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Etah दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद फैली सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

January 19, 2026

Etah दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद फैली सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

 

एटा 19 जनवरी उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत गांव नगला प्रेमी में दिनदहाड़े एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्याकांड से सनसनी फ़ैल गई।
हत्याएं इतनी बेरहमी और खौफनाक तरीके से की गई थीं लाशों के आस-पास खून के चीथड़े फैले हुए थे।

गांव नगला प्रेमी में अज्ञात हमलावरों ने घर के अंदर घुसकर पूरे परिवार पर जानलेवा हमला किया और जो मिला उसको मौत के घाट उतार दिया।
इस खौफनाक हत्याकांड में बुजुर्ग गंगा सिंह, उनकी पत्नी श्यामा देवी, पुत्रवधू रत्ना देवी और नातिन ज्योति की मौत हो गई। लाशों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे अज्ञात हत्यारों ने धारदार हथियार के अलावा ईट-पत्थर से उनपर हमला किया गया हो, घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है, गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना के वक्त मृतक बुजुर्ग गंगा सिंह का नाती स्कूल गया हुआ था, जब वह स्कूल से लौटकर घर पहुंचा और दरवाजा खोला, तो उसने देखा कि भीषण ठंड के बावजूद घर के अंदर पंखा चल रहा था। उसे शक हुआ और वह कमरे के अंदर गया।
देवांश ने बताया कि कमरे के अंदर का मंजर रूह कंपा देने वाला था। दादा-दादी, मां और दीदी चारों फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे और पूरे कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था।
यह दृश्य देखकर मासूम देवांश चीखता हुआ घर से बाहर भागा, जिसके बाद मोहल्ले वालों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पड़ोसियों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर देखा तो बुजुर्ग श्यामा देवी की सांसें चल रही थी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनको मेडिकल कॉलेज पहुंचाया लेकिन उन्होंने भी वहां पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया।
पुलिस द्वारा घर की घेराबंदी कर हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है, तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
हालांकि इस खौफनाक हत्याकांड को क्यों और किसने अंजाम दिया पुलिस जांच के बाद ही पता चल सकेगा?

Varanasi झूठ के सहारे सहानुभूति बटोरने की साजिश उजागर, दो सांसदों समेत आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मणिकर्णिका घाट प्रकरण

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लगाया झूठ फैलाकर माहौल बिगाडने का आरोप

Manikarnika Ghat Varanasi

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का विहंगम दृध्य

वाराणसी, 19 जनवरी 2026, मणिकर्णिका घाट Manikarnika Ghat प्रकरण में विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया झूठ उजागर हो गया है। मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खुद सामने आने और पत्रकार वार्ता करने के बाद झूठ की परतें खुलने लगी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ARTIFICIAL Intellegence (AI) जनरेटेड वीडियो और फोटाग्राफ्स जारी करके केन्द्र और प्रदेश सरकार को बदनाम करने की गहरी साजिश रची गई थी। मामले में चौक पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें कांग्रेस समर्थित बिहार निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह, पंजाब की कांग्रेस नेता समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। इन लोगों ने एक एआई जेनरेटेड फोटो एक्स पर शेयर करके आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्द्धार के नाम पर मन्दिरों को तोड़ा गया है, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़ दी गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि शेयर फोटो और वीडियो एआई से बनाये गए थे। ये फोटो कुंभ महादेव मन्दिर के हैं, जिसे क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। जबकि यह मन्दिर काशी विश्वनाथ कारोडोर में है और पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि काशी की आस्था और विश्वास से जुड़े इस स्थल पर अनेक मढियां स्थापित होने की बात प्रशासन और प्रदेश के मंत्री, विधायक, मेयर ने  स्वीकार की है। उन्होंने यह भी माना है कि एक मढ़ी को शिफ्ट करते हुए ड्रिलिंग के कंपन से मढी की दीवार पर बनी कलाकृतियों को कुछ नुकसान पहुंचा है। लेकिन, किसी भी तरह से मन्दिर को क्षतिग्रस्त नहीं किया गया है।

दरअसल यह मामला चर्चा में तब आया जब 16 जनवरी की रात लगभग 10 बजे आशुतोष नामक एक्स यूजर के हैंडल से एक फोटो शेयर की गई। इसमें कहा गया कि मणिकर्णिका घाट पर प्रशासन ने मन्दिरों पर बुलडोजर चला दिया है। मन्दिर तोड़ दिये गए हैं, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ दिया गया है। इस एक्स ट्बीट पर पप्पू यादव, संजय सिंह और कई लोगों ने शेयर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की तुलना औरंगंजेब और महमूद गजनवी की सरकार से कर दी। इसके बाद मामला गर्मा गया। वीडियो और फोटो की जांच की गई तो पता चला कि वह एआई से बनाया गया है। इस फर्जीवाडे की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस सक्रिय हुई। जांच की गई तो पता चल गया कि वीडियो और फोटो सब एआई से बने हुए हैं। जिस कुंभ महादेव के मन्दिर को क्षतिग्रस्त दिखाया गया और उसे मणिकर्णिका घाट पर बताया गया वह उस स्थान से 250 मीटर दूर है और पूरी तरह से सुरक्षित है। अब चौक पुलिस ने मामले में आप सांसद संजय सिंह, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और छह अन्य को नोटिस जारी कर 72 घंटे में जवाब मांगा है और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में पेश होने को कहा है।

