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एटा में पाले ने छीनी किसानों की खुशी, हज़ारों एकड़ मटर की फसल तबाह

January 13, 2026

एटा में पाले ने छीनी किसानों की खुशी, हज़ारों एकड़ मटर की फसल तबाह

पाले से एटा में मटर की फसल को नुकसान

एटा 13 जनवरी उप्रससे। जनपद में पड़ रहे भीषण पाले ने किसानों की वर्षों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिससे उनकी खुशियां निराशा में बदल गई। जनपद में हज़ारों एकड़ में खड़ी मटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। खेतों में लहलहाती फसल सुबह देखते ही देखते सफेद पाले की चादर में ढककर बर्बाद हो चुकी थी।

किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर मटर की खेती की थी। बीज, खाद, सिंचाई और दवाइयों पर भारी खर्च किया गया, लेकिन पड़ रहे पाला से सब कुछ तबाह हो गया। अब हालात ऐसे हैं कि कर्ज कैसे चुकाएं और परिवार का पेट कैसे पालें, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
पीड़ित किसानों ने बताया कि मटर की फसल बेहद शानदार थी और अच्छी पैदावार की पूरी उम्मीद थी। लेकिन पाले ने फसल को इस कदर झुलसा दिया कि अब खेतों में केवल सूखी और काली पड़ी फसल ही दिखाई दे रही है। कई किसान खेतों में खड़े होकर रोते नजर आए, जिनकी आंखों में बेबसी और चिंता साफ झलक रही थी। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी इस प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और वे दोबारा खेती करने की हिम्मत जुटा सकें।

तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि पाले से हुए नुकसान को लेकर क्षेत्र के लेखपालों को सर्वे के लिए भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर शासन को अवगत कराया जाएगा।

हालांकि, किसानों का कहना है कि सर्वे के साथ-साथ तत्काल राहत भी जरूरी है, क्योंकि उनके सामने अब जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। पाले की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति की मार से अन्नदाता किस कदर टूट जाता है।

January 12, 2026

एटा में लोडर ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, दो बच्चों की मौतः दो की हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर

एटा 12 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में सोमवार देर शाम सड़क हादसे में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा जीटी रोड स्थित गौशाला के पास उस समय हुआ। जब एक तेज रफ्तार लोडर वाहन ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा सड़क पर पलट गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस द्वारा वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने इलाज के दौरान प्राची (8), अमित (5) को मृत घोषित कर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल पवन पुत्र प्रेमपाल, ईश पुत्री नागेंद्र को प्राथमिक इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। सभी बच्चे कुशवाहा नगर, कोतवाली नगर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

घटना के बाद लोडर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृत बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

ई-रिक्शा चालक महेंद्र ने बताया कि मोहल्ले के करीब नौ बच्चे घूमने की जिद कर रहे थे, जिसके बाद वह उन्हें लेकर निकला था। गौशाला के पास पीछे से आए लोडर वाहन ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी।

रेवाड़ी मोहल्ले की निवासी शिवानी ने बताया कि बच्चों को लेकर ई-रिक्शा घूमने गया था। लोडर चालक को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह वाहन समेत फरार हो गया।

कोतवाली नगर प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया। उन्होंने दो बच्चों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि एक बच्चे का उपचार जारी है, जबकि एक को हायर सेंटर भेजा गया है। लोडर वाहन और चालक की तलाश की जा रही है।

एटा में प्रेमी युगल की हत्या में वांछित 3 अभियुक्त 12 घंटे में गिरफ्तार

एटा 12 जनवरी उप्रससे। जनपद के जैथरा थाना क्षेत्र में रविवार की रात को पीआरवी 112 को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम गढिया सुहागपुर में एक युवक घायल है और एक युवती की हत्या हो गई है। सूचना पर पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा, मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घायल युवक को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर 10/26 धारा 191(2), 191(3), 103(1) के तहत बीएनएस बनाम अभियुक्त अशोक पुत्र रामसनेही सहित कुल 06 अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया।

