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एटा में प्रेम विवाह के विरोध में पंचायत के दौरान खूनी संघर्ष, युवक की मौत

January 4, 2026

एटा में प्रेम विवाह के विरोध में पंचायत के दौरान खूनी संघर्ष, युवक की मौत

एटा 04 जनवरी उप्रससे। जनपद की कोतवाली देहात क्षेत्र में प्रेम विवाह के बाद लड़की के पिता ने लड़के के जीजा की हत्या कर दी। 10 दिन पहले लड़के और लड़की ने भागकर शादी की थी। इसके बाद दोनों परिवारों में पंचायत बैठी। अभी बातचीत शुरू ही हुई थी कि लड़की के पिता ने चाकू से लड़के के जीजा और बड़े भाई पर हमला कर दिया। एक-एक कर उनके सीने पर कई वार किए।
घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग खून से लथपथ दोनों घायलों को एटा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जीजा को मृत घोषित कर दिया। जबकि भाई की हालत गंभीर है।
जानकारी के मुताबिक युवती गौरी नवंबर महीने में अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने जैथरा कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिसंबर में जैथरा पुलिस ने गौरी को आगरा से बरामद किया। कोर्ट के सामने युवती ने पूरी तरह होश-हवास में अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। दोनों बालिग पाए जाने पर न्यायालय से मंजूरी मिली। जिसके बाद दोनों ने 24 दिसंबर को मंदिर में शादी कर ली।
मौत की सूचना मिलते ही लड़के पक्ष के लोग अस्पताल में हंगामा करने लगे। लाश को स्ट्रेचर पर लेकर मेडिकल कॉलेज के गेट पर जाने लगे, ताकि वहां प्रदर्शन कर सकें। भारी संख्या में पुलिस के जवान वहां पहुंचे। उन्हें रोकने का प्रयास किया। जीटी रोड पर करीब आधा घंटा तक जमकर हंगामा हुआ। परिजन जबरन स्ट्रेचर पर लाश लेकर जाने लगे, जबकि पुलिस उन्हें रोकती रही। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने परिजनों को समझा-बुझाकर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। तब शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मामला काशीराम कॉलोनी का है। कॉलोनी निवासी गौरी और अर्जुन ने भागकर शादी कर ली थी। पुलिस ने युवती को बरामद कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। दोनों बालिग होने के कारण न्यायालय ने उन्हें साथ रहने की अनुमति दे दी थी। इसी बात से नाराज होकर युवती के पिता रामू ने दोपहर को कॉलोनी में पंचायत बुलाई थी। आरोप है कि उसने पहले से ही बाहर से कुछ लोगों को बुला लिया था। पंचायत में अर्जुन का भाई सुरजीत और उसका जीजा साहिबा का बेटा राजा सिंह (27) मौजूद थे। तभी रामू और उसके साथियों ने दोनों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में राजा सिंह की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और अस्पताल में उसकी मौत हो गई, जबकि सुरजीत (25) का इलाज चल रहा है। दोनों आपस में साले-बहनोई थे।
मृतक के भाई ने बताया कि प्रेम विवाह को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। एक दिन पहले भी मारपीट हुई थी और बाहर से हमलावर बुलाए गए थे। इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी सिटी राजेश कुमार सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी में प्रेम विवाह को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद में चाकू लगने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्जन
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे ने बताया कि जैथरा थाना क्षेत्र का एक परिवार कॉलोनी में रह रहा है। उनकी बेटी का एक युवक से प्रेम प्रसंग था और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दोनों साथ रह रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और लड़की के चचेरे भाई ने लड़के पक्ष के युवकों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक सुरजीत घायल हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है।
बताया गया कि युवती गौरी नवंबर माह में घर से अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने जैथरा कोतवाली में गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस लगातार युवती की तलाश कर रही थी। दिसंबर माह में जैथरा कोतवाली पुलिस ने युवती को आगरा से बरामद किया। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कराकर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय में युवती ने होश-हवास में अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। दोनों बालिग पाए जाने पर कोर्ट के आदेश के अनुसार 24 दिसंबर को युवती को उसके पति के साथ भेज दिया गया था।

मथुरा में सर्राफा कारोबारी की हत्या

मथुरा, 04 जनवरी 2026 (उ.प्र.समाचार सेवा)। महानगर के गोविंद नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लाल दरवाजा स्थित तेलीपाड़ा मोहल्ले में रविवार सुबह सर्राफा कारोबारी की हत्या से सनसनी फैल गई। चांदी कारोबारी का खून से लथपथ शव उनके बेड पर पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान सतीश चंद्र गर्ग के रूप में हुई है जो चांदी खरीदकर उसे पिघलाकर बेचने का कार्य करते थे। उनका तीन मंजिला मकान है, जिसमें ऊपर और नीचे किरायेदार रहते हैं जबकि बीच की मंजिल पर वह स्वयं अकेले रहते थे। रविवार सुबह जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो किरायेदारों ने पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ सिटी एवं गोविंद नगर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो सतीश चंद्र गर्ग का शव खून से लथपथ अवस्था में बेड पर पड़ा मिला।

पुलिस के अनुसार मृतक के चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए हैं जिससे मामला और अधिक संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। वहीं कमरे में रखी अलमारी खुली होने के कारण लूट के इरादे से हत्या की आशंका जताई जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए, साथ ही डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया।

 

मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी रजनी गर्ग का चार वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उनके तीन पुत्र मुकुल (पुणे), मयंक (नोएडा) एवं अभिषेक (गुरुग्राम) में नौकरी करते हैं। पत्नी के निधन के बाद से सतीश चंद्र गर्ग मकान में अकेले ही रह रहे थे।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि वारदात में मृतक का कोई परिचित शामिल हो सकता है।

 

घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

 

यूपी के 18 ए आरटीओ के तबादले

♦लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है. ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 18 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO)के तत्काल प्रभाव से तबादले कर दिए गए हैं. ​ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा जारी सूची में प्रशासन और प्रवर्तन दोनों इकाइयों के अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है. इस फेरबदल में लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा और कानपुर कई महत्वपूर्ण जिलों की कमान बदली गई है. लखनऊ में यातायात नियमों के उल्लंघन और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए आलोक कुमार यादव को एआरटीओ प्रवर्तननियुक्त किया गया है.

1.चम्पा लाल, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), सिद्धार्थ नगर
2.अशोक कुमार श्रीवास्तव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), गाजियाबाद
3.कौशल कुमार सिंह,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), सोनभद्र
4.हरिओम, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), बदायूँ
5.वैभव सोती,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल बरेली
6.आलोक कुमार यादव,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल लखनऊ
7. सतेन्द्र कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल मथुरा
8.मानवेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), सहारनपुर
9.विन्ध्यांचल कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), प्रथम दल कानपुर
10.विनय कुमार सिंह,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), आगरा
11.कृष्ण कुमार यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), फर्रुखाबाद
12.उमेश चन्द्र कटियार,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) रायबरेली
13.गुलाब चन्द्र,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल अयोध्या
14.देवदत्त कुमार,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्राविधिक) मेरठ
15.विपिन कुमार,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) बागपत
16.हरिओम,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल शाहजहाँपुर
17.प्रतीक मिश्रा,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल फतेहपुर
18.नीतू शर्मा,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वितीय दल बुलंदशहर

विधान सभा अध्यक्ष ने विधायक के निधन पर व्यक्त किया शोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने जनपद बरेली के फरीदपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र–122 से विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल जी दो बार विधान सभा के सदस्य निर्वाचित होकर जनसेवा में सक्रिय रहे। वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास, जनसमस्याओं के समाधान तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति सदैव सजग और प्रतिबद्ध जनप्रतिनिधि थे। उनकी सरलता, सौम्य व्यवहार और कर्मठता के कारण वे जनमानस में विशेष सम्मान रखते थे। अध्यक्ष जी ने कहा कि प्रो श्याम बिहारी लाल जी का निधन न केवल उनके परिजनों एवं समर्थकों, बल्कि प्रदेश की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं हो सकेगी।
अध्यक्ष जी ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल देने की प्रार्थना की है।

January 3, 2026

मथुरा के बीएसए ने अनियमितता पर प्रधानाचार्य को किया निलंबित  

मथुरा। जनपद के विकास खंड गोवर्धन स्थित संविलित विद्यालय नगला खारी में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार अध्यापकों द्वारा की गई सामूहिक शिकायत के आधार पर गठित दो सदस्यीय जांच समिति की आख्या में विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक कुशल सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश के अनुसार 05 फर. 2025 को खंड शिक्षा अधिकारी बलदेव एवं मथुरा की संयुक्त जांच समिति गठित की गई थी। समिति द्वारा की गई विस्तृत जांच के उपरांत 28 दिसं 2025 को जांच आख्या प्रस्तुत की गई जिसमें कई गंभीर तथ्य सामने आए।

जांच रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय में लगातार तीन शैक्षिक सत्रों से छात्र नामांकन में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले दो वर्षों के मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) से संबंधित रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराए गए जिससे प्रधानाध्यापक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि विद्यालय में किसी प्रकार का शैक्षणिक या वित्तीय अभिलेख उपलब्ध नहीं है जो कि बेसिक शिक्षा नियमावली का खुला उल्लंघन है। विद्यालय परिसर में गंदगी, कबाड़ और अतिरिक्त कक्षों में अव्यवस्था पाई गई जिससे यह प्रतीत होता है कि प्रधानाध्यापक को शासकीय दायित्वों में कोई रुचि नहीं है।

जांच समिति ने अपनी आख्या में उल्लेख किया है कि विद्यालय को प्राप्त कम्पोजिट ग्रांट, खेलकूद सामग्री एवं ईको क्लब मद की धनराशि का कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग एवं गबन की आशंका प्रबल हुई है। इसके अलावा अधिकांश शिक्षकों से समन्वय न करते हुए केवल एक शिक्षिका को अनुचित लाभ देना और उसे अवैध रूप से अनुपस्थित रहते हुए उपस्थित दर्शाना भी गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाया गया है।

इन सभी तथ्यों के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने कुशल सिंह इंचार्ज प्रधानाध्यापक संविलित विद्यालय नगला खारी विकास खंड गोवर्धन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें संविलित विद्यालय कुंजैरा विकास खंड गोवर्धन से संबद्ध किया गया है।

निलंबन काल में उन्हें वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी समग्र शिक्षा मथुरा तथा खंड शिक्षा अधिकारी मांट की दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि आरोप पत्र शीघ्र जारी कर एक माह के भीतर विस्तृत जांच आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए।

शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जनपद में हड़कंप मच गया है और इसे सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता व अनुशासन की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

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