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Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा शनिवार को राष्ट्री य लोक अदालत में अदालतों में लंबित केस निपटेा इस साल की दूसरी लोक अदालत में कुल 2 लाख 19 हजार 331 मामलों का निस्ताेरण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित किया गया। अदालत में न्यायालयों, प्रशासनिक विभाग, बैंक व बीएसएनएल से जुड़े केस निस्तािरित किए गए।लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश सैय़यद माऊज़ बिन आसिम ने मां सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया।
प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया की राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 13182 शमन योग्य वादों का निस्तारण हुआ। आरोपितों पर 1 लाख 88 हजार 905 रुपये जुर्माना लगायाउ गया।जबकि वैवाहिक-भरण पोषण के 265 मामले परिवार न्यायालय व अपर परिवार न्यायालय ने आपसी सुलह से हल कराए गए।उत्तराधिकार के एक मामले में निस्तारण में 45. 74 लाख रुपये के प्रमाण-पत्र जारी हुए।लेबर एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम आदि केस भी निपटेा।मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर के 38 मामलों को हल कराते हुए पीड़ित व उनके स्वजनों को 3 करोड़ 9 लाख 78 हजार रुपये देने के आदेश दिए।विभिन्न बैंकों के ऋण संबंधी 596 मामलों में 3 करोड़ 62 लाख रूपये की वसूली हुई।
लोक अदालत कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनित चन्द्रा, एमएसीटी पीठासीन अधिकारी संजय कुमार, लारा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी जैगमउद्दीन, लोक अदालत के नोडल अधिकारी घनेन्द्र कुमार,सीजेएम श्वेता चौधरी समेत न्यायिक, बैंक अधिकारी, दि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता, जिला बार के हर स्वरुप समेत पदाधिकारी व अधिवक्ता रहे।
कार्यक्रम में जिला जज सैय़यद माऊज़ बिन आसिम ने कहा कि लोक अदालत न्याय को आम जनता तक पहुंचाने का सरल व त्वरित प्रभावी माध्यम है। कहा कि आपसी सुलह-समझौते के आधार पर केसों को निपटाने से लोगों का समय-धन दोनों बचते हैं।शनिवार को न्यायालय परिसर में वादकारियों की भारी भीड़ रही।विशेष रूप से बैंक ऋण, यातायात चालान, बिजली बिल बकाया से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
लोक अदालत में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से तैयार हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई। “एक जनपद एक उत्पाद” और “एक जनपद एक पकवान” से संबंधित स्टॉल लगाकर उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
