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श्रीराम मंदिर: ट्रस्ट ने जारी किया आय व्यय का ब्यौरा

July 6, 2026

श्रीराम मंदिर: ट्रस्ट ने जारी किया आय व्यय का ब्यौरा

Ayodhya News Posted on 06.07.2026 Time 08.58 PM

अयोध्या, 06 जूलाई 2026, राम मंदिर परिसर में चढ़ावा गिनती के दौरान सामने आई अनियमितताओं के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को कई बड़े फैसले लिए। महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में ट्रस्ट ने चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफे स्वीकार करने की पुष्टि की। साथ ही नए महासचिव की नियुक्ति तक ट्रस्टी एवं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है।

*8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई, दोषियों को मिले कड़ी सजा*

ट्रस्ट ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आठ लोगों के नाम सामने आए हैं। जिनके खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले, उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया और गिरफ्तारियां भी की गई हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।

*प्रबंधन की कमियां दूर करने पर रहेगा जोर*

ट्रस्ट ने माना कि केवल दोषियों को सजा दिलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मंदिर की व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, मजबूत और पारदर्शी बनाना भी जरूरी है। इसलिए एसआईटी से प्रबंधन और संचालन में सुधार संबंधी सुझाव भी मांगे गए हैं। इसके अलावा स्वतंत्र विशेषज्ञों से भी सलाह ली जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

*नए CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति*

बैठक में ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल होंगे। यह समिति ट्रस्ट को योग्य उम्मीदवारों के नाम सुझाएगी।

*सार्वजनिक आरोप नहीं, जांच एजेंसियों को दें सबूत*

ट्रस्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पत्रकार के पास मंदिर से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाने के बजाय एसआईटी या संबंधित जांच एजेंसी को सौंपा जाए। ट्रस्ट का कहना है कि जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करेंगी।

*भ्रामक आरोपों से आस्था प्रभावित नहीं हुई: ट्रस्ट*

प्रेस विज्ञप्ति में ट्रस्ट ने कहा कि कुछ लोग इस घटना का उपयोग श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और हिंदू समाज की छवि को धूमिल करने के लिए कर रहे हैं। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या पहले की तरह लगातार बनी हुई है, जो करोड़ों रामभक्तों के अटूट विश्वास का प्रमाण है।

*दान और खर्च का भी दिया पूरा हिसाब*

ट्रस्ट ने अपनी वित्तीय स्थिति का भी विवरण सार्वजनिक किया। बताया गया कि निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान से प्राप्त 3,246 करोड़ रुपये में से 2,380 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।

वहीं 31 मार्च 2026 तक राम मंदिर को कुल 482 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ, जिसमें से 321 करोड़ रुपये संचालन और व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए हैं, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित है।

*दान की हर वस्तु का रिकॉर्ड सुरक्षित*

ट्रस्ट ने बताया कि नकद के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा दी गई सभी वस्तुओं का रजिस्टर में पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है और हर वर्ष स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट से उनका सत्यापन कराया जाता है। चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गलवाकर चांदी की छड़ों में परिवर्तित किया गया है, जिसके प्रमाण और रिकॉर्ड भी ट्रस्ट के पास सुरक्षित हैं। श्रद्धालु चाहें तो अपनी भेंट का सत्यापन भी ट्रस्ट से कर सकते हैं।

इस प्रकार ट्रस्ट ने एक ओर चढ़ावा अनियमितता मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा भी की है।