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हिन्दू सम्मेलनकर ध्यान भटका रही है भाजपा- जय प्रकाश अंचल

January 14, 2026

हिन्दू सम्मेलनकर ध्यान भटका रही है भाजपा- जय प्रकाश अंचल

बलिया, 14 जनवरी 2026 (उप्रससे)। बैरिया से सपा के विधायक जयप्रकाश अंचल ने जगह जगह हो रहे हिंदू सम्मेलन को लेकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास कोई काम नही है, काम नही होने के कारण जनता का दिल और दिमाग कैसे भटकाया जाए इसके लिए वो लोग अनवरत काम कर रहे है जिस सड़क से हम लोग आ रहे है वह सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है और मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि पूरे प्रदेश की सड़को को गड्ढा मुक्त कर देंगे।इस सड़क की दशा इतनी खराब है कि इस सड़क पर बाइक गिरती है और आम जनता को तकलीफ होती है सरकार सड़क बनाने पर दिल और दिमाग नही लगा रही है हिंदू मुस्लिम और भारत पाकिस्तान करके लोगों का दिल दिमाग डायवर्ट करना चाहती है।भारत देश एक धर्म निरपेक्ष देश है इस देश में कौन हिंदू है कौन मुसलमान है कौन सिख हुआ कौन ईसाई है किसी को पूजा,इबादत,नमाज करने के लिए प्रतिबंध नही है तो आप धर्म की राजनीति क्यों कर रहे है आप विकास की राजनीति कीजिए।

वही बंगाल में ईडी की कार्यवाही को लेकर कहा कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की बुरी हार की संभावना लग गई है इस लिए दिलेर मुख्यमंत्री को जनहित के मुद्दे पर कार्य करने के वाली मुख्यमंत्री को परेशान करने की नियत से वहां भारतीय जनता पार्टी ईडी का छापा डलवा रही है कि किस तरह से उन्हें परेशान किया जाए और उन्हें सत्ता से बेदखल किया जाए मुझे जानकारी नहीं है कि अमित शाह क्या कर रहे है लेकिन कही न कही बंगाल के साथ केन्द्र सरकार अन्याय कर रही है।

January 13, 2026

वीबी जी राम जी के लाभ जन जन बताएं: किरण रिजीजू

लखनऊ 13 जनवरी 2026। भारत सरकार के मंत्री किरेन रिजिजू जी ने कहा उत्तर प्रदेश बहुत ही महत्वपूर्ण प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में गांव-गांव तक पहुंचकर वीबी-जी राम जी अधिनियम से होने वाले लाभ जन-जन तक पहुंचाये जाएगें। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी से ग्रामीण भारत का उत्थान होने वाला है।
श्री रिजिजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है, इसलिए यहां यह अभियान बड़े स्तर पर चलना चाहिए। केंद्र सरकार, यूपी सरकार और संगठन के साथ मिलकर यह योजना पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। पुरानी मनरेगा में भ्रष्टाचार की गारंटी थी, अब एक रुपए की भी धांधली नहीं होगी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मनरेगा में 11 लाख करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी गांव तथा ग्रामीणों का उतना विकास नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। पहले कुछ लोग आपस में तालमेल करके करोड़ों की लूट कर लेते थे। भ्रष्टाचार की गारंटी थी। इसलिए कानून में बदलाव लाना पड़ा।
श्री रिजिजू ने कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सख्त मॉनिटरिंग से जुड़ी है। आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन से मजदूरी की चोरी असंभव हो गई। रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक की गई है। कृषि प्रधान भारत को जल संरक्षण, स्वास्थ्य, चावल उत्पादन में भारत को नंबर एक बनाने जैसे लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। गांवों की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से काम होंगे।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकसित भारत जी राम जी के जरिए बड़ा बदलाव आने वाला है। यह बड़ा प्रदेश है और यहां गांव-गांव तक यह अभियान जाएगा। गांवों की परिस्थितियों में क्रांतिकारी बदलाव होगा। किसी के दुष्प्रभाव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने हर गांव और हर घर से प्रस्ताव लेने की बात कही ताकि योजना नीचे तक प्रभावी हो।
श्री रिजिजू ने कहा कि सीएए के दौरान कांग्रेस और सपा ने मुस्लिमों को बरगलाने की कोशिश की, जबकि किसी की नागरिकता नहीं छीनी गई। अब एसआईआर और वीबी-जी राम जी को लेकर कांग्रेस और सपा भ्रम फैला रही है।
उन्होंने बताया कि अगर यह योजना यूपी में सफल हुई तो पूरे देश में सफल होगी। यह अभियान विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यशाला ग्रामीण भारत के विकास और पारदर्शिता के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनी है। जल्द ही यह योजना प्रदेश के हर कोने तक पहुंचेगी, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों को मजबूत रोजगार और आजीविका का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया

गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में लोक गायिका और बिहार में भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

‘गोरखपुर महोत्सव’ का समापन कार्यक्रम

लखनऊ, 13 जनवरी, 2026,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में चम्पा देवी पार्क, रामगढ़ताल में आयोजित तीन दिवसीय ‘गोरखपुर महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया।

गोरखपुर महात्सव में स्मारिका अभ्युदय का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की पुरातन से आधुनिक समय तक की परम्परा, सभ्यता एवं संस्कृति को लेकर तीन दिनों से ‘गोरखपुर महोत्सव’ उत्साह व उल्लास के साथ आयोजित हुआ। महोत्सव में कला, संस्कृति, विज्ञान, शिल्पकला जैसे जीवन के प्रत्येक पक्षों का प्रदर्शन किया गया। गोरखपुर की शिल्पकला को भी इस महोत्सव के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ। युवाओं के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इस महोत्सव में ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नाटक आदि सहित कला के विविध रूपों में आयोजित प्रतिस्पर्धाओं के विजेता कलाकारों को भी मंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसमें ‘गोरखपुर महोत्सव’ काफी सफल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहाँ 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ दिया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुछ नया एवं अलग कार्य करने का प्रयास किया है। इन विभूतियों ने शिक्षा, खेल, कला तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में गोरखपुर का नाम रोशन किया है। 65 से 70 लाख की आबादी वाले गोरखपुर से 05 से 06 लोगों का चयन करना एक कठिन कार्य है। ‘गोरखपुर रत्न’ का सम्मान प्राप्त करने वाली सभी विभूतियाँ बधाई की पात्र हैं। यह सम्मान हमारी वर्तमान पीढ़ी, कलाकारों एवं अन्य लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह समाज से कुछ लेने के बजाय समाज को कुछ देने की सामर्थ्य स्वयं में विकसित करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा है। वर्ष 2017 और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अन्तर है। वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। गोरखपुर उपेक्षित व असुरक्षित था। पूरे गोरखपुर में गुण्डागर्दी व उपद्रव का माहौल था, विकास का अभाव था, गन्दगी के कारण इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियाँ होती थीं। जब समाज स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता है, तब उसका दुष्परिणाम भी वह भोगता है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश व गोरखपुर में अराजकता थी। हर दूसरे रोज दंगा होता था, तब न व्यापारी सुरक्षित थे और न ही बेटियाँ सुरक्षित थीं। उद्यमी गुण्डा टैक्स देने के लिए मजबूर थे, विकास के सभी कार्य ठप थे। नौजवानों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था।

गोरखपुर महोत्सव में लोकगीत प्रस्तुत करती हुईं मैथिली ठाकुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गोरखपुर के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प अभियान के साथ आगे बढ़ी। आज उसके परिणाम हम सभी को धरातल पर देखने को मिल रहे हैं। आज से 08 से 10 वर्ष पूर्व जो गोरखपुर आया होगा, आज वह इसे पहचान नहीं पाएगा। यह बदलाव केवल गोरखपुर में नहीं, बल्कि हर जनपद में देखने को मिलेगा। अयोध्या, काशी, लखनऊ तथा प्रयागराज में 08 से 10 वर्ष बाद आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहाँ हुए विकास कार्य देखकर आश्चर्य में पड़ जाता है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब सुरक्षा का बेहतर वातावरण होता है, तो निवेश आता है। गोरखपुर में पिछले 08 वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके माध्यम से 50 हजार नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ है और युवाओं का पलायन रुका है। पहले गोरखपुर में एक विश्वविद्यालय था, आज यहाँ 04 विश्वविद्यालय हैं। गोरखपुर में होटल मैनेजमेण्ट का भी संस्थान बन गया है। गीडा में नाइलेट का एक नया केन्द्र प्रारम्भ हो चुका है। सहजनवां में गरीब बच्चों को आवासीय शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय बनाया गया है।

गोरखपुर रत्न सम्मान प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर आज पर्यटन का एक बेहतरीन केन्द्र है। आज गोरखपुर में विकास की प्रत्येक योजना प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचती है। उत्तर प्रदेश ने यह उपलब्धि धैर्य व अनुशासन से हासिल की है। हमारा धैर्य हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जीवन हताशा व निराशा का नाम नहीं है। एक सामान्य भारतीय अपनी मेहनत व पुरुषार्थ से आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उन्होंने गोरखपुर व उत्तर प्रदेश की उपेक्षा पर हमेशा संघर्ष किया। इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन के लिए आन्दोलन भी किया। हमारी सरकार बनने के बाद इंसेफेलाइटिस को खत्म कर दिया गया। यदि कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई कार्य असम्भव नहीं है। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास की धारा में आगे बढ़ाने तथा माफिया, अपराध एवं दंगा मुक्त करने के कार्य इसी दृढ़ इच्छाशक्ति से ही किए हैं। प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने तथा अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है। प्रत्येक व्यापारी व उद्यमी को भयमुक्त वातावरण तथा प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर एवं सुरक्षित माहौल दिया गया है। यदि किसी बेटी के साथ किसी ने गलत किया, तो उससे सख्ती से निपटा जा रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘गोरखपुर महोत्सव’ ने विशाल स्वरूप ले लिया है। देश व प्रदेश में इस महोत्सव की गूंज हो रही है। इस महोत्सव से संस्कृति व विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपने देश व प्रदेश को निरन्तर आगे बढ़ाने में अपना सहयोग करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों चौकीदार, ज्ञापन सौंपा

