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प्रदर्शन करने वालों पर ही लगे है सरकारी भूमि पर कब्जाने के आरोप- अभिषेक गुप्ता

May 15, 2026

प्रदर्शन करने वालों पर ही लगे है सरकारी भूमि पर कब्जाने के आरोप- अभिषेक गुप्ता

Posted on 15.05.2026, Time-8:15PM

Sitapur, Alok Kumar Bajpai

सीतापुर(उ0प्र0 समाचार सेवा)। सरकारी भूमि विनिमय को लेकर उठे विवाद और लगाए गए आरोपों के बीच खैराबाद नगर पालिका अध्यक्ष पति व प्रतिनिधि अभिषेक गुप्ता ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास एक इंच भी सरकारी भूमि अवैध रूप से पाई जाती है तो प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे, उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। अभिषेक गुप्ता ने कहा कि उनकी धर्मपत्नी के नगर पालिका अध्यक्ष बनने के बाद से उनका परिवार केवल खैराबाद की जनता की सेवा में लगा हुआ है और जनता की सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खैराबाद क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी कीमत पर सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसका विनिमय पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया और न्यायालय के आदेश के तहत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बदले में सरकार को अधिक भूमि दी गई है और पूरा मामला नियमों के अनुरूप संपन्न हुआ है। अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस भूमि का विनिमय कराया गया, वह उनके आवास के नजदीक स्थित है और निजी आवश्यकताओं के चलते उस जमीन की जरूरत थी। इसलिए निजी कार्य के लिए वो जमीन ली गई है। उन्होंने कहा कि  नहीं तो और अधिक मूल्यवान भूमि सरकार को क्यों देते? उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगो का यही धंधा है कि आरोप लगाओ और पैसा वसूली करो। इसी कारण अनावश्यक विवाद खड़ा कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि पूरा मामला वैधानिक प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ है। अध्यक्ष प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि जो लोग आज धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हीं पर सरकारी भूमि कब्जाने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सच सामने है और प्रशासनिक अभिलेख इसकी पुष्टि करते हैं। खैराबाद में इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं समर्थकों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन लगातार विकास कार्यों और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अभिषेक गुप्ता ने ये भी कहा जो सात सभासदों की जांच चल रही है उनका यह रामसिंह पुराना साथी है और इन लोगो का यही धंधा है सरकारी भूमि कब्जा करना वसूली करना। अभी हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा 100 बीघा जमीन खाली करने के आदेश के बाद इन सबके होश फाख्ता हो गए हंै। इसी लिए ये सब उल्टी सीधी हरकते चालू कर दी है। कार्यवाही न रुकी है ना रुकेगी चाहे ये कुछ कर लें।

पॉलीटेक्निक छात्र ने प्रधानाचार्य पर लगाया चप्पल से पीटने का आरोप

Posted on 15.05.2026 Time-8:15PM Sitapur, Alok Kumar Bajpai

सीतापुर(उ0प्र0 समाचार सेवा)। इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के सरायंजीत गाॅव में स्थित पॉलीटेक्निक के तृतीय वर्ष के छात्र ने परीक्षा देने के दौरान चप्पल से मारने का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विद्यालय पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की। पुलिस का कहना है कि छात्र नकल कर रहा था। जिस कारण प्रधानाचार्य ने थप्पड़ मार दिया। जो कैमरे में दिखाई दिया है। छात्र का कहना है कि उक्त समय का वीडियो सार्वजनिक किया जाय। तो सारी हकीकत सामने आ जायेगी। छात्र का कहना है कि परीक्षा केन्द्र पर काफी छात्र/छात्राओं की मौजूदगी में उसे चप्पल से पीटा गया है। जिसका उसे काफी आघात लगा है। मिली जानकारी के अनुसार सरायंजीत गाॅंव में स्थित ऐलिया पॉलीटेक्निक में लखीमपुर जनपद का एक छात्र बुधवार को तृतीय वर्ष (अंतिम वर्ष) की परीक्षा दे रहा था। छात्र के अनुसार उसने पीछे बैठे छात्र से समय पूंछने लगा। इसी दौरान प्रधानाचार्य ने कक्ष में प्रवेश किया। उन्होंने मेरी कांपी छीन ली और चप्पल निकलकर पीटने लगे। बाद में कांपी लौटाकर चले गये। सभी छात्रों के सामने चप्पल से हुई अनैतिक पिटाई से वह सदमें में आ गया। परीक्षा छूटने के बाद घर जाने में देरी के चलते वह थाने नहीं पहुंच सका। जिस कारण वह आज प्रार्थना पत्र देने आया है। उसे अब यह भी खतरा है कि प्रधानाचार्य की शिकायत पुलिस से करने के बाद प्रधानाचार्य उसका कैरियर खराब कर सकते हैं। यदि इंसाफ के बजाय मेरे साथ नाइंसाफी होगी तो मैं कोई भी कदम उठा सकता हूं। जिसकी पूरी जिम्मेदारी थाना पुलिस व प्रधानाचार्य की होगी। जब थानाध्यक्ष से इसके बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया छात्र अभी पेपर देने गया है पेपर देने के बाद जब वापस आएगा तब कुछ कार्यवाही होगी। प्रकरण के सम्बन्ध में प्रधानाचार्य पालीटेकनिक ऐलिया से जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकि काल रिसीव न हो पाने के कारण जानकारी नही मिल सकी।

प्रभारी मंत्री ने पीड़ित परवार को प्रदान किये चार लाख रूपये, व्यक्त की शोक संवेदना

