Web News

www.upwebnews.com

मुख्यमंत्री योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ गोरखपुर में आक्रोश

March 9, 2026

मुख्यमंत्री योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ गोरखपुर में आक्रोश

Santosh Kumar Singh
Girakhpur
09/03/2026

वकीलों की एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता पर टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ देशभर में आक्रोश का माहौल है। वहीं गोरखपुर में भी लोग अक्रोशित है इस संदर्भ में कैंट थाने में दीवानी कचहरी के वकीलों ने मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है, वकीलों का कहना है कि यदि फिर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई तो वकील सड़क पर उतरने के लिए भी मजबूर होंगे क्योंकि मां, मां होती है, चाहे वह किसी आमजन की हो या मुख्यमंत्री की।

रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें बिहार का एक मौलाना अब्दुल सलीम किसी धार्मिक जलसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी पर टिप्पणी करते हुए गलत भाषा का इस्तेमाल करता नजर आ रहा है, जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोग मौलाना के खिलाफ अक्रोषित हो गए और विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, लखनऊ में इस मामले को लेकर जमकर प्रदर्शन हुआ और आरोपी मौलाना के खिलाफ वहां भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी कड़ी में गोरखपुर दीवानी कचहरी के वकीलों ने भी सोमवार को कैंट थाने पहुंचकर आरोपी मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि मां किसी की भी हो, चाहे वह आमजन की हो या किसी मुख्यमंत्री की मा, मां ही होती है यदि किसी की भी मां के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी की जाएगी तो उसका विरोध निश्चित रूप से होगा। इस बारे में अधिवक्ता अवनीश कुमार सिंह का कहना है कि आज हम लोग कैंट थाने पहुंचकर sho से मुलाकात की और एक पत्रक देकर आरोपी अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि कार्यावाई नहीं होती है, तो फिर हम लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे, यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं आमजन से जुड़ा हुआ मामला है। सोशल मीडिया पर यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ गलत बोलता है,तो उसके खिलाफ सूटसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई निश्चित रूप से होने चाहिए।

March 8, 2026

दिशा समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता पर सख्त हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कमलेश पासवान

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
08/03/2029

*5 वर्ष के भीतर टूटी सड़कों की मरम्मत न कराने वाली कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश*

 

गोरखपुर। जिले में संचालित केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए रविवार को एनेक्सी सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बांसगांव सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने की। बैठक में जिले में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़कों के समय से पहले क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर सांसद कमलेश पासवान ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई सड़क निर्माण के पांच वर्ष के भीतर ही टूट जाती है तो उसकी मरम्मत संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा ही कराई जानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई संस्था पांच वर्ष की अवधि के भीतर खराब हुई सड़क की मरम्मत कराने में लापरवाही बरतती है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
बैठक में सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और गांवों को बेहतर सड़क, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जनता से मिलने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जिन पात्र परिवारों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें चिन्हित कर शीघ्र लाभान्वित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आवास निर्माण की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत गांवों में घर-घर नल से जल पहुंचाने की योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस योजना को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक योजना का कार्य अधूरा है, वहां तेजी से काम कराते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का गंभीरता से पालन कराया जाएगा।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी बैठक में नगर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और विकास कार्यों पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने शहर में सड़कों की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह और विधायक प्रदीप शुक्ला ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर सुझाव दिए। जनप्रतिनिधियों ने कई स्थानों पर सड़क, पेयजल और अन्य योजनाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी देते हुए उनके समाधान की मांग की।
सांसद कमलेश पासवान ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब आम जनता को उसका वास्तविक लाभ मिले।
बैठक के अंत में सांसद ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक सरवन निषाद, विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक डॉ. महेंद्र पाल सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में जिले के विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला कारागार में लगा निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
08/03/2026

*गोरखपुर।* अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन की टीम द्वारा जिला कारागार गोरखपुर में निरुद्ध महिला बंदियों के लिए एक वृहद निःशुल्क स्वास्थ्य एवं दंत चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

शिविर में जेल में निरुद्ध महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के दांतों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक उपचार के साथ उन्हें दवाइयां और हाइजीन किट भी उपलब्ध कराई गई। शिविर में इंडियन डेंटल एसोसिएशन की टीम ने अपनी सेवाएं देते हुए बंदियों के दांतों का सूक्ष्म परीक्षण किया। इस दौरान डॉ. प्रियंका वर्मा, डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, डॉ. मीनाक्षी राय, डॉ. शालिनी शर्मा और डॉ. गरिमा श्रीवास्तव सहित महिला चिकित्सकों की टीम मौजूद रही।

