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एटा में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 5 जनवरी से 15 फरवरी तक

January 3, 2026

एटा में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 5 जनवरी से 15 फरवरी तक

एटा 03 जनवरी उप्रससे। जनपद में एग्री स्टेट योजना के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य दिनांक 5 जनवरी से प्रारंभ किया जा रहा है, जिसे 15 फरवरी तक पूर्ण किया जाना है। इस सर्वे के अंतर्गत जनपद की तीनों तहसीलों में कुल 6,38,177 प्लॉट्स का सर्वे किया जाएगा, जो कि 788 ग्रामों में कराया जाना है।

उपनिदेशक कृषि सुमित कुमार ने बताया कि तहसील वार सर्वे लक्ष्य के अनुसार तहसील एटा में 3,38,256 प्लॉट्स, तहसील अलीगंज में 1,81,849 प्लॉट्स, तहसील जलेसर में लगभग 1,18,072 प्लॉट्स का डिजिटल सर्वे किया जाना है।

उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य के लिए सभी सर्वेयरों की आईडी बनाई जा चुकी है तथा उन्हें प्लॉट्स का आवंटन भी कर दिया गया है। इस बार प्रत्येक सर्वेयर को लगभग 3000 प्लॉट्स का सर्वे करना है, जिससे प्राप्त आंकड़ों का उपयोग कृषि से संबंधित नीति निर्माण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जा सके।

डिजिटल क्रॉप सर्वे से पूर्व सभी सर्वेयरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को तहसील एटा एवं तहसील अलीगंज में प्रशिक्षण दिया गया, जबकि तहसील जलेसर में प्रशिक्षण कार्य आज रविवार को संपन्न कराया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 5 जनवरी से पूर्व सभी तहसीलों में कार्यरत सर्वेयर पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हों।

इसके साथ ही उपनिदेशक कृषि ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में भी कृषकों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद में 1,91,836 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण की जा चुकी है, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अनुसार कुल 2,38,678 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री किया जाना अपेक्षित है। इस प्रकार अभी लगभग 46,842 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री किया जाना शेष है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री केवल पीएम किसान योजना के लाभार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती-किसानी करने वाले सभी कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। जिन कृषकों को आधार एवं खतौनी में नाम मिसमैच की समस्या आ रही है, वे अपने अभिलेखों में नाम संशोधित कराकर तथा जनसेवा केंद्र पर केवाईसी पूर्ण कराते हुए फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं।

कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं ग्राम विकास विभाग के कर्मचारी लगातार फील्ड में जाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य करा रहे हैं। यदि किसी किसान भाई को किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो वे कृषि विभाग के कर्मचारियों, संबंधित लेखपाल, पंचायत सहायक अथवा नजदीकी जनसेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

इस संबंध में जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह द्वारा लगातार कड़ी समीक्षा की जा रही है तथा सभी फील्ड कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि जनपद के समस्त पात्र कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री शीघ्र पूर्ण कराई जाए।

 

एटा में शिवमंदिर के पास कचरे से उठ रही दुर्गंध से श्रद्धालु परेशान

एटा 03 जनवरी उप्रससे। जनपद में जैथरा कस्वे के नजदीक कसौलिया गांव के प्राचीन शिव मंदिर के पास कचरा डाला जा रहा है। इससे उठने वाली दुर्गंध से श्रद्धालु परेशान हैं। मंदिर आते-जाते समय उन्हें असुविधा उठानी पड़ रही है।

नगर पंचायत पर डंपिंग ग्राउंड होने पर भी कसौलिया गांव के पास सड़क किनारे कचरा डाला जा रहा है। लंबा समय होने पर शिवमंदिर के पास कचरा के बड़े-बड़े ढेर लग गये है। कचरा अधिक एकत्रित होने पर उसे नष्ट किए जाने को नगर पंचायत कर्मचारी इसमें आग लगा देते हैं जो हर समय सुलगती रहती है। मृत पशु भी डाल दिए जाते हैं। इससे कचरे के ढेर से उठते धुएं से पूरा गांव परेशान है। तेज हवा चलने पर धुएं के साथ दुर्गंध पूरे गांव में फैल जाती है। सबसे अधिक परेशानी मंदिर आने जाने वाले शिवभक्तों को हो रही है। सुबह स्नान कर पूजा करने आने वाले लोगों का दुर्गंध से मन खराब हो जाता है। डलाव घर को लेकर परेशान गांव के हरप्रसाद, भीकम सिंह, हरिशचंद्र आदि लोगों ने बताया कई बार नगर पंचायत प्रशासन से मना किया गया है। हर बार दो-तीन दिन में समस्या के समाधान की बात कहकर टाल दिया जाता है।

January 2, 2026

एटा में बिना नोटिस आशियाना उजाड़े जाने पर किसानों का नगर पालिका परिसर में अनिश्चितकालीन धरना

एटा 02 जनवरी उप्रससे। जनपद के जलेसर कस्बे में किसानों ने नगर पालिका प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया किसान यूनियन के बैनर तले तहसील अध्यक्ष सोबरन सिंह के नेतृत्व में पिछले तीन दिनों से जारी है।

 

किसानों की प्रमुख मांग है कि गरीबों के आशियाने और सड़क किनारे लगे खोखों को बिना पूर्व सूचना या नोटिस के न हटाया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन बिना नोटिस दिए एकतरफा आदेश जारी कर रहा है, जिससे गरीब और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि सड़क किनारे खोखे लगाकर जीवनयापन करने वाले 28 दुकानदारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अवैध अतिक्रमण हटाना आवश्यक है, तो यह कार्रवाई महाराणा प्रताप चौक से लेकर तहसील तक समान रूप से की जाए, न कि किसी एक वर्ग या क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जाए।

