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बुढ़िया माता मंदिर से लौट रही महिला से लूट, बदमाश मंगलसूत्र छीनकर फरार

February 26, 2026

बुढ़िया माता मंदिर से लौट रही महिला से लूट, बदमाश मंगलसूत्र छीनकर फरार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
26/02/2026

*कुसमी जंगल मार्ग पर वारदात, पुलिस सीसीटीवी व संदिग्धों की तलाश में जुटी*

गोरखपुर। शहर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने वाली एक लूट की घटना सामने आई है। बुढ़िया माता मंदिर दर्शन कर लौट रही एक महिला के गले से बाइक सवार बदमाशों ने सरेराह सोने का मंगलसूत्र छीन लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, वहीं पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार देवरिया जनपद के बड़की बभनी थाना क्षेत्र निवासी पूनम चौरसिया गुरुवार को अपनी जेठानी के साथ गोरखपुर स्थित बुढ़िया माता मंदिर दर्शन करने आई थीं। दर्शन करने के बाद दोनों महिलाएं कुसमी जंगल मार्ग से मुख्य सड़क की ओर पैदल लौट रही थीं।
पीड़िता के अनुसार रास्ते में पहले से ही एक युवक बाइक लेकर खड़ा था, जबकि दूसरा युवक पीछे से आया और अचानक उनके गले से सोने का मंगलसूत्र झपट लिया। मंगलसूत्र छीनने के बाद आरोपी तेजी से भागते हुए पहले से खड़ी बाइक पर बैठ गया और दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए।
अचानक हुई इस घटना से दोनों महिलाएं घबरा गईं और मौके पर शोर मच गया। आसपास मौजूद लोगों के जुटने के बाद पीड़िता ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी गई है। साथ ही मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के संबंध में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना के बाद श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने मंदिर क्षेत्र और कुसमी जंगल मार्ग पर पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर यूपी और जापान में समझौता

  • मुख्यमंत्री ने जापान के यामानाशी प्रान्त में आयोजित ‘उ0प्र0 इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया
  • ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक से सम्बन्धित उ0प्र0 और यामानाशी के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
  • प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उ0प्र0 विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा: मुख्यमंत्री
  • Chief Minister addresses’ UP Investment Road Show ‘event in Yamanashi prefecture,
  • Japan Historic MoU signed between UP and Yamanashi on Green Hydrogen technology
  • Uttar Pradesh is scaling new heights of development under the leadership and guidance of the Prime Minister: CM

Posted on 26.02.2026 Time 09.40 PM Thursday, Yamanashi (Japan), UP CM Yogi Adityanath, UP News