परीक्षण के दौरान जिन महिला बंदियों में पायरिया, कैविटी व अन्य संक्रमण पाए गए, उन्हें मौके पर ही उपचार दिया गया।
इस टीम में डॉ. प्रीति अग्रवाल, डॉ. शिप्रा सिंह, डॉ. मनमीत आनंद, डॉ. शिल्पा सिंह, डॉ. शिवांगी श्रीवास्तव, डॉ. पल्लवी तिवारी एवं डॉ. एच.एन. शर्मा भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
चिकित्सकों ने महिला बंदियों को दांतों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि दांतों की स्वच्छता न केवल चेहरे की सुंदरता बल्कि पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने दिन में दो बार ब्रश करने और तंबाकू उत्पादों से दूर रहने की सलाह दी।

जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने इंडियन डेंटल एसोसिएशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन बेहद जरूरी है, ताकि उन्हें जेल परिसर में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकें। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए पूरी टीम का आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय, जेलर अरुण कुमार कुशवाहा, उप जेलर विजय कुमार, श्रीमती कृष्णा कुमारी, श्रीमती अनीता श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय कुमार, फार्मासिस्ट शेष कुमार शर्मा सहित अन्य कारागार कर्मी उपस्थित

March 7, 2026

फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 9.5 लाख की ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
07/03/2026

राजघाट पुलिस ने 1.80 लाख नगद, कार-बाइक, मोबाइल व अन्य सामान किया बरामद*

गोरखपुर।राजघाट थाना पुलिस ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर व्यापारी से 9.5 लाख रुपये ठगने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन सहित 1 लाख 80 हजार रुपये नगद भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना राजघाट में दर्ज मुकदमा संख्या 17/2026 से संबंधित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान हैदर अली पुत्र सब्बीर अली निवासी पिपरिया, जनपद होशंगाबाद (मध्यप्रदेश) और मुस्तफा अली पुत्र सोहराब अली निवासी गढ़ी जलालपुर थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी के रूप में हुई है।
पूछताछ में सामने आया कि 30 जनवरी 2026 को एक व्यापारी 9 लाख 50 हजार रुपये बैंक में जमा कराने जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताते हुए व्यापारी को रोक लिया और पैसे से संबंधित दस्तावेज दिखाने के बहाने मौका देखकर रुपये से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पीड़ित की तहरीर के आधार पर राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 1 लाख 80 हजार रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त एक चार पहिया वाहन, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, एक डोंगल तथा दो आरसी कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मुकदमे में विभिन्न धाराओं की बढ़ोतरी भी की गई है।
पुलिस के अनुसार पकड़ा गया अभियुक्त हैदर अली के खिलाफ मध्यप्रदेश में भी चोरी से संबंधित एक मुकदमा दर्ज है। दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गोरखपुर की इशिता शर्मा बनीं IAS, चौथे प्रयास में हासिल की 26वीं रैंक*

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
07/03/2026

लगन, मेहनत और बड़े भाई के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेय, शिक्षा में सुधार का संकल्प*

गोरखपुर।जनपद के होनहारों ने एक बार फिर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। जनपद के राप्तीनगर की रहने वाली इशिता शर्मा ने यूपीएससी परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
इशिता शर्मा ने चौथे प्रयास में यह बड़ी सफलता प्राप्त की। इससे पहले अपने तीसरे प्रयास में वह साक्षात्कार (इंटरव्यू) तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम सूची में स्थान नहीं बना सकीं। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने प्रयास जारी रखा और आखिरकार चौथे प्रयास में 26वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।
इशिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई पूरी की है। सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने कॉमर्स को ही वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। खास बात यह है कि उन्होंने घर पर रहकर ही सिविल सेवा की तैयारी की। इससे पहले वह पहले ही प्रयास में नेट-जेआरएफ भी उत्तीर्ण कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।
इशिता के पिता डी.के. शर्मा बैंक मैनेजर हैं, जबकि माता अर्चना शर्मा गृहिणी हैं। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने बड़े भाई को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से वह लगातार आगे बढ़ती रहीं।
अपनी सफलता का मंत्र बताते हुए इशिता ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए लगन, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वैकल्पिक विषय का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
इशिता शर्मा ने कहा कि आईएएस बनने के बाद वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष रूप से कार्य करना चाहती हैं, ताकि समाज के अधिक से अधिक बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

« Newer PostsOlder Posts »