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युवक पर नाबालिग किशोरी को भगाने का आरोप

April 2, 2026

युवक पर नाबालिग किशोरी को भगाने का आरोप

एटा 02 अप्रैल उप्रससे। जनपद में एक मुस्लिम युवक पर 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगा है। किशोरी के परिजनों और मोहल्ले के दर्जनों लोगों ने इस संबंध में एटा के नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन को लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने किशोरी की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है और अनहोनी की आशंका जताई है।
परिजनों के अनुसार, यह घटना बीते शनिवार को हुई जब किशोरी अपने भाई-बहन और सहेलियों के साथ शहर में निकाली जा रही शोभा यात्रा देखने गई थी। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने पुलिस को शिकायत की। उन्हें काशीराम कॉलोनी निवासी हसन पुत्र महफूज पर किशोरी को भगा ले जाने का संदेह है।

किशोरी की मां ने बताया कि मुस्लिम युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। उन्होंने आशंका जताई है कि आरोपी उनकी बेटी का धर्म परिवर्तन करा सकता है या उसे कोई अनहोनी हो सकती है। इसी डर से उन्होंने एसएसपी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली नगर पुलिस ने परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर नामजद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने किशोरी की बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिए हैं और आरोपी की तलाश जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि किशोरी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस टीमों को रवाना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि किशोरी को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा और इस मामले में कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

March 31, 2026

एटा में उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर डीपीआरओ मोहम्मद राशिद सस्पेंड

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एटा 31 मार्च उप्रससे। जनपद में डीपीआरओ मोहम्मद राशिद को शासन के कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग ने यह कार्रवाई की है।

शासन ने डीपीआरओ के निलंबन के संबंध में एक पत्र जारी कर जानकारी दी। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। राशिद पर माननीय समिति के निर्देशों के बावजूद कार्य में लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप है। यह मामला सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी रूपलाल के वेतन से जुड़ा है। पदोन्नति के बाद उनके वेतन निर्धारण का मामला लंबे समय से लंबित था, जिसकी शिकायत उन्होंने विभाग के आलाधिकारियों से की थी। यह प्रकरण उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति की साक्ष्य बैठक में उठा था। समिति ने वेतन निर्धारण संबंधी मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। हालांकि, शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद डीपीआरओ एटा द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उत्तर प्रदेश शासन ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया और मोहम्मद राशिद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया।

निदेशक, पंचायती राज विभाग, एटा द्वारा निलंबन का आदेश जारी किया गया है। डीपीआरओ के निलंबित होने के बाद जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने अतिरिक्त उपजिलाधिकारी पीयूष रावत को एटा का नया जिला पंचायत राज अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

एटा में 23 वाहनों के चालान काट 50 हजार का किया जुर्माना, वाहनों से उतरवाई काली फिल्म

एटा 31 मार्च उप्रससे। जनपद में कोतवाली अलीगंज क्षेत्र में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस ने मंगलवार की सुबह सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। नगला पड़ाव और कैल्ठा चौराहा पर चलाए गए इस अभियान के दौरान 23 वाहनों के चालान किए गए और लगभग 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

पुलिस ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर उनके कागजातों की गहन जांच की। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और बीमा जैसे आवश्यक दस्तावेज शामिल थे। इसके साथ ही, काली फिल्म लगे वाहनों पर विशेष नजर रखी गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान कई वाहन चालक बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और अधूरे कागजातों के साथ वाहन चलाते पाए गए। इन सभी के खिलाफ पुलिस ने मौके पर ही चालान की कार्रवाई की। अचानक चले इस अभियान से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कई लोग चेकिंग से बचने के लिए रास्ते बदलते भी देखे गए, लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती के साथ अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया।
थाना अध्यक्ष ने वाहन चालकों से अपील की कि दोपहिया वाहन चालक हमेशा हेलमेट लगाकर चलें और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में जोखिम को कम किया जा सके। और भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजकुमार सिंह कोतवाली प्रभारी अलीगंज ने बताया कि यह अभियान एसएसपी श्याम नारायण सिंह के निर्देशन में चलाया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत वाहनों के कागजात, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और काली फिल्म की जांच की गई।

