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कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान तेज, जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने ठोकी ताल

August 11, 2026

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान तेज, जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने ठोकी ताल

केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा बोले- जनता और कार्यकर्ताओं की मजबूत पकड़ वाले व्यक्ति को मिलेगी जिम्मेदारी, गुटबाजी दूर करना बड़ी चुनौती

हाथरस। वार्ड और बूथ स्तर से लेकर जिला संगठन तक कांग्रेस को मजबूत करने तथा आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूती से मैदान में उतारने की तैयारी के तहत कांग्रेस नेतृत्व द्वारा चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान ने हाथरस में गति पकड़ ली है। इसी अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक एवं राजस्थान के पूर्व मंत्री सीताराम लांबा हाथरस पहुंचे और पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की स्थिति को लेकर मंथन किया।अलीगढ़ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में जिलेभर से पहुंचे कांग्रेसियों ने संगठन को मजबूत करने को लेकर अपने सुझाव रखे। इस दौरान जिलाध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों ने पर्यवेक्षक के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करते हुए आवेदन पत्र भी जमा किए। प्राप्त आवेदनों को पर्यवेक्षक द्वारा केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीताराम लांबा ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के चयन में आंतरिक लोकतंत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनकी जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ हो। ब्लॉक स्तर तक भी इसी प्रक्रिया के तहत कमेटियों का गठन किया जाएगा।लांबा ने स्वीकार किया कि हाथरस में कांग्रेस का संगठन कमजोर है और इसी वजह से पार्टी की स्थिति भी कमजोर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य इसी कमजोरी को दूर कर पार्टी को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत बनाना है।उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता यदि जनता से दूर रहेंगे तो संगठन मजबूत नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से वह अगले सात दिनों तक हाथरस में प्रवास करेंगे और पुराने एवं सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को समझेंगे। उन्होंने संगठन की कमजोरी के पीछे गुटबाजी को भी एक कारण माना और कहा कि कार्यकर्ताओं को एकजुट कर संगठन को नई मजबूती देने के लिए गंभीरता से काम किया जाएगा।जिलाध्यक्ष पद के दावेदार की योग्यता को लेकर उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति का कम से कम पांच वर्षों से कांग्रेस में सक्रिय होना जरूरी है। इसके लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर होगा।विधानसभा चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी के सवाल पर लांबा ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी का होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थानीय प्रत्याशी जनता के बीच रहकर क्षेत्रीय समस्याओं को बेहतर तरीके से उठा सकता है।संगठन सृजन अभियान के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक सीताराम लांबा के समक्ष वर्तमान जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शरद उपाध्याय नंदा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। इससे संगठन के भीतर जिलाध्यक्ष पद को लेकर संभावित मुकाबले की तस्वीर भी सामने आने लगी है।प्रेस वार्ता के दौरान पीसीसी पर्यवेक्षक अदनान मियां, पूर्व जिलाध्यक्ष कासगंज सुभाष गांधी तथा पूर्व जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस बुलंदशहर प्रज्ञा गौड़ भी मौजूद रहीं।बैठक में पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, करुणेश मोहन दीक्षित, शरद उपाध्याय नंदा, मथुरा प्रसाद कुशवाहा, पं. ब्रह्मदेव शर्मा, पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशांक पचौरी एडवोकेट, अजीत गोस्वामी, अवधेश बख्शी, कपिल सिंह, डॉ. मुकेश चंद्रा, सुनील गौड़, प्रदीप तेनगुरिया, संजीव आंधीवाल, पं. ऋषि कुमार कौशिक, अशोक कुमार गुप्त, ललतेश गुप्ता, अनुज कुमार संत, विष्णु कुमार, हरिशंकर शर्मा, आरके राजू, कृष्णा गुप्ता, निखिलवर्ती पाठक, प्रभाशंकर शर्मा, तौकीर आलम, अविनाश चंद्र पचौरी, जैनुद्दीन जैन, पूरनचंद वार्ष्णेय, कुलदीप कुमार, राजू चौधरी, नूरुद्दीन कुरैशी, अखलाक भारती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वेतन एवं सेवा-शर्तों में न्यायसंगत सुधारों की मांग, आठवें वेतन आयोग से मिला शैक्षिक महासंघ

नई दिल्ली/लखनऊ, 10 अगस्त 2026।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई, सदस्य सचिव श्री पंकज जैन एवं अन्य अधिकारियों से नई दिल्ली स्थित आयोग कार्यालय में भेंटवार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता एवं महामंत्री प्रो. गीता भट्ट शामिल रहे। महासंघ ने देशभर से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार विस्तृत ज्ञापन के विभिन्न बिंदुओं पर आयोग के समक्ष चर्चा की।

