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शांभवी चौधरी बनीं छात्र प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष

March 21, 2026

शांभवी चौधरी बनीं छात्र प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने संगठन विस्तार और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शांभवी चौधरी को छात्र प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देशानुसार की गई है।
जारी मनोनयन पत्र के अनुसार, शांभवी चौधरी की उत्कृष्ट शैक्षिक योग्यता, प्रभावशाली वक्तृत्व कला, कर्मठता और सशक्त नेतृत्व क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में छात्र प्रकोष्ठ की गतिविधियों में नई ऊर्जा और गति आएगी।
पार्टी ने अपेक्षा जताई है कि शांभवी चौधरी छात्रों को पार्टी की नीतियों और विचारधारा से जोड़ते हुए उन्हें संगठित करेंगी तथा शैक्षणिक संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही छात्र हितों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए निरंतर कार्य करेंगी।
यह मनोनयन पत्र पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक द्वारा जारी किया गया है। उनकी नियुक्ति पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में खुशी की लहर है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पवन वर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए पार्टी नेतृत्व के निर्णय की सराहना की है।

गोवर्धन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किए दानघाटी मंदिर दर्शन, लगाई 21 किमी परिक्रमा

अतुल कुमार जिंदल
मथुरा। द्रौपदी मुर्मु का शनिवार को मथुरा के तहसील गोवर्धन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री दानघाटी मंदिर में आगमन हुआ। मंदिर परिसर में उनका स्वागत आनंदीबेन पटेल, मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक मेघश्याम सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया।
राष्ट्रपति ने मंदिर में श्री राधा-कृष्ण के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा गिरिराज जी महाराज पर दूध से अभिषेक किया। मंदिर परिसर में परिक्रमा करने के बाद उन्होंने पवित्र गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा प्रारंभ की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ लगभग 21 किलोमीटर लंबी गोवर्धन परिक्रमा पैदल एवं गोल्फ कार्ट के माध्यम से पूरी की। परिक्रमा मार्ग में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया, वहीं स्कूली बच्चों ने तिरंगा लहराकर अभिवादन किया।
परिक्रमा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोक कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों के साथ प्रस्तुति दी। रमण रेती आश्रम में महंत हरिओम बाबा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राष्ट्रपति का स्वागत किया गया।
राष्ट्रपति ने आन्यौर गांव में पैदल परिक्रमा करते हुए स्थानीय लोगों का अभिवादन किया और बच्चों को चॉकलेट वितरित की। इसके अतिरिक्त उन्होंने मानसी गंगा में पूजा-अर्चना कर आरती की तथा मुकुट मुखारबिंद मंदिर के दर्शन भी किए।
विश्व वानिकी दिवस पर किया पौधारोपण
विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित गोरवा वन ब्लॉक में बरगद का पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
परिक्रमा पूर्ण होने के बाद दानघाटी मंदिर में उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम के उपरांत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हेलीकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। इस दौरान सांसद हेमा मालिनी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की

उ0प्र0 गो-सेवा आयोग की बैठक सम्पन्न
 
प्रत्येक गोशाला में ’भूसा बैंक’ की स्थापना तथा गोवंश
की दैनिक संख्या का अनिवार्य रजिस्टर मेनटेन करने के निर्देश
 
सी0एस0आर0 फण्ड का प्रभावी उपयोग करते हुए सभी गो-आश्रय स्थलों में सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थापना की जाए
प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित
लखनऊ : 21 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग की बैठक में निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रत्येक गोशाला में ’भूसा बैंक’ की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्थानीय किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के पदाधिकारियों एवं पशुधन विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आयोग के पदाधिकारियों को 2-2 के समूह में मण्डलवार भ्रमण कर ’भूसा बैंक’ की स्थापना और गोचर भूमि के विस्तार कार्य को गति देने को कहा गया है। प्रत्येक भ्रमण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग के भ्रमण में वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी होंगे। साथ ही, विभागीय मंत्री के नेतृत्व में राज्यव्यापी निरीक्षण और मुख्यालय स्तर से निदेशक द्वारा मासिक औचक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख, 518 वृहद गो-संरक्षण केन्द्रों में 1.58 लाख, 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 तथा 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख लाभार्थियों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं, जिनके सत्यापन एवं समुचित भरण-पोषण के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत् विकास का मजबूत आधार है। इस दृष्टि से गो-आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता, तकनीक और जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने डी0बी0टी0 प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का अनिवार्य रजिस्टर संचालित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री जी ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थापना एवं सतत् मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसके लिए सी0एस0आर0 फण्ड के प्रभावी उपयोग की सम्भावनाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और तकनीक आधारित निगरानी से व्यवस्थाएं और सुदृढ़ होंगी।
मुख्यमंत्री जी ने गो-रक्षा एवं गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परम्परा का अभिन्न अंग है और इस क्षेत्र में समर्पित लोगों का सार्वजनिक सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी को भूसा एवं साइलेज की उपलब्धता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टेण्डर प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जा रही है। निगरानी व्यवस्था के तहत 74 जनपदों में 5,446 गो-आश्रय स्थलों पर 7,592 सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। 52 जनपदों में कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल रूम स्थापित हैं, जबकि शेष में प्रक्रिया प्रगति पर है।
गोचर भूमि के प्रभावी उपयोग के लिए 61,118 हेक्टेयर से अधिक भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 10,641.99 हेक्टेयर को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ा गया है तथा 7,364.03 हेक्टेयर में हरे चारे का विकास किया जा चुका है।
प्रदेश में 97 गोबर गैस संयंत्र संचालित हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा एवं आय सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने इनके विस्तार पर जोर दिया। साथ ही, विभिन्न जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं एन0जी0ओ0 द्वारा गो-पेण्ट, वर्मी कम्पोस्ट, गो-दीप सहित अन्य उत्पादों के निर्माण को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताया। मुजफ्फरनगर का गो-अभयारण्य इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
वृहद गो-संरक्षण केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा में अवगत कराया गया कि 630 स्वीकृत केन्द्रों में से 518 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं। पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में खुरपका-मुंहपका, गलाघोटू एवं लम्पी स्किन डिजीज के विरुद्ध व्यापक टीकाकरण अभियान संचालित किए जा रहे हैं और पशुपालकों को निरन्तर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह, उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता व पदाधिकारीगण तथा अपर मुख्य सचिव पशुधन विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

