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बरेली : जिम में महिला का शारीरिक शोषण, वीडियो बनाया

May 5, 2026

बरेली : जिम में महिला का शारीरिक शोषण, वीडियो बनाया

Posted on 05.05.2026 Time 07.28 PM

बरेली में महिला का जिम में हुआ शोषण

बरेली, 05 मई 26, एक जिम में महिला को प्रीवर्कआउट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने दो जिम संचालकों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप है कि जिम संचालकों ने वीडियो डिलीट करने के नाम पर मांगे रुपये। पीड़िता ने SSP अनुराग आर्य से शिकायत की। इसके बाद मामला दर्ज किया गया। मामले के आरोपी 2 जिम संचालक गिरफ्तार कर लिए गए है।
पुलिस ने अकरम और आलम गिरफ्तार किया है। इनसे 10 हजार नगद, 9 शक्तिवर्धक शीशी, 6 इंजेक्शन, पेन ड्राइव 2 मोबाईल फोन जब्त किए गए है।
कोतवाली क्षेत्र के अल्टीमेट फिटनेस जिम से दोनों को  अरेस्ट किया गया है।

मत करें चिंता, हर समस्या का कराएंगे समाधान: मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
05/05/2026

जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी ने

जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं अधिकारी, कराएं पारदर्शी निस्तारण: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 5 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मिलने आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता मत करिए, सरकार हर समस्या का प्रभावी समाधान कराएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठे लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्र लिए तथा समीप खड़े अफसरों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध और निष्पक्ष होना चाहिए।

जमीन कब्जा किए जाने से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से कहा यदि कोई दबंग किसी की जमीन पर जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्चस्तरीय इलाज का एस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। एस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

गोशाला में गोवंश को दुलारकर खिलाया गुड़

गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। सीएम योगी जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में मुख्यमंत्री ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को दी ₹14 करोड़ के ब्रिज की सौगात

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
05/05/2026

गोरखपुर : उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर के विकास को नई ऊंचाई देते हुए तारामंडल क्षेत्र में एक नवनिर्मित दो-लेन ब्रिज का भव्य उद्घाटन किया। लगभग ₹14 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार यह पुल क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
​उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं ब्रिज का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बारीकी से देखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्रिज के आसपास की वॉटर बॉडी की स्वच्छता और सुंदरीकरण का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि यह स्थानीय नागरिकों के लिए एक बेहतर पिकनिक स्पॉट और दर्शनीयस्थल के रूप में उभरे।

​यह ब्रिज न केवल यातायात को गति देगा, बल्कि गोरखपुर के आधुनिक बुनियादी ढांचे की नई पहचान बनेगा।
​विकास की ओर बढ़ता गोरखपुर
​मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी अब वैश्विक मानचित्र पर अपनी नई पहचान बना रही है। रामगढ़ ताल और उसके आसपास के क्षेत्रों (तारामंडल) का कायाकल्प होने से स्थानीय रोजगार और पर्यटन को नई मजबूती मिल रही है।
​इस कार्यक्रम में सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। ब्रिज के शुरू होने से तारामंडल और आसपास के निवासियों ने खुशी जाहिर की है।

14 करोड़ के नए पुल का उद्घाटन, सीएम योगी ने मजदूरों को पास बुलाकर खिंचवाई फोटो

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
05/05/2026

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के तारामंडल क्षेत्र में एक नए विकास कार्य की सौगात दी। उन्होंने वॉटर बॉडी के ऊपर ₹14 करोड़ से अधिक की लागत से बने दो-लेन ब्रिज का विधि-विधान से उद्घाटन किया।
​उद्घाटन के बाद जब मुख्यमंत्री ब्रिज का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी संवेदनशीलता देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री की नज़र वहां दूर खड़े कुछ मजदूरों पर पड़ी। सीएम ने प्रोटोकॉल किनारे रख तुरंत उन मजदूरों को अपने पास बुलाया और उनसे बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने उन श्रमजीवियों के सम्मान में उनके साथ खड़े होकर फोटो भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।

डेढ़ लाख शिक्षामित्र परिवारों को संभाला हमारी सरकार ने: मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
05/05/2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित समारोह में शिक्षामित्रों का किया सम्मान

वर्षों से चली आ रही आपकी मांग को सरकार ने संवाद और सहयोग के माध्यम से हल किया है, न कि टकराव के रास्ते से: सीएम