महासंघ ने मांग की कि वेतन पुनरीक्षण में महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत, वास्तविक क्रय शक्ति तथा सेवा एवं सेवानिवृत्ति के दौरान आर्थिक सुरक्षा को प्रमुख आधार बनाया जाए। ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर 3.6 से बढ़ाकर 3.8, वार्षिक वेतनवृद्धि 5 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत, उच्च वेतन स्तरों में अतिरिक्त चरण, वन स्टेप अप व्यवस्था की पुनर्बहाली तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग रखी गई।
महासंघ ने महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर मूल वेतन में स्वतः समायोजन, मकान किराया भत्ते में वृद्धि, यात्रा भत्ते का वर्तमान लागत के अनुरूप पुनरीक्षण तथा आधिकारिक यात्राओं के पूर्ण व्यय की प्रतिपूर्ति का सुझाव दिया।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों के व्यावसायिक विकास और शोध के लिए वित्तीय सहायता, डिजिटल एवं शैक्षणिक संसाधनों हेतु पृथक भत्ता, गृह निर्माण अग्रिम में वृद्धि तथा अवकाश सुविधाओं के विस्तार की मांग भी रखी गई।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 20-25 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, समूह बीमा सुरक्षा में वृद्धि तथा एलटीसी नकदीकरण बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया। पूरे सेवाकाल में कम से कम चार पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने तथा कृत्रिम अवरोध समाप्त करने पर भी जोर दिया गया।
सेवानिवृत्ति सुरक्षा के तहत अंतिम आहरित वेतन के 60-67 प्रतिशत तक सुनिश्चित पेंशन, पारिवारिक पेंशन में वृद्धि, ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने तथा पेंशन आंशिकीकरण की पुनर्बहाली अवधि घटाने की मांग की गई।
महासंघ ने आयोग से आग्रह किया कि आठवां केंद्रीय वेतन आयोग केवल वेतन संशोधन तक सीमित न रहकर वेतन, भत्ते, सेवा-शर्तों, पदोन्नति, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन की समग्र समीक्षा करे। महासंघ ने लगभग पांच वर्ष के नियमित वेतन पुनरीक्षण चक्र अथवा महंगाई से जुड़ी स्वचालित पुनरीक्षण व्यवस्था लागू करने का भी सुझाव दिया।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावीप्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह, शिवशंकर सिंह, डॉ. उदयन मिश्राडॉ. कमल कौशिकप्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंहड. अनूप शर्माडॉ. स्वदेश कुमार सिंहडॉ. श्वेताप्रो. अनिल कुमारडॉ. संतोष कुमार शुक्लप्रदीप तिवारीसुनील कुमार मिश्र आदि पदाधिकारियों ने शिक्षक और शिक्षा हित में की गयी माँगों का समर्थन किया है।

17 अगस्त को श्री कोतवालेश्वर महादेव की नगर भ्रमण यात्रा

लखनऊ। चौक स्थित श्री कोतवालेश्वर महादेव सावन के तीसरे सोमवार 17 अगस्त को शाम 4 बजे चांदी की पालकी में बैठकर नगर का भ्रमण यात्रा करेंगे। यह जानकारी मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता में देते हुए श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री विशाल गौड़ ने देते हुए बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोतवालेश्वर महादेव यात्रा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महंत ने बताया मंदिर से निकलते ही श्री कोतवालेश्वर महादेव जी को लखनऊ प्रशासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया जाएगा यात्रा चौक कोतवाली स्थिति श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर चौक चौराहा, खुन-खुन जी रोड कोनेश्वर मंदिर में हरिहर का दिव्य एव अद्भुत मिलन होगा। तत्पश्चात यात्रा कोणेश्वर चौराहा घूम कर, चौक चौराहा, कंचन मार्केट, चरक चौराहा, कमला नेहरू मार्ग होते हुए, श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर में संपन्न होगी,वह विशेष पूजन किया जाएगा। श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर आकर प्रसाद आरती और वितरण से सम्पन्न होगी। यात्रा में यमराज भूत प्रेत गंधर्व रंगोलिया लखनऊ बनारस की झांकियां रथ ब्रास बैंड प्रशासनिक बैंड होंगे। सभी महिलाएं और पुरुष पीले वस्त्र धारण करेंगे। इस अवसर पर शासन प्रशासन के समस्त अधिकारी, उपमुख्यमंत्री मंत्री, विधायक भक्त और नगर वासी भारी संख्या मे उपस्थित रहेंगे।

