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हरिद्वार यार्ड और टनल रेल रुट पर चला सफाई अभियान

March 28, 2026

हरिद्वार यार्ड और टनल रेल रुट पर चला सफाई अभियान


Haridwar, Railway

Post on 27.3.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
शुक्रवार को हरिद्वार यार्ड और टनल संख्या एक की ओर जाने वाले रेलमार्ग पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव के निर्देश पर रेलवे व नगर निगम के सहयोग से व्यापक सफाई अभियान संचालित किया गया।
स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए डीआरएम ने रेल कर्मियों को नगर निगम के संग संयुक्त रुप से अभियान से जोड़ा इसके चलते निगम के 25 और रेलवे के तीस सफाई कर्मियों ने अभियान में हिस्सा लिया।इस दौरान चले अभियान में120 बड़े पाँलीबैग कूड़ा एकत्रित किया। अभियान हरिद्वार की ओर टनल संख्या एक से ब्रिज संख्या 28 के बीच चलाया गया।
एसीएम हरि सिंह मीना की देखरेख में दोनों ओर से सफाई अभियान के दौरान रेललाइन के दोनों ओर बड़ी मात्रा में खाली पानी की प्लास्टिक बोतलें, थैलियां, चिप्स के खाली पैकेट आदि वेस्ट सामग्री को उठाकर लाइन को साफ सुथरा बनाया गया। इसके साथ ही रेल मार्ग के आसपास बने आवास व होटलों का काफी मात्रा कचरा भी रेल लाइन पर पड़ा था। सफाई कर्मियों ने रेल लाइन किनारे कूड़ा एकत्रित कचरे को एकत्रित कर स्वच्छता अभियान चलाया।
इस दौरान डीआरएम के अलावा सीनियर डीसीएम समेत तमाम अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहा।

March 27, 2026

एटा में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत

मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर मारकर अस्पताल में भर्ती कराने का लगाया आरोप

एटा 27 मार्च उप्रससे। जनपद में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के नगला जगरूप में 26 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने प्रसूता को एटा वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया।

मृतका रजनी पत्नी अजीत निवासी नगला जगरूप के भाई प्रदीप ने बताया कि उनकी बहन अच्छी-भली थी और कल ही उससे बात हुई थी। ससुराल वालों ने फोन नहीं उठाया और उनकी बहन को मारकर अस्पताल में भर्ती कराया ताकि मौत को स्वाभाविक दिखाया जा सके।

वहीं, ससुराल पक्ष का कहना है कि ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ी थी। वे उसे इलाज के लिए ले जा रहे थे, तभी उसकी मौत हो गई। मृतका के जेठ रंजीत ने बताया कि दो दिन पहले प्रसव हुआ था। अचानक सीने में दर्द उठा, जिसके बाद सतीश हॉस्पिटल से डॉक्टरों ने आगरा रेफर कर दिया। आगरा के एसआर अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई लेकिन बच्चा स्वस्थ है। प्रसव पीड़ा के बाद उसे पहले निजी अस्पताल डॉक्टर फातिमा के यहां भर्ती कराया गया था, जब कोई आराम नहीं मिला तो उसे कासगंज रोड स्थित सतीश मेटरनिटी अस्पताल में दिखाया। वहां उसे आगरा के लिए रेफर कर दिया गया था।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रशासन की कार्यशैली पर समिति ने लगाई मुहर, समयबद्ध निस्तारण पर जोर

देवरिया 27 मार्च। विकास भवन स्थित गांधी सभागार में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलम्ब समिति की बैठक मा० सभापति डॉ. रतनपाल सिंह, सदस्य विधान परिषद, के सभापतित्व में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के विभिन्न विभागों के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान समिति के समक्ष विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि अधिकांश योजनाओं एवं प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध रूप से किया जा रहा है। समिति ने जनपद प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए उसकी सराहना की।
मा० सभापति डॉ. रतनपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा कार्यों में लाई गई गति सराहनीय है और इसका सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि शेष लंबित प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल ने समिति को अवगत कराया कि जनपद में वित्तीय देयों, पेंशन, भूमि अधिग्रहण, निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रशासनिक प्रकरणों के निस्तारण हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्य पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेश कुमार सिंह ने बताया कि विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा लंबित प्रकरणों के निस्तारण हेतु विभागवार लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, विद्युत एवं लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाएं।
इस अवसर पर जनपद के सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

*200 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ी नाबालिग लड़की

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
27/03/2029

*बॉयफ्रेंड से शादी की जिद, सिंदूर-माला दिखाने पर उतरी नीचे; डेढ़ घंटे चला हंगामा*

