Web News

www.upwebnews.com

वेस्ट यूपी में जाटों की बागडोर संभालेंगे चौधरी भूपेन्द्र

May 10, 2026

वेस्ट यूपी में जाटों की बागडोर संभालेंगे चौधरी भूपेन्द्र

Bhupendra Chaudhary

गठबंधन में शामिल रालोद को देख मुरादाबाद से भरोसेमंद जाट नेता को तरजीह
मंडल में केबिनेट मंत्री बनने वाले भूपेन्द्र सिंह का कद भी बढ़ा
Post on 10.5.26
Wednesday,Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा
यूपी विस चुनाव से पहले मंत्रि‍मंडल विस्ताकर से भाजपा के सियासी रणनीति के संकेत भी मिलने लगे है। कैबिनेट विस्तार कर पार्टी ने एक तीर से कई निशाने साधे है।चुनाव में गठबंधन रालोद के मद़़देनजर जाटों का बिखराव रोकने की भी बड़ी पहल मानी जारही है।वेस्ट यूपी में मेरठ, मुरादाबाद व अलीगढ़ को तरजीह मिली है।हालांकि कैबिनेट विस्ताार से मुरादाबाद में चौधरी भूपेन्द्र सिंह का सियासी रुतबा भी बढ़ा है।

मुरादाबाद जिले के छजलैट ब्लॉक के गांव महेन्द्री सिकंदरपुर के रहने वाले चौ. भूपेन्द्र सिंह लगातार दो साल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। हालांकि तभी से उन्हें प्रदेश में मंत्री बनाने को लेकर पार्टी हल्कों में चर्चाएं थी। रविवार को प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार में मुरादाबाद से पहला नाम चौ. भूपेन्द्र सिंह का था। कैबिनेट मंत्री बनने से मुरादाबाद में जहां उनका सियासी दबदबा बढ़ा है।वही इस बहाने पार्टी ने विस चुनाव को लेकर अपनी रणनीति भी साफ संकेत दे दिए।
मुरादाबाद से जाट समुदाय को कैबिनेट व गूजर जाति के मेरठ से सोमेन्द्र सिंह को स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया है। चौधरी भूपेन्द्र सिंह मंडल में जाट मतदाताओं की बागडोर संभालेंगे।

केन्द्रो में चुनाव में भाजपा- रालोद गठबंधन कर चुनाव लड़ा। रालोद ने खाते में आई बिजनौर- बागपत सीटों पर जीत हासिल की।नए मंत्रिमंडल विस्तार में भूपेन्द्र सिंह को तरजीह देकर पार्टी ने एक तरह से जाट समुदाय को अपने पक्ष में लामबंद करने की सियासी रणनीति का भी खुलासा कर दिया।

*चौ.भूपेन्द्र सिंह का राजनैतिक सफर*

शछजलैट निवासी चौ. भूपेन्द्र सिंह के सियासी सफर की शुरुआत 1987 में रामजन्म भूमि आंदेालन के दौरान विहि‍प से शुरु हुई। मंदिर आंदोलन में भूपेन्द्र सिंह को छजलैट में प्रखंड अध्‍यक्ष बनाया गया।तब वेस्ट यूपी में संत यात्रा निकाली गई। इसके बाद भाजपा से जुड़ें भूपेन्द्र सिंह पार्टी में जिला कोषाध्यीक्ष बने।संगठन में पकड़ व चुनावी रण्नीति के चलते उन्हों ने उप चुनाव मुरादाबाद पश्चिम सीट से जीता। संभल में मुलायम सिंह यादव के मुकाबले लोस चुनाव जमकर लड़ा। एमएलसी बनने के बाद उनका कद लगातार बढ़ता गया। पहले पंचायत राज में राज्य मंत्री व फिर स्वतंत्रत प्रभार के मंत्री बनाए गए। वर्ष 2024 से 2026 तक वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहे।