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मुख्यमंत्री जनपद के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की

July 1, 2026

मुख्यमंत्री जनपद के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की

*प्रशासन से समन्वय बनाकर विद्युत चोरी पर रोक लगाए जाने की दृष्टि से प्रभावी कार्यवाही किए जाने के दिए गए निर्देश*

*जनसुनवाई/आईजीआरएस के माध्यम से आने वाली आम जनमानस की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक निस्तारण करें अधिकारी- मुख्यमंत्री*

*राजस्व वाद लंबित होने से कानून व्यवस्था पर पड़ता है सीधा प्रभाव इसीलिए राजस्व वादों का समय सीमा के अंदर करें निस्तारण*

*जनपद में कुछ मॉडल गौशालाओं का किया जाए विकास, जिसमें कम्पोस्ट खाद/बायो गैस का हो उत्पादन- मुख्यमंत्री*

बरेली, 30 जून। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज बरेली जनपद के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक सर्किट हाउस सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में सर्वप्रथम जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा जनपद के विकास कार्यों का संक्षिप्त विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि सीएम डैशबोर्ड पर जनपद वर्ष 2026 में लगातार टॉप फाइव में रहा है। इसके साथ ही आम जनमानस की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण और कुशल प्रशासन को प्रभावी बनाने हेतु समस्त तहसील कार्यालयों, विकास खण्ड कार्यालयों में जनता दर्शन की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है और आगामी तीन माह में समस्त अधिकारियों को जूम लिंक के माध्यम से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे सभी अधिकारी 10 से 12 बजे के मध्य कार्यालय में उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याओं का निस्तारण करें। उन्होंने बताया कि आम जनमानस की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए जगह-जगह वाटर कूलर लगवाए गए हैं। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में फ्रिज लगवाकर ठण्डे पानी व कोल्ड ड्रिंक आदि की भी सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।

जिलाधिकारी ने आंवला क्षेत्र स्थित लीलौर झील के पौराणिक महत्व और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से कराए जा रहे उसके विकास और सौंदर्यीकरण के बारे में भी जानकारी दी। इसके साथ ही श्रावण मास में कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं हेतु कराए जाने वाले कार्यों के बारे में भी बताया।

जिलाधिकारी ने बताया कि राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र के अन्तर्गत 94 इकाईयां स्थापित की गयी है, जिसमें विभिन्न कार्य क्षेत्रों में 900 करोड़ रुपए का निवेश भी प्राप्त हो गया है। इसके अतिरिक्त जनपद के नवाचार ‘ऑपरेशन उड़न परी‘ के अन्तर्गत प्रदेश स्तर पर टॉप करने वाली हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट की छात्राओं को ई-स्कूटी प्रदान की गयी है। बरेली स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत निर्मित एकीकृत कमान नियंत्रण केन्द्र के माध्यम से 1200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी की जा रही है तथा 1012654 ई-चालान भी इसके माध्यम से जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों में युद्ध के दौरान एलपीजी आपूर्ति कम होने पर अभियान चलाकर जनपद में 54000 से अधिक पीएनजी कनेक्शन कराए गए हैं।

जिलाधिकारी ने जनपद की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनपद वासियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण देने हेतु सीबी गंज में नगर वन की स्थापना की जा रही है। बहेड़ी में 250 एकड़ भूमि पर 92 करोड़ 63 लाख रुपए से मेगा फूड पार्क की स्थापना की गयी है, जिसमें डेयरी क्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 350 करोड़ रुपए का निवेश भी कर दिया गया है। नवाबगंज के ग्राम ग्रेम में 112 एकड़ भूमि पर सरदार बल्लभभाई पटेल इम्पालइमेंट जोन विकसित किए जाने हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है।

बरेली विकास प्राधिकरण के कार्यों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि फाइव एस मॉडल (सृजन, संवास, सम्पर्क, संचय व संस्कृति) के आधार पर प्राधिकरण द्वारा विकास कार्य किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत जनपद के विभिन्न मार्गों को फोर लेन व सिक्स लेन किया गया है। जनपद के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाथ मंदिरों के नामों पर आधारित प्रवेश द्वारों का निर्माण कराया गया है। 269 हेक्टेयर में रामगंगा नगर आवासीय योजना विकसित की गयी है, जिससे 3631.23 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार 33000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 86 करोड़ रुपए की लागत से रामायण वाटिका का निर्माण किया गया है, जिसमें प्रभु श्रीराम की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गयी है। इसके साथ ही ग्रेटर बरेली आवासीय योजना, पीलीभीत बाईपास आवासीय योजना, औद्योगिक टाउनशिप भी विकसित की जा रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि 100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से नाथ कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं हेतु यात्री विश्राम गृह, वैदिक लाइब्रेरी, प्रसाद/फूल की दुकानें, ओपन थियेटर, शौचालय, 20 फोकस वाल आदि विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। नगर निगम के कार्यों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि एन कैप के माध्यम से वन वाटिकाओं का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे जनपद की वायु गुणवत्ता में सुधार आया है। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन, एसटीपी प्लांट, सीएम ग्रिड योजना के अन्तर्गत सड़कों का अपडेशन और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नवीन प्रस्तावित कार्यों में वेंडिंग जोन का निर्माण, सीआई पार्क/गांधी उद्यान/आईवीआरआई रोड का सौंदर्यीकरण का कार्य तथा बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण कराया जाएगा।

कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान डीआईजी बरेली ने जानकारी दी कि जनपद में कांवड़ लेने 90 प्रतिशत श्रद्धालु बदायूं जाते हैं, लगभग 02 करोड़ से अधिक कांवड़ियों का आवागमन जनपद में रहता है, जिसके दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षा-व्यवस्थाएं करायी जाती हैं।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद में शिकायतों के निस्तारण की दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की पहली महिला एसओजी टीम वीरांगना यूनिट की स्थापना जनपद में की गई है। इज्जतनगर में 16 बीघा जमीन पर डंपिंग यार्ड बनाया गया है, जिससे थानों का स्क्रैप वहां चले जाने से थानों में स्थान की उपलब्धता हो गयी है। उन्होंने बताया कि अच्छा कार्य करने वाले 1196 पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत भी किया गया है। जनपद में 17 थानों में हॉस्टल/बैरेकों का निर्माण, 15 थानों पर विवेचना कक्ष का निर्माण और दो अग्निशमन केंद्रों का निर्माण किया गया है। पुलिस आरक्षियों के लिए प्रत्येक थाने पर दो स्कूटियों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में आगामी सभी त्योहारों को सकुशल संपन्न कराया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपद में विद्युत आपूर्ति में हो रही समस्याओं के बारे में जानकारी ली, जिस पर विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा बताया गया कि गत कुछ दिनों में आंधी तूफान आने से समस्या उत्पन्न हुई है, जिस पर लगातार कार्य करते हुए व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रशासन से समन्वय बनाकर विद्युत चोरी पर रोक लगाए जाने की दृष्टि से प्रभावी कार्यवाही की जाए।

स्वास्थ विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल में 35 डॉक्टर है तथा जनपद में एक ही फिजिशियन है, अतिरिक्त फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट की आवश्यकता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पूछा कि अधिकारियों को निक्षय मित्र से जोड़ा गया है कि नहीं जिस पर बताया गया कि जनपद में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने टी0बी0 मरीजों को निक्षय मित्र योजना के तहत गोद लिया गया है।

बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी ने नये नामांकनों की स्थिति के बारे में जानकारी ली, जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद में ‘रोको-टोको, स्कूल भेजो अभियान‘ क्रियान्वित कर स्कूलों में नामांकन को बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील करी। जिला विद्यालय निरीक्षक से प्रोजेक्ट अलंकार के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के  निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से जनसुनवाई पर विशेष ध्यान के निर्देश दिए इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी जनसुनवाई करने की अपील करीं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व वाद लंबित होने से कानून व्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है इसीलिए राजस्व वाद समय सीमा के बाद लंबित न रहे हैं, पहले 5 वर्ष  से लंबित वाद, फिर 3 वर्ष से लंबित वाद और एक से तीन वर्ष लंबित वाद क्रमवार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं में सभी व्यवस्थाएं अच्छे से बनी रहें, पशुओं का आहार और इलाज समय पर मिलता रहें। जनपद में कुछ मॉडल गौशालाएं भी बनायी जाएं, जिसमें कंपोस्ट खाद व बायो गैस का निर्माण किया जाए और नेचुरल फॉर्मिंग आदि पर भी फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत पाइप लाइन डालने हेतु की गयी रोड कटिंग को यदि निर्धारित समय सीमा के बाद भी ठीक नहीं कराया गया और आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही तो सम्बंधित के खिलाफ जवाबदेही तय की जाए। पीएम सूर्य घर योजना के समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि लाभार्थियों को जागरूक किया जाए और लोगों को योजना का लाभ लेने हेतु ज्यादा से ज्यादा प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालयों का निर्माण आमजन की समस्याओं के निस्तारण हेतु किया गया है उसका इस्तेमाल इस प्रकार किया जाए कि आमजन को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कूड़े के यथाशीघ्र व बेहतर निस्तारण करने व मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए प्रभावकारी कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए की दुर्घटनाओं को कम से कम किया जाए। अग्निशमन व्यवस्था को भी चुस्त दुरुस्त रखा जाए। साइबर अपराधों से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगो को जागरूक किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन के जो भी प्रोजेक्ट जनपद में आते हैं उसका प्रचार प्रसार किया जाएं। उन पर गुणवत्ता के साथ कार्य किया जाए, कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किये जाएं, कमी पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ जवाबदेही भी तय की जाए।

बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री वाणिज्य और उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी जितिन प्रसाद, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ0 अरुण कुमार, मंत्री सहकारिता विभाग/प्रभारी मंत्री जे0पी0एस0 राठौर, महापौर डॉ0 उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, सांसद बरेली छत्रपाल सिंह गंगवार, सदस्य विधान परिषद बरेली कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, विधायक मीरगंज डॉ0 डीसी वर्मा, विधायक नवाबगंज डॉ0 एमपी आर्य, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ0 राघवेन्द्र शर्मा तथा अधिकारियों में में अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, मण्डलायुक्त भूपेन्द्र सिंह चौधरी, पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, उपाध्यक्ष बरेली विकास प्राधिकरण सौम्या पाण्डेय, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भण्डारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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