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नक्सलमुक्त बस्तर: अब विकास की राह पर

May 19, 2026

नक्सलमुक्त बस्तर: अब विकास की राह पर

Editorial 19.05.2026, Tuesday, by Sarvesh Kumar Singh, Editor UP Web News

नक्सलवाद मुक्त भारत एक सपना था। भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती। ये देश के सामने एक ऐसी समस्या थी, जिसके बारे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था कि नक्सलवाद देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उसी नक्सलवाद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तारीख तय करके समाप्त कर दिया है। उन्होंने अगस्त 2024 में घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। यह कार्य तय समयसीमा से पहले ही पूरा हो गया। ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि तारीख निश्चित करके किसी ऐसी समस्या का समाधान हुआ हो जहां सशस्त्र संघर्ष चलता हो, लेकिन ऐसा भारत में हुआ है। इसका श्रेय जहां सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को जाता है, वहीं कुशल रणनीति, योजना और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाने के लिए अमित शाह को जाता है। अमित शाह ने देश से लाल आतंक को पोषित करने वाली माओवादी विचारधारा से वनवासियों को मुक्ति दिलाने के लिए मिशन मोड में काम किया। केंद्र और राज्य सरकारों का बेहतर समन्वय किया। योजनाओं को संबंधित तक पहुंचाया। सुरक्षा बलों को खुली छूट और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सूचना तंत्र को मजबूत किया। प्रतिफल दो साल से कम समय में लक्ष्य पूरा कर दिया, मिशन पूरा किया।

नक्सल आतंक से जो क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित थे। उनमें छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग सबसे प्रमुख रहा है। इस संभाग में 7 जिले है। गृह मंत्री अमित शाह ने अब इस क्षेत्र के समुचित विकास का बीड़ा उठाया है। क्योंकि जिन नक्सलवादियों ने हथियार डाले है। उनका पुनर्वास और उनके और परिवारों के रोजगार भी चाहिए। इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच नहीं थी। न तो राशन कार्ड थे, न मुफ्त मिलने वाला राशन मिल पता था और न ही 5 लाख की चिकित्सा सुविधा ही मिल रही थी। कारण था नक्सलवादी रोड़ा बने थे। वे स्कूल, अस्पताल,सड़क नहीं बनने दे रहे। अब बस्तर नक्सलमुक्त है तो ये सभी योजनाएं और सुविधाएं प्रदान की तैयारी की गई है। इसके लिए गृहमंत्री खुद बस्तर पहुंचे है। उन्होंने 18 और 19 मई को योजनाओं की शुरुआत कराई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ योजनाओं का उद्घाटन किया। जगदलपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र ने बस्तर में 200 सुरक्षा कैंप खोले थे। अब इनमें से एक तिहाई यानी कि 70 को सेवा डेरा में परिवर्तित किया जा रहा। ये डेरा वीर शहीद गुंडाधर के नाम से होंगे। इनमें केंद्र और राज्य की सभी 371 योजनाओं का लाभ मिलेगा। ये कमान सर्विस सेंटर के रूप में काम करेंगे। ये सेंटर गांव के हर दरवाजे तक योजना का लाभ पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि 5 साल में बस्तर की आय 6 हुआ बढ़ेगी। उन्होंने घोषणा की है कि हर आदिवासी महिला को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। डेयरी सेक्टर का नेटवर्क स्थापित करके आय बढ़ाएंगे। बैंक, एटीएम, पोस्ट ऑफिस खोले जा रहे है। सड़कें बनाई जा रही है। बस्तर को आतंक के अंतहीन समझे जाने वाले साए से निकालकर विकास की राह दिखाना निसंदेह उल्लेखनीय और सराहनीय कार्य है।