एसएसपी श्याम नारायण सिंह ने घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष जैथरा को निर्देशित किया कि अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। थाना जैथरा पुलिस ने एएसपी श्वेताभ पाण्डेय और योगेन्द्र सिंह के कुशल पर्यवेक्षण तथा सीओ नीतीश गर्ग के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए 12 जनवरी को अभियुक्त अशोक पुत्र रामसनेही, माता बिटोली पत्नी अशोक, शिल्पी पुत्री अशोक निवासी गढिया सुहागपुर थाना जैथरा, जनपद एटा को मुकदमा पंजीकृत होने के 12 घंटे के भीतर ग्राम परौली से गढिया सुहागपुर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया। अभियुक्त अशोक कुमार की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हत्या का आलाकत्ल खुरपा बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

एटा में ऑनर किलिंग, प्रेमी युगल की हत्या, एक महीने पहले भागकर की थी शादी

एटा 12 जनवरी उप्रससे। जनपद में मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर जैथरा थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया सुहागपुर में ऑनर किलिंग की वारदात हुई है। लड़की के घरवालों ने बेटी और उसके प्रेमी की गांव के सामने गला काटकर हत्या कर दी। दोनों बालिग थे उन्होने एक महीने पहले ही घर से भागकर प्रयागराज के आर्य समाज मंदिर में शादी की थी।

लड़की शनिवार को घर लौट आई। दूसरे दिन रविवार को प्रेमी दीपक (24) लड़की से मिलने उसके घर पहुंच गया। दोनों छत पर बात कर रहे थे, तभी लड़की के घरवालों ने देख लिया। गुस्साए घरवालों ने दोनों को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। पहले लड़की का, फिर लड़के का गला रेत दिया। लड़की के शव को छत पर छोड़ दिया, जबकि लहूलुहान लड़के को पड़ोसी की छत पर फेंक दिया। गांववालों की सूचना पर पुलिस पहुंची तो लड़के की सांसें चल रही थीं और वह तड़पता रहा था। पुलिस प्रेमी युवक को सीएचसी ले गई, जहां से उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। दोनों लोधी समाज से थे। पुलिस ने लड़की के पिता को हिरासत में लिया है। उसके भाई फरार हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिता ने बेटों के साथ मिलकर हत्या की है।

तीन साल से चल रहा था अफेयर

शिवानी और दीपक जैथरा थाना क्षेत्र के गढ़िया सुहागपुर गांव के रहने वाले थे। दोनों के घरों के बीच की दूरी 150 मीटर है। 3 साल पहले दोनों का अफेयर शुरू हुआ। फिर शादी करने का फैसला किया। घरवाले रिश्ते के लिए राजी नहीं थे, इसलिए बेटी को पिछले साल नवंबर में उसके फूफा के घर कन्नौज के सकरावां भेज दिया, लेकिन दोनों की फोन पर बातें होती रहीं। उसके बाद प्रेमी-प्रेमिका ने भागकर शादी करने का प्लान बनाया। 11 नवंबर को लड़की ने दीपक को मिलने बुलाया। इसके बाद दोनों प्रयागराज भाग गए। उसी दिन प्रयागराज के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद दोनों प्रयागराज में रूम लेकर रहने लगे। लड़का वहां प्राइवेट नौकरी करता था।
इधर परिवार वाले दोनों को खोजने में जुटे थे। 15 दिसंबर को दोनों के परिवार कन्नौज के सकरावां थाने पहुंचे। वहां दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ कि हम लड़की को वापस ले जाएंगे, कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।

गांव वालों ने बताया कि शनिवार को शिवानी प्रयागराज से अपने घर लौट आई। रविवार रात 8 बजे दीपक गांव पहुंचा। वह सीधे शिवानी के घर गया। वह शिवानी से छत पर बात कर रहा था, तभी लड़की के घरवालों ने आकर दोनों को बात करते हुए पकड़ लिया। गुस्साए परिजनों ने पूरे गांव के सामने ही दोनों को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। दोनों चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन मदद के लिए गांव का कोई सामने नहीं आया।
परिजन ने पहले शिवानी का गला काट दिया। इसके बाद दीपक का भी गला रेत दिया। दीपक का शव पड़ोसी की छत पर फेंका दिया, जबकि शिवानी का शव उसी की छत पर पड़ा रहा।
गांववालों ने डायल-112 के माध्यम से सूचना दी। आनन-फानन में एसएसपी एटा श्याम नारायण सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक शिवानी की मौत हो चुकी थी, जबकि दीपक की हालत गंभीर थी। उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई।