August 10, 2026

गोरखपुर में ‘हर घर तिरंगा यात्रा अभियान’ का भव्य शुभारंभ, तिरंगा यात्रा में CM योगी के साथ उमड़ा जनसैलाब

Posted on 10/08/2026
Time 12:55 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा यात्रा अभियान’ का सोमवार को गोरखपुर में भव्य शुभारंभ हुआ। नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा यात्रा की शुरुआत की और स्वयं यात्रा का नेतृत्व करते हुए शहरवासियों में राष्ट्रभक्ति का उत्साह भरा।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप की मूर्तियों पर भी पुष्प अर्पित कर देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं राष्ट्रनायकों को नमन किया। इस दौरान देशभक्ति गीतों और नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया।
लगभग तीन किलोमीटर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रानी लक्ष्मीबाई पार्क से काली मंदिर, गोलघर होते हुए रेलवे स्टेशन तक निकाली गई। यात्रा में स्कूली बच्चों, महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हजारों हाथों में तिरंगा लहराता नजर आया। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा। यात्रा के दौरान नगर निगम, गोलघर और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में देशभक्ति का अनोखा माहौल देखने को मिला।

तिरंगा यात्रा के मार्ग में 16 स्थानों पर विभिन्न संगठनों और व्यापारिक समूहों की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह नजर आया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, सांसद-विधायकगण, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और तिरंगा यात्रा में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, गौरव और समर्पण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों पर तिरंगा फहराकर अभियान को सफल बनाने तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। तिरंगा यात्रा के पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
सुरक्षा व्यवस्था में एडीजी जोन, डीआईजी, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी, नगर आयुक्त, जीडीए उपाध्यक्ष, सीडीओ, एसपी सिटी, एसपी नार्थ, एडीएम सिटी, सीआरओ, एडीएम प्रशासन, अपर नगर आयुक्त, एसडीएम सदर और तहसीलदार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा गैर जनपदों से आए पुलिस अधिकारियों और जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था। अधिकारियों की लगातार निगरानी के बीच तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
गोरखपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के इस भव्य आगाज ने शहरवासियों में देशभक्ति और राष्ट्रगौरव का नया उत्साह भर दिया। आयोजन के दौरान उमड़ा जनसैलाब और हाथों में लहराता तिरंगा शहर में देशभक्ति की मजबूत तस्वीर पेश करता नजर आया।

