एस पी सिंह /रामचंद्र मंगलेश
मितौली खीरी।मितौली विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत रामनगर फीडर से जुड़े सैकड़ों उपभोक्ताओं का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। मानकों के अनुरूप बिजली न मिलने से नाराज ग्रामीण उपभोक्ताओं ने पावर हाउस परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने अधिशासी अभियंता (विद्युत वितरण खंड प्रथम) को संबोधित एक ज्ञापन अवर अभियंता (जेई) मितौली को सौंपकर व्यवस्था सुधारने की मांग की।
सौंपे गए ज्ञापन में उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि रामनगर फीडर की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से जर्जर तारों के सहारे चल रही है। कई जगहों पर हाईटेंशन और लो-टेंशन लाइनें बबूल और नीम के घने पेड़ों के बीच से गुजर रही हैं। इसके चलते हल्की हवा चलने या मौसम में मामूली बदलाव होते ही तार आपस में टकरा जाते हैं और घंटों के लिए आपूर्ति ठप हो जाती है। क्षेत्र में अघोषित कटौती और आए दिन होने वाले फाल्ट से आम जनजीवन बेपटरी हो गया है।
उपभोक्ताओं ने विभागीय लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि रामनगर फीडर से लगभग 80 गांवों को बिजली सप्लाई की जाती है। फीडर की लंबाई अत्यधिक होने और इंफ्रास्ट्रक्चर जर्जर होने के कारण हर दिन कहीं न कहीं बड़ा फाल्ट होता है। हैरान करने वाली बात यह है कि इतने बड़े और संवेदनशील फीडर को दुरुस्त करने के लिए विभाग ने महज एक लाइनमैन तैनात कर रखा है। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण शिकायतों के निस्तारण में कई-कई दिन लग जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। मौके पर मौजूद क्षेत्र के कुछ संभ्रांत और सम्मानित नागरिकों ने बीच-बचाव कर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद उपभोक्ताओं ने अपनी मांगों का पत्र अधिकारियों को सौंपा।क्षेत्रीय जनता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए रामनगर फीडर की विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
उपभोक्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि बिजली लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई और लाइनमैनों की संख्या में जल्द बढ़ोतरी नहीं की गई, तो वे मितौली उपकेंद्र पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। उपभोक्ताओं का कहना है कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
