प्रतिमा खंडित के आरोप में 150 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट
*ठाकुरद्वारा बवाल*-
Post on 18.4.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
ठाकुरद्वारा में अंबेडकर प्रतिमा को खंडित करने और विरोध स्वरूप पर समर्थकों के घरों पर पथराव के गांव नारायणपुर छंगा पुलिस छावनी बना रहा।पुलिस ने भारी बवाल में आरोपी भाजपा नेता व पार्टी प्रत्याशी रहे अजय प्रताप सिंह समेत बारह को नामजद किया है। मामले में 150 अन्य अज्ञात के खिलाफ भी बवाल और एससी- एसटी एक्ट के तहत मुकदमा कायम किया है।
बवाल से ठाकुरद्वारा में भाजपा नेता अजय प्रताप और राजपाल सिंह चौहान बेटे अजय चौहान के बीच सियासी पारा चढ़ा है। सर्वेश कुमार सिंह के सांसद बनने के बाद ठाकुरद्वारा सीट से भाजपा से टिकट पाने की होड़ है। पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह के बाद ठाकुरद्वारा सीट से अजय प्रताप सिंह चुनाव लड़ें पर जीत नहीं मिलीं। इस बार टिकट की होड़ भाजपा के दोनों गुटों में है। 2022 में इस सीट से लड़े अजय प्रताप गुरुवार को गांव में जन्मदिन मना रहे थे। इस दौरान उनके समर्थकों की गाड़ियां अंबेडकर प्रतिमा के पास खड़ी हो गई। बताते हैं कि प्रतिमा के पास गाड़ी खड़ी करने पर कुछ लोगों ने एतराज जताया। इसी पर विवाद शुरू हो गया। झगड़ा बढ़ा तो पथराव होने लगा। इस बीच प्रतिमा खंडित हो गई। इससे दलित समर्थकों ने विरोध जताया। इसके बाद गांव में बवाल होने लगा। पत्थरबाजी में कई लोग घायल हो गए। एसपी देहात समेत भारी पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।घटना के बाद शुक्रवार को गांव पुलिस छावनी बना रहा।पुलिस ने बवाल मामले में भाजपा नेता अजय प्रताप, भाई अभय प्रताप सिंह समेत 12 के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ है। पुलिस ने बवाल व एसटी एससी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की है। एसएसपी का कहना है कि गांव में अब शांति है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
*ठाकुरद्वारा बवाल: भाजपा नेतृत्व तक पहुंचा मामला*
भाजपा की टेंशन, सपा-बसपा भी सक्रिय*
मुरादाबाद।
डाँ भीम राव अंबेडकर जयंती को बड़े स्तर पर मना रहीं पार्टी नेतृत्व में ठाकुरद्वारा बवाल से टेंशन बढ़ी है।अंबेडकर प्रतिमा खंडित किए जाने की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अभी सीसीटीवी फुटेज प्रतिमा खंडित के आरोपियों की पहचान कर रहीं हैं।
इस बीच बवाल के बाद सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, पूर्व विधायक विजय यादव व क्षेत्रीय सपा विधायक नवाब जान समेत तमाम नेता भी गांव में पहुंच गए। हालांकि इस घटना को लेकर अंबेडकर समर्थकों में रोष है। संगठनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
