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जरूरतमंद को घर और बीमार के इलाज की होगी पूरी व्यवस्था : मुख्यमंत्री

April 2, 2026

जरूरतमंद को घर और बीमार के इलाज की होगी पूरी व्यवस्था : मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
02/04/2026

*मुख्यमंत्री जनता दर्शन : गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने की लोगों से मुलाकात*

*लगभग 100 लोगों की समस्याएं सुनकर दिया भरोसा, हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण*

गोरखपुर, 2 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मिलकर कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 100 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगो तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र लिए साथ ही निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने पुलिस से जुड़े मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की आवास योजना के तहत आवास मिलेगा । गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद मांगने वाले लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को आदेश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ आए बच्चों को चॉकलेट देकर सीएम योगी ने उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

March 31, 2026

Gorakhpur दुष्कर्म के आरोपी को 16 दिन में सजा

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
31/03/2026

16 कार्य दिवस में कठोर सजा: 6 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद

गोरखपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई बना नजीर, साक्ष्य छिपाने पर महिला को भी 4 साल की कठोर सजा

गोरखपुर। मासूम बच्ची से दुष्कर्म अपराध के मामले में त्वरित न्याय की मिसाल सामने आई है। थाना पीपीगंज में 21 फरवरी 2026 को 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में महज 16 दिन के भीतर न्यायालय ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुना दी।
मा० न्यायालय विशेष पॉक्सो-01 गोरखपुर ने अभियुक्त अशोक निषाद पुत्र टुनटुन निषाद, निवासी साखी उर्फ मेंहदरिया, थाना पीपीगंज को दोषी पाते हुए शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास तथा 55,000 के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, साक्ष्य छिपाने के आरोप में उसकी माँ सुनीता देवी को 4 वर्ष का कठोर कारावास और 5,000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
घटना 20/21 फरवरी 2026 की रात की है, जब एक शादी समारोह के दौरान आरोपी ने मासूम के साथ दरिंदगी की। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी और उसकी मां को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मात्र 5 दिनों में साक्ष्य एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद न्यायालय ने लगातार सुनवाई करते हुए 16 दिन में गवाहों के बयान और बहस पूरी कर कठोर सजा सुनाई।
इस केस में एडीजीसी राघवेन्द्र राम त्रिपाठी और एडीजीसी अरविन्द्र कुमार श्रीवास्तव की प्रभावी पैरवी अहम रही।
गोरखपुर पुलिस की यह कार्रवाई ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत त्वरित न्याय की एक बड़ी नजीर मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सख्त और त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में भय और आमजन में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होगा।

एसएसपी गोरखपुर ने किए पांच निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन, 2 उपनिरीक्षक का गैर जनपद ट्रांसफर

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
31/03/2026

गोरखपुर.एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पांचनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया है वहीं 2 उपनिरीक्षक को गैर जनपद ट्रांसफर कर दिया हैं।आपको बता दें कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने 5 निरीक्षक अंजुल कुमार चतुर्वेदी प्रभारी निरीक्षक थाना गगहा से थाना सिकरीगंज ,सतपाल सिंह प्रभारी आर टी सी को प्रभारी 112,जगदीश प्रसाद पाल पुलिस लाइन से प्रभारी निरीक्षक गगहा,नीरज कुमार राय पुलिस लाइन से प्रभारी एस ओ जी ,संदीप यादव रिट सेल से प्रभारी निरीक्षक बेलघाट बनाया है ।
वही एसएसपी ने 2 उपनिरीक्षक को गैर जनपद भेजा है।उपनिरीक्षक विकास नाथ थानाध्यक्ष बेलघाट को स्थानांतरित करते हुए जनपद देवरिया भेजा और थानाध्यक्ष सिकरीगंज आशीष तिवारी को भी स्थानांतरित करते हुए जनपद देवरिया भेजा है। एसएसपी ने उक्त कदम कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाया है ।

