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सील तोड़कर चलाया जा रहा था अवैध अस्पताल

April 4, 2026

सील तोड़कर चलाया जा रहा था अवैध अस्पताल

एफआईआर (FIR) के बाद डॉक्टरों पर केस
-IGRS पोर्टल पर शिकायत ने खोली पोल, प्रशासन ने अस्पताल सील किया, मिली भगत से धड़ल्ले से संचालन
शिकायत पर हुईं कार्रवाई

Post on 4.4.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
जिले में स्वास्थ्य नियम तार तार है। आपसी गठजोड़ का नतीजा है कि देहात क्षेत्र में चलते निजी अस्पताल को सील किया गया। लेकिन चोरी छिपे सील हटाकर अस्पताल का संचालन शुरू हो गया। आईजीआरएस IGRS में शिकायत से घपलेबाजी का भंडाफोड़ हुआ। एफआईआर के बाद डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
नियमों के उल्लंघन में सील हुए अस्पताल के संचालन का मामला थाना भगतपुर के गांव बिलाकुदान में स्थित टीएनएस अस्पताल से जुड़ा है। अवैध रूप से संचालित अस्पताल की शिकायत IGRS पोर्टल पर की गई थी। बिलारी तहसील के गांव मैनाठेर निवासी नदीम शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि अस्पताल बिना अनुमति आधार के संचालित किया जारहा है। इस शिकायत की जांच करते हुए स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने 19 मार्च, 26 को अस्पताल का निरीक्षण किया।अस्पताल का मुआयना करते हुए पाया कि अस्पताल को पहले सील किया गया था। पर इसके बावजूद संचालकों ने सील तोड़कर अस्पताल का दोबारा संचालन शुरू कर दिया।

*उल्लंघन में सील अस्पताल को दोबारा संचालन से उठे सवाल*
इस प्रकरण में बड़ा सवाल यह कि पहले ही सील किया गया। पर संचालकों की हिम्मत यह कि बंद अस्पताल को दोबारा संचालित कर लिया गया। पर पूरी तरह से अवैध कार्यवाही की। भनक विभाग के जिम्मेदारों को नहीं हुई।पर आईजीआरएस पोर्टल में हुईं शिकायत ने गड़बड़झाले की पोल खोल दी।

शिक्षा-आवश्यक सेवाओं में मनमानी पर शिव सेना का विरोध, प्रदर्शन*


जिला मुख्यालय पर जुटे प्रदर्शनकारी,प्रशासन को ज्ञापन

Post on 4.4.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में शनिवार को शिव सेना ने शिक्षा व्यवस्था व जरुरी
सेवाओं में मनमानी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। तमाम शिव सैनिक कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए व मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन -कारियों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में माफिया व गैस एजेंसियों की कालाबाजारी से आमलोग परेशानी से जूझरहे हैं। पर जिम्मेदार अंजान प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा।
शिवसेना(उद्धव बाला साहेब ठाकरे गुट) की महानगर इकाई ने प्रदर्शन कर आरहीं दिक्कतों पर विरोध जताया। शिव सेना ने शिक्षा माफिया व गैस एजेंसियों की मनमानी कार्य प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्कूल अभिभावक दबाव के चलते निर्धारित दुकानों से ही महंगी किताबें व ड्रेस खरीदने को मजबूर है। किताबों को कोर्स में शामिल कर नया सिस्टम बनाया गया है। जिससे मध्यम दर्जे परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। अभिभावकों का शोषण हो रहा है।आरोप लगाया है कि गैस एजेंसियां कालाबाजारी कर सिलेंडर दो हजार तक बेच रहीं हैं। गैस उपभोक्ता भी दुर्व्यवहार का शिकार हो रहे हैं।
इस मौके पर शिव सेना प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा व कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को समस्याओं से राहत के ज्ञापन भी सौंपा।शिव सेना ने चेताया कि लोगों क समस्याओं का समाधान न हुआ तो संगठन सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस दौरान शिवसेना (उद्धव गुट) के महानगर सचिव अरुण ठाकुर
के अलावा शिबू पांडेय,आकाश, राजपाल,बादाम सिंह, कार्तिक कश्यप,मयंक सैनी,अमर सैनी, अनिल सैनी, दीपक शर्मा,दीपक सक्सेना, महेश राजपूत, बिट्टू सैनी, विक्की कश्यप, भूपेंद्र बिष्ट समेत कार्यकर्ता रहे।

April 3, 2026

सपा सांसद ने लोकसभा में उठाया गुलदार के आतंक का मुद्दा

SP MP MORADABAD RUCHI VEERA

मुरादाबाद: गुलदार के आतंक पर लोकसभा में गूंजा मुद्दा, सपा सांसद ने 25 लाख मुआवजे और विशेष टास्क फोर्स की मांग उठाई। मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते गुलदार (तेंदुआ) के हमलों का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने लोकसभा में इस गंभीर समस्या को जोरदार तरीके से उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने क्षेत्र में लगातार हो रही जनहानि और लोगों में व्याप्त भय का मुद्दा उठाते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की।

लोकसभा में बोलते हुए रुचि वीरा ने कहा कि मुरादाबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में तेंदुए के हमलों में दर्जनों किसानों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों में जाने तक से डर रहे हैं।