मामले की जानकारी के अनुसार 23 जुलाई 2023 को मणिकर्णिका घाट पर सौन्दर्यीकरण और पुनर्रुद्धार के लिए 26.50 करोड़ स्वीकृत किये गए थे। इस धनराशि से घाट पर विस्तारित श्मसान बनाये जाने हैं। यहां 30 नए प्लेटफार्म बनाये जाने हैं क्योंकि शवदाह के लिए स्थान कम होने के कारण जनता को असुविधा होती है। प्रतीक्षा भी करनी पड़ती है। इसके साथ अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाना है। इसके लिए कुछ छोटी छोटी मढियों को शिफ्ट किये जाने की आवश्यकता है। इसी क्रम में जब काम शुरु हुआ तो एक मढ़ी क्षतिग्रस्त हुई. मशीन के कंपन से दीवार पर कलाकृति भी क्षतिग्रस्त हुईं, यह बात प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्वीकार की है। मढ़ी में स्थापित मूर्ति को अन्यत्र संरक्षित रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त मूर्तियों को फिर से उचित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।

इसी विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने बवाल खड़ा कर दिया है। मन्दिरों को तोड़ने का आरोप लगा दिया। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं यहां पहुंच गए और सर्किट हाउस में पत्रकार  वार्ता कर स्थित स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि झूठे फोटो से फर्जी पोस्टें की गई हैं। कांग्रेस माहौल बिगाडना चहती है।

 

January 18, 2026

ब्राह्मण समाज एकजुट होकर उत्पीड़न का करेगा मुकाबला

Mitresh Chaturvedi, Mathura

    अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी का स्वागत करते ब्राह्मण समाज के लोग

राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी का स्वागत करते विप्रजन

हाथरस।राष्ट्रीय विप्र एकता मंच द्वारा हाथरस जंक्शन स्थित ओम वाटिका गेस्टहाउस में ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने कहा कि ब्राह्मण सदैव से सनातन धर्म का ध्वजवाहक रहा है और धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए हर युग में संघर्ष करता आया है। उन्होंने कहा कि शासन सत्ता की लालसा ब्राह्मण समाज का उद्देश्य कभी नहीं रहा, लेकिन सनातन धर्म को कमजोर करने के प्रयासों में सबसे पहले ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जाता रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में ब्राह्मणों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और सनातन व राष्ट्र विरोधी शक्तियां समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में सभी भेदभाव भूलकर ब्राह्मण समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने आरक्षण और एससी एक्ट को समाज की गंभीर समस्याएं बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो इनके विरोध में आंदोलन भी किया जाएगा। संगठन द्वारा सदस्यता अभियान चलाकर प्रत्येक जिले में कम से कम 500 लोगों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने यूजीसी इक्विटी कमेटी में किए गए बदलावों को सवर्ण समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में जातिगत भेदभाव की भावना पैदा होगी। इसके विरोध में 26 जनवरी 2026 को देशभर में हर घर लाल झंडा अभियान चलाया जाएगा। नीट पीजी में माइनस 40 अंक पर प्रवेश के प्रावधान का भी उन्होंने कड़ा विरोध किया।
सम्मेलन में एएमयू तिलक विवाद में जीत के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत पंडित आशीष शर्मा का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मदेव शर्मा ने की तथा संचालन जिला अध्यक्ष धर्मेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर मंच के नवनियुक्त पदाधिकारियों का भी स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Hathras समाज कल्याण विभाग में फर्जी नियुक्ति, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी का मामला: जीजा-साले पर धोखाधड़ी का मुकदमा
हाथरस।समाज कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जीजा-साले के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के विवेकानंद नगर कॉलोनी निवासी नीरज उपाध्याय ने अपने ससुर कोमल किशोर निवासी साकेत कॉलोनी तथा उसके जीजा रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व सीओ पर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी।
शिकायत के अनुसार, पूर्व में सीओ रहे रामेश्वर दयाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने साले कोमल किशोर के शैक्षिक अभिलेखों में हेराफेरी कराई। वास्तविक जन्मतिथि 20 जनवरी 1958 के स्थान पर कूटरचित रूप से 20 जनवरी 1961 दर्शाकर फर्जी हाईस्कूल प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर समाज कल्याण विभाग में जूनियर क्लर्क के पद पर अनैतिक व फर्जी तरीके से नौकरी प्राप्त की गई और वेतन के रूप में सरकारी धनराशि प्राप्त की गई, जिससे सरकार व योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा।
मामले की जांच के लिए समाज कल्याण आयुक्त इलाहाबाद के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच में पाया कि कोमल किशोर उक्त पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किया गया और न ही उसे पदमुक्त किया गया। विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के आरोप भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस द्वारा भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों, जिनमें प्रमाण पत्र व आधार कार्ड की छायाप्रति शामिल है, के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए विवेचना आवश्यक बताई और पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
सीओ सदर योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर कश्यप समाज में आक्रोश, कैंडल मार्च

Hathras Candle March

हाथरस में कैंडल मार्च निकलते कश्यप समाज के लोग

कैंडल मार्च निकालते लोग

 हाथरस।मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप की मेरठ के सरधना क्षेत्र में हुई निर्मम हत्या को लेकर कश्यप समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि जलाकर हत्या किए जाने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समाज में रोष बढ़ता जा रहा है।
इसी क्रम में  सिकंदराराऊ में कश्यप समाज के लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। कैंडल मार्च रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर पंत चौराहे तक निकाला गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हत्या में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च किए जाएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।
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