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रिकार्ड निस्तातरण– राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझे 2.19 लाख से अधिक लंबित मामले

May 10, 2026

रिकार्ड निस्तातरण– राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझे 2.19 लाख से अधिक लंबित मामले

 

Post on 9.5.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा शनिवार को राष्ट्री य लोक अदालत में अदालतों में लंबित केस निपटेा इस साल की दूसरी लोक अदालत में कुल 2 लाख 19 हजार 331 मामलों का निस्ताेरण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित किया गया। अदालत में न्यायालयों, प्रशासनिक विभाग, बैंक व बीएसएनएल से जुड़े केस निस्तािरित किए गए।लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश सैय़यद माऊज़ बिन आसिम ने मां सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया।
प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया की राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 13182 शमन योग्य वादों का निस्तारण हुआ। आरोपितों पर 1 लाख 88 हजार 905 रुपये जुर्माना लगायाउ गया।जबकि वैवाहिक-भरण पोषण के 265 मामले परिवार न्यायालय व अपर परिवार न्यायालय ने आपसी सुलह से हल कराए गए।उत्तराधिकार के एक मामले में निस्तारण में 45. 74 लाख रुपये के प्रमाण-पत्र जारी हुए।लेबर एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम आदि केस भी निपटेा।मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर के 38 मामलों को हल कराते हुए पीड़ित व उनके स्वजनों को 3 करोड़ 9 लाख 78 हजार रुपये देने के आदेश दिए।विभिन्न बैंकों के ऋण संबंधी 596 मामलों में 3 करोड़ 62 लाख रूपये की वसूली हुई।
लोक अदालत कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनित चन्द्रा, एमएसीटी पीठासीन अधिकारी संजय कुमार, लारा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी जैगमउद्दीन, लोक अदालत के नोडल अधिकारी घनेन्द्र कुमार,सीजेएम श्वेता चौधरी समेत न्यायिक, बैंक अधिकारी, दि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता, जिला बार के हर स्‍वरुप समेत पदाधिकारी व अधिवक्ता रहे।
कार्यक्रम में जिला जज सैय़यद माऊज़ बिन आसिम ने कहा कि लोक अदालत न्याय को आम जनता तक पहुंचाने का सरल व त्वरित प्रभावी माध्यम है। कहा कि आपसी सुलह-समझौते के आधार पर केसों को निपटाने से लोगों का समय-धन दोनों बचते हैं।शनिवार को न्यायालय परिसर में वादकारियों की भारी भीड़ रही।विशेष रूप से बैंक ऋण, यातायात चालान, बिजली बिल बकाया से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
लोक अदालत में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से तैयार हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई। “एक जनपद एक उत्पाद” और “एक जनपद एक पकवान” से संबंधित स्टॉल लगाकर उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।

 

Post on 9.5.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद, उप्र समाचार सेवा।
गर्मी के सीजन में यात्री सुविधा के लिए रेलवे ने दो और स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए है। जोधपुर से मऊ और गोरखपुर के लिए संचालित दो विशेष ट्रेनों के फेरे बढ़े हैं। स्पेशल ट्रेनें 14 जुलाई तक संचालित होगी।
गर्मी के दिनों में रेगुलर ट्रेनों में बढ़ी भीड़भाड़ के नियंत्रण के लिए रेलवे ने लगातार विशेष ट्रेनें चला रहा है। रेल मुख्यालय ने यात्री सुविधा को देखते हुए जोधपुर से चलने वाली दो ट्रेनों को विस्तार दिया है।
जोधपुर से मऊ 04823-24 के बीच संचालित ट्रेन के आठ ट्रिप बढ़ाए गए हैं। जोधपुर से रविवार और मऊ से मंगलवार को चलने वाली ट्रेन अब 14 जुलाई तक चलेगी।
इसी तरह जोधपुर से गोरखपुर के बीच संचालित ट्रेन 04829 -30 के आठ फेरे बढ़ाए गए हैं।
जोधपुर से हरेक गुरुवार और गोरखपुर से हर शुक्रवार को चलने वाली ट्रेन को दस जुलाई तक संचालित किया जाएगा।

