Posted on 29.05.2026 Time 05.03 PM, Varanasi
*सिम स्वैप और फर्जी UPI से बुजुर्ग के खाते से उड़ाए ₹12 लाख, 2 गिरफ्तार*
*CSP काउंटर से एक महीने में किस्तों में निकाली रकम। पुलिस ने ₹8 लाख कराए फ्रीज, 3 मोबाइल, ₹70 हजार नकद और 4 फर्जी आधार बरामद। ACP बोले – आरोपी विनय-सुरेंद्र पहले भी टावर फ्रॉड और फर्जी चेक केस में जा चुके हैं जेल।*
*रिपोर्ट:प्रज्ञा मिश्रा*
*वाराणसी*। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹12 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सर्विलांस की मदद से 27 मई को बलिया निवासी विनय कुमार और गाजीपुर निवासी सुरेंद्र कुमार को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया।
एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि घटना की कड़ियां एक महीना पहले से जुड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपी विनय कुमार पेशे से पेंटर है। वह करीब एक महीने पहले सेवानिवृत्त कर्मी शिवदत्त हरिजन के घर पेंटिंग का काम करने गया था। शिवदत्त वर्तमान में इंजीनियर हाल पुलिस लाइन, वाराणसी में रहते हैं। काम के दौरान विनय ने बड़ी चालाकी से बुजुर्ग के मोबाइल से उनका सिम कार्ड निकाल लिया। साथ ही घर में रखे उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें खींच लीं और उसकी डुप्लीकेट कॉपियां तैयार कर लीं।
विनय ने यह सिम कार्ड और दस्तावेज अपने साथी सुरेंद्र कुमार को सौंप दिए। इसके बाद दोनों ने एक नए मोबाइल में सिम कार्ड डालकर पीड़ित के नाम पर Paytm, PhonePe और G-Pay जैसे यूपीआई अकाउंट एक्टिवेट कर लिए। चूंकि सिम और केवाईसी के दस्तावेज इनके पास थे, इसलिए वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत नहीं हुई। आरोपियों ने पिछले एक महीने के दौरान अलग-अलग जनसेवा केंद्रों और सीएसपी काउंटरों पर जाकर फर्जी पहचान पत्रों के सहारे किस्तों में कुल ₹12 लाख की निकासी कर ली।
बीती 24 मई 2026 को जब पीड़ित शिवदत्त हरिजन को उनके खाते से रकम गायब होने की भनक लगी तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और 27 मई को दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन जिनमें दो कीपैड फोन हैं, ₹70,000 नकद और 4 फर्जी कूट रचित डुप्लीकेट आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने फ्रॉड से जुड़े खातों में ₹8 लाख होल्ड भी करा दिए हैं। एसीपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास है। ये दोनों पहले भी मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने और एक फर्जी चेक के मामले में संलिप्त रहे हैं, जिसके आरोप में ये जेल की हवा भी खा चुके हैं।
साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने घर में काम करने वाले बाहरी लोगों जैसे पेंटर, प्लंबर, कारपेंटर पर नजर रखें। अपने मोबाइल, सिम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार, पैन, पासबुक कभी भी खुले में न छोड़ें।
