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राजनाथ सिंह ने ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के कार्यां का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया

March 13, 2026

राजनाथ सिंह ने ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के कार्यां का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया

  • 299 करोड़ रु0 लागत से फेज-02 के कार्यां का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रु0 लागत से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल
  • लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे मार्च के अन्त या अप्रैल माह की शुरुआत में प्रारम्भ हो जाएगा
  • ब्रह्मोस मिसाइल अब लखनऊ की धरती पर बनेगी
  • लखनऊ बेहतरीन राजधानी के साथ सुगम यातायात का उत्कृष्ट केन्द्र : मुख्यमंत्री
लखनऊ : 13 मार्च, 2026, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां 1,519 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ के यातायात एवं अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने वाली ‘ग्रीन कॉरिडोर परियोजना’ के कार्यां का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इनमें 299 करोड़ रुपये लागत से फेज-02 के कार्यां का लोकार्पण तथा 1,220 करोड़ रुपये लागत से फेज-03 व फेज-04 के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। रक्षा मंत्री जी तथा मुख्यमंत्री जी के समक्ष लखनऊ शहर के समग्र विकास का मास्टर प्लान बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर और लखनऊ विकास प्राधिकरण के मध्य एक एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाने वाले श्रमिकों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि लखनऊ को लक्ष्मणनगरी कहा जाता है। यह भूमि त्रेतायुग से ही सांस्कृतिक रूप से जुड़ी हुई है। लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर प्रदेश अपने आप में भारत का सांस्कृतिक प्रतिबिम्ब है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश के विकास के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। माफियाओं, गुण्डों, अपराधियों में भय व्याप्त है। उनकी पहचान बुलडोजर बाबा के रूप में है। बुलडोजर केवल तोड़ता ही नहीं है, बल्कि तोड़ने के बाद विकास की जमीन भी तैयार करता है। मुख्यमंत्री जी विकास की जमीन तैयार कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज दुनिया में लखनऊ की चर्चा तहजीब के साथ-साथ उसके विकास के लिए भी हो रही है। यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता दी है। खान-पान के लिए प्रसिद्ध विश्व के श्रेष्ठ शहरों की सूची में लखनऊ को स्थान मिलना हमारे लिए गौरव का विषय है। दुनिया के रहने लायक शहरों में लखनऊ का विशेष स्थान है। यह सभी डबल इंजन सरकार के प्रयासों से सम्भव हुए हैं। विगत कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उत्तर प्रदेश भारत का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है। हाल ही में उनकी जापान और सिंगापुर की सफल यात्रा सम्पन्न हुई। वहाँ हुए निवेश समझौतों से उत्तर प्रदेश को और तेजी से आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। अगर हम वहाँ के लोगों के अच्छे अनुभवों को उत्तर प्रदेश की मेहनत और क्षमता से जोड़ेंगे, तो परिणाम और अधिक बेहतर होंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि 28 किलोमीटर लम्बी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना की लागत 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। यह ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ शहर के मध्य से गुजरते हुए शहीद पथ और किसान पथ को आपस में जोड़ेगा। इससे यात्रा का समय बचेगा और लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह परियोजना लखनऊवासियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। इस परियोजना में ग्रीनरी को व्यवस्थित करने का कार्य किया गया है। सड़क के रास्ते में आए पेड़ों को काटा नहीं गया है, बल्कि उन्हें दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया है।
आई0आई0एम0 रोड से पक्का पुल तक बांध चौड़ीकरण के साथ-साथ फ्लाईओवर बन चुका है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। परियोजना के दूसरे चरण में डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक आज लखनऊवासियों को समर्पित 07 किलोमीटर लम्बे इस कॉरिडोर से 15 लाख की आबादी लाभान्वित होगी। अगली कड़ी में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक 10 किलोमीटर ग्रीन कॉरिडोर का विस्तार किया जाएगा।