शिवानी का पिता अशोक कुमार प्राइवेट ड्राइवर हैं। उनकी मां बिट्टो देवी का कहना है- मेरे पति ने किसी की हत्या नहीं की है। वहीं, प्रेमी दीपक की मौत से पिता राधेश्याम और मां कृष्णा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

दीपक के चचेरे भाई उमेश कुमार ने बताया- दोनों ने भागकर शादी की थी। गांव में समझौता हुआ था, लेकिन इसके बाद भी दोनों को छत पर मारकर फेंक दिया गया। यह सब गांव वालों के सामने हुआ। दीपक बेहद सीधा-सादा था। पिता राधेश्याम के साथ खेती-बाड़ी करता था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने बताया शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। लड़की के पिता अशोक कुमार को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ग्रामीणों और दोनों परिवारों से पूछताछ की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लोधी बिरादरी के दीपक और शिवानी के बीच कई साल से प्रेम संबंध था
दीपक शिवानी से मिलने उसके घर पहुंचा, घर के पीछे आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद दोनों की पिटाई कर हत्या कर दी गई, शिवानी का पूरा परिवार पुलिस हिरासत में है, एसएसपी ने इसे ऑनर किलिंग मानने से इनकार किया

January 8, 2026

एटा में लोधी समाज की महिलाओं पर बर्बरता, एक बेहोश दूसरी की हड्डियां तोड़ी, किसानों पर जुल्म की इंतेहा

एटा 08 जनवरी 2026 (उप्रससे) । जनपद में तहसील जलेसर अंतर्गत गांव नगला गोधी मजरा मढ़ई प्रहलाद नगर में गुरुवार को तहसीलदार संदीप सिंह द्वारा कराई गई पैमाइश ने  क्रूरता की नई मिसाल कायम कर दी है। कृषि प्रधान देश में अन्नदाता लोधी समाज के किसानों और उनकी महिलाओं पर पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में ऐसी बर्बर लाठीचार्ज और मारपीट की कि एक महिला बेहोश होकर जिंदगी और मौत से जूझ रही है, दूसरी महिला की हड्डी टूटने से वह स्थायी दिव्यांग बन गई है, जबकि एक दर्जन से अधिक महिला-पुरुष गंभीर रूप से घायल हैं। यह पूरी कार्रवाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीतम सिंह की पैतृक जमीन पर अवैध रूप से पैमाइश करने के नाम पर की गई, जो स्पष्ट रूप से दादागीरी और षड्यंत्र का हिस्सा लगती है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने इस जघन्य अत्याचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और शासन प्रशासन से कड़े सवाल उठाए हैं। भाकियू का कहना है कि विवादित भूमि पर कमिश्नर अलीगढ़ न्यायालय में वाद विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को निर्धारित है।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीतम सिंह की पैतृक जमीन पर दबंगों द्वारा कथित दादागीरी से कब्जा करने की कोशिश। भूमि विवाद कमिश्नर अलीगढ़ कोर्ट में लंबित। गुरुवार को तहसीलदार संदीप सिंह पुलिस बल के साथ नगला गोधी मजरा मढ़ई प्रहलाद नगर पहुंचे। किसानों के विरोध पर पुलिस ने महिलाओं सहित लोधी समाज के लोगों पर बर्बर मारपीट की। एक महिला बेहोश (जिंदगी की जंग), दूसरी की हड्डियां तोड़ कर दिव्यांग किया, दर्जनों घायल। तहसीलदार पर पुलिस को उकसाने का आरोप।
एकपक्षीय कार्रवाई- पीड़ितों का मेडिकल नहीं कराया गया, जबकि तहसीलदार ने जलेसर थाने में किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। वीडियो में तहसीलदार की कार सुरक्षित दिखने के बावजूद तोड़फोड़ के झूठे आरोप लगाए गए।

