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वृंदावन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजकीय बाल गृह (बालिका) का किया निरीक्षण

March 10, 2026

वृंदावन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजकीय बाल गृह (बालिका) का किया निरीक्षण

बालिकाओं से की बातचीत
अन्नप्राशन संस्कार कराया, योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए, परिसर में किया वृक्षारोपण
मथुरा।
महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सोमवार को वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रवेश द्वार पर बाल गृह की सात बालिकाओं ने पुष्प भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पूजा गुप्ता ने राजकीय बाल गृह की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि महिला आश्रय सदन का भवन वित्तीय वर्ष 2008-09 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कार्यदायी संस्था वृंदावन डेवलपमेंट अथॉरिटी के माध्यम से बनवाया गया था। पहले इस भवन में वृद्ध एवं विधवा माताओं के लिए पांच आश्रय सदन संचालित होते थे, जिन्हें वर्ष 2024-25 में शासन द्वारा बंद कर माताओं को कृष्ण कुटीर वूमेन सेल्टर होम में स्थानांतरित कर दिया गया।
भवन के जीर्ण-शीर्ण होने के कारण महिला कल्याण विभाग द्वारा लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनरुद्धार कराया गया। वर्तमान में अक्टूबर 2025 से यहां 200 बालिकाओं की क्षमता वाला राजकीय बाल गृह संचालित है। परिसर में आगे चलकर सखी निवास (वर्किंग वूमेन हॉस्टल) और शक्ति सदन (18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए) संचालित करने का भी प्रस्ताव है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि बाल गृह में इस समय 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 98 बालिकाएं तथा संवासिनियों के सात बच्चे रह रहे हैं। निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं के कमरे, प्रशिक्षण केंद्र, किचन, सभागार, स्टाफ कक्ष, कार्यालय, मेस, क्रेच और शौचालय आदि का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बालिकाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के बाद राज्यपाल ने शिक्षकों, स्टाफ, प्रशिक्षकों और संचालकों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने दो बच्चों—फैजान और हर्षिता—का अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा संवासिनियों के बच्चों को बेबी किट और कपड़े वितरित किए। साथ ही संवासिनियों को गिफ्ट हैम्पर और टी-शर्ट भी प्रदान की गईं।
राज्यपाल ने कौशल विकास के अंतर्गत दो महिला उद्यमियों अनीता सारस्वत और सीमा छापरिया को सम्मानित किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुमंगला योजना की तीन लाभार्थियों—सिमरन, मीनाक्षी और तनवी—तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की तीन लाभार्थियों—चेतना, कृष्णा और प्रियंका गोस्वामी—को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने परिसर में बरगद का पौधा लगाकर वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने उन्हें भगवान बांके बिहारी की आकर्षक स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

गोवर्धन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो शातिर चोर गिरफ्तार

6 चोरी की बाइक व तमंचा बरामद
सकरवा बाईपास से दबोचे गए आरोपी, मास्टर चाबी से करते थे बाइक चोरी
मथुरा।
गोवर्धन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की छह मोटरसाइकिल, एक मास्टर चाबी तथा एक अवैध तमंचा व कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 10 मार्च को रात करीब 1 बजे सकरवा बाईपास स्थित सकरवा चौराहे पर चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उनकी पहचान रवि पुत्र सीताराम निवासी हयातपुर थाना खोह जिला डींग (राजस्थान) तथा अरबाज पुत्र वसीर निवासी रूंन्ध थाना खोह जिला डींग (राजस्थान) के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से विभिन्न स्थानों से चोरी की गई छह मोटरसाइकिल, एक मास्टर चाबी, एक अवैध तमंचा .315 बोर तथा एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। बरामद मोटरसाइकिलों में हीरो स्प्लेंडर व एचएफ डीलक्स सहित कई बाइक शामिल हैं। इनमें से एक बाइक हरियाणा के फरीदाबाद से चोरी की पाई गई, जबकि एक बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।
इस संबंध में मथुरा के गोवर्धन थाना में मुकदमा संख्या 114/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 317(2), 317(5) तथा 3/25 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह गुर्जर के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में निरीक्षक मनोज कुमार उज्ज्वल, उपनिरीक्षक कृपाल सिंह, उपनिरीक्षक चौधरी सतेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल उपनीश बाबू, कांस्टेबल रिंकू चौधरी, प्रीत कुमार और राहुल बाल्यान शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार आरोपी मास्टर चाबी की मदद से विभिन्न स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। उनसे पूछताछ कर अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

