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राष्ट्रहित में जन प्रतिनिधि वेतन व फ्री में मिलने वाली सुविधाओं का करे त्याग

May 14, 2026

राष्ट्रहित में जन प्रतिनिधि वेतन व फ्री में मिलने वाली सुविधाओं का करे त्याग

Dileep Shrivastava Journalist
वाहनों के काफिलों पर लगे रोक
दिलीप कुमार श्रीवास्तव
बाराबंकी । प्रधानमंत्री के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से वही अपील की जो पूर्व में प्रधानमंत्री कर चुके हैं। अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री सांसद, विधायक,मंत्रियो से यह अपील करें कि वह 03 माह का वेतन तथा मुफ्त में मिलने वाली अन्य सुविधाओं को राष्ट्रहित में त्याग दे, क्योंकि जन्प्रतिनिधि तो जनता के सेवक होते हैं, जिससे देश की जनता की अरबो रुपए की खून पसीने की कमाई देश के विकास में काम आएगी तथा देश की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।
देश के सभी जनप्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री द्वारा अपील की जानी चाहिए कि वह सिर्फ तीन माह के लिए अपने काफिले में दो से अधिक गाड़ियों का प्रयोग न करें। वर्तमान समय में जब हमारा देश खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है तो राष्ट्रहित में जनप्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री की अपील मानकर उस पर अमल करें तो देश की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आएगा। जिसकी पहल स्वयं प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को करनी चाहिए।

बेकरी संचालक हत्याकांड – *फरार इनामी जफर व दो बेटे जम्मू से गिरफ्तार

मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर जफर व एक बेटे पर 50-50 हजार रुपए का इनाम

-महिला जज के पिता और बेकर्स स्वामी मो असद का हत्यारोपी को पुलिस ने पकड़ा
Post on 13.5.26
Wednesday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद, उप्र समाचार सेवा

शहर में चर्चित बेकरी संचालक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।महिला जज के पिता और बेकरी संचालक मो असद की हत्या में मुख्य आरोपी जफर व उसके बेटों सैफुल और एक नाबालिग बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को जम्मू से गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर जफर और सैफुलल पर 50-50 हजार रूपए का इनाम घोषित किया गया था।
सिविल लाइंस में जिगर कालोनी में रहने वाले बेकरी संचालक मो असद की थाना नागफनी के बंगला गांव चौराहे पर 27 फरवरी,26 को गोली मारकर हत्या करदी गई। शाम को हुईं घटना के दौरान वह छोटे साले मुजाहिर उर्फ डेनियल के साथ स्कूटी पर लाल मस्जिद क्षेत्र में तरावीह पढ़ने जा रहे थे। मो असद की बेटी असमा सुल्ताना व उनके पति जज है। दोनों बुलंदशहर में तैनात है। हत्याकांड में असद के बड़े साले हिस्ट्रीशीटर जफर और उसके बेटों का नाम आया। हत्याकांड में पुलिस को जांच में हत्या के पीछे सुनियोजित साजिश की बात सामने आई थी। साले मुजाहिर की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जफर के दामाद समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। पर मुख्य आरोपी हाथ नहीं आया तो पुलिस ने जफर व बेटे पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया।साथ ही
जफर हुसैन के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की गई थी।

ढाई महीने बाद कामयाबी-
जफर व अन्य आरोपियों की
गिरफ्तारी के लिए तमाम संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
अब पुलिस को बुधवार को सफलता मिली।आरोपियों को जम्मू कश्मीर जिले के नौगाम थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। बुधवार देर शाम को मुरादाबाद कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया। जबकि जफर के दूसरे नाबालिग बेटे को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया। जहां उसे राजकीय संप्रेषण गृह में भेजा गया।

May 13, 2026

बदले रूट से चलेगी पंजाब मेल समेत अन्य ट्रेनें

काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस देरी से होगी संचालित
लखनऊ मंडल में जून में जंघाई रेलखंड में नॉन इंटरलाकिंग वर्क

Post on 13.5.26
Wednesday,Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा

लखनऊ मंडल में जंघाई रेलखंड सेक्शन में जून माह में प्रस्तावित प्री-नॉन इंटरलाकिंग वर्क के चलते रेल संचालन प्रभावित रहेगा।रेललाइन डबलिंग व अन्यम सुधार के कारण पंजाब मेल,अर्चना एक्सवप्रेस समेत अन्य ट्रेनें 22 से 29 जून तक बदले मार्ग से चलेगी।