किसानों ने प्रशासन पर सौतेला व्यवहार अपनाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सभी कदम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, मानवीय और कानून सम्मत होने चाहिए।

इस धरने में नाथूराम, रामसेवक शर्मा, लेखराज, भगवान सिंह, राशिद, ओमकार सिंह, नहीम, सुनील, मुहम्मद कासिम, आफताब, प्रमोद सहित दर्जनों किसान और दुकानदार शामिल हैं।

 

 

एटा के गांव रामरायपुर में एक साल से सफाईकर्मी नहीं, ग्रामीणों ने स्वयं की सफाई

 

एटा 02 जनवरी उप्रससे। जनपद के जलेसर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेरनी के रामरायपुर गांव में स्वच्छता की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले एक साल से गांव में कोई सफाईकर्मी नहीं आया है, जिसके कारण नालियां चोक हो गई हैं और चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सरकारी तंत्र की इस अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने स्वयं सफाई अभियान चलाकर विरोध प्रदर्शन किया।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी की नियुक्ति के बावजूद वह पिछले एक साल से अनुपस्थित है। इस स्थिति के कारण गांव की नालियां कचरे से भर गई हैं और सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ब्लॉक कार्यालय में बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे उनमें गहरा रोष है।

शुक्रवार को रामरायपुर के ग्रामीण हाथों में झाड़ू और फावड़ा लेकर सड़कों पर उतरे। उन्होंने श्रमदान कर गांव की नालियों की सफाई की और मुख्य मार्गों से कचरा हटाया। इस दौरान ग्रामीणों ने अनुपस्थित सफाईकर्मी की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाए।

इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (किसान) के प्रदेश महासचिव प्रत्येन्द्र शाह सिसोदिया भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी वेतन ले रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। सिसोदिया ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गांव में सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन एक बड़ा आंदोलन शुरू करने पर विवश होगी। इस सफाई अभियान और प्रदर्शन में ईमान सिसोदिया, रमन सिसोदिया, लोकेंद्र शाह, विवेक चौहान, अमित चौहान, करन ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

वर्जन

खंड विकास अधिकारी पीएस आनंद ने बताया कि सफाई को लेकर ग्रामीणों द्वारा समस्या से अवगत नहीं कराया गया है लेकिन गांव में टीम भेज कर सफाई करायी जाएगी।

 

January 1, 2026

एटा में नववर्ष की रात आर्थिक तंगी और बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति ने की आत्महत्या, बिजली के पोल पर लटका मिला शव

एटा 01 जनवरी उप्रससे। जनपद की मिरहची नगर पंचायत के जिन्हैरा गांव में नववर्ष की रात एक 55 वर्षीय व्यक्ति राधाचरन भुर्जी पुत्र लालाराम भुर्जी ने बिजली के सीमेंटेड पोल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

बताया जा रहा है कि राधाचरन आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस कारण उन्हें भोजन भी नहीं मिल पा रहा था। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था, जबकि पिता बीमार और मां बुजुर्ग हैं।

 

घटना की सूचना मिलने पर मिरहची थानाध्यक्ष नीतू वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को विद्युत पोल से नीचे उतरवाया और कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मृतक के भाई विकास ने बताया कि पड़ोसियों ने उन्हें सूचना दी कि राधाचरन ने घर के पास लगे विद्युत पोल से लटककर फांसी लगा ली है। वह अपनी परेशानियों से जूझ रहे थे।

थाना प्रभारी नीतू वर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को मुख्यालय मोर्चरी भेज कर पोस्टमॉर्टम कराया है। व्यक्ति बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर था।

December 31, 2025

एटा में खराब पड़े राजकीय नलकूप के कारण फसले हो रही बर्बाद

एटा 31 दिसंबर उप्रससे। प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही किसानों को निःशुल्क विद्युत उपयोग किए जाने का तोहफा भले ही दे दिया हो, लेकिन सरकारी नलकूपों की स्थिति कैसी है यह किसी से छिपी नहीं है। कभी किसी नलकूप में कोई खराबी तो कभी किसी नलकूप में खराबी होने के चलते किसानों की फसलों को समय से पानी नहीं मिल पाने के चलते किसान परेशान है। किसानों ने नलकूप सही कराए जाने की गुहार डीएम एवं अधिशासी अभियंता नलकूप खण्ड से लगाई है। किसानों ने बताया कि विकास खण्ड निधौली कलां के गांव गदुआ में राजकीय नलकूप संख्या 227 ई०जी० काफी समय से खराब पड़ा हुआ है जिसके चलते गेहूं की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। इस नलकूप को सही कराए जाने हेतु कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क स्थापित किया गया, लेकिन अवर अभियंता ओमप्रकाश कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। किसान नलकूप विभाग के चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं। किसानों ने अधिशासी अभियंता नलकूप खंड एवं जिले के डीएम प्रेमरंजन सिंह से नलकूप संख्या 227 गदुआ को सही कराए जाने की गुहार लगाई है। शिकायत करने वाले किसान रवि यादव ब्लॉक अध्यक्ष युवक मंगल दल निधौली कला, सर्वेश कुमार, सुरेश चंद्र, देवेंद्र कुमार, सत्यपाल सिंह, सौरभ कुमार, अरवेश कुमार आदि प्रमुख हैं।

 

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