Posted on 15.05.2026 Time-8:15PM

Sitapur, Alok Kumar Bajpai

सीतापुर (उ0प्र0 समाचार सेवा)। राज्यमंत्री संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश शासन जनपद के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने आज दैवीय आपदा के अन्तर्गत तहसील सदर, सीतापुर के अन्तर्गत ग्राम राजेपुर खुर्द मजरा हेमपुर परगना व तहसील व जिला सीतापुर के निवासी राहुल पुत्र मुनेन्द्र आयु लगभग 16 वर्ष, जिनकी आंधी-तूफान से पेड़ गिरने से दबकर मृत्यु हो गयी थी, जिस पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए शासन द्वारा निर्धारित राहत सामग्री एवं 04 लाख रूपये की सहायत राशि प्रभारी मंत्री द्वारा पीड़ित परिवार को प्रदान की गयी। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हर संभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि परिवार को इस कठिन समय में संबल मिल सके। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश शुक्ला एवं जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 उपस्थित रहे।

एमपी हाईकोर्ट: भोजशाला सरस्वती मंदिर

Posted on 15.05.2026 Time 09.14 , Madhya Pradesh, Bhojdhala

धरम हेतु अवतरेहु गोसाईं

आचार्य ललित मुनि

हिन्दूओं के लिए आज बड़ा फैसला धार स्थित भोजशाला को लेकर आया। न्यायालय का निर्णय करोड़ों सनातनियों के लिए केवल एक कानूनी फैसला नहीं, बल्कि सदियों से संघर्षरत सांस्कृतिक चेतना की विजय के रूप में देखा जा रहा है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि भोजशाला मूलतः देवी वाग्देवी अर्थात माँ सरस्वती का मंदिर और संस्कृत अध्ययन का केंद्र था। यह निर्णय उन ऐतिहासिक तथ्यों और पुरातात्विक प्रमाणों की पुष्टि करता है जिन्हें वर्षों से सनातन समाज उठाता रहा था।

न्यायालय ने अपने विस्तृत निर्णय में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट, ऐतिहासिक अभिलेखों, स्थापत्य अवशेषों और उपलब्ध साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भोजशाला का मूल स्वरूप एक हिंदू मंदिर और विद्या पीठ का था।

अदालत ने 2003 से लागू उस व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया जिसमें हिंदुओं और मुस्लिम पक्ष के लिए अलग-अलग दिनों में पूजा एवं नमाज की अनुमति दी गई थी। न्यायालय ने राज्य सरकार को परिसर का संरक्षण सुनिश्चित करने तथा व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। इस निर्णय को कई लोग ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित न्यायिक मान्यता के रूप में देख रहे हैं।

भोजशाला केवल पाषाण निर्मित स्मारक नहीं बल्कि यह उस भारत की स्मृति है जहाँ ज्ञान, संस्कृति, शास्त्र और साधना का संगम था। परमार राजा भोज के काल में यह विद्या और संस्कृति का एक महान केंद्र माना जाता था। यही कारण है कि हिंदू समाज इसे माँ सरस्वती की उपासना स्थली के रूप में मानता रहा है। वर्षों तक इस सत्य को “विवाद” कहकर दबाने का प्रयास हुआ, लेकिन अंततः न्यायालय ने ऐतिहासिक चरित्र को स्वीकार किया।

इस निर्णय को सनातन समाज इसलिए भी महत्वपूर्ण मान रहा है क्योंकि यह केवल आस्था के आधार पर नहीं, बल्कि अभिलेखों, पुरातात्विक अवशेषों और ऐतिहासिक अध्ययन के आधार पर आया है। लंबे समय से यह कहा जाता रहा कि भारत के अनेक प्राचीन मंदिर आक्रमणों और सत्ता परिवर्तन के दौरान इस्लामिक इमारतों में बदले गए, लेकिन उन प्रश्नों पर चर्चा को अक्सर सांप्रदायिक कहकर टाल दिया गया। भोजशाला का निर्णय इस विमर्श को नई दिशा देता है।

यह फैसला उन लाखों लोगों की भावनात्मक जीत भी है जिन्होंने वर्षों तक माँ वाग्देवी के सम्मान और पूजा-अधिकार के लिए आवाज उठाई। हर बसंत पंचमी पर भोजशाला का प्रश्न राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनता रहा। हिंदू समाज का यह आग्रह केवल धार्मिक नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा हुआ था।

इस निर्णय के बाद सनातन समाज में स्वाभाविक उत्साह दिखाई दे रहा है। इसे लोग “सत्य की विजय” और “सभ्यता के पुनर्जागरण” के रूप में देख रहे हैं। लंबे समय बाद न्यायपालिका ने इतिहास के उस पक्ष को भी महत्व दिया है जिसे सामान्यतः उपेक्षित माना जाता था।

धार की भोजशाला आज केवल एक स्थान नहीं रही। वह उस व्यापक भावबोध का प्रतीक बन चुकी है जिसमें सनातन समाज अपनी ऐतिहासिक स्मृतियों, मंदिरों और सांस्कृतिक प्रतीकों के पुनर्स्थापन को अपने आत्मसम्मान से जोड़कर देख रहा है। यह निर्णय आने वाले समय में भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक पहचान के विमर्श में एक महत्वपूर्ण मोड़ सिद्ध हो सकता है। इसके प्रकाश में अन्य निर्णय भी आएंगे।

लखनऊ में महिला मोर्चा का कलेक्ट्रेट में धरना

लखनऊ, 15 मई 2026 (उप्र समाचार सेवा)। सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी की प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने का नेतृत्व पूर्व मेयर संयुक्ता भाटिया ने किया।

महिला मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ता अखिलेश यादव शर्म  करो के बैनर लिए कलेक्ट पहुंची। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्यगेट पर धरना दिया और नारेबाजी की।

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