#Agra News Posted on 17.07.2026 Time 08.45 PM Friday
—हरी झंडी दिखाकर ‘भूजल सप्ताह’ का किया शुभारंभ, कलेक्ट्रेट से प्रचार वाहन किया रवाना,२२तक भूजल सप्ताह
आगरा। जिलाधिकारी गिरते भूजल स्तर को रोकने और वर्षा जल संचयन को लेकर भूजल सप्ताह के तहत सात दिवसीय 16 से 22 जुलाई तक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण सरकार की ही नहीं हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
“जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” थीम पर केंद्रित अभियान ग्रामीण , शहरी क्षेत्रों में जिले की सभी पंचायतों, नगरीय निकायों सभी विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा।
अभियान में नगर निगम, एडीए,विकास विभाग, पंचायती राज, लघु सिंचाई, सिंचाई, जल निगम, कृषि विभाग, उद्यान, बेसिक एवं माध्यमिक , उच्च शिक्षा तथा नगर निकायों सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान का संचालन किया जाएगा
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि यदि वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्भरण सुनिश्चित किया जाए तो भविष्य में जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन करने के निर्देश दिए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 और 17 जुलाई को ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें ग्राम पंचायत सचिव नोडल अधिकारी रहेंगे। विद्यालयों में जल संरक्षण विषय पर शपथ ग्रहण, निबंध, चित्रकला, वाद-विवाद और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा।
18 और 19 जुलाई को विकास खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 20 और 21 जुलाई को नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान का समापन 22 जुलाई को जिला स्तरीय आयोजन के साथ होगा।
रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल स्रोतों के संरक्षण, पारंपरिक जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और भूजल रिचार्ज की तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
वरिष्ठ भू-भौतिकविद शशांक शेखर ने बताया कि शासन की कार्ययोजना के अनुरूप भूजल सप्ताह के दौरान व्यापक जनभागीदारी के साथ अभियान चलाया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल संसाधनों की मजबूत नींव तैयार हो सके।
जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील जारी कर कहा कि “जल है तो कल है – भूजल बचाएं-जीवन बचाएं।”भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की भू-जल संरक्षण, संवर्धन एवं वर्षा जल संचयन का विषय सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। हमारा जनपद भी कृषि, पेयजल एवं औद्योगिक आवश्यकताओं हेतु बड़े स्तर पर भूजल पर निर्भर है। वर्ष 2025 की भूजल संसाधन आंकलन के अनुसार 08 विकास खण्ड व आगरा शहर अतिदोहित, 03 विकास खण्ड क्रिटिकल एवं 04 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत हैं।
भूजल हम सबकी साझा धरोहर है। इसे बचाना केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आइए, हम सब मिलकर इस संकल्प को साकार करें और अपने जनपद को जल-सुरक्षित बनाएं।
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