Posted on 17/05/2026
Time 08:20 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh
भक्तों के लिए बड़ी सौगात: अब रंगीन और जीवंत स्वरूप में दर्शन देंगे भगवान,
गोरखपुर। 17 मई 2029 ( उप्र समाचार सेवा)
धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन में विश्व विख्यात गीताप्रेस के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। दुनिया भर के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों के लिए सुखद खबर है कि अब श्रीमद्भागवत महापुराण को पूरी तरह रंगीन और उच्च गुणवत्ता वाले आर्ट पेपर पर प्रकाशित किया जा रहा है। यह पहला अवसर है जब गीताप्रेस इस महापुराण को इतने भव्य और आधुनिक कलेवर में उतार रहा है।
गीताप्रेस के प्रोडक्शन मैनेजर आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि अभी तक श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रकाशन साधारण कागज पर होता था, जिसमें रंगीन चित्र अलग से चिपकाए जाते थे। लेकिन नए संस्करण में पूरी पुस्तक ही आर्ट पेपर पर छप रही है जो 80 जीएसएम का है । इससे न केवल अक्षर मोतियों जैसे स्पष्ट दिखेंगे, बल्कि चित्रों की चमक और गहराई पाठकों को भक्ति के एक नए अनुभव से जोड़ देगी।
इस विशेष संस्करण की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल किए गए 200 से अधिक दुर्लभ रंगीन चित्र हैं। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर उनके विभिन्न अवतारों और आध्यात्मिक प्रसंगों को इन चित्रों के माध्यम से जीवंत किया गया है। यह संयोजन पाठकों के लिए ग्रंथ के पठन को एक दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव बना देगा।
दो खंडों में होगा प्रकाशन
प्रोडक्शन मैनेजर आशुतोष पाण्डेय के अनुसार, इस महापुराण की विशालता को देखते हुए इसे दो खंडों (Volumes) में प्रकाशित किया जा रहा है। प्रथम खंड के शुरुआत में लगभग 3,000 प्रतियाँ छापने की योजना है।
शुरुआत में यह हिंदी में उपलब्ध होगा, लेकिन मांग के अनुसार जल्द ही इसे अंग्रेजी, गुजराती और मराठी सहित अन्य भाषाओं में भी लाया जाएगा। इस पुस्तक की कीमत मात्र 11 सौ रुपए रखी गई है जो बहुत ही कम है ।
गीताप्रेस इससे पहले श्रीरामचरितमानस और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे ग्रंथों को आर्ट पेपर पर प्रकाशित कर चुका है, जिनकी भारी मांग रही है। इसी सफलता को आधार बनाकर अब ‘श्रीमद्भागवत महापुराण’ को इस विशेष रूप में तैयार किया जा रहा है।
यह दिव्य ग्रंथ जून के अंतिम सप्ताह तक गीताप्रेस के सभी अधिकृत काउंटरों और उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। अपनी भव्यता और शुद्धता के कारण यह ग्रंथ हर सनातनी के पुस्तकालय का अनमोल रत्न बनेगा।