गोरखपुर, 05 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बिना नियम-कानून के शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में मान्यता देने का कुत्सित प्रयास किया, जो पूरी तरह नियम-विरुद्ध था। उनकी इस गलती के कारण सुप्रीम कोर्ट ने सभी शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। ऐसे में हमारे सामने बड़ी चुनौती थी। डेढ़ लाख परिवार सड़कों पर भूखों मरने की नौबत पर आ सकते थे। ये लोग 18-19 वर्षों से सेवाएं दे रहे थे। उम्र के इस पड़ाव में वे कहां जाते? तब हमने मंत्रिमंडल में फैसला किया कि इनकी सेवाएं समाप्त नहीं करेंगे, बल्कि इनका सहयोग लेंगे। 2017 में ही सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया था। अब इसे और बढ़ाते हुए 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो अप्रैल महीने से लागू भी हो गया है। सीएम योगी मंगलवार को गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि अब ट्रेड यूनियन वाली सोच और नकारात्मक वृत्ति को पूरी तरह त्याग देना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक या शिक्षामित्र केवल मांगों पर अड़े रहेंगे, नकारात्मक सोच रखेंगे, तो न केवल बच्चों की नींव कमजोर करेंगे बल्कि पूरे समाज व राष्ट्र को क्षति पहुंचाएंगे। हमारा नेचर ट्रेड यूनियन जैसा नहीं हो सकता। पहले देश, फिर हम। सकारात्मक भाव के साथ कार्य करने वाले ही अच्छी पीढ़ी तैयार कर सकते हैं। सरकार सकारात्मक सोच के साथ आपके साथ है, इसलिए नकारात्मक भाव बिल्कुल नहीं आने चाहिए। वर्षों से चली आ रही आपकी मांग को सरकार ने संवाद व सहयोग के माध्यम से हल किया, न कि टकराव के रास्ते से।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज सुबह जनता दर्शन कार्यक्रम में एक शिक्षामित्र परिवार आया था, जिसकी बेटी गंभीर रूप से बीमार है, डायलिसिस की जरूरत है। इसीलिए मैंने शिक्षामित्रों को भी प्रधानमंत्री की कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा देने का निर्णय किया था। 5 लाख रुपये का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर सभी शिक्षामित्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। जो छूट गए होंगे, उन्हें भी यह सुविधा दी जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद को तत्काल सभी जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही एक भव्य समारोह आयोजित कर सभी को यह कार्ड प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया गया है और यह परिवर्तन साफ दिख रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों की हालत बदली गई है। पहले जहां टॉयलेट, पेयजल, फ्लोरिंग, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास की उपलब्धता मात्र 30-36% थी, वह अब 96-99% हो गई है। ड्रॉपआउट दर 19% से घटकर 3% पर आ गई है। एक बच्चे का स्कूल छोड़ना राष्ट्रीय क्षति है। पहले बालिकाएं इसलिए स्कूल नहीं जाती थीं क्योंकि वहां पेयजल, अलग टॉयलेट और सुरक्षा नहीं थी। आज 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

निपुण भारत, पीएम श्री, कस्तूरबा गांधी विद्यालय आदि योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को 12वीं तक बढ़ाया गया है और नए विकास खंडों में आवासीय स्कूल खोले जा रहे हैं। पीएम श्री, अटल टिंकरिंग लैब, सीएम कंपोजिट और अटल आवासीय विद्यालय मॉडल बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि 2017 से पहले बच्चे एक लाइन भी नहीं पढ़ पाते थे, आज दूसरी कक्षा की बच्चियां पूरा पेज पढ़ रही हैं। एक दृष्टिबाधित बच्ची ब्रेल में पढ़कर फ्लुएंट बोल रही थी। यह होता है विकास। एक और घटना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि एक 3 साल के बच्चे ने अपने मुंडन पर कहा कि मैंने आपके जैसा दिखने के लिए बाल बनवाए हैं, उसकी यह बात उन्हें गहराई से छू गई।

मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों का आह्वान किया कि जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलते ही ‘स्कूल चलो’ अभियान तेज करें। हर बच्चा स्कूल पहुंचना चाहिए। शिक्षक आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें, 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से बात करें। बच्चों को प्यार से पढ़ाएं, कभी मारपीट न करें। अच्छी कहानियां, कविताएं और उदाहरण देकर उन्हें प्रेरित कीजिए। अभिभावकों को भी जागरूक करें कि दी गई यूनिफॉर्म, स्वेटर आदि का सही उपयोग हो। परिवार की खींचतान स्कूल तक नहीं लाइए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 1,43,000 शिक्षामित्रों को बधाई दी और कहा कि आप लगन, ईमानदारी और सकारात्मकता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र बनाएगा। यहीं से विकसित व आत्मनिर्भर भारत की नींव पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने समारोह में चयनित शिक्षामित्रों को अपने कर-कमलों से सम्मानित किया और उन्हें बढ़े मानदेय का चेक भी प्रदान किया। इनमें संगीता (गोरखपुर), प्रतिमा गुप्ता (गोरखपुर), फारिया तबस्सुम (गोरखपुर), तेजभान सिंह (कासगंज), धीरेंद्र कुमार शर्मा (फिरोजाबाद), संजय (महाराजगंज), शशि प्रभा सिंह (महाराजगंज), अभय कुमार (देवरिया), सुमन लता देवी (देवरिया), सर्वेश कुमार पांडे (कुशीनगर), अनुराधा (कुशीनगर), लालता प्रसाद (बस्ती), सोनू यादव (संत कबीर नगर) और मीरा (गोरखपुर) शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर ‘अरुणोदय’ का विमोचन किया। इस कैलेंडर का उद्देश्य प्रार्थना सभा को परंपरागत गतिविधि से ऊपर उठाकर विद्यार्थियों के समग्र विकास का माध्यम बनाना है। इसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विज्ञान, गणित, भाषीय कौशल, परस्पर संवाद, विचार अभिव्यक्ति, रोल प्ले, एक्शन गीत तथा कला-क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है, ताकि बच्चे प्रार्थना सभा के दौरान ही सीख सकें और नेतृत्व गुणों का विकास कर सकें। इस कैलेंडर का विमोचन कर मुख्यमंत्री ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को एक बेहतरीन मार्गदर्शक उपलब्ध कराया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कई बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया और महिलाओं को उपहार प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा से संबंधित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए नवाचारी मॉडल्स को देखा और उनकी सराहना की। उन्होंने नन्हे बच्चों पर स्नेह बरसाया और उनसे संवाद भी किया।

इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के मंत्री संदीप सिंह, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायकगण विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पासवान, श्रवण निषाद, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग चारु चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, राजेश गुप्ता, अपर मुख्य सचिव शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक मोनिका रानी व अन्य लोग उपस्थित रहे।

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