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भाजपा पश्चिम के नए अध्यक्ष नवाब सिंह नागर

June 25, 2026

भाजपा पश्चिम के नए अध्यक्ष नवाब सिंह नागर

लखनऊ,

क्षेत्रीय अध्यक्ष
पश्चिम — नबाब सिंह नागर
ब्रज — पूरन लाल लोधी
कानपुर राम किशोर साहू
अवध — अवधेश द्विवेदी
काशी — अशोक चौरसिया
गोरखपुर — विनोद राय

UP BJP News भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित

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Posted on 25.06.2026 Thursday Time 02.10 PM , Bharatiya Janata Party Uttar Pradesh

लखनऊ, 25 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। लंबी प्रतीक्षा के बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश टीम आज घोषित हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी टीम की घोषणा की है। आधे से अधिक नए पदाधिकारी बनाए गए है। जबकि कई प्रमुख चेहरों को टीम से बाहर कर दिया गया है। अवध में विजय बहादुर पाठक, संतोष सिंह को उपाध्यक्ष पद पर और ब्रज में संघ के प्रचारक रहे दिनेश कुमार को उपाध्यक्ष पद पर पुन जगह नहीं मिली। चारों क्षेत्रों में नए अध्यक्ष बनाए गए है। महामंत्री अनूप गुप्ता को भी जगह नहीं मिली है। राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के स्थान पर नीरज सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है।

पंकज चौधरी — प्रदेश अध्यक्ष
सुरेश राणा — उपाध्यक्ष
सत्यपाल सैनी — उपाध्यक्ष
ब्रज बहादुर — उपाध्यक्ष
धर्मेंद्र सिंह — उपाध्यक्ष
मोहित बेनीवाल — उपाध्यक्ष
देवेश कोरी — उपाध्यक्ष
प्रियंका रावत — उपाध्यक्ष
दर्विुर्विजय शाक्य — उपाध्यक्ष
रमेश सिंह — उपाध्यक्ष
नीरज सिंह — उपाध्यक्ष
अर्चना मिश्रा — उपाध्यक्ष
पूजा पाल — उपाध्यक्ष
शंकर गिरी — उपाध्यक्ष
कामेश्वर सिंह — उपाध्यक्ष
कृतिका अग्रवाल — उपाध्यक्ष
सुरेश मौर्य — उपाध्यक्ष
राजेश यादव — उपाध्यक्ष
कृष्ण बिहारी राय — उपाध्यक्ष
आलोक गुप्ता — उपाध्यक्ष
रामप्रताप सिंह चौहान — महामंत्री
गीता शाक्य — महामंत्री
अभिजात मिश्रा — महामंत्री
उपेंद्र रावत — महामंत्री
संजय राय — महामंत्री
शंकर लोधी — महामंत्री
दिलीप पटेल — महामंत्री
राजेश चौधरी — महामंत्री
विजय शिवहरे — मंत्री
बसंत त्यागी — मंत्री
शिवभूषण सिंह — मंत्री
सहजानंद राय — मंत्री
अंकुर शर्मा — मंत्री
अनिल यादव — मंत्री
अवधेश श्रीवास्तव — मंत्री
विजय राजभर — मंत्री
प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा — मंत्री
किरण लोधी निषाद — मंत्री
राकेश बिंद — मंत्री
संचिता सिंह चौहान (लुनिया) — मंत्री
रजनी पांडेय — मंत्री
राहुल वाल्मीकि — मंत्री
महामेधा नागर — मंत्री
दीपमाला संतोषी — मंत्री
सुहासिनी जायसवाल — मंत्री
यतेंद्र शर्मा — मंत्री
आकांक्षा सोनकर — मंत्री

क्षेत्रीय अध्यक्ष
पश्चिम — नबाब सिंह नागर
ब्रज — पूरन लाल लोधी
कानपुर राम किशोर साहू
अवध — अवधेश द्विवेदी
काशी — अशोक चौरसिया
गोरखपुर — विनोद राय

कार्यालय मंत्री
भारत दीक्षित — कार्यालय मंत्री
अतुल अवस्थी — कार्यालय सह-मंत्री
लक्ष्मण सिंह — कार्यालय सह-मंत्री