भाकियू ने प्रशासन की पोल खोलते हुए उठाए सटीक सवाल

1.पीड़ित किसान गीतम सिंह (पूर्व ब्लॉक प्रमुख) की पैतृक जमीन पर बिना सरकारी बंटवारे (कुराबंदी) के किस न्यायालय के आदेश पर पैमाइश की गई?
2.कमिश्नर अलीगढ़ कोर्ट में वाद लंबित और सुनवाई की तारीख 16 जनवरी 2026 निर्धारित होने पर न्यायालय पर भरोसा क्यों नहीं दिखाया?
3.पूरे यूपी में SIR प्रक्रिया चल रही है, फिर पैतृक जमीनों की पैमाइश के लिए समय कैसे निकला?
4.यदि समय था तो जलेसर क्षेत्र में हजारों बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं का कब्जा क्यों नहीं हटवाया?
5.पैमाइश के लिए उपजिला मजिस्ट्रेट कोर्ट से विधिवत आदेश लेकर टीम क्यों नहीं गठित की गई?
6.मौके पर संबंधित लेखपाल क्यों अनुपस्थित था?
7.आवश्यक उपकरण जरीब न होने पर इंचटेप से पैमाइश क्यों की गई?
8.बिना लेखपाल और जरीब के सरकारी दस्तावेज कहां से आए, जिन्हें फाड़ने के झूठे आरोप लगाए गए?
9.वीडियो में तहसीलदार की कार साफ-सुरक्षित खड़ी दिख रही है, फिर कार तोड़ने का आरोप पीड़ितों पर क्यों ठोंका?
10.पीड़ितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन उनका मेडिकल क्यों नहीं कराया?
11.कैमरों के सामने पूरी घटना हुई, फिर एकपक्षीय मदद क्यों की गई?
12.तहसीलदार संदीप सिंह की जलेसर तैनाती पर हमेशा गैर-कानूनी पैमाइश और किसानों के खिलाफ साजिश क्यों रची जाती है, जिससे दर्जनों गांवों में एफआईआर हो चुकी हैं?
13.लोधी समाज के किसानों पर हो रहे इन अत्याचारों के खिलाफ भाकियू बड़ा जनआंदोलन, धरना प्रदर्शन करेगी। किसी क्षति की पूरी जिम्मेदारी तहसीलदार संदीप सिंह और उपजिलाधिकारी पर होगी।

भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने तत्काल न्याय नहीं किया तो तहसीलदार पर मुकदमा, पीड़ितों का पूरा इलाज और क्षतिपूर्ति नहीं की तो पूरे जलेसर क्षेत्र में विशाल आंदोलन होगा। यह घटना यूपी प्रशासन की किसान-विरोधी और लोधी समाज विरोधी साजिश की नंगी तस्वीर उजागर करती है। अन्नदाताओं की महिलाओं पर पुलिसिया जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा – शासन जागे, वरना किसान सड़कों पर उतरेंगे।

झूठ मुकदमों को लेकर कांग्रेस करेगी आंदोलन

कांग्रेसी नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख पूर्व ब्लाक प्रमुख गीतम सिंह राजपूत एवं कांग्रेस नेत्री अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य मारहरा विधान सभा से कांग्रेस प्रत्याशी तारा राजपूत पर झूठा मुकदमा लगाकर उनके भाइयों को जेल भेजने को लेकर कांग्रेस करेगी आंदोलन

पूर्व कार्यवाहक जिला अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी एटा,सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनिल सोलंकी ने एटा जिले के जलेसर क्षेत्र में घटी पीड़ित महिलाओं पर हमले की घटना में न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि इस संवेदनशील मामले की जांच या तो उत्तर प्रदेश पुलिस की अपराध शाखा (CBCID) द्वारा कराई जाए, या फिर किसी अन्य जिले की पुलिस टीम को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए।
इस मांग का आधार घटना में सामने आए गंभीर आरोप हैं, जिनमें स्थानीय प्रशासन (तहसीलदार) और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। एक निष्पक्ष जांच ही पीड़ित परिवार को न्याय दिला सकती है और जनता का विश्वास बहाल कर सकती है। पीड़ित पक्ष के पूर्व ब्लॉक प्रमुख होने से मामले को एक राजनीतिक आयाम मिल गया है।
पीड़ित परिवार और ठाकुर अनिल सोलंकी ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को सुरक्षा और एक निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

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