May 8, 2026

नगला बेरिया में राजमिस्त्री ने फांसी लगाकर दी जान

Breaking News UP Web News

Posted on 08.05.2026 Time 10.58 PM , Friday, News Source:Neeraj Chakrapani Correspondent UP Samachar Sewa Hathras

हाथरस। कोतवाली सदर क्षेत्र के नगला बेरिया में एक राजमिस्त्री द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतक की पहचान 40 वर्षीय जितेंद्र पुत्र रामचरण निवासी नगला बेरिया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उनकी बड़ी बेटी को गांव का एक शादीशुदा युवक लंबे समय से परेशान कर रहा था और उसे धमकियां भी दी जा रही थीं। इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की गई थी।परिजनों का आरोप है कि आरोपी युवक और उसके परिवार के लोग लगातार जितेंद्र को धमका रहे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। बताया गया कि इसी तनाव के चलते उसने देर रात घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चकबंदी विवाद से परेशान किसान ने कलेक्ट्रेट में आत्मदाह का किया प्रयास

Posted on 08.05.2026 Time 10.55 PM , Friday, News Source:Neeraj Chakrapani Correspondent UP Samachar Sewa Hathras
रिश्वत मांगने का आरोप, पुलिसकर्मियों की सतर्कता से टला हादसा
कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास करता किसान

हाथरस। जनपद में चकबंदी से जुड़ी समस्या का समाधान न होने से परेशान एक किसान ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास कर सनसनी फैला दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए किसान को बचा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।जानकारी के अनुसार थाना सासनी क्षेत्र के गांव नगला गढ़ू निवासी किसान देवेंद्र सिंह ने चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि अनुपालन आदेश कराने के नाम पर उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। आर्थिक तंगी के चलते उसने अपनी भैंस बेचकर 40 हजार रुपये की व्यवस्था की और रकम दे दी, लेकिन इसके बावजूद उसका काम नहीं हुआ और बाद में उसका प्रार्थना पत्र भी खारिज कर दिया गया।पीड़ित किसान ने बताया कि नगला गढ़ू की जमीन को लेकर उनके परिवार का मुकदमा वर्ष 2012 से चल रहा है। वर्ष 1994 में उसके पिता राजवीर शर्मा ने जमीन का बैनामा कराया था। मामला वर्ष 2019 में एटा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के पास पहुंचा था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 6 अगस्त 2025 को फैसला उनके पक्ष में आया, जिसके बाद फाइल चकबंदी अधिकारी के पास पहुंची थी।घटना के बाद चकबंदी विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि मामला अभी विचाराधीन है और डीडीसी कोर्ट में मुकदमा लंबित होने के कारण अंतिम आदेश नहीं हुआ है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम प्रकाश चंद ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने 24.61 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण  

Mainpuri samachar UP Web News

Posted on 08.05.2026 Time 10.48 PM, Friday, News Source: DS Tiwari Correspondent UP Samachar Sewa, Manipuri