यामानाशी/लखनऊ: 26 फरवरी, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जापान के यामानाशी प्रान्त में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेण्ट रोड शो’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होेंने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। हमने उत्तर प्रदेश की नीतियों को रिएक्टिव के स्थान पर प्रोएक्टिव बनाया है। परिणामस्वरूप, विगत 09 वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तथा अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा उत्तर प्रदेश भारत में सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ आबादी निवास करती है। जिस प्रकार प्रकृति की असीम कृपा जापान के यामानाशी प्रान्त पर है, इसी प्रकार उत्तर प्रदेश पर भी है। प्रदेश में भारत की सबसे उर्वरा भूमि तथा सर्वाधिक समृद्ध जल संसाधन है। उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की भूमि भी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने स्वयं को प्रत्येक क्षेत्र में भारत की सबसे तेज अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। यह जितना बड़ा राज्य है, इसमें जितनी सम्भावनाएं हैं, उतनी ही चुनौतियां भी सामने आती हैं। उन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने की दिशा में हम लोग एक बड़े डेलीगेशन के साथ जापान की यात्रा पर आए हैं। दिसम्बर, 2024 में यामानाशी के राज्यपाल उत्तर प्रदेश की यात्रा पर आए थे। उस समय उन्होंने जो बातें हमारे सामने रखी थी, लगातार उसका फॉलो-अप किया, इसके दृष्टिगत पत्र भेजे। उस पहल को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने यहां के उपराज्यपाल को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर भेजा।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का एक उच्च स्तरीय बिजनेस डेलीगेशन यहां की यात्रा पर आया था। डेलीगेशन ने वस्तुस्थिति का अवलोकन करने के पश्चात  उस सम्बन्ध में पूरी रिपोर्ट हम सबके सामने प्रस्तुत की थी। परिणामस्वरूप, यामानाशी के राज्यपाल के आमन्त्रण पर हम सभी ने आज यहां पहुंचकर वस्तुस्थिति का अवलोकन किया। ग्रीन हाइड्रोजन के प्रोडक्शन प्रोसेस को देखा। इस तकनीक के बारे में उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुए हैं। उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थान के विद्यार्थी यहां पर इस तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण के उपरान्त उत्तर प्रदेश की इण्डस्ट्री, पब्लिक ट्रान्सपोर्ट, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने में इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर पाएंगे। यह तकनीक प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण पहल हो सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कल हमने टोक्यो में अनेक जी-टू-बी मीटिंग्स की। भारत के राजदूत ने भी जी-टू-जी स्तर पर अनेक बैठकों का आयोजन कराया। अनेक बिजनेस डेलीगेशन के साथ हमारी मुलाकात हुई। यामानाशी के राज्यपाल ने भी अनेक जी-टू-बी और जी-टू-जी स्तर की बैठकों का आयोजन किया है। तिथि का महत्व होता है। आज का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आज 26 फरवरी की तिथि और वर्ष का दूसरा महीना है। यदि आप इन दोनों को जोड़ कर देखेंगे, तो आठ का अंक प्राप्त होता है। यह दोनों चीजें दिखाती है कि हमारी पहल सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रान्त भारत और जापान के सम्बन्धों को नई ऊंचाई तक पहुंचाएंगे। इस कार्यक्रम के उपरान्त हमारे डेलीगेशन को यहां की सेमी स्पीड ट्रेन की राइडिंग का अवसर प्राप्त होगा। इस ट्रेन की गति 500 से 600 किलोमीटर प्रति घण्टा है। हमें यहां के रोबोटिक सेंटर को भी देखने का अवसर प्राप्त होगा। रोबोटिक्स आज की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में रोबोटिक्स के सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस के लिए धनराशि की व्यवस्था की है। इस दिशा में हम तेजी के साथ आगे बढ़ेंगे। हमें यहां एग्रो ग्रीन से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स को भी देखने का अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान को विकसित जापान बनाने की पहल, न केवल जापान की दृष्टि से, बल्कि विश्व मानवता के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यह पहल ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने और इस तकनीक को सर्वसामान्य तक पहुंचाने के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकती है।
इस अवसर पर यामानाशी प्रान्त के राज्यपाल श्री कोटारो नागासाकी, उप राज्यपाल श्री जुनिची इशिदेरा, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, जापान में भारत की राजदूत सुश्री नगमा एम0 मलिक सहित जापान के उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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UP, Japan sign pact on green hydrogen technology

बेबी रानी मौर्य ने की विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा

समीक्षा बैठक लेती  प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य साथ में अन्य जनप्रतिनिधि
हाथरस। कलेक्ट्रेट आगमन पर प्रभारी मंत्री एवं महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य का स्वागत जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बुके भेंट कर किया। इसके पश्चात उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली।
मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण पोटली वितरित की गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना  के तहत लाभार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए गए। किसानों को मिनी किट बीज वितरित किए गए तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत दो महिला लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अपराध नियंत्रण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, नहरों की सफाई और टेल तक पानी की उपलब्धता, पेंशन योजनाएं, कृषि, वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण, पर्यटन विकास, लोक निर्माण विभाग की सड़कों का निर्माण व मरम्मत, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, गौ आश्रय स्थल, स्कूल चलो अभियान, स्वास्थ्य सेवाएं, जन आरोग्य योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाएं, हर घर जल योजना, धान-गेहूं क्रय, टैबलेट व स्मार्ट फोन वितरण, कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, पंचायती राज, बाल विकास एवं विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त सड़कों की मानक अनुसार शीघ्र मरम्मत कराने, बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए सायं छह बजे से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा ओटीएस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन उठाने और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आश्वस्त किया कि मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का प्राथमिकता से अनुपालन कराया जाएगा। बैठक में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक अंजुला सिंह माहौर, विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा, विधायक प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मान्यता का सच या भविष्य से खिलवाड़? विनायक इंटरनेशनल स्कूल पर उठे तीखे सवाल