March 30, 2026

एटा में मिले सिरकटे गौवंश के अवशेष

पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार किया

एटा 30 मार्च उप्रससे। जनपद में अवागढ़ थाना क्षेत्र के गदेसरा बंबा स्थित रेलवे लाइन के पास पांच गौवंश के सिर और कटे हुए अवशेष मिले हैं। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत गौवंश के अवशेषों को कब्जे लेकर पशु चिकित्सकों की टीम बुलाकर पोस्टमॉर्टम कराया। उसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढे खुदवाकर गौवंशों का अंतिम संस्कार किया।
घटना की जानकारी मिलने पर कई हिंदू संगठनों के लोग भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया है। अवागढ़ थाना पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अवागढ़ थाना प्रभारी अखिलेश कुमार दीक्षित ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृत गौवंशों का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया गया है। और अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और आरोपियों की तलाश कर रही हैं।

एटा में SBI शाखा के गेट पर भवन मालिक ने लगाया ताला, 57 लाख किराया शेष

2018 में खत्म हुआ एग्रीमेंट फिर भी नहीं खाली किया भवन

एटा 30 मार्च उप्रससे। जनपद में कस्बा अलीगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के गेट पर भवन स्वामी ने ताला लगा दिया। आरोप है कि बैंक ने पिछले 38 महीनों से किराए का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस घटना से बैंक के हजारों ग्राहकों के सामने लेनदेन का संकट खड़ा हो गया है।

भवन स्वामी रमेश चंद्र और उनके परिवार का कहना है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से किराया भुगतान के लिए अवगत कराया था। इसके बावजूद बैंक की ओर से लगातार टालमटोल की जाती रही। परिवार का कहना है कि जब बार-बार कहने के बाद भी न तो किराए का समाधान हुआ और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिला, तब मजबूर होकर बैंक के गेट पर ताला लगाने का फैसला लिया गया।

2008 से 2018 तक की अवधि का था एग्रीमेंट

भवन स्वामी रमेश चंद्र पुत्र गिरिराज सिंह, मुन्नी देवी, अनिल कुमार गुप्ता, रचना गुप्ता, आरती गुप्ता और बैंक के बीच वर्ष 2008 में एक किराया समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत बैंक को भवन 10 वर्षों के लिए दिया गया था और 50 हजार रुपए प्रतिमाह किराया तय किया गया था। यह एग्रीमेंट वर्ष 2018 में समाप्त हो गया था।

भवन स्वामियों का कहना है कि एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी अगले पांच वर्षों तक शाखा आपसी समझौते के आधार पर उसी भवन में संचालित होती रही। इस दौरान बैंक को कई बार किराया संशोधन और भवन खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि बैंक अधिकारियों को इस संबंध में कानूनी रूप से लिखित नोटिस और मौखिक सूचना दोनों दी गई थीं, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। जनवरी 2023 में बैंक की ओर से 1 लाख 51 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से किराया बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, इस पर कोई नया एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ। इसके बाद भी शाखा उसी भवन में चलती रही। बैंक को भवन खाली करने के लिए भी नोटिस दिया था, लेकिन इस पर भी कोई असर नहीं पड़ा।
16 मार्च को भवन स्वामी की ओर से अधिवक्ता अंकित प्रताप सिंह शाक्य के माध्यम से बैंक को अंतिम नोटिस भेजा गया। जब इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो सुशील कुमार गुप्ता और अन्य साझेदारों ने बैंक के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर ताला लगा दिया। इस कार्रवाई के बाद शाखा पर पहुंचे ग्राहक असमंजस की स्थिति में दिखे और कई लोगों को वापस लौटना पड़ा। बैंक में ताला लगने से शहर के व्यापारियों, खाताधारकों और स्थानीय ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के नकद लेनदेन, जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर बाजार और आम लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।
पूरे मामले में बैंक प्रबंधन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं।

भवन स्वामी सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि बैंक और उनके बीच 10 साल का एग्रीमेंट था, जो 2018 में समाप्त हो गया था। इसके बाद करीब पांच वर्षों तक बैंक पुराने तय किराए पर ही भवन में चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान लगातार किराया बढ़ाने और भवन खाली कराने की कोशिश की गई, लेकिन बैंक ने न तो किराया बढ़ाया और न ही भवन खाली किया। उनके अनुसार, बैंक पर करीब 57 लाख रुपए किराया बकाया है।

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