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भारत तब विकसित होगा, जब उ0प्र0 विकसित होगा: योगी आदित्यनाथ

June 20, 2026

भारत तब विकसित होगा, जब उ0प्र0 विकसित होगा: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ को सम्बोधित किया
पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब मूर्त
रूप ले चुका, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा
झांसी, 20 जून, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देश में सबसे अधिक कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाया है। भारत तब विकसित होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा, जब झांसी समेत प्रदेश के सभी जनपद विकसित होंगे। झांसी तब विकसित होगा, जब प्रत्येक ग्राम पंचायत व नगर निकाय आत्मनिर्भर व विकसित होंगे। क्रान्ति की इस धरा पर विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज झांसी में ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास सर्वसमावेशी होना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ मंत्र देशवासियों को दिया था। जब 140 करोड़ भारतवासियों का विश्वास व प्रयास जुड़ेगा तथा कार्ययोजना बनेगी, तो विकसित भारत बनने में देर नहीं लगेगी। सबके सामूहिक प्रयास से ही अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मन्दिर बना। यह नये व भव्य भारत का राष्ट्र मन्दिर है। यह नये भारत के निर्माण की शुरूआत भी है।
मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2022 में जब दुनिया इस सदी की सबसे बड़ी महामारी से जूझ रही थी, तब प्रधानमंत्री जी देशवासियों को आगामी 25 वर्षों की कार्ययोजना व विकसित भारत संकल्प से जोड़ रहे थे। उन्होंने देशवासियों से पंचप्रण अपनाने की बात कही थी। इनमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत का सम्मान, देश के शहीदों, सेना के जवानों व वर्दीधारी फोर्स का सम्मान, सामाजिक एकता के लिए कार्य करना तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करना सम्मिलित है। दुनिया में वही विकसित हुआ है, जो अपने बल पर कार्ययोजना तैयार कर आगे बढ़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से कोई व्यक्ति स्वावलम्बी नहीं हो सकता। आत्मनिर्भरता के लिए गुलामी की मानसिकता दूर करना तथा अपनी विरासत का सम्मान करना आवश्यक है। भारत अपनी यात्रा को अनवरत आगे बढ़ा रहा है। हम इसलिए चैन से सोते हैं, क्योंकि हमारे सैनिक माइनस टेम्परेचर में सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। पैरामिलिट्री का जवान नक्सल क्षेत्र में मजबूती के साथ कार्य कर रहा है। पुलिस के जवान सजगता से पेट्रोलिंग कर रहे हैं। इन सभी के प्रति हमारे मन में सम्मान का भाव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। जो जिस क्षेत्र में है, उसे उस क्षेत्र में ईमानदारीपूर्वक कार्य करना चाहिए। एक शिक्षक राष्ट्र निर्माण के योग्य नागरिक का निर्माण कर सके, इस उद्देश्य से उसे अपने शिक्षण कार्य को पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ करना चाहिए। व्यापारी को उपभोक्ता के प्रति ईमानदारी से अपना कर्तव्य निर्वहन करना चाहिए। वह कालाबाजारी तथा वस्तुओं के दाम में अनावश्यक वृद्धि न होने दे। समय पर टैक्स जमा करे, यह उसका नागरिक कर्तव्य है। किसान समय पर बीज बोकर समाज का पेट भरने के लिए कृषि कार्य ईमानदारी से करे। यह उसका नागरिक कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जो यात्रा प्रारम्भ की, इसके परिणामस्वरूप आज भारत की गिनती दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था में होती है। दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। यह दुनिया में सर्वाधिक तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतरीन हुआ है। यहां की रोड कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हुई है। रेलवे तथा एयर कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो गयी है। नमो भारत, वंदे भारत तथा अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। डिफेंस कॉरिडोर बनने से बुन्देलखण्ड का युवा केवल रोजगार ही नहीं प्राप्त करेगा, बल्कि यहां बनने वाली तोप और मिसाइल से दुश्मन थर्रा उठेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया में ब्रह्मोस की ताकत देखी है। यह प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत’ विजन का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ, अलीगढ़ में तेजी के साथ विकसित किया जा रहा है। इसमें 37 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हुए हैं। हजारों युवाओं को नौकरी मिल रही है। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। पहले बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे मात्र कल्पना था, अब यह मूर्त रूप ले चुका है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर झांसी से होकर जा रहा है। बीडा भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहर के रूप में विकसित हो रहा है। बुन्देलखण्ड में फार्मा पार्क का सपना भी साकार हो रहा है। यहां मेडिकल कॉलेजों का संजाल बिछाया जा रहा है। झांसी, जालौन और ललितपुर में एक-एक मेडिकल कॉलेज बन चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विदेशी आक्रांता हम पर इसलिए हावी हो गए, क्योंकि हम जाति, भाषा, क्षेत्र तथा सम्प्रदाय के नाम पर विभाजित थे। हमारी निष्ठा देश व सनातन धर्म के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की जाति के लिए थी। परिणामस्वरूप विदेशी आक्रांता हमें विभाजित कर हम पर राज करते थे। इसलिए हमें एकता पर बल देना चाहिए। जो समाज को जाति के नाम पर बांट रहे हैं, वह समाज के दुश्मन हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले भारत के विकसित बनने के लिए पर्याप्त संसाधन थे। आज से 02 हजार पूर्व तक दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में जितन धन-धान्य, वैभव तथा समृद्धि थी, उसमें भारत की 44 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। भारत में स्थित तक्षशिला दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय था। वह वृहत्तर भारत के हिस्से में था, दुर्भाग्य से पाकिस्तान में चला गया। कालान्तर में