ललितपुर- जिला उद्योग व्यापार मंडल ने जिले की मूलभूत समस्याएं पानी ,बिजली सड़क स्मार्ट मीटर, एवं वर्तमान में चल रहे अतिक्रमण को लेकर स्थानीय होटल स्टेशन रोड पर पत्रकार वार्ता की जिलाधिकारी से मांग की गई
समस्याओं का हल करने की कृपा करें नहीं तो व्यापार मंडल को आंदोलन करने की रणनीति तैयार करनी पड़ेगी
ललितपुर के जिलाधिकारी जनपद की मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी टीम के साथ शहर को सुंदर बनाने एवं अतिक्रमण की समस्या का समाधान करने के लिए विशेष रुचि ले रहे हैं जिलाधिकारी महोदय की कार्य प्रणाली को लेकर व्यापार मंडल उनका धन्यवाद ज्ञापित करता है
अभी-अभी 2 अप्रैल 2026 को लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के द्वारा कहा गया था कि विद्युत अधिनियम की धारा 2003 47/5 के अनुसार बिना उपभोक्ता के सहमति के स्मार्ट मीटर लगाना उचित नहीं है फिर भी प्रदेश के विद्युत कॉरपोरेशन द्वारा जिले में 36000 प्रीपेड मीटर लगा दिए हैं जिसकी उपभोक्ता से कोई सहमति नहीं ली गई जो सरासर गलत है
स्मार्ट मीटर लगने के बाद जो बिल पहले 1000 की आ रहे थे वह बिल वर्तमान में 3000 आने लगे है क्योंकि स्मार्ट मीटर जंपिंग होता है इस पर मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने राहत देते हुए तुरंत विद्युत कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे अवकाश के दिन एवं रविवार को कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे
कनेक्शन काटने के पहले 5 बार एसएमएस भेजकर सूचित किया जाएगा
ऑनलाइन पेमेंट करने पर तुरंत लाइट जोड़ी जाएगी
वर्तमान में मुख्यमंत्री के अनुसार जल योजना घर-घर पहुंचने का निम्न बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए समस्याओं का हल करने की मांग की गई है
पाइपलाइन सड़क खोद कर मानक के अनुसार 3:30 फीट गहराई पर डालना चाहिए और खोदी हुई सड़क को तुरंत मरम्मत कर देनी चाहिए
स्टेशन से लेकर मवेशी बाजार तक एवं इलाइट चौराहे तक रोड चौड़ीकरण के लिए मार्ग खुदा हुआ पड़ा है एवं व्यापारियों को दुकान में प्रवेश करने के लिए सड़क की तुरंत मरम्मत
की जाए
वर्तमान में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है इस पर व्यापार मंडल हमेशा साथ रहा है लेकिन व्यापार मंडल की मांग है अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा न्याय संगत कार्रवाई हो बलपूर्वक नहीं हटना चाहिए अतिक्रमण कारवाई करते समय सक्षम अधिकारी साथ में होना चाहिए और जो नगर पालिका प्रशासन व्यापार मंडलों के साथ एक राय बनाई गई थी धूप छांव से बचाव के लिए 4 फुट की चद्दर बिना पिलर के लगाने की अनुमति दी गई थी एवं नाली ढकने के लिए फोल्डिंग चद्दर लगाने की अनुमति दी थी फिर भी घंटाघर के पास अतिक्रमण हटाते समय नाली के ऊपर फोल्डिंग चद्दर को भी अलग कर दिया गया है इसका व्यापार मंडल विरोध करता है
और मांग करता है कि भविष्य में नाली के ऊपर फोल्डिंग चद्दर नहीं हटाई जाए और जो ग्राहकों का सामान जप्त करके ले गए थे वह वापस किया जाए आपसे अनुरोध है कि जिलाधिकारी महोदय के कहे अनुसार स्टेशन से मवेशी बाजार तक और इलाइट चौराहे तक अतिक्रमण हटाया जाए बाद में निगरानी भी की जाए जिससे द्वारा अतिक्रमण न हो भीषण गर्मी को देखते हुए नगर में देसी प्याऊ खुलवाई जाए लगे हुए वाटर कूलरों की देखभाल की जाए एवं एवं हैंड पंप को ठीक कराया जाए
क्योंकि अधिकांश वाटर कूलर और हैंडपंप खराब पड़े होने के कारण जनता को भीषण गर्मी में पानी पीने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है
पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष सुरेश बडेरा, जिला महामंत्री शैलेंद्र सिंघई, उद्योग मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश सराफ, प्रदेश युवा मंत्री अजय सोनी, प्रदेश मंत्री संतोष इमलिया, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष बॉबी राजा नाराहट , रविंद्र दिवाकर, डॉ संजीव कड़की, जिला मंत्री सुबोध गोस्वामी , नगर संयोजक मंगू पहलवान नगर युवा अध्यक्ष संजय जैन रिंकू, मनीष जैन मनपसंद, आदि उपस्थित थे
शैलेंद्र सिंघई जिला महामंत्री जिला उद्योग व्यापार मंडल ललितपुर
वाराणसी, 03 मई 2026, उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) इकाई की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को शिवपुर कार्यालय पर सम्पन्न हुई। बैठक में 30 मई हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी एवं काशी के वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया जाना तय किया गया है।
यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष विनोद बागी, उपाध्यक्ष अनिल कुमार जायसवाल, उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह, महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव, प्रदीप उपाध्याय, कोषाध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव, जिला मंत्री प्रज्ञा मिश्रा और महावीर प्रसाद श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
03/05/2026
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गोरखपुर में हुंकार:, मुझे रोकने की हिम्मत किसी में नहीं”