गोरखपुर। झंगहा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने बॉयफ्रेंड से शादी की जिद को लेकर 200 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई। लड़की टंकी के ऊपर से जोर-जोर से चिल्लाते हुए कह रही थी कि यदि उसकी शादी उसके बॉयफ्रेंड से नहीं कराई गई तो वह कूदकर अपनी जान दे देगी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए।
जानकारी के अनुसार, झंगहा थाना क्षेत्र की रहने वाली यह नाबालिग लड़की शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। टंकी के ऊपर पहुंचते ही उसने नीचे खड़े लोगों को संबोधित करते हुए अपनी बात जोर-जोर से कहना शुरू कर दिया। लड़की की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पहले खुद ही लड़की को समझाने का प्रयास किया। परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे और उसे नीचे उतरने के लिए मनाने लगे, लेकिन लड़की किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। वह बार-बार टंकी की रेलिंग के पास जाकर कूदने की कोशिश करती, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही झंगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। पुलिसकर्मियों ने भी काफी देर तक उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही और पुलिस की बात मानने से इनकार कर दिया।
स्थिति को गंभीर होते देख पुलिस ने लड़की के 17 वर्षीय बॉयफ्रेंड को भी मौके पर बुलवाया। पुलिस ने लड़की को आश्वस्त किया कि उसकी शादी उसी लड़के से कराई जाएगी। हालांकि, इसके बाद भी लड़की पूरी तरह आश्वस्त नहीं हुई। अंततः उसे भरोसा दिलाने के लिए मौके पर सिंदूर, माला और शादी से जुड़े अन्य सामान मंगवाए गए। इन सबको देखकर लड़की का विश्वास बना और वह टंकी से नीचे उतरने के लिए तैयार हो गई।
जैसे ही लड़की नीचे उतरी, पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, नीचे आने के बाद जब पुलिस ने उसे समझाया कि वह अभी नाबालिग है और उसकी उम्र पढ़ाई की है, इसलिए अभी शादी करना उचित नहीं है, तो लड़की फिर से टंकी की ओर भागने लगी। स्थिति को भांपते हुए पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और शांत कराया।
इसके बाद पुलिस दोनों—लड़की और उसके बॉयफ्रेंड—को थाने ले गई, जहां उनसे पूछताछ की गई और काउंसलिंग के जरिए समझाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने दोनों को कानून और नाबालिग विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
झंगहा थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक यह पूरा घटनाक्रम चला। काफी मशक्कत के बाद लड़की को सुरक्षित नीचे उतारा गया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने के बाद लड़की को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। लड़की अब इस बात पर सहमत हुई है कि वह बालिग होने के बाद ही शादी करेगी।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि प्राथमिकता लड़की की जान बचाना और स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित करना था। साथ ही, परिजनों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लड़की पर विशेष ध्यान दें और उसकी काउंसलिंग कराएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किशोरावस्था में बच्चों को सही मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग की कितनी आवश्यकता होती है। समय रहते परिवार और समाज द्वारा उचित संवाद और समझदारी से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।

जिलाधिकारी ने श्री राम नवमी पर देवरहा बाबा गो-आश्रय स्थल का किया निरीक्षण

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मथुरा 27 मार्च 26 ,श्री राम नवमी के पावन अवसर पर जिलाधिकारी  चंद्र प्रकाश सिंह ने राल स्थित ब्रह्मऋषि श्री देवरहा बाबा गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ गौ-पूजन किया तथा आश्रय स्थल में संरक्षित गौवंशों को गुड़ एवं हरा चारा खिलाया।
जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में संचालित गौधाम गुरुकुल (स्कूल) के बच्चों को मिष्ठान वितरित किया। गुरुकुल में लगभग 80 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों द्वारा बनाए गए शिल्प एवं हस्तकला का अवलोकन किया और उनसे पढ़ाई व भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  चंद्र प्रकाश सिंह एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने गौशाला में श्रमदान करते हुए साफ-सफाई भी की। जिलाधिकारी ने स्वयं झाड़ू लगाकर परिसर को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि ब्रह्मऋषि श्री देवरहा बाबा गो-आश्रय स्थल में लगभग 8600 गौवंश संरक्षित हैं। 136 एकड़ क्षेत्रफल में फैली इस गौशाला में गौवंशों के लिए 27 शेड उपलब्ध हैं। उन्होंने गौ उत्पाद केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां गोबर व गौमूत्र से बने साबुन, फेसवॉश, दीपक, फिनाइल, घी और धूपबत्ती आदि उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा को निर्देश दिए कि इन उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए तथा केंद्र पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गो-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं—भूसा, हरा चारा, पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं एवं शेड—का गहनता से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि गौवंश के लिए पर्याप्त हरा चारा और स्वच्छ पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के भी निर्देश दिए।
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