नालंदा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापित हुए। देश के अलग-अलग स्थानों पर अन्य विश्वविद्यालय भी स्थापित हुए। काशी, पश्चिम बंगाल स्थित नवलदीप, दक्षिण भारत में कांची तथा मध्य भारत में उज्जैन ज्ञान की धरोहर थे। देश में स्थित कुम्भ के 04 क्षेत्र परस्पर ज्ञान के आदान-प्रदान, विद्वान व ऋषि परम्परा की भूमि थे। यह केवल स्नान के माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान की धाराओं को आपस में जोड़ने तथा उनके आदान-प्रदान का माध्यम थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 400 वर्ष पूर्व तक विश्व अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत थी। सन् 1950 तक आते-आते यह हिस्सा मात्र 02 प्रतिशत रह गया था। मुगलों व अंग्रजों के शासन ने भारत को खोखला कर दिया। भारत को पिछड़ा बनाने के लिए इन्होंने भारत के उद्योगों, कला, कारीगरों तथा परम्परा को अपमानित करने का कार्य किया। भारतीयों के मन में यह भाव पैदा कर दिया कि भारतीय व्यक्ति बेकार तथा बाहरी व्यक्ति ही सब कुछ है। परिणामस्वरूप हमारे मन में गुलामी की मानसिकता बैठ गयी। हमें बताया गया कि जो विदेशी है, वह अच्छा है तथा भारत की वस्तु खराब है। हमने अंग्रेजी भाषा स्वीकार कर संस्कृत तथा अपनी स्थानीय भाषा का तिरस्कार कर दिया। हम अपनी कला, संस्कृति, लोक गाथा, नाटक आदि भूल गए। लोक काव्य हमारी परम्परा की थाती थी, जिसे हमने अस्वीकार कर पॉप गीतों को अपना लिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने अपने परम्परागत वाद्यों को छोड़कर पाश्चात्य संगीत की ओर उन्मुख हो गए। मध्य काल में संत तुलसीदास से कहा गया कि आप अकबर के दरबार में जाइए, वहां आप नवरत्नों में सम्मिलित किए जाएंगे। तुलसीदास जी ने कहा कि उनके राजा केवल श्रीराम हैं। उन्होंने श्रीरामलीला की शुरुआत कर ‘बोलो राजा राम चन्द्र की जय’ का उद्घोष किया। ओरछा में भगवान श्रीराम आज भी राजा के रूप में विराजमान हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम परम्परा व विरासत से विलग होते गए। यही कारण था कि सन् 1947 में देश आजाद होने के बाद जब भारत माता के सपूत लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, तो उनका विरोध किया गया। जब पहले राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए सोमनाथ मंदिर जा रहे थे, तो लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज की। क्योंकि लोगों के मन में गुलामी की मानसिकता हावी हो चुकी थी। यह पहली बार हुआ, जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा धर्म ध्वजा आरोहण कार्यक्रम के लिए स्वयं पधारे। उन्होंने अपने कर-कमलों से तीनों कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। यह विरासत का सम्मान है।
आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर स्वाधीनता संग्राम सेनानी के स्मारक को सम्मान देना हमारी प्राथमिकता में रहा है। जनप्रतिनिधियों ने अपने गांव, ब्लॉक तथा जनपद में स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मारकों का पुनरुद्धार कराया। आज अयोध्या, काशी, माँ विन्ध्यवासिनी धाम तथा अन्य तीर्थों का कायाकल्प दिखायी दे रहा है।
इस धरा ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम तथा वीरांगना झलकारीबाई के शौर्य को देखा है। राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत रचना के माध्यम से भारत के साहित्यिक आकाश को नयी ऊंचाई देने वाले राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त, सुप्रसिद्ध रचनाकार वृन्दावन लाल वर्मा तथा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द्र इसी धरा से सम्बन्धित हैं। यहां स्थित झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किले में पहले की तुलना में व्यापक परिवर्तन दिखायी दे रहा है। जनप्रतिनिधिगण अपने-अपने क्षेत्र में किसी न किसी मंदिर का पुनरुद्धार कर रहे हैं। पूर्व में स्थित ओरछा में राजाराम झांसी को संरक्षण प्रदान करते हैं। पश्चिम में जगत जननी माँ भगवती पीतम्बरा देवी रक्षक के रूप में प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। आज सुबह दतिया में पीताम्बरा पीठ में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड के युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ा जा रहा है। जब नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाला कोई अभ्यर्थी झांसी के किसी विकासखण्ड का नाम लेता है, तो सुखद अनुभूति होती है। बुन्देलखण्ड का युवा अब पलायन नहीं कर रहा, बल्कि प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत युवाओं को गारण्टी व ब्याज मुक्त धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। यह सब प्रयास करने से होता है। जब अच्छे लोग चुने जाते हैं, नीति निर्माण होता है, तभी विकास सम्भव होता है। पिछली सरकारें पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार थीं। नीयत ठीक न होने से नीति नहीं बना पाते थे। जब नीतियां नहीं बनती थीं, तो उनके क्रियान्वयन का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में ‘सबका साथ सबका विकास’ मंत्र के साथ बिना भेदभाव प्रत्येक जरूरतमंद को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज से 09 वर्ष पूर्व झांसी में अव्यवस्था व गंदगी देखने को मिलती थी। आज स्वच्छता, रौनक के साथ विकसित झांसी की परिकल्पना साकार होती दिखायी देती है। यही विकसित भारत की संकल्पना की शुरुआत है। हमें स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। भारत तब समृद्ध था, जब परम्परागत खेतीबाड़ी होती थी तथा परम्परागत उद्यम विकास में सहभागी बनता था। जब यह दोनों ताकतें मिलती थीं, तो दुनिया के बाजार में हमारा वर्चस्व स्थापित हो जाता था। ‘एक जनपद एक उत्पाद’ तथा ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ जैसी योजनाएं इसी अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति श्री कुंवर मानवेन्द्र सिंह, सांसद श्री अनुराग शर्मा, झांसी के महापौर श्री बिहारी लाल आर्य, विधायक श्री रवि शर्मा, श्री राजीव सिंह पारीछा, श्री जवाहर लाल राजपूत, डॉ0 रश्मि आर्य, विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, श्री रमा निरंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