अन्य पद
दिनेश प्रताप सिंह — मुख्य प्रवक्ता
मनीष दीक्षित — प्रदेश मीडिया संयोजक
हिमांशुराज पंडित — प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक
मोर्चा अध्यक्ष
युवा मोर्चा — रोहित मिश्रा
पिछड़ा मोर्चा —प्रकाश पाल
किसान मोर्चा — देवेन्द्र सिंह
अनुसूचित मोर्चा — अशोक रावत
महिला मोर्चा — सरोज कुशवाह
अनुसूचित जनजाति मोर्चा — श्री विद्याभूषण गोंड

June 24, 2026

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर भी प्रशासन हरकत में नहीं आया !

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Posted on 24.06.2026 Time 08.54 PM, Dehradun, Nainital High Court

19 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी मामला, मसूरी रोप वे प्रोजेक्ट आने पर रजिस्ट्री कराने से मुकरा विक्रेता।
– भूपत सिंह बिष्ट द्वारा
देहरादून, 24 जून 2026, उत्तराखंड में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद भी पुलिस अपनी एफआईआर सक्रिय नहीं हो पायी है।
विगत तीन जून को नैनीताल हाईकोर्ट से निर्णय पारित होने के बावजूद धोखाधड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर पर थाना राजपुर पुलिस अभी तक हरकत में नहीं आई है।
मामला पुरकुल में मसूरी रोड स्थित करोड़ों की भूमि विक्रय से जुड़ा है। यहाँ से मसूरी के लिए रोप वे परियोजना का कार्य गतिमान होने से ज़मीन के भाव में भारी उछाल आ गया है और विक्रेता पुराने तय सौदों से पीछे हट रहे हैं।
उत्तराखंड के युवा उद्यमी के साथ ठगी और शोषण का यह अनूठा मामला है।
युवा उद्यमी बिक्रम राणा द्वारा राजपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस प्रशासन और सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर हताश हैं। सीएम और पीएम पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाने के बाद फिर से आर्थिक दबाव के चलते वे आत्मघात की बात करते हैं।
उल्लेखनीय है कि बिक्रम राणा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व गढ़वाल सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत के सगे भांजे और युवा उद्यमी पर्यटन और भूमि व्यवसाय से जुड़े हैं।
नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा स्पष्ट निर्णय के बावजूद पुलिस प्राथमिकी को अंजाम तक पहुंचाने की फिक्रमंद नहीं दिख रही और टालमटोल निरंतर जारी है।
मामले के अनुसार राजकुमार यादव एवं अन्य के विरुद्ध देहरादून के राजपुर थाने में 14 सितम्बर 2025 को आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) संख्या 181/2025 दर्ज कराई गई थी।
मसूरी रोड स्थित पुरकुल गांव में जमीन की खरीद फरोख्त के इस मामले में राजकुमार यादव, हरीश यादव, राजीव वाड्रा, संजय सिंह, श्रीमती मेघा भारद्वाज, बिज्जू, विनोद कुमार और नीरजा सिंह प्रतिवादी बनाए गए थे। इन पर आरोप है कि 19 करोड़ 81 लाख अपने खाते में जमा कराने के बाद ये सभी बिक्रम राणा के पक्ष में जमीन का बैनामा नहीं करा रहे हैं।
प्रतिवादियों ने साईं इंफ्रा प्रोडक्ट्स प्रा. लि. की पुरकुल स्थित भूमि का विक्रय का सौदा बिक्रम राणा के साथ किया। प्रतिवादियों ने बिक्रम राणा से 19.81 करोड़ रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवाए और इसके बाद उनकी नीयत में खोट आ गया।
धोखाधड़ी का यह मामला सुप्रीम कोर्ट और नैनीताल हाईकोर्ट में सुना जा चुका है।
राजपुर थाना देहरादून में एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रतिवादियों ने अग्रिम जमानत ले ली, और प्राथमिकी निरस्त करवाने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में रिट अपील दायर की थी।
नैनीताल हाईकोर्ट ने लंबी सुनवाई और तथ्यों की पड़ताल के बाद अपील खारिज कर दी और वादियों पर दो लाख व पचास हजार का अर्थ दंड लगाकर अग्रिम जमानत निरस्त कर दी।
अब पुलिस को तुरंत हरकत में आकर अभियुक्तों की गिरफ्तारी, बैंक खातों व भूमि विक्रय पर अंकुश लगाना है।
प्रेस वार्ता में बिक्रम राणा ने बताया कि पुलिस अभियुक्तों को अनावश्यक छूट दे रही है ताकि सब कुछ कोर्ट के बाहर सुलटाया जा सके।
बिक्रम राणा का मानना है कि नैनीताल हाईकोर्ट के निर्णय को पूरा एक पखवाड़ा बीत चुका है किंतु पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है तथा राज्य के बाहर के लोगों के साथ मिलकर रियायत बरती जा रही है, लेकिन अपने प्रदेश के लोगों के साथ बढ़ते ढगी के मामलों में कोई हमदर्दी का उदाहरण अथवा न्याय होता नहीं दिख रहा है।
दूसरे प्रदेशों से आकर अपराधी प्रवृत्ति के लोग उत्तराखंड में धड़ल्ले से गोरखधंधे कर रहे हैं, वे यहां के मूल निवासियों और युवाओं के साथ ठगी, धोखाधड़ी और छल कर रहे हैं, किंतु नैनीताल हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्णय के बावजूद पुलिस अपनी दर्ज प्राथमिकी पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ा पा रही है।
– भूपत सिंह बिष्ट