सांसद ने कहा कि यह केवल वन्यजीवों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे-सीधे लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तेंदुए के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद हो सके।
इसके साथ ही रुचि वीरा ने प्रभावित क्षेत्रों में एक विशेष टास्क फोर्स तैनात करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था इस समस्या से निपटने में पर्याप्त साबित नहीं हो रही है, इसलिए एक समर्पित और प्रशिक्षित टीम की जरूरत है, जो तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखे और समय रहते कार्रवाई कर सके।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि लोग वन्यजीवों से बचाव के उपायों को समझ सकें और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सकें। साथ ही, तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की व्यवस्था को भी और मजबूत करने पर जोर दिया।

इस मुद्दे के लोकसभा में उठने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगी। मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस पहल को लेकर आशान्वित हैं और चाहते हैं कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकले।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय से मुरादाबाद मंडल के कई गांवों में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में इस मुद्दे का संसद तक पहुंचना इसे और गंभीर बनाता है और अब सभी की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

अनुज हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में आरोपी शूटर को कोर्ट से जमानत

MORADABAD DISTRICT COURT

 

-मुरादाबाद में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने शूटर सूर्यकांत की जमानत प्रार्थना पत्र को दीं मंजूरी

Post on 3.4.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
महानगर के चर्चित अनुज कुमार चौधरी हत्याकांड में आरोपी शूटर की पुलिस मुठभेड़ मामले में जमानत अर्जी मंजूर हो गई। जमानत अर्जी की स्वीकृति का आधार मेडिकल प्रमाणपत्र बना।
मुरादाबाद में भाजपा नेता अनुज चौधरी की 10 अगस्त, 2023 को गोली मारकर हत्या कर दी गई। केस में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक समेत करीब चौदह लोगों को गिरफ्तार किया गया। केस में आरोपी शूटर सूर्यकांत को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। 22 अगस्त, 23 को सिविल लाइंस में अगवानपुर के पास पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शूटर सूर्यकांत को पकड़ा। शूटर के जानलेवा हमले में पुलिस कर्मी संदीप नागर भी घायल हुआ। पुलिस ने शूटर के खिलाफ आर्म्स एक्ट और पुलिस पार्टी पर हमले के आरोप में जेल भेजा गया।
आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कहा गया कि मुठभेड़ में बरामदगी सही नहीं है। अभियुक्त से कोई हथियार या अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई। जबकि अभियोजक पक्ष का कहना है कि उसने व अन्य ने पुलिस पर फायरिंग की।घटना में पुलिसकर्मी संदीप नागर को चोटिल होना बताया गया।पर
इसके लिए अदालत में पुलिस कर्मी का मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं किया।

बचाव पक्ष अधिवक्ता अभिषेक शर्मा का कहना है कि विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट रेशमा चौधरी की अदालत में शूटर की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुईं। अदालत में संदीप नागर का मेडिकल प्रपत्र न होने पर विशेष न्यायाधीश ने शूटर सूर्यकांत की जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

मुरादाबादः भाजपा जिला कमेटी में जाट समाज का दबदबा, वैश्य उपेक्षित

भाजपाः लंबे इंतजार के बाद घोषित भाजपा की जिला कमेटी अब भी सवालों में

Post on 3.4.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
लंबे इंतजार के बाद घोषित भाजपा की जिला कमेटी में जहां जाट समाज की चौधराहट रहीं वहीं वैश्य समुदाय को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। बीस सदस्यीय कमेटी में एक चौथाई पदों पर जाट नेता हावी रहे। इनमें उपाध्यक्ष बने नेता पर सबसे ज्यादा उंगली उठी है। इसी तरह सूची में जिले की सूची में शहर में रह रहे लोगों को अहमियत मिली है।जिला कमेटी परिवारवाद से भी मुक्त नहीं हो पाई। निगम में महिला पार्षद के पति को भी जिला कमेटी में जगह मिली है। उनके नाम को लेकर भी पहले विरोध हुआ था। भाजपा विधायक ने एक परिवार से दो लोगों को लेकर एतराज जताया था।

मुरादाबाद में भाजपा की महानगर के साथ ही जिला कमेटी की घोषणा होनी थी।तब महानगर कमेटी का ऐलान हो गया। लेकिन जिला कमेटी घोषणा से पहले ही वायरल होने से सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया।वायरल सूची में कई नामों पर आपत्ति जताई गई। पार्टी में
संगठन नेताओं की चर्चाओं में सवाल उठे तो प्रदेश नेताओं ने पार्टी में विरोध को देखते हुए जिला कमेटी की घोषणा को रोक दिया। हिन्दू नववर्ष के दौरान रुका भाजपा जिला कमेटी की घोषणा पन्द्रह दिन बाद अब हो सकीं। लेकिन लंबे इंतजार के बाद जिला कमेटी फिर से विवादों में है।
पार्टी हल्कों में कहा जा रहा है कि जिला कमेटी में जाट नेताओं का दबदबा है। 20 की जिला कमेटी में महिला समेत पांच जाट नेताओं को उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री का पद देकर शामिल किया गया है। जिला कमेटी में परिवार वाद भी है। जबकि जिले के मुकाबले शहरी नेताओं को तरजीह मिली है। कई नाम ऐसे है कि शहर में रहने के बावजूद जिले में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा बताकर संगठन में पद सौंप दिया गया।एक पूर्व विधायक के पुत्र के अलावा कुछ समय पहले अपराधिक मामलों में चर्चित नेता और पार्षद के पति भी कमेटी में जगह बनाकर नेताओं पर पकड़ बनाने का संदेश दे दिया। पर सबसे ज्यादा जिला कमेटी में किसी वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व न मिलना भी चौंकाने वाला है।

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