June 19, 2026

ज्ञान परंपरा और गोमाता की रक्षा करते हैं अयोध्या के राजाः मुख्यमंत्री

News Posted on 19.06.2026 Friday Time 07.32 PM, Ayodhya, Yogi Adityanath, Jain Muni

*भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए सीएम योगी*

*मुख्यमंत्री ने किया ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एवं 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण*

*जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं, वह कैसे दूसरों पर शासन कर सकता हैः सीएम योगी*

*गोरक्षपीठाधीश्वर की जैन परिवारों से अपील- कम से कम एक गाय का खर्च अवश्य उठाएं*

*सीएम ने कहा- उत्तर प्रदेश की धरती पर हुआ सर्वाधिक तीर्थंकरों का प्रकटीकरण*

अयोध्या, 19 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। सीएम ने यहां ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एव 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरवशाली इतिहास है। अयोध्या के राजा ज्ञान परंपरा व गोमाता, दोनों की रक्षा करते हैं। सीएम ने आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया कि उन्हें गोरक्षा के लिए कुछ जरूर करना चाहिए। भारत में हर परिवार का संस्कार रहा है कि पहला ग्रास गोमाता और अंतिम ग्रास श्वान के लिए होगा। शाम को घर में दीपक जलाने पर चींटियों को आटा-चीनी देते हैं। जीव मात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना भी ‘जियो और जीने दो’ की प्रेरणा है।

*हर जैन परिवार कम से कम एक गाय का खर्च अवश्य उठाए*
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाय दैवीय विभूति है। सबको उसकी रक्षा, संरक्षण, संवर्धन के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने जैन परिवारों से अनुरोध किया कि संभव हो तो गोशाला को गोद लें या कुछ गायों के लिए वार्षिक सहयोग कीजिए अन्यथा साल में कम से कम एक गाय का खर्च जरूर उठाइए। दो-तीन बार गोशाला जाकर गोमाता के स्वास्थ्य को भी देखिए। गोमाता स्वस्थ रहेगी तो भारतीय संस्कृति, जैन धर्म व वैदिक सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। एक की सुरक्षा दूसरे की सुरक्षा में निहित है। मंजिल तक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन परंपरा एक है।

*भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान देने वाले अभियानों से जुड़ें*
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि तीर्थों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए स्वच्छता, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण समेत हर उस अभियान का हिस्सा बनिए, जिसका भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान हो। पीएम मोदी भी नागरिकों से कर्तव्यबोध की बात करते हैं। देश-समाज के लिए हमारा कर्तव्य क्या है, इसका ध्यान रखेंगे तो भारत व भारतीयता शाश्वत रहेगी। सीएम ने विश्वास जताया कि समाज को सद्वृत्ति की ओर अग्रसर करने में जैन समाज सहायक होगा।

*धरती का राजा होता था अयोध्या का राजा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिनाथ से चली यह परंपरा कहीं और की नहीं है। प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ऋषभदेव ही हैं। अयोध्या भगवान ऋषभदेव की पावन भूमि भी है। वह धरती के पहले राजा हैं। अयोध्या का राजा धरती का राजा होता था। सीएम ने रामायण में भगवान राम व बालि के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि बालि उनसे कहता है कि तुमने मुझे धोखे से मारा है। मेरे राज्य पर तुम्हारा क्या अधिकार था, तब भगवान राम कहते हैं कि तुम्हारा कर्म ही तुम्हारी अधोगति का कारण बना है। सागर, वन से आच्छादित संपूर्ण धरा अयोध्या के राजाओं की है। भगवान ऋषभदेव के पुत्र भगवान जड़ भरत हैं, जिनके नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा।

*उत्तर प्रदेश की धरती पर सर्वाधिक तीर्थंकरों का प्रकटीकरण*
सीएम ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि 24 में से सर्वाधिक तीर्थंकर इस धऱती पर हुए। उसमें से पांच (पहले तीर्थंकर-भगवान ऋषभदेव, दूसरे-भगवान अजितनाथ, चौथे तीर्थंकर भगवान अभिनंदननाथ, पांचवें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ और 14वें भगवान अनंतनाथ) का प्रकटीकरण अयोध्या में ही हुआ। काशी में चार, श्रावस्ती में एक, हस्तिनापुर में भी तीर्थंकरों की लंबी परंपरा है। कुशीनगर में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने अंतिम उपदेश देकर उस धरती को पवित्र नगरी के रूप में आशीर्वाद दिया था। बीच के कालखंड में लोगों ने उसे फाजिलनगर कर दिया था, अभी हाल में ही मैंने कहा कि वह पावागढ़ है, उसका नाम वही होगा।

*जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है*
सीएम योगी ने कहा कि धऱती के राजा सबका संरक्षण, लालन-पालन और अनुशासन की प्रेरणा देते हैं। ‘जियो और जीने दो’ का मंत्र वही दे सकता है, जो आत्म अनुशासन से बंधा हो। नकारात्मक ताकतें आत्म अनुशासन में नहीं रह सकतीं। जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं है, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है? इस पवित्र परंपरा ने दुनिया को यही प्रेरणा व संदेश दिया। इस संदेश पर चलकर हम सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव और दुनिया के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं। जैन तीर्थंकरों ने साधना व वाणी से विश्व मानवता को विश्व कल्याण की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में पीठाधीश्वर रविंद्र कीर्ति स्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने रविंद्र कीर्ति स्वामी को पुष्पगुच्छ देकर जन्मदिवस की बधाई दी। इस अवसर पर जैन साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता जी, चंदनामती माता जी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पुष्पदंत जैन, अमरचंद जैन, कैलाश चंद जैन आदि मौजूद रहे।

June 18, 2026

हमारा संकल्प है कि गोमाता को कटने नहीं देंगे: योगी आदित्यनाथ

News Posted on 18.06.2026 Time 06.28 PM, Kanpur, Natural Farming , Yogi Adityanath, UP News Kanpur

कुछ लोग गाय का दूध पिएंगे और सड़क पर छोड़ देंगे, जब वह फसल का नुकसान करेगी तो दोष मुझे देंगे: सीएम योगी

कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में गोसंरक्षण के लाभ बताए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया

मुख्यमंत्री ने कहा- देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने देंगे

भारत में जन्मा हर व्यक्ति गोमाता की पूजा करता है और अपने परिवार का हिस्सा मानता है: सीएम योगी

कानपुर, 18 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध पिएंगे, फिर उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ देंगे और जब ये गाय फसलों का नुकसान करेंगी तो दोष मुझे देंगे। हमारा संकल्प व संस्कार है कि गोमाता को कटने नहीं देंगे और देश की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोई आक्रांता या कसाई गोहत्या करता था, तो सिख वीर उसका वहीं काम तमाम कर देते थे। यह उस कालखंड की बात है, जब देश गुलाम था और लोग विदेशी आक्रांताओं के साये में जीवन व्यतीत कर रहे थे।

कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ को संबोधित करते हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का कोई ऐसा सनातन धर्मावलंबी नहीं होगा, जो गोमाता की उपासना न करता हो, उसे अपने जीवन व परिवार का हिस्सा न मानता हो। गोमाता आधारित खेती न केवल कृषि को सशक्त बनाती है, बल्कि गोमाता की रक्षा भी करती है। साथ ही, यह हम सभी को पुण्य का भागीदार भी बनाती है।

*विदेशियों की नकल ने भारत को पीछे धकेला*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 2000 वर्ष पहले भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। मुगलों की लूटपाट के बावजूद भारत की ग्लोबल इकॉनमी में हिस्सेदारी 24 प्रतिशत तक थी। जब तक भारत किसानों, व्यापारियों, नौजवानों और आधी आबादी के सामर्थ्य पर विश्वास करता रहा, तब तक देश समृद्धि की ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहा। लेकिन, जब हमने विदेशियों की नकल करना शुरू कर दिया तो वही भारत विपन्न होते-होते आजादी के समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में मात्र दो प्रतिशत हिस्सेदारी तक सिमट गया। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश ने नारी शक्ति, युवाओं, व्यापारियों और किसानों पर फिर से विश्वास किया। इसी का परिणाम है कि आज भारत पूरे विश्व में तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

*ज्यादा लागत-कम आय से जूझ रहा था किसान*
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी-पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अब भारत बीमारू नहीं, विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर देश है। यह विचार करने की आवश्यकता है कि वे कौन से कारण थे, जिन्होंने इतनी समृद्ध भूमि होने के बावजूद अन्नदाता किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। 2014 से पहले किसान आत्महत्या कर रहा था, क्योंकि लागत अधिक व उत्पादन कम था और उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता था।

*मोदी सरकार ने दी डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी*
सीएम योगी ने कहा कि आजाद भारत में किसानों को उनकी लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी किसी ने दी, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या की, लेकिन 2014 के बाद इस पर विराम लग गया। पहली बार सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से धरती माता के स्वास्थ्य का परीक्षण शुरू हुआ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए अन्नदाता किसानों को फसल सुरक्षा की गारंटी मिली। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से सिंचाई की सुविधा बढ़ी। किसानों के लिए प्रोक्योरमेंट सेंटर स्थापित हुए और किसान सम्मान निधि की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले उर्वरक (फर्टिलाइजर) पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया बैग की कीमत करीब 4000 रुपये तक होती है, जबकि किसानों को एक चौथाई से भी कम कीमत पर इसे उपलब्ध कराया जाता है। किसान प्रति एकड़ रासायनिक उर्वरकों पर 10 से 12 हजार रुपये खर्च कर देता है। किसान की मेहनत को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो उसकी कुल लागत 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। इसके बावजूद सालभर की मेहनत के बाद उसे 10 हजार रुपये का शुद्ध लाभ भी नहीं मिल पाता।

*जहर मुक्त खेती ही बेहतर भविष्य का आधार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के अत्यधिक उपयोग की वजह से कई बार हमारा उत्पादन दुनिया के बाजार में स्वीकार नहीं किया जाता, क्योंकि उसमें रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसका स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव होता है। आज से 30 वर्ष पहले किडनी खराब होने के इतने मामले नहीं होते थे। लोग हैंडपंप व तालाब का पानी पीते थे, मेहनत करते थे और सामान्य स्वस्थ जीवन जीते थे। आज लगभग हर मोहल्ले में दो-तीन किडनी रोगी मिल जाते हैं। लिवर सिरोसिस, ब्लडप्रेशर व डायबिटीज के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है।

सीएम ने कहा कि यह केवल व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का दोष है जो केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के उपयोग को बढ़ावा देती है। यदि किसान गो आधारित प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते हैं तो प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये की सीधी बचत रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर होने वाले खर्च में ही हो जाएगी। स्वास्थ्य उत्तम होगा तो दवाओं पर भी खर्च बचेगा। आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से आर्थिक सहायता तो दी जाती है, लेकिन बीमारी से प्रभावित व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। पूरा परिवार संकट में आ जाता है। लोग स्वस्थ रहेंगे तो अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का उपयोग देश-समाज के विकास में कर सकेंगे।