एटा में लखनऊ हादसे के बाद कोचिंग संस्थानों की पड़ताल

35 से अधिक में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास नहीं, तंग गलियों में संचालन

एटा 24 जून उप्रससे। लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद जनपद में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की गई। इस पड़ताल में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां सामने आईं। कस्बे और आसपास संचालित अधिकांश कोचिंग संस्थान तथा लाइब्रेरी बिना सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगभग 35 से अधिक कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संचालित हैं। इनमें से अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) तक उपलब्ध नहीं हैं। कई जगहों पर छात्रों के प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा रास्ता है, जबकि आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई वैकल्पिक निकास द्वार नहीं बनाया गया है।
इधर अलीगंज तहसील क्षेत्र में जांच के दौरान मोहल्ला काजी, मोहल्ला छेदा लाल गौड़, लोहारी दरवाजा, किला रोड, सराय अड्डा और मोहल्ला राधाकृष्ण सहित विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी की हकीकत सामने आई। कई संस्थान बहुमंजिला भवनों में चल रहे हैं, जहां एक समय में बड़ी संख्या में छात्र अध्ययन करते हैं। ऐसी स्थिति में आग लगने जैसी आपदा आने पर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद कठिन हो सकता है। कई संस्थानों में बिजली के तार अव्यवस्थित पाए गए। ओवरलोडेड कनेक्शन और असुरक्षित विद्युत उपकरण संभावित दुर्घटना की आशंका को और बढ़ा रहे हैं।

कस्बे के निवासी दीपक बाबू का कहना है कि प्रशासनिक निरीक्षण के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की प्रभावी जांच नहीं होने के कारण संस्थान बिना आवश्यक व्यवस्थाओं के संचालित हो रहे हैं। लखनऊ की घटना के बाद छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि शिक्षा के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को लागू नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

वर्जन
उप जिलाधिकारी अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। सभी संबंधित संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने, अग्निशमन यंत्र लगाने तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा जल्द ही जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मथुरा में समीक्षा बैठक, हाईराइज भवनों के निरीक्षण के निर्देश

मथुरा। जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी फायर स्टेशन प्रभारियों एवं यूपी-112 के प्रभारी ने भाग लिया।
बैठक के दौरान फायर स्टेशनवार उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, संचार प्रणालियों तथा इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तहसीलवार प्रशिक्षित अग्नि सचेतकों की सूची तैयार करें तथा पिछले तीन वर्षों में जारी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराएं।
इसके अलावा जनपद के सभी जी+3 व्यावसायिक भवनों एवं हाईराइज इमारतों का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस विवरण में भवन स्वामियों की जानकारी, संभावित फुटफॉल तथा वेंटिलेशन व्यवस्था को शामिल किया जाएगा।
बैठक में सभी फायर स्टेशन प्रभारियों को संबंधित भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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