गोरखपुर : ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने रविवार 3 मई को गोरखपुर के सहारा स्टेट स्थित भारत माता मंदिर से ‘गोविष्टि यात्रा’ का शंखनाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सत्ता और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गोरखपुर आने से पहले उन्हें धमकियां मिलीं, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं।
सत्ता और ‘परम सत्ता’ का संघर्ष
शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें दो तरह से डराने की कोशिश की गई—एक ‘सत्ता’ द्वारा और दूसरी ‘परम सत्ता’ (प्रकृति) द्वारा। उन्होंने कहा, “हमें धूप और गर्मी का डर दिखाया गया, लेकिन आज का सुहावना मौसम गवाह है कि परम सत्ता हमारे साथ है। रही बात धमकियों की, तो किसी ‘माई के लाल’ में हिम्मत नहीं कि हमें मरवा दे। अगर किसी पार्टी ने ऐसा किया, तो वह सत्ता से बेदखल हो जाएगी।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उन्होंने उनके “कथित साहस” पर सवाल उठाए। शंकराचार्य ने कहा जो मुख्यमंत्री गाय की रक्षा नहीं कर पा रहा, वह कमजोर है। अगर उनमें साहस होता, तो वे केंद्र की परवाह किए बिना गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित कर देते।
सरकार डरती है कि गोमाता को सम्मान देने से गो-हत्यारे और कुछ समुदाय उन्हें वोट नहीं देंगे। भाजपा के मुख्यमंत्री अब गो-हत्यारों का भी वोट मांग रहे हैं। क्या आप गाय का खून और दूध मिलाकर पिएंगे?
सरकार में कई इंजन होने का दावा किया जाता है, लेकिन जनता के लिए कोई डिब्बा नहीं है। जो हैं भी, वे केवल चापलूसों के लिए ‘फर्स्ट क्लास’ डिब्बे हैं।
शंकराचार्य ने वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भारत हिंदू राष्ट्र होता या सत्ता में बैठी पार्टी हिंदूवादी होती, तो गो-हत्या कब की बंद हो चुकी होती। उन्होंने कहा कि ईसाई और मुस्लिम देशों में उनके धर्म की सुनी जाती है, लेकिन भारत में गोमाता की पुकार सरकार नहीं सुन रही। उन्होंने आगाह किया कि देश में 37 से ज्यादा कानून हिंदुओं के खिलाफ हैं और मंदिरों को जेसीबी से ढहाया जा रहा है।
इस आंदोलन को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल उनका अकेले का निर्णय नहीं है। यह आवाज चारों शंकराचार्यों की है। जैसे किसी पार्टी का एक प्रवक्ता होता है, वैसे ही चारों पीठों ने मुझे गोमाता की आवाज उठाने के लिए आगे किया है। पश्चिम के शंकराचार्य भी जल्द ही इस यात्रा में शामिल होंगे।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे ‘एक नोट और एक वोट’ गो-रक्षा के नाम पर दें। यदि हर विधानसभा में एक हजार वोट इधर-उधर हुए, तो सत्ता को समझ आ जाएगा। हर विधानसभा में गो-रक्षा के लिए ‘रामाधाम’ बनाने का संकल्प लिया गया। उन्होंने तंज कसा कि प्रधानमंत्री 8,000 करोड़ के विमान में चलते हैं, जबकि देश की प्राथमिकताएं कुछ और होनी चाहिए।
शंकराचार्य ने गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा से यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया और घोषणा की कि यात्रा के तीसरे चरण में वे बूचड़खानों की ओर कूच करेंगे। उन्होंने अंत में कहा कि वे योगी के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उनकी गलतियों और गोमाता के प्रति उनकी उदासीनता के विरोधी हैं।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
03/05/2026
गोरखपुर : गोरखपुर जनपद के भटहट ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय डुमरी में तैनात सहायक अध्यापिका प्रीति जायसवाल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने शिक्षिका की सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल करने और पूरी अवधि का वेतन देने का निर्देश दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने 28 जुलाई 2025 को अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर प्रीति जायसवाल की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इस कार्रवाई को एकपक्षीय और गलत बताते हुए शिक्षिका ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
जस्टिस ने मामले की सुनवाई के बाद पाया कि सेवा समाप्ति की प्रक्रिया में विधिक नियमों का पालन नहीं किया गया था और पर्याप्त आधारों का अभाव था।
दिनांक 20 अप्रैल 2026 के आदेश में कोर्ट ने बर्खास्तगी को निरस्त कर दिया। विभाग को निर्देश दिया गया है कि शिक्षिका को तत्काल कार्यभार ग्रहण कराया जाए। सेवा समाप्ति की अवधि (जुलाई 2025 से अब तक) का पूरा वेतन भुगतान किया जाए।
प्रकरण में यह बात भी सामने आई है कि कुछ स्थानीय तत्वों और विभागीय कर्मियों ने कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से शिकायतें कर यह कार्रवाई कराई थी। कार्रवाई के समय जश्न मनाने वाला पक्ष अब बैकफुट पर है। कोर्ट के इस फैसले से विभागीय गलियारों में भी काफी हलचल है।
पीड़ित शिक्षिका प्रीति जायसवाल ने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी बीएसए गोरखपुर को सौंप दी है और जल्द से जल्द स्कूल में जॉइनिंग की मांग की है। अब सभी की निगाहें विभाग पर टिकी हैं कि कोर्ट के इस आदेश का अनुपालन कितनी तेजी से सुनिश्चित किया जाता है।