*34 जिलों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए गए हैं। प्रदेश के 34 जिले प्राकृतिक खेती को तेजी से अपना रहे हैं। गंगा किनारे स्थित 27 जनपदों तथा बुंदेलखंड के सात जनपदों को प्राकृतिक खेती के लिए चिह्नित किया गया है। बुंदेलखंड के किसानों ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग व मार्केटिंग पर तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। कृषि मंडियों में इसके लिए व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के बीज से लेकर फसल तैयार होने तक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया, शोरूम की स्थापना तथा उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने कृषि विज्ञान केंद्रों को प्राकृतिक खेती के प्रदर्शन का आधार बनाया है। अनेक किसान और संस्थाएं इस दिशा में अच्छा कार्य कर रही हैं। जहां कहीं भी कृषि प्रदर्शनी आयोजित हो, उसकी जिम्मेदारी किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को दी जानी चाहिए। एफपीओ बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। किसी ने मोटे अनाज (मिलेट्स), किसी ने दलहन तथा अन्य कृषि उत्पादों पर उत्कृष्ट कार्य किया है। ऐसे सफल किसानों और एफपीओ को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ना चाहिए।

*14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित हैं, जिनकी राज्य सरकार देखभाल कर रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत एक गोवंश पालन पर 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यदि चार गोवंश हैं तो 6000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख किसानों ने इस योजना के अंतर्गत गोवंश पालन अपनाया है। गाय का गोबर प्राकृतिक खेती के लिए काफी हद तक पर्याप्त हो सकता है। सीएम ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इस दिशा में बहुत अच्छा कार्य किया है।

सीएम ने कहा कि प्राकृतिक खेती में बाजार से कुछ भी खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती। किसान के खेत में जो उपलब्ध होता है, उसी से पूरी प्रक्रिया संचालित की जा सकती है। गाय के गोबर, गुड़ व पानी आदि को मिलाकर जीवामृत तैयार किया जाता है। उसका छिड़काव करने से प्राकृतिक खेती की शुरुआत होती है। किसान जब पसीना बहाता है तो धरती माता से सोना प्राप्त होता है।

*विकसित भारत का आधार समृद्ध किसान-आत्मनिर्भर गांव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी का शताब्दी महोत्सव मनाएगा। स्वस्थ भारत ही विकसित भारत का संकल्प साकार करेगा। इसके लिए गो आधारित प्राकृतिक खेती को आधार बनाना होगा। भारत तब विकसित होगा, जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा। उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा, जब कानपुर विकसित होगा। कानपुर तब विकसित होगा, जब यहां का अन्नदाता किसान विकसित होगा, व्यापारी-कारीगर समृद्ध होंगे, हर चेहरे पर खुशी होगी और हर युवक के हाथ को काम मिलेगा।

*बायोगैस व एथेनॉल उत्पादन में योगदान दें किसान*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एथेनॉल, बायो-कम्पोस्ट, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया है। किसानों को पराली जलाने के बजाय सीबीजी व एथेनॉल उत्पादन में योगदान देना चाहिए। इससे भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। यही अन्नदाता किसानों की समृद्धि का आधार भी है।

*विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना*
सीएम योगी ने कहा कि जब वैश्विक ऊर्जा संकट आया, दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी, लेकिन भारत मजबूती के साथ खड़ा था। भारत में महंगाई नियंत्रित रही। विपक्ष सिर्फ आलोचना करना जानता है, लेकिन भारत वैश्विक संकटों का सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है। विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना है और चिल्लाता ही रहेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, खादी-ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक महेश त्रिवेदी, अभिजीत सिंह सांगा, सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, राहुल बच्चा सोनकर, सरोज कुरील, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई, अरुण पाठक, राजबहादुर सिंह, अविनाश सिंह चौहान, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल आदि मौजूद रहे।

सपा के लिए सैफई ही घर-परिवार, मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर, 25 करोड़ लोग परिवार: मुख्यमंत्री

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास*

*गरीबों के लिए नहीं, माफिया के मरने पर निकलते हैं सपा-कांग्रेस नेताओं के आंसू: सीएम योगी*

*मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन*

*उन्नाव भी बना स्टेट कैपिटल रीजन का अंग, लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्तावः सीएम योगी*

*उन्नाव, 18 जून।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत 12 वर्षों में देश में और 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया, वह कांग्रेस व सपा सरकारें नहीं कर सकीं, क्योंकि भ्रष्ट व क्षमता विहीन ये लोग गरीब के बारे में नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे। कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर कभी नहीं सोचा और सपा के लिए केवल सैफई ही परिवार था। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को घर और 140 करोड़ लोगों को ही परिवार माना है। मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर और 25 करोड़ लोग परिवार के सदस्य हैं। उनकी समृद्धि के लिए कार्य करना ही हमारा मिशन है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत डीह, भवानी खेड़ा चौराहा, हिंदु खेड़ा उन्नाव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। सीएम ने स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृति में निर्मित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता भी दोगुनी कर दी गई है।