इस परियोजना की विशेष बात यह है कि इसमें सिविल और डिफेंस सेक्टर दोनों ने मिलकर कार्य किया है। यह आपसी तालमेल इस बात का उदाहरण है कि जब सिविल और डिफेंस सेक्टर साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। लखनऊ में बाधारहित ट्रांसपोर्टेशन सम्भव हो सके, इस दृष्टि से यह ग्रीन कॉरिडोर परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी पूरी कोशिश रही है कि लखनऊ की मल्टीमोडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी को और भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि लखनऊवासियों को 4,500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लगभग 62 किलोमीटर लम्बे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलने जा रही है। यह एक्सप्रेस-वे मार्च के अन्त या अप्रैल माह की शुरुआत में प्रारम्भ हो जाएगा। इससे लोग लखनऊ से कानपुर की यात्रा 35 से 40 मिनट में पूरी कर सकेंगे।
लगभग 07 हजार करोड़ रुपये की लागत से 100 किलोमीटर से अधिक लम्बे बाराबंकी-बहराइच सड़क अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद बाराबंकी से बहराइच की यात्रा का समय ढाई घण्टे से घटकर एक घण्टा 15 मिनट रह जाएगा। लखनऊ में किसान पथ सर्विस रोड प्रोजेक्ट और लखनऊ-सीतापुर हाई-वे 6-लेन प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। लखनऊ-सुल्तानपुर हाई-वे प्रोजेक्ट को लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्रीय सम्पर्क और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि एक समय था जब लखनऊ की सड़कों पर जाम लगा रहता था। ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए अमर शहीद पथ का विस्तार किया गया, कई फ्लाईओवर निर्मित कराए गए। लखनऊ मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है। रिंग रोड परियोजना को आगे बढ़ाया गया, ताकि भारी वाहन शहर के भीतर आए बिना ही निकल सकें। यह सभी इस बात का प्रमाण हैं कि यदि सही इरादे, मजबूत इच्छा शक्ति और नेक नीयत वाली सरकार हो, तो देश और प्रदेश के विकास के लिए बड़े प्रयास होते हैं।
लखनऊ के सरोजनीनगर में कुछ दिन पूर्व ही अशोक लेलैण्ड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र का उद्घाटन हुआ है। इससे हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। हमारा लखनऊ तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में हमने कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो पहले सोचे भी नहीं गए थे। हम सभी ने इस पर ध्यान दिया है कि डिफेंस सेक्टर में लखनऊ पीछे नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में कई सारी डिफेंस फैसिलिटी स्थापित की गई हैं।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस इण्टीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी सेण्टर लखनऊ में स्थापित किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान के आतंकियों के दांत खट्टे करने का कार्य किया। यह ब्रह्मोस मिसाइल अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की धरती पर बनेगी। राष्ट्र की सुरक्षा व विकास के लिए लखनऊ के सैनिक और संसाधन तथा लखनऊ का सांसद सभी समर्पित भावना से कार्य कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
के0जी0एम0यू0 में विश्रामालय जैसी सुविधाएँ विकसित हुई हैं। पार्कों में ओपन जिम बनाए गए हैं। शेष पार्कों में भी ओपन जिम की व्यवस्था शीघ्र ही हो जाएगी। हमारा प्रयास रहा है कि विकास कागज पर न होकर लोगों के जीवन में दिखायी देना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि लखनऊ बेहतरीन राजधानी के साथ सुगम यातायात का बेहतरीन केन्द्र बना है। देश व दुनिया के अतिथि आकर यहाँ की साफ-सफाई व नवाचार की सराहना करते हैं। लोग कहते हैं कि लखनऊ ने कुछ नया करके दिखाया है। ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, यह लखनऊ का प्रतीक बन चुका है। लखनऊ मेट्रो के कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी है तथा भारत सरकार के साथ मिलकर लखनऊ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। आज ग्रीन कॉरिडोर लखनऊवासियों के सुगम आवागमन के लिए समर्पित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ की कनेक्टिविटी को प्रभावी बनाने के रक्षा मंत्री जी के विजन को एल0डी0ए0 साकार कर रहा है। प्राधिकरण ने शासन की भूमि को कब्जामुक्त कराकर तथा इसे मॉर्गेज कर धन अर्जित किया तथा इस प्रोजेक्ट के माध्यम से लखनऊ की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का कार्य किया। ग्रीन कॉरिडोर के कार्यां के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को बजट से धनराशि नहीं दी गयी, बल्कि प्राधिकरण ने मलेसेमऊ की 40 एकड़ भूमि को कब्जामुक्त कराकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये मॉर्गेज करते हुए विस्तार देने का कार्य प्रारम्भ किया है। इसी प्रकार गऊ घाट में 70 करोड़ रुपये कीमत की 11 एकड़ भूमि को विकसित करने का कार्य किया गया। जिस दूरी को तय करने में पहले एक घण्टे तक का समय लगता था, अब ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से वह मात्र 10 से 15 मिनट में बिना किसी बाधा के तय की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अर्बनाइजेशन इसका एक महत्वपूर्ण घटक है। लखनऊ इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में इसके विकास को तीव्र करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रक्षा मंत्री जी लखनऊ के सांसद हैं। उन्होंने दुश्मन को ठिकाने लगाने के लिए इसी लखनऊ से ब्रह्मोस मिसाइल बनाना प्रारम्भ किया है। इस परियोजना में कार्य करने वाले नौजवान इंजीनियरों का चयन लखनऊ के ए0के0टी0यू0 में हुआ है। अधिकांश इंजीनियर्स ने लखनऊ के ए0के0टी0यू0, पॉलिटेक्निक, आई0टी0आई0 से डिप्लोमा-डिग्री प्राप्त किया है और अब देश की रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ रक्षा सेवाओं में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गौरव के साथ अपना योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित हो रहा है। लखनऊ को ए0आई0 सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने धनराशि की व्यवस्था कर दी है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में लखनऊ आगे है। यह देश की रक्षा आवश्यकताओं के नये केन्द्र के रूप में भी विकसित हुआ है। आत्मनिर्भरता इसकी महत्वपूर्ण कड़ी है। लखनऊ के विकास, कनेक्टिविटी, यहाँ निवेश की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने तथा इसे इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के हब के रूप में विकसित करने के लिए रक्षा मंत्री जी का जो भी मार्गदर्शन होगा, उसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में उत्तर प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गल्फ क्षेत्र में युद्ध चल रहा है। दुनिया में आर्थिक अराजकता की स्थिति है। सक्षम एवं योग्य नेतृत्व के कारण इन परिस्थितियों में भी हमारा देश मजबूती के साथ अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। योग्य नेतृत्व में प्रत्येक सेक्टर की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भारत तेजी के साथ प्रगति कर रहा है। इस प्रगति में उत्तर प्रदेश ग्रोथ इंजन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होने वाले नव संवत्सर से झूलेलाल महोत्सव के कार्यक्रम भी प्रारम्भ होंगे। आज यहाँ जिस झूलेलाल वाटिका में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, पहले इस वाटिका पर कब्जा हो गया था। तत्कालीन मेयर डॉ0 दिनेश शर्मा ने इसे कब्जामुक्त कराकर इसका सौन्दर्यीकरण कराया। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को वासंतीय नवरात्रि एवं रामनवमी की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यसभा सदस्य डॉ0 दिनेश शर्मा व श्री संजय सेठ, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, विधायक श्रीमती जय देवी, नीरज बोरा, ओ0पी0 श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य डॉ0 महेन्द्र कुमार सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम के निर्देश पर गैस एजेंसियों पर छापा, ओवररेटिंग मिली तो सस्पेंड होगा लाइसेंस

