचीन मेले का शुभारंभ

Virbhadra Shiv Mandir

वीरभद्र ऋषिकेश शिव मंदिर

*उप्र समाचार सेवा (UPSS)
**दिनांक: 14 फरवरी 2026 | स्थान: वीरभद्र, ऋषिकेश (उत्तराखंड)**

ऋषिकेश स्थित पौराणिक वीरभद्र मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लगने वाले वार्षिक मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। लगभग 1300 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में दूर-दराज़ से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

मेले के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य जनपदों और राज्यों से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

### प्रशासन अलर्ट, एसडीएम ने किया निरीक्षण

मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एसडीएम ऋषिकेश ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों।

पुलिस और प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, स्वास्थ्य शिविर और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि मेले का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

### आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

वीरभद्र मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करता है। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण बाजार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह मेला देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का जीवंत उदाहरण है, जहां श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।

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