क्रान्तिकारियों का उद्देश्य गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर, भारत को स्वतंत्र कराना था : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर
काकोरी शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
लखनऊ : 09 अगस्त, 2026  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं पावन तिथि है। 09 अगस्त, 1925 को भारत माता के महान सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी थी कि भारत की धरती गुलामी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। महान क्रान्तिकारियों ने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से भारत छोड़ो आन्दोलन तक आजादी की लड़ाई के लिए कार्यक्रमों की लम्बी श्रृंखला खड़ी की थी। मुख्यमंत्री जी ने क्रान्तिकारियों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े हुए सभी महानायकों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ काकोरी शहीद स्मारक में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने वन्दे मातरम् तथा काकोरी के शहीदों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री जी ने काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया तथा फोटो बूथ पर सेल्फी ली। कार्यक्रम के दौरान भारतेन्दु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने नाट्य प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 09 अगस्त, 1925 को काकोरी में पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र प्रसाद लाहिड़ी जैसे महान क्रान्तिकारियों ने उस खजाने को अपने कब्जे में लेने का कार्य किया, जिस गाढ़ी कमाई को अंग्रेजों ने हड़प लिया था। जिन क्रान्तिकारियों ने अपना पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित कर दिया था, उनमें काशी में जन्में श्री शचीन्द्रनाथ बख्शी तथा श्री मनमोहननाथ गुप्त को आजीवन कारावास की सजा हुई। उनकी जागीर ब्रिटिश शासन ने जब्त कर ली थी। पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ और राजेन्द्र प्रसाद लाहिड़ी, इन सभी महान क्रान्तिकारियों को क्रमशः गोरखपुर, प्रयागराज, फैजाबाद तथा गोण्डा में फांसी दी गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद ने कहा था कि ‘आजाद हमेशा आजाद रहेगा।’ वह अंतिम दम तक वे अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते प्रयागराज की धरती पर शहादत को प्राप्त हुए। क्रान्तिकारियों का उद्देश्य गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर, भारत को स्वतंत्र कराना था। काकोरी में घटित इस घटना को ब्रिटिश शासन ने डकैती कहा था। दुर्भाग्य से स्वतंत्र भारत में भी जिन लोगों के हाथों में सत्ता आयी, उन्होंने भी काकोरी डकैती काण्ड के नाम पर इस घटना के क्रान्तिकारियों को अपमानित करने का काम किया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ऐसे ही गुलाम नहीं हुआ। भारत की गुलामी के कारण हमारी आपसी फूट व षड्यंत्र थे। आज भारत को कमजोर करने वाली ताकतें जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर लगातार फूट डालने का कार्य कर रही हैं। इन राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन लोगों ने आपको अपने क्रांतिकारियों व नायकों से दूर रखा, उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया। नायकों पर गौरव की अनुभूति का अवसर न देना युवा पीढ़ी को आदर्श, गौरव और प्रेरणा से विमुख करने जैसा है। आजादी के बाद जिन लोगों ने सत्ता सम्भाली, उन लोगों ने क्रान्तिकारियों को अपमानित करने का पाप किया। काकोरी के शहीदों के अलावा चन्द्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना ऊदादेवी पासी, अवन्तीबाई, झलकारीबाई के नाम पर कोई स्मारक न बने, लोग इनका नाम भी न जानने पाएं, इसलिए इन क्रान्तिकारियों के नाम पर संस्थाओं का नाम नहीं रखा गया। आजादी के बाद भी इसके लिए लगातार साजिशें की गईं।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने आजादी के नायकों को सम्मान देने का कार्य किया। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर से जुड़े पंच तीर्थ, वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ के स्मारकों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया गया। काकोरी की घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन नाम देकर क्रान्तिकारियों को सम्मान दिया। इन क्रान्तिकारियों के नाम पर अब डाक टिकट जारी हो रहे और संस्थाओं के नाम रखे जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने जनता का आह्वान किया कि हम सभी क्रान्तिकारियों को खोजें। हमारे गाँव, क्षेत्र, जनपद आदि में अनेक गुमनाम नायक होंगे, जिन्होंने ‘तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ आजादी के लिए सर्वस्व समर्पित किया। आजादी के बाद सत्तालोलुप लोगों ने अपने वैभव को देखा। क्रान्तिकारियों को भुला दिया गया, उन्हें पाठ्यक्रमों में स्थान नहीं दिया गया। देश, समाज के खिलाफ षड्यंत्र हुआ और फिर से बाँटने की साजिश प्रारम्भ कर दी गई। मुख्यमंत्री जी ने अपील की कि क्रान्तिकारियों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र करें। उनसे जुड़े स्मारकों की मरम्मत-सौन्दर्यीकरण से जुड़ें और पुष्पांजलि देकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों के लिए देश की आजादी की लड़ाई सर्वोपरि थी। उनकी स्मृति को जीवन्त बनाए रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया। एक वर्ष में क्रान्तिकारियों की स्मृतियों में अनेक कार्यक्रम किए गए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों की वर्तमान पीढ़ी और देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मान दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने आह्वान किया कि विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तब साकार होगी, जब सभी के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा। अपनी मातृभूमि, भाषा, स्वदेशी उत्पादों को लेकर लोगों को जागरूक करें। 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस है। इस दौरान हर घर में तिरंगा फहराना चाहिए और प्रत्येक संस्था में वन्दे मातरम् का गान होना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों और सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश अंग्रेजों की पराधीनता से मुक्त हुआ है। 09 अगस्त सम्पूर्ण क्रान्ति की शुरुआत का दिन है। अनेक बलिदानों की श्रृंखला इसी दिन से प्रारम्भ हुई।
उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी के लिए सर्व समाज के लोगों ने बलिदान दिया। काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के इस भव्य एवं गरिमामय समारोह में उपस्थित सभी लोगों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग का स्मरण करना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को आजादी दिलाई। प्रत्येक बच्चे और विद्यार्थी को यहां से यह प्रण लेकर जाना चाहिए कि जिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर देश को आजादी दिलाई, उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि काकोरी की यह वही पवित्र भूमि है, जहाँ अमर बलिदानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। काकोरी ट्रेन एक्शन में देश के सपूतों ने भारत को अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। नई पीढ़ी तक राष्ट्रीय गौरव और महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का संदेश पहुंचाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रतिवर्ष 09 अगस्त को इस पावन धरती पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने का कार्य किया जाता है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शहीदों के परिजन, छात्र-छात्राएँ सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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