बरेली में 91 गैस एजेंसियां, 193 पेट्रोल पंप फुल स्टॉक में, कालाबाजारी पर होगा कड़ा एक्शन

सर्वर डाउन से बुकिंग अटकी, सप्लाई नहीं, गैस-पेट्रोल की अफवाहों पर प्रशासन का खुलासा*

गैस के लिए एजेंसी के चक्कर नहीं, हेल्पलाइन और ऐप से घर बैठे करायें बुकिंग

बरेली, 13 मार्च। एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कहा कि बरेली में कहीं भी गैस या पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है। जनपद में 91 इंडेन, एचपी और भारत गैस एजेंसियां तथा 193 पेट्रोल पंप पूरी तरह से पर्याप्त स्टॉक के साथ संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल का सर्वर डाउन होने के कारण कुछ उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग में दिक्कत आ रही है, लेकिन शुक्रवार शाम तक सर्वर ठीक होने की उम्मीद है। आपूर्ति विभाग के मुताबिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। इंडियन ऑयल के तकनीकी सर्वर में आई समस्या की वजह से बुकिंग सिस्टम प्रभावित हुआ है। इस संबंध में इंडियन ऑयल के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान पर चर्चा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वर बहाल होते ही गैस बुकिंग और वितरण की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू हो जाएगी।

*कालाबाजारी पर सख्त नजर, एजेंसियों का निरीक्षण*

डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर एलपीजी गैस की कालाबाजारी और ओवररेटिंग रोकने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी ने शहर की कई गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान राजेंद्र नगर स्थित योगेश एंटरप्राइजेज, आईवीआरआई रोड की वीना इंडियन गैस सर्विस, हार्टमैन कॉलेज रोड की गोयल एंटरप्राइजेज और स्वाले नगर की बरेली गैस सर्विस के गोदामों का स्टॉक ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान कर जांचा गया। जांच में सभी एजेंसियों का स्टॉक सही पाया गया और मौके पर किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली।