*खर-दूषण जैसे थे सपा के सत्तापोषित माफिया*
सीएम ने कहा कि सपा सरकार के समय गरीब या अन्य राजनीतिक दल आवाज उठाते थे तो इनके गुंडे व माफिया उनकी आवाज दबाने के साथ ही व्यापारियों का अपहरण कर प्रदेश में अराजकता का तांडव करते थे। रामायण काल में खर-दूषण, मारीच व सुबाहु का आतंक ऐसा ही रहा होगा, जैसे सपा सरकार के समय सत्तापोषित माफिया का था। कांग्रेस व सपा के नेताओं को कभी गरीब के लिए आंसू बहाते नहीं देखा होगा। इनके आंसू माफिया के मरने पर बहते हैं। ये गरीबों के प्रति संवेदनहीन बन जाते हैं। सर्वाधिक समय तक शासन करने के बावजूद ये दोनों दल देश-प्रदेश को दुर्गति के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार हैं।

*अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा है उन्नाव*
सीएम ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा बताया। सीएम ने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों, साहित्यकारों, क्रांतिकारियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा के पूर्व अध्य़क्ष हृदय नारायण दीक्षित के कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता पर संकट के समय गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए राजा रामबख्श सिंह, वीर गुलाब सिंह लोधी ने अपने बलिदान से ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें उखाड़ दीं।

*उन्नाव को कभी पिछड़ने नहीं देंगे*
सीएम बोले, स्वामी साक्षी महाराज जी कहते थे कि लखनऊ व कानपुर के बीच उन्नाव खुद को उपेक्षित महसूस करता है। तब मैंने कहा था कि विकास की हर योजना उन्नाव में भी आएगी। आज उन्नाव की कनेक्टिविटी हर तरफ से फोरलेन की हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उन्नाववासी लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली, प्रयागराज जा सकते हैं। कानपुर के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। उन्नाव व कानपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए गंगा नदी में अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी की गई। हम उन्नाव को पिछड़ने नहीं देंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ लैंड और लगभग 200 एकड़ लैंड इंडस्ट्री कलस्टर के लिए उन्नाव जनपद के लिए तैयार है। उद्योग लगने से स्थानीय नौजवानों को यहीं रोजगार प्राप्त होगा।

*दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का प्रबंधन*
सीएम ने कहा कि जब दुनिया ऊर्जा, आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया के संकट के दौर से गुजर रही है, तब भी पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता को राहत मिली और संकट से उबारा गया। भारत का प्रबंधन दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अमेरिका महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भारत ने उक्त संकटों का बखूबी सामना किया। भारत में सुरक्षा, आस्था का सम्मान व अर्थव्यवस्था को मजबूती से बढ़ाया जा रहा है। आतंकवादियों, उग्रवादियों व नक्सलवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देकर भारत की ताकत का अहसास कराया जा रहा है।

*गरीब, किसान, महिला व युवा को केंद्र में रखकर योजनाएं*
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर में चार जातियां (गरीब, किसान, महिला, युवा) ही हैं। योजनाएं इन्हें केंद्र में रखकर ही बन रही हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अब गरीब हाथ नहीं फैलाते, बल्कि अधिकारी घर जाकर बताते हैं कि आपका चयन हुआ है। पहले घूस देकर भी योजना का लाभ नहीं मिलता था, आज बिना सिफारिश रसोई गैस, राशन, पेंशन, आयुष्मान आदि सुविधाएं मिल रही हैं।

*विपक्षियों के दोहरे चरित्र को देख आती है हंसी*
सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है। प्रदेश को पहचान का संकट देने वाले, माफियाराज, दंगा-कर्फ्यू ग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं। इनमें तनिक भी लज्जा हो तो अपने कार्यकाल को देख लें। जिन दलों ने युवाओं के रोजगार/नौकरियों, स्वाभिमान से खिलवाड़ किया, यूपी का युवा इन भ्रष्टाचारियों को स्वीकार नहीं करेगा। युवा 2014 से इनसे अपमान का बदला ले रहा है।

*स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वाले बर्दाश्त नहीं*
सीएम ने कहा कि पहले किसान को फसल का दाम और बिजली नहीं मिलती थी। ट्यूबवेल चोरी होते थे, आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था। गन्ने का दाम, समय पर बीज-उर्वरक, कुछ नहीं मिलता था, इसलिए किसान भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। मां जगतजननी की प्रतीक नारी शक्ति खर-दूषण व चंड-मुंड से निपटना जानती है। सपा के नाम पर ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की चर्चा होती है। नया भारत व नया उत्तर प्रदेश सम्मान, स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता नहीं है।