विनायक इंटरनेशनल स्कूल
हाथरस। शहर के चर्चित  विनायक इंटरनेशनल स्कूल   को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों और विद्यार्थियों को गहरे असमंजस में डाल दिया है। आरोप है कि विद्यालय ने सीबीएसई की मान्यता न होने के बावजूद हाईस्कूल (दसवीं) कक्षा में छात्रों के प्रवेश ले लिए। जब बोर्ड परीक्षाओं का समय आया तो खुलासा हुआ कि विद्यार्थियों का पंजीकरण स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि मथुरा जनपद के एक विद्यालय से कराया गया है।
स्थिति तब और हैरान करने वाली हो गई जब छात्रों को परीक्षा केंद्र भी मथुरा जिले में आवंटित कर दिया गया। अभिभावकों के अनुसार, परीक्षा के दिन बच्चों को पेपर शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले विद्यालय की गाड़ियों से मथुरा ले जाया जाता है। लंबी दूरी की यह भागदौड़ बच्चों पर मानसिक दबाव भी बढ़ा रही है।
दबी जुबान में अभिभावक बताते हैं कि मथुरा के जिस विद्यालय से पंजीकरण कराया गया है, उसकी यूनिफॉर्म भी विद्यार्थियों से उनके स्वयं के खर्च पर सिलवाई गई। सवाल यह उठता है कि जब विद्यालय को दसवीं की मान्यता ही नहीं थी, तो प्रवेश क्यों लिए गए? क्या अभिभावकों को पूरी सच्चाई बताई गई थी, या फिर भविष्य के सुनहरे सपनों के नाम पर भरोसे का सौदा किया गया? शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यदि मान्यता का सच छिपाकर छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया, तो यह न केवल नैतिक, बल्कि प्रशासनिक सवाल भी खड़े करता है।
शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले संस्थानों से जवाबदेही अपेक्षित है। यदि बिना मान्यता प्रवेश लेकर छात्रों को दूसरे जिले से परीक्षा दिलवाई जा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। अब निगाहें सीबीएसई बोर्ड पर भी टिक गई हैं। क्या भविष्य में ऐसे विद्यालय को मान्यता दी जानी चाहिए, जो शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर रहा हो? दबी जुबान में अभिभावकों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षा के नाम पर किसी और बच्चे का भविष्य दांव पर न लगे।इनका कहना है –
विनायक इंटरनेशनल स्कूल का दसवीं कक्षा के लिए सीबीएसई रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। अगर विद्यालय ने बिना रजिस्ट्रेशन के बच्चों को दसवीं के लिए एडमिशन लिया है तो यह नियम विरुद्ध है। इस मामले में जिम्मेदार ही कार्रवाई कर सकेंगे। – डॉ जगदीश शर्मा डिस्ट्रिक्ट कोर्डिनेटर सीबीएसई
बेशक विनायक इंटरनेशनल स्कूल का सीबीएसई रजिस्ट्रेशन नहीं है। लेकिन आवश्यक कार्रवाई सम्बंधित अधिकारी ही करेंगे। – सन्त प्रकाश जिला विद्यालय निरीक्षक

मथुरा जंक्शन पर जीआरपी के पुलिस कर्मी ने दुकानदार से की मारपीट, वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल 

मथुरा। मथुरा जंक्शन पर जीआरपी पुलिस की कथित गुंडई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक जीआरपी पुलिसकर्मी कथित तौर पर रेलवे के अधिकृत वेंडर के साथ मारपीट करता और अभद्र भाषा का प्रयोग करता दिखाई दे रहा है।
बताया जा रहा है कि मामला प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर स्थित “कृष्ण फूड” नामक स्टॉल का है, जो रेलवे द्वारा स्वीकृत वेंडर संचालित करता है। आरोप है कि जीआरपी स्टाफ सूरज चौहान ने स्टॉल संचालक से चाय बनाने के लिए कहा। इस पर वेंडर ने कथित रूप से जवाब दिया कि पहले ट्रेन निकल जाने दें, उसके बाद चाय बना देंगे।
इसी बात पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पुलिसकर्मी ने गुस्से में आकर स्टॉल बंद कराते हुए वेंडर के साथ मारपीट की। इस घटना में वेंडर को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद वेंडर भयभीत बताया जा रहा है और मानसिक रूप से काफी आहत है।सूत्रों के अनुसार, पीड़ित वेंडर ने इस व्यवहार से दुखी होकर कड़ा कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अभी तक इस संबंध में जीआरपी या रेलवे प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच की मांग उठ रही है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
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