रेल रफ्तार को बढ़ावा देने के लिए डबलिंग व अन्य संचालन के सुधार पर जोर है।जंघाई-मां बेलहा देवी प्रतापगढ़ के बीच होनेवाले प्री-नॉन इंटरलाकिंग का काम जून मध्यर में शुरु होगा।एनआई के काम के चलते लखनऊ रूट की ट्रेनें बदले मार्ग से चलेंगी।रेलवे के अनुसार हावड़ा से अमृतसर पंजाब मेल-13005-06 ट्रेन 22-29 जून तक बदले मार्ग से चलाई जाएंगी। ट्रेन वाया लखनऊ- सुल्तानपुर-वाराणसी होकर चलेगी। इसी के चलते अर्चना एक्स प्रेस 12355-56 अलग अलग तीन बदले मार्ग से चलेगी।वाराणसी से बनारस जनता एक्सप्रेस- 15120 भी 22 से 26 जून तक रूट बदल कर चलेगी।जबकि वाराणसी -नई दिल्ली काशी विश्वसनाथ एक्सप्रेस रिशेडयूल होगी।ट्रेन से काम के चलते वाराणसी से 60 मिनट की देरी से चलाया जाएगा।

फेफड़े की बीमारी से हुआ प्रतीक को कार्डियक अरेस्ट

Posted on 13.05.2026 Thursday Time 10.30 PM, Lucknow

लखनऊ, 13 मई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन फेफड़े की बीमारी के चलते कार्डियक अरेस्ट से हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण दिल की ओर खून की सप्लाई रुक जाना बताया गया है।

पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर आवास पर लाया गया। यहां श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अनेक नेता पहुंचे। उनके आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री धर्मपाल सिंह, कांग्रेस नेता पीएल पुनिया, आराधना मिश्रा, महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान समेत अनेक नेता पहुंचे।

आवास पर पहुंचने वालों में भरी संख्या में उनके प्रधांसक भी थे।

सपा नेताओं की हिमाकत

Posted on 13.05.2026 Thursday, Time 21.07 PM, Editorial by Sarvesh Kumar Singh, SP Leader statements

समाजवादी पार्टी के नेता लगातार गैर जिम्मेदाराना और  विघटन पैदा करने वाले बयान देने की हिमाकत कर रहे हैं। सपा यूं तो खुद को लोहिया की विचारधारा और समाजवादी सिद्धान्तों का झंडावरदार कहते नहीं थकती किन्तु उसके नेताओं का कार्यों में बयानों में कहीं भी समाजवाद और लोहिया के विचार की झलक दिखायी नहीं देती। डा राममनोहर लोहिया जाति तोडने की बात करते थे किन्तु सपा नेता हर समया जातिवाद को बढ़ावा देने वाले बयान देते हैं और जातिवादी सोच से ग्रसित होकर ही राजनीति कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पीडीए के नाम अन्य जातियों का अपमान कर रहे हैं। इस स्थिति से सपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी असहज तो है किन्तु वह कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

हाल का मामला दो घटनाओं का है। पहला समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के उस बयान का है जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज का घनघोर अपमान किया है। उन्होंने पांच मई को दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित राजीव फाउण्डेशन के पुस्तक विमोचन समारोह में अपना भाषण देते हुए ब्राह्मण समाज पर अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने ब्राह्मणों के लिए बोला जाने वाला एक मुहावरा इस कार्यक्रम में सुनाया। इसमें ब्राह्मणों की तुलना वेश्या से की गई। उनके भाषण के अंश सोशल मीडिया में जारी होने के बाद और वीडियो वायरल होने से देशभर के ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया है। हालांकि उन्होंने ब्राह्मण समाज से माफी मांग ली है। किन्तु ब्राह्मण समाज में बहुत आक्रोश है। इसी मामले को लेकर मंगलवार 12 मई को उनके खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हो गई है।

दूसरा मामला महोबा का है जहां समाजवादी पार्टी के हमीरपुर-महोबा के सांसद अजेन्द्र सिंह लोधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी कर दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के अपमानजनक शब्द बोले यहां तक की उन्हें गाली भी दी। इस मामले में भी महोबा कोतवाली में सांसद अजेन्द्र सिंह लोधी के खिलाफ एफआईआर हो गई है। दोनों मामले जातीय वैमनस्य और अशिष्ट व्यवहार के हैं। खास बात यह कि ये दोनों घटनाएं ऐसे व्यक्तियों द्वारा अजाम दी गई हैं जो जिम्मेदार पदों पर एक सांसद हैं दूसरे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। इस पार्टी के नेताओं और प्रवक्ताओं का यह व्यवहार आम है। ये किसी भी नेता या समाज पर कोई भी अभद्र टिप्पणी कर देते हैं।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दोनों घटनाओं के बाद सपा का राष्ट्रीय नेतृत्व मौन है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव या किसी अन्य नेता की तरफ से दोनों मामलों पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है। न तो इन नेताओं को कोई नसीहत दी गई है और न ही इसके लिए राष्ट्रीय नेतृत्व ने खेद व्यक्त किया है। ऐसा लगता है कि सपा के वरिष्ठ नेताओं ने ऐसी घटनाओं से आंखें मूंद कर उनके कृत्यों को मौन सहमति प्रदान की है। इस प्रवृत्ति के कारण ही सपा के नेता इस तरह की गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी करने की हिमाकत कर पा रहे हैं। लेकिन, इन जातीय बयानों और राजनीतिक अशिष्टता भरे बयानों को जनता देख रही है। वह समय पर बखूबी इन्हें जवाब देगी।

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