*ओवर रेटिंग पर सीधे होगी कार्रवाई*

निरीक्षण के दौरान एजेंसी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उपभोक्ताओं में गैस की कमी या भ्रम की स्थिति पैदा न होने दी जाए। गैस रिफिल की बुकिंग मिलने पर जल्द से जल्द उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचाया जाए। यदि किसी एजेंसी के खिलाफ ओवर रेटिंग या अनियमितता की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में तेल कंपनियों और आपूर्ति विभाग की बैठक में भी स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही कालाबाजारी रोकने के लिए ओटीपी आधारित वितरण प्रणाली लागू की गई है और एजेंसियों के दैनिक स्टॉक की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

*शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी*

उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए जिला पूर्ति कार्यालय की हेल्पलाइन संख्या 9456667774 जारी की गई है। गैस से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत को इस नंबर पर दर्ज कराया जा सकता है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि गैस एजेंसियों या गोदामों पर भीड़ न लगाएं। गैस सिलेंडर की बुकिंग फोन कॉल, मिस्ड कॉल, व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे कराई जा सकती है। प्रशासन ने साफ कहा है कि जिले में गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की कालाबाजारी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

यूपी के 7 आईएएस के तबादले

लखनऊ, प्रदेश सरकार ने आज यूपी में 7 आईएएस अफसरों का तबादला किया है।

तबादला आदेश के अनुसार प्रकाश बिन्दु गृह सचिव बनाए गए हैं। लोकेश एम सचिव पीडब्ल्यूडी बनाए गए, महेंद्र प्रसाद विशेष सचिव समन्वय पुनर्गठन, नीना शर्मा प्रमुख सचिव सार्वजनिक उद्यम विभाग, संजय कुमार निदेशक प्रशासन-प्रबंधन अकादमी लखनऊ, रघुवीर विशेष सचिव दिव्यांग जन बनाए गए, आशीष कुमार को विशेष सचिव धर्मार्थ कार्य का चार्ज दिया गया है वे एमडी पर्यटन निगम भी बने रहेंगे।

पांच साल की बच्ची के अपहरण-छेड़छाड़ में सात साल की सजा

मझोला में नौ साल पुरानी घटना, पाँक्सो कोर्ट-फर्स्ट की कोर्ट का निर्णय, दोषी पर 25 हजार जुर्माना

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Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
मझोला क्षेत्र में पांच साल की मासूम को अगवा करने और छेड़छाड़ में दोषी को सात साल की सजा मिली है। विशेष न्यायाधीश पाँक्सो कोर्ट-1 अविनाश चंद्र मिश्र ने साक्ष्य के आधार पर दोषी मानते हुए सजा और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
नाबालिग छेड़छाड़ व अपहरण किए जाने का मामला नौ साल पुराना है। वादी ने 17 सितंबर, 2017 को मामले की रिपोर्ट मझोला थाने में दर्ज कराईं थीं। तहरीर में कहा कि बेटा-बेटी घटना की शाम को सरकारी स्कूल में चल रहीं रामलीला देखने गए थे। लेकिन काफी देर बाद भी वापस न लौटे तो तलाश शुरु की। गांव में कुछ लोगों ने आरोपी जानी पुत्र जितेंद्र पाल को देखा। गांव वाले अचानक गुम हुईं बच्ची की ढूंढने निकले। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोपी को बच्ची संग देखा। इस पर युवक को रास्ते में पकड़ लिया गया। परिजन व अन्य लोगों ने उसे थाना पुलिस को सौंपा।
केस की सुनवाई पाँक्सो कोर्ट-1 में हुई।विशेष लोक अभियोजक अभिषेक भटनागर व मनोज वर्मा ने बताया कि मामले में पुलिस रिपोर्ट व पीड़िता समेत अन्य बयान दर्ज हुए। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जानी को दोषी ठहराया। सात साल व 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

गाजियाबाद-मुरादाबाद के बीच तीसरी परीक्षा स्पेशल ट्रेन

14-15 मार्च को चलेगी, ट्रेन के होंगे दो फेरे
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Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति परीक्षा को लेकर रेलवे ने तीसरी ट्रेन के संचालन की तैयारी की है। परीक्षार्थियों के आवागमन के लिए गाजियाबाद मुरादाबाद के बीच स्पेशल ट्रेन चलेगी।
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार मंडल में तीसरी परीक्षा स्पेशल ट्रेन गाजियाबाद से मुरादाबाद के बीच चलेगी। गाजियाबाद से शुक्रवार को सुबह दस बजे चलेगी। ट्रेन हापुड़,गजरौला व अमरोहा होते हुए मुरादाबाद दोपहर 12 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन शाम छह बजे वापसी में गाजियाबाद के लिए रवाना होगी। गाजियाबाद में ट्रेन रात 9.15 बजे पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है।

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