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एटा में पेट्रोल की महंगाई और कालाबाजारी के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन कर पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

June 11, 2026

एटा में पेट्रोल की महंगाई और कालाबाजारी के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन कर पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

एटा 11 जून उप्रससे। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों तथा खाद की कालाबाजारी के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। किसानों ने खाद-बीज की समय पर उपलब्धता और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, खाद की कथित कालाबाजारी और बिजली संकट सहित विभिन्न किसान समस्याओं को लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने एटा कचहरी स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने खेती-किसानों की लागत को काफी बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर किसानों, मजदूरों और आम जनता की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। किसानों ने केंद्र सरकार से रूस के साथ तेल व्यापार को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि इससे देश में ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण संभव होगा और आम लोगों को राहत मिल सकेगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों और थोक विक्रेताओं के गठजोड़ के कारण खाद की कालाबाजारी हो रही है, जिससे किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मांगपत्र में किसानों ने कृषि विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सभी नहरों और रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने, ग्राम पंचायतों के तालाबों को भरवाने तथा असीमित विद्युत कटौती पर रोक लगाकर पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र शास्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता ठाकुर अनिल सोलंकी, डॉ. अनिल कुमार सिंह, प्रदेश महासचिव रघुवीर सिंह, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष पूजा सोलंकी सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।