*यूपी पर बरसता है प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद*
सीएम ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम, बांके बिहारी, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा का आशीर्वाद बरसता है, यहां पैसे की कमी नहीं है। अब कोई उपद्रव नहीं करता है। हर त्योहार अब गरीबों के लिए भी खुशहाली लाते हैं। गरीब इन त्योहारों पर अच्छे कपड़े पहनकर परिवार के साथ उत्साहित होते हैं।

*उन्नाव भी बना एससीआर का अंग*
सीएम ने कहा कि उन्नाव भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) का अंग बना है। अमर नायक वीर गुलाब सिंह लोधी देश को आजाद कराने के लिए कभी उन्नाव से हजरतगंज, लखनऊ तक पहुंचे थे। अब विकास लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक जाएगा। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ तक पहुंची है। ऐसे ही लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। चारों ओर रिंग रोड बनेगी। लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली जनपद आपस में जुड़ेंगे, विकास में सबकी बराबर की सहभागिता होगी। हमारे पास ऊर्जावान युवा, मेहनती किसान, आधी आबादी की ताकत, मां गंगा का आशीर्वाद है। अब यह जनपद भी विकसित उन्नाव के रूप में प्रस्तुत होगा। अलग-अलग जनपदों में इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित किए जा रहे हैं। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की तैयारी चल रही है। सरकार 100 वर्ष की कार्ययोजना को लेकर कार्य कर रही है।

*एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में यूपी सबसे आगे*
सीएम ने कहा कि देश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे पर कोई चलेगा तो उसे पता लग जाएगा कि ग्लोबल स्टैंडर्ड कैसे लागू किए जाते हैं। इस एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वालिटी वही है, जो दुनिया में सबसे अच्छी सड़क की है। हमने इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री जी को उन्नाव व हरदोई के बीच में आमंत्रित किया। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में यूपी सबसे आगे है।

इस अवसर पर सांसद साक्षी महाराज, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, विधायक पंकज गुप्ता, अनिल सिंह, आशुतोष शुक्ल, बंबालाल दिवाकर, श्रीकांत कटियार, ब्रजेश रावत, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी आदि मौजूद रहे।

समीक्षा बैठक में सीएम योगी के निर्देश, तत्काल पूर्ण हों जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावित कार्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्रवेश द्वार को लेकर समीक्षा बैठक
  • Posted on 17.06.2026 , Lucknow News, CM Yogi Adityanath Meeting
  • मुख्यमंत्री ने लखनऊ मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के सम्बन्ध में बैठक की
  • प्राप्त प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही कार्ययोजना शासन को प्रेषित करें: मुख्यमंत्री
  • जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों से परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं शिलान्यास कराए
  • जिन अधिकारियों के कार्यां में विलम्ब है अथवा जिन्होंने अभी तक कार्य प्रारम्भ नहीं किए, उनकी जवाबदेही तय की जाए
लखनऊ, 17 जून, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य सुनिश्चित किए जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से कराए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने यहाँ अपने सरकारी आवास पर लखनऊ मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक में मण्डल के जनपद लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के जनप्रतिनिधिगण ने अपने-अपने क्षेत्रों से सम्बन्धित प्रमुख नव प्रस्तावित परियोजनाओं, अधोसंरचनात्मक आवश्यकताओं एवं जनअपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं की गहन समझ होती है। शासन की योजनाओं के निर्धारण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में उनके अनुभव हमारे लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। इसके दृष्टिगत प्राप्त प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही कार्ययोजना शासन को प्रेषित करें, जिससे उन्हें इस माह के अन्त तक स्वीकृत कर कार्य प्रारम्भ कराए जा सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि लखनऊ मण्डल के सभी जनपदों के विभिन्न विकास खण्डों की लगभग 41,229 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के 4,204 विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गम्भीरता से लिया जाए और उनके द्वारा बतायी गयी प्राथमिकता के आधार पर इन परियोजनाओं को चरणबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर संवेदनशील है और उनके सुझावों और माँगों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना के निर्माण के दौरान प्रभावितों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए तथा उचित मुआवजा भी दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से सम्बन्धित सड़कों, स्टेट हाईवे, दीर्घ सेतु, लघु सेतु, आर0ओ0बी0/आर0यू0बी0, धर्मार्थ स्थलों की सड़कों, फ्लाईओवर निर्माण, सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित प्रस्तावों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए वरीयताक्रम के आधार पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिला मुख्यालय को 4-लेन से जोड़ने, चीनी मिल की सड़कें, सिंगल कनेक्टिविटी वाली सड़कों का निर्माण और ब्लैक स्पॉट सुधार से सम्बन्धित कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण कराएं।
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