फरसा वाले बाबा’ की मौत से मथुरा में तनाव, हादसा या साजिश

—जांच के घेरे में पूरा मामला
मथुरा।
ब्रज क्षेत्र के विख्यात गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शनिवार तड़के कोसी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए। घटना को लेकर प्रशासन जहां इसे घने कोहरे में हुआ सड़क हादसा बता रहा है, वहीं बाबा के समर्थक इसे सुनियोजित हत्या करार दे रहे हैं। इस विरोधाभास ने पूरे इलाके में आक्रोश और अशांति फैला दी है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह के अनुसार 21/22 मार्च 2026 की सुबह करीब 4 बजे हरियाणा सीमा के पास थाना कोसी क्षेत्र में एक वाहन में गोवंश होने की सूचना पर बाबा अपने शिष्यों के साथ नागालैंड नंबर के कंटेनर को रोककर जांच कर रहे थे। जांच के दौरान कंटेनर में साबुन, फिनाइल और शैम्पू जैसे सामान पाए गए। इसी दौरान घने कोहरे के चलते पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के तार से भरे ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे में ट्रक चालक घायल हुआ है और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
वहीं प्रत्यक्षदर्शियों और बाबा के अनुयायियों का आरोप है कि बाबा गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे और उन्हें जानबूझकर कुचलकर मार दिया गया। बताया जा रहा है कि कोटवन चौकी के नवीपुर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद एक युवक को मौके से पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य लोग फरार हो गए।
घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। बाबा के पार्थिव शरीर को कोसी से आँजनौख गौशाला ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में गौ रक्षक एकत्र हो गए। वहीं छाता क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर समर्थकों ने शव रखकर जाम लगा दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव में कई लोग घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक आगरा मंडल के डीआईजी के मौके पर पहुंचने के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी और उनके सामने भी पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ाते हुए भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “अपराधी किसी हाल में बख्शे न जाएं” और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। ब्रजभूमि में संत की मौत के बाद उपजे इस विवाद ने कानून-व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है और अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

फरसा वाले बाबा की मौत पर एसएसी बोले: गो तस्करी की पुष्टि नहीं

Mathura जनपद मथुरा में चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” की सड़क दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री श्लोक कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए स्थिति स्पष्ट की है।
एसएसपी के अनुसार, थाना कोसी क्षेत्र में दिनांक 21 मार्च 2026 की रात्रि लगभग 03:00 से 04:00 बजे के बीच बाबा द्वारा एक वाहन को संदिग्ध मानकर रोका गया था। उसी दौरान घना कोहरा होने के कारण पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक (राजस्थान नंबर) ने आकर बाबा को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस कंटेनर को बाबा ने रोका था, उसमें किराने का सामान भरा हुआ था। वहीं पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रक में तार लदा हुआ था। ट्रक के चालक और परिचालक अलवर (राजस्थान) के निवासी बताए गए हैं। हादसे में ट्रक भी क्षतिग्रस्त हुआ है तथा चालक घायल हुआ है, जिसका उपचार जारी है।
मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में गोतस्करी से जुड़ी कोई भी पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा थाना छाता क्षेत्र में जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया और पथराव भी किया गया। पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित करते हुए जाम खुलवाया।
फिलहाल मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच जारी है।

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