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Wednesday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा
रिश्वात लेते पकडे गए बिजनौर के जिला पंचायत राज अधिकारी को पुस्त कों से प्रेम जागा हैंा जेल में कुछ समय से बंद अधिकारी अब पंचायत राज की किताबें पढना चाहते हैा बंदी डीपीआरओ ने पंचायत एक्ट की किताबें मांगी हैा जेल अधिकारियों के इंकार के बाद अब अधिकारी ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया हैा मुरादाबाद की अदालत में प्रार्थना पत्र विचाराधीन हैा
बिजनौर के जिला पंचायत राज अधिकारी रिजवान अहमद को भ्रष्टााचार सतर्कता विभाग की टीम ने बीस हजार रुपये की रिश्व त लेने के आरोप में पकड़ा थााकरीब एक महीने से डीपीआरओ तभी से मुरादाबाद जेल में बंद हैा इन दिनों में जेल में रहकर डीपीआरओ की पढने की इच्छार जागी हैा इसके लिए उनकी ओर से एक पंचायत राज एक्टं से जुडी किताबें अन्य पठन पाठन संबंधी सामग्री की मांग की, बताया जाता है कि जेल प्रशासन ने जिला जेल मैन्युपअल का हवाला देते हुए पठन पाठन संबंधी किताबें देने से इंकार कर दिया। इस पर आरोपी बंदी न्यासयालय की शरण लीा बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुरेश पालसिंह ने एक प्रार्थना पत्र अदालत में दियाा
मुरादाबाद में एंटी करप्शंन की अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई चल रही हैा अभी इसपर निर्णय नहीं लिया गया हैा अपर डीजीसी मुनीश भटनागर का कहना है कि आरोपी डीपीआरओ के अधिवक्ताह की ओर से इस आश्य का प्रार्थना पत्र न्याकयालय में प्रस्तुित किया गया हैा न्यासयायल में यह प्रार्थना पत्र विचाराधीन हैा ——-
यह था मामला—
बिजनौर में जिला पंचायत राज अधिकारी रिजवान अहमद के खिलाफ घूस मांगने की शिकायत की गई थीा भ्रष्टाहचार सतर्कता विभाग ने शिकायती पत्र के आधार पर जाल बिछायाा आठ अप्रैल को विभागीय टीम ने डीपीआरओ के कमरे में कमरे में बने कक्ष से बीस हजार रुपये बरामद किएा इस दौरान मौके पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए अधिकारी को गिरफ़तार कर लियाा रिश्वात मांगने में आरेापी अधिकिारी 9 अप्रैल से मुरादाबाद जेल में बंद हैंा