मैनपुरी।  जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने रु. 24.61 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन बहुद्देशीय हॉल, प्रेक्षागृह, सांस्कृतिक केंद्र एवं रू. 38 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन संग्रालय के कार्य का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यदायी संस्था सी.एन.डी.एस. के सहायक परियोजना प्रबंधक को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता, मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अभियंता से फॉल सीलिंग कार्य में प्रयुक्त जीआई शीट, रबर वॉशर एवं जीआई वॉशर की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पॉइंट पर उच्च गुणवत्ता वाले रबर, जीआई वॉशर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, जिससे भविष्य में पानी के रिसाव एवं सीपेज की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होने कहा कि छोटे-छोटे ड्रिल होल से कुछ समय बाद पानी का रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे पूरी फॉल सीलिंग प्रभावित होती है, निर्माण कार्य में एंटी-रस्ट कोटिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है, बिना उचित एंटी-रस्ट ट्रीटमेंट एवं प्राइमर कोटिंग के लोहे की संरचनाओं में जंग लगने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे संपूर्ण संरचना की मजबूती प्रभावित हो सकती है इसलिए लोहे के गाटर, सपोर्ट एवं फिक्सिंग पार्ट्स को पूर्ण एंटी-रस्ट ट्रीटमेंट के बाद ही स्थापित किया जाए, जिन हिस्सों में वेल्डिंग हुई है, वहां विशेष रूप से दोबारा एंटी-रस्ट कोटिंग करायी जाए।
       श्री त्रिपाठी ने निरीक्षण में कुछ स्थानों पर टाई बार की असमान स्थिति एवं टेढ़े-मेढ़े एलाइनमेंट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी टाई बार की पुनः जांच कर आवश्यकता अनुसार सुधार कराया जाए, टाई बार ही संपूर्ण भार को संतुलित एवं वितरित करने का कार्य करते हैं, इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी भविष्य में गंभीर संरचनात्मक समस्या उत्पन्न कर सकती है। उन्होने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अभियंता को आदेशित करते हुए कहा कि कार्य में केवल स्वीकृत एवं मानक गुणवत्ता की सामग्री का ही उपयोग किया जाए, किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न हो। उन्होने कहा कि निर्माण कार्य केवल वर्तमान उपयोग को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि दीर्घकालिक स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए किया जाए, सभागार में बैठने की क्षमता, दृश्यता को लेकर भी तकनीकी परीक्षण कराया जाये, अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को भी स्टेज स्पष्ट रूप से दिखाई दे, कुर्सियां लगाकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण कराया जाये यदि आवश्यक हो तो स्टेज की ऊंचाई, एलीवेशन में तकनीकी संशोधन कर दर्शकों के लिए बेहतर दृश्यता सुनिश्चित की जाए।
             उन्होने कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देश दिए कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मल्टीपर्पज उपयोग, वॉल पैनलिंग, ग्लास स्ट्रक्चर, पर्दा व्यवस्था एवं अन्य इंटीरियर कार्यों का समन्वित प्लान तैयार किया जाए, जिससे भवन उपयोगी, सुरक्षित एवं आकर्षक स्वरूप में विकसित हो सके। उन्होने कहा कि वीआईपी मूवमेंट एवं विशेष अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी रूम, प्रवेश मार्ग एवं संबंधित सुविधाओं हेतु वीआईपी रूम के आसपास उपलब्ध अतिरिक्त स्थान का बेहतर उपयोग किया जाये, उक्त क्षेत्र में सुव्यवस्थित पेंट्री एवं वॉशिंग एरिया विकसित किया जाए, जिससे आगंतुकों एवं विशिष्ट अतिथियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें साथ ही ग्रीन रूम, कलाकारों के चेंजिंग रूम तथा सुरक्षा व्यवस्था को भी व्यवस्थित एवं कार्यात्मक बनाने के निर्देश दिए। उन्होने प्रेक्षागृह, बहुद्देशीय हॉल के निरीक्षण के दौरान पाया कि अनुबन्ध लागत् के सापेक्ष कार्यदायी संस्था को अब तक रू. 15 करोड़ अवमुक्त किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक रू. 14.50 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है, प्रस्तावित कार्य मुख्य भवन, ऑडिटोरियम एवं बहुद्देशीय हॉल का निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत 800 क्षमता का ऑडिटोरियम, साउण्ड सिस्टम, स्टेज लइटिंग, कर्टेन, स्टेप लाइटिंग, कार्पेट फ्लोरिंग, स्टेज पर बुडिंग फ्लोरिंग, जलापूर्ति, विद्युतीकरण एवं बहुद्देशीय हॉल सम्मिलित है, संग्रालय हेतु स्वीकृत रू. 38 करोड़ के सापेक्ष अब रू. 20 करोड़ अवमुक्त हो चुका है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येन्द्र सिंह, कार्यदायी संस्था के अभियंता आदि उपस्थित रहे।
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