योगी की मां पर टिप्पणी करने वाला मौलाना हिरासत में

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
31/03/2026

गोरखपुर, 31 मार्च 26, उत्तर प्रदेश से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता जी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम को यूपी एसटीएफ (UP STF) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। भारी विरोध और देशभर में दर्ज दर्जनों मुकदमों के बाद, आखिरकार पुलिस ने आरोपी मौलाना को बिहार से दबोच लिया है।
गोरखपीठाधीश्वर और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के सम्मान में अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम पर कानून का शिकंजा कस गया है। यूपी एसटीएफ ने एक ऑपरेशन के तहत बिहार के पूर्णिया जिले के अमोर थाना क्षेत्र स्थित दलमालपुर से मौलाना को हिरासत में लिया।
बता दें कि मौलाना अब्दुल्ला सलीम मूल रूप से बिहार के अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र के पथराबाड़ी गांव का रहने वाला है। कुछ दिन पूर्व एक धार्मिक जलसे के दौरान मौलाना ने मुख्यमंत्री की मां को लेकर बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हिंदू संगठनों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया था
लखनऊ, गोरखपुर और बलरामपुर समेत यूपी के कई जिलों में मौलाना के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हुए
आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में 80 से अधिक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थीं
विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने मौलाना की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। यूपी पुलिस की एसटीएफ टीम अब मौलाना को लेकर उत्तर प्रदेश आ रही है, जहाँ उससे गहन पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

March 30, 2026

गोरखपुर कलेक्ट्रेट के कर्मचारी विकास कुमार राव बने असिस्टेंट कमिश्नर सेल टैक्स

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
30/03/2026

*संघर्ष से सफलता तक

गोरखपुर। देर रात्रि घोषित पीसीएस-2024 के परिणाम ने गोरखपुर कलेक्ट्रेट को गर्व से भर दिया। मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में अल्महद के पद पर कार्यरत रहे विकास कुमार राव ने 168वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) पद पर चयनित होकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे कलेक्ट्रेट परिवार का मान बढ़ाया है। परिणाम आते ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया।
27 वर्षीय विकास कुमार राव मूलतः बस्ती जनपद के रुधौली कस्बे के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय राजेश राव कलेक्ट्रेट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। जनवरी 2016 में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी अचानक विकास के कंधों पर आ गई। उसी वर्ष सितंबर में उन्होंने मृतक आश्रित के रूप में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी ज्वाइन की।
नौकरी के साथ-साथ विकास ने अपने काम से अलग पहचान बनाई। उनकी कार्यक्षमता और लगन को देखते हुए उनसे अक्सर लिपिकीय कार्य लिए जाते थे। मेहनत के बल पर उन्होंने विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2023 में पदोन्नत होकर मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में अल्महद के पद पर तैनात हुए।
हालांकि, उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था। नौकरी के साथ पढ़ाई में आ रही बाधाओं को देखते हुए विकास ने जुलाई 2024 में साहसिक निर्णय लेते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और दिल्ली जाकर पीसीएस की तैयारी शुरू कर दी। जब उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश को अपना इस्तीफा सौंपा, तो डीएम ने उन्हें तैयारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। बावजूद इसके, किसी प्रकार की औपचारिक आपत्ति से बचने के लिए विकास ने त्यागपत्र देना ही उचित समझा।
उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम रविवार को सामने आया, जब उन्होंने पीसीएस-2024 में 168वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर सेल टैक्स का पद प्राप्त किया। विकास न सिर्फ पढ़ाई में उत्कृष्ट रहे, बल्कि खेलों में भी उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। वर्ष 2019 में तायक्वांडो में मलेशिया जाकर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था।
गोरखपुर में इंदिरा नगर में रहकर नौकरी करने वाले विकास दो भाइयों में बड़े हैं। उनकी सफलता पर कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी बेहद प्रसन्न हैं। सभी का कहना है कि विकास की यह उपलब्धि पूरे कलेक्ट्रेट के लिए गर्व की बात है और यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।
विकास कुमार राव ने अपनी सफलता का श्रेय कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और सहकर्मियों को देते हुए कहा कि उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए सहयोग और प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
विकास की यह प्रेरणादायक कहानी उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते।

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