मथुरा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया सम्मानित

अतुल कुमार जिंदल
  • दुवासु के 15वें दीक्षांत समारोह में 177 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
  • 14 छात्रों को स्वर्ण पदक, मंत्री धर्मपाल सिंह व पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन महेश्वरप्या रहे उपस्थित
मथुरा।, 10 मार्च 26,राज्यपाल आनंदी बेन पटेल दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंचीं और अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान  (दुवासु) के 15वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के 177 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।
मंगलवार को आयोजित इस समारोह का संचालन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभिजित मित्र के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्या मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
14 विद्यार्थियों को मिले गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में कुल 177 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 69 बीवीएससी एवं एएच, 74 स्नातकोत्तर, 5 पीएचडी तथा 29 बायोटेक्नोलॉजी की डिग्रियां शामिल हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 पदक भी प्रदान किए गए, जिनमें 14 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे।
इसके अलावा 4 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (स्नातकोत्तर), 1 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (पीएचडी) और 1 सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष विभिन्न संस्थानों के साथ 7 नए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे सक्रिय एमओयू की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
दो पुस्तकों का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान दो पुस्तकों, विश्वविद्यालय समाचार पत्र तथा ‘पशुधन पत्रिका’ का भी लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 25 आंगनवाड़ी केंद्रों को अवसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए किट वितरित की गईं।
इसके साथ ही महिला अध्ययन केंद्र द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों के विद्यालयी बच्चों के बीच आयोजित चित्रकला, देशभक्ति गीत और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।
ब्रज की पावन भूमि का किया उल्लेख
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ब्रज की यह पावन भूमि वह स्थान है जहां बाल कृष्ण की मुरली की तान गूंजी और गोपाल के रूप में गौ सेवा की परंपरा स्थापित हुई। उन्होंने कहा कि ब्रज का कण-कण करुणा, संरक्षण और सेवा का संदेश देता है।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, परिवार और समाज का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

अब रात में भी होंगें प्रदेश भर में पोस्टमार्टम

उप्रससे,अजय बरया
ललितपुर- सरकार ने एक बहुत ही संवेदनशील और मानवीय कदम उठाते हुए अब प्रदेश भर के पोस्टमार्टम हाउस में रात के समय भी पोस्टमार्टम करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला मुख्य रूप से उन शोकाकुल परिवारों के दर्द को देखते हुए लिया गया है, जिन्हें अपने प्रियजन का पार्थिव शरीर पाने के लिए पूरी रात और अगला दिन तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ता था। इस नए शासनादेश के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि जिन पोस्टमार्टम हाउस के पास पर्याप्त रोशनी और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, वे सूर्यास्त के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। हालांकि इस व्यवस्था के साथ कुछ विशेष सावधानियां भी रखी गई हैं ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। उदाहरण के तौर पर हत्या, आत्महत्या, बलात्कार जैसे संदिग्ध मामलों में पूरी तरह से खराब हो चुके शवों का पोस्टमार्टम रात में नहीं किया जाएगा, जब तक कि कानून-व्यवस्था की कोई बहुत बड़ी मजबूरी न हो। इन संवेदनशील मामलों को दिन की रोशनी में ही पूरा किया जाएगा ताकि जांच में कोई सूक्ष्म चूक न रह जाए। पूरा सिस्टम अधिक जिम्मेदार और आम आदमी के प्रति उत्तरदायी बन गया है। उपरोक्त जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ललितपुर द्वारा दी गई

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने किया कार्यालय का औचक निरीक्षण

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
10/03/2026

*रिकॉर्ड रूम, अपर आयुक्त न्यायालय व विभिन्न शाखाओं में फाइलों के रखरखाव और सफाई व्यवस्था पर दिया विशेष जोर*

गोरखपुर। गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने मंगलवार को मंडलायुक्त कार्यालय के विभिन्न संभागों, केंद्रीय रिकॉर्ड रूम, अपर आयुक्त न्यायालय तथा संयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, फाइलों के रखरखाव तथा साफ-सफाई की व्यवस्था का गहन जायजा लिया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं में रखी फाइलों के संधारण और रिकॉर्ड के रखरखाव की स्थिति को देखा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित फाइलें आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में रिकॉर्ड प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था प्रशासनिक कार्यों की गति को तेज और पारदर्शी बनाती है।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने केंद्रीय रिकॉर्ड रूम का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुराने अभिलेखों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तथा रिकॉर्ड रूम में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेख महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं, इसलिए इनके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त न्यायालय और संयुक्त कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय से जुड़े मामलों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि न्यायिक मामलों में अनावश्यक विलंब से आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था को भी देखा और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल से कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है और आम जनता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्यालयों में अनुशासन और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करें ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश, अपर आयुक्त न्यायिक अजय राय तथा अपर आयुक्त न्यायिक राजेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मंडलायुक्त को संबंधित शाखाओं की कार्यप्रणाली और अभिलेखों के रखरखाव के बारे में जानकारी दी।
मंडलायुक्त ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर आंतरिक समीक्षा भी की जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहे तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

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