मांगों को लेकर ज्ञापन देते हुए चौकीदार

हाथरस। वॉयस ऑफ चौकीदार सेवा समिति के प्रमुख अध्यक्ष अनूप त्रिपाठी के नेतृत्व में जनपद के सैकड़ों चौकीदार कलेक्ट्रेट हाथरस पहुंचे और ओसी कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से चौकीदारों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाया गया।
इस दौरान अनूप त्रिपाठी ने बताया कि मुरसान ब्लॉक के अभिषेक चौकीदार प्रकरण में प्रशासन की ओर से कुछ हद तक मदद मिली है, लेकिन संबंधित स्थान पर सफाई कर्मचारी और नितिन नामक व्यक्ति द्वारा एक महिला से बदतमीजी किए जाने का मामला सामने आया है, जिस पर कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही बताया गया कि पीड़ित चौकीदार के पास रहने के लिए कोई आवास नहीं है, ऐसे में उसे सरकारी योजनाओं के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। चौकीदार का वीडियो बनाकर अपमान किया गया, उसकी वर्दी खींची गई और उसे फर्जी बताया गया, जो निंदनीय है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि ग्राम चौकीदार व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है। अन्य जनपदों में ग्राम चौकीदार वर्दी में ड्यूटी करते हैं, जबकि हाथरस में कई स्थानों पर उन्हें रोका जाता है। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम चौकीदारों को सशक्त बनाने का आह्वान किया गया है। चौकीदार आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से वर्दी पहनकर रात में पहरा देते हैं, ऐसे में वर्दी में वैध यूपी वीसी लगाकर ड्यूटी करने का अधिकार न रोका जाए।
संगठन ने मांग की कि अल्प मानदेय पाने वाले चौकीदारों से जबरन बेगारी न कराई जाए। माह में दो बार जायजा और हाजिरी के अलावा जुलूस या त्योहारों के समय सहयोग लेने पर संगठन को आपत्ति नहीं है, लेकिन थानों पर 24 घंटे में 12 घंटे की ड्यूटी लगाना अनुचित है। ग्राम चौकीदार अपनी ग्राम सभा में 30 दिन सेवा देता है और संगठन भी उन्हें सशक्त बनाने में प्रशासन के साथ सहयोग कर रहा है।

पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा

पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सैंगर की रिहाई के लिए दिया ज्ञापन

  • नवीन प्रताप सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ओसी कलेक्ट्रेट को ज्ञापन  सौंपते हुए

हाथरस। उन्नाव के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई एवं निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 के जिलाध्यक्ष नवीन प्रताप सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट को सौंपा गया। संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि पूर्व विधायक के विरुद्ध राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मीडिया ट्रायल कराया गया और दबाव में एकतरफा कार्रवाई की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि उन्नाव की एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मीडिया ट्रायल और तथाकथित टुकड़े-टुकड़े गैंग के दबाव में सरकारी एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया ने आवश्यक तथ्यों, वैज्ञानिक परीक्षण और समुचित विश्लेषण के बिना ही पूर्व विधायक को दोषी ठहरा दिया। संगठन का कहना है कि निष्पक्ष रूप से पक्ष सुने जाने का अवसर नहीं मिला।
महासभा ने यह भी आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कुछ मामलों में क्षत्रिय समाज से जुड़े लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। हाथरस के बूलगढ़ी प्रकरण सहित अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि निर्दोष युवकों को वर्षों तक जेल में रहना पड़ा, बाद में न्यायालय से दोषमुक्त होने के बावजूद उनके जीवन, परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी क्षति पहुंची, लेकिन इस षड्यंत्र में शामिल लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में मांग की गई कि जब तक किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध न किया जाए, तब तक मीडिया ट्रायल पर रोक लगाई जाए। साथ ही पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके परिवार के पक्ष को सुना जाए तथा सभी तथ्यों की आधुनिक वैज्ञानिक विधियों से पुनः जांच कराई जाए, जिससे निष्पक्ष निर्णय हो सके।
ज्ञापन देने वालों में हरीश सेंगर, देवेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, सोहन सिंह, देवेंद्र सिंह चौहान, योगेश पौरुष और ब्रजेश कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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