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एटा में राज मिस्त्री को दो दिन पहले मिली धमकी के बाद खेत में मिला शव

April 16, 2026

एटा में राज मिस्त्री को दो दिन पहले मिली धमकी के बाद खेत में मिला शव

एटा 16 अप्रैल उप्रससे। जनपद में जैथरा थाना क्षेत्र के छोकरिया गांव में 32 वर्षीय राज मिस्त्री का शव खाली खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। गुरूवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीण गेहूं की कटाई के लिए खेतों में पहुंचे थे, तभी उन्होंने शव पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही जैथरा पुलिस के साथ आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। एडिशनल एसपी श्वेताभ पांडेय और एसपी क्राइम योगेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।

मृतक जितेंद्र पुत्र सौदान सिंह पेशे से राज मिस्त्री था और अपने पीछे पत्नी बसंती व चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिवार में तीन बेटियां सोनम (14), भऊआ (10), रवीना (8) और एक बेटा प्रियांश (10) हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

मृतक जितेंद्र को दो दिन पहले मिली थी धमकी

मृतक के भाई राम मोहन ने गांव के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दो दिन पहले उस व्यक्ति ने जितेंद्र को धमकी दी थी, जिसके बाद से वह काफी चिंतित था। परिजनों को आशंका है कि उसी ने इस घटना को अंजाम दिया है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सकीट नितेश कुमार गर्ग के नेतृत्व में जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

एटा में बहन की शादी से 3 दिन पहले भाई ने लगाई फांसी, पैसों की कमी के चलते उठाया कदम

एटा 16 अप्रैल उप्रससे। जनपद में मारहरा थाना क्षेत्र के फतेहपुर माफी गांव में गुरुवार को 30 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया।

मृतक राकेश पुत्र सतीश कुमार ने घर के दरवाजे के कुंडे पर फंदा लगाकर अपनी जान दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय मोर्चरी भेज दिया।
वहीं मृतक के भाई श्याम पाल ने बताया कि 19 अप्रैल को उनकी बहन की शादी होनी थी और पैसों की कमी के कारण सतीश ने यह कदम उठाया।

8 वर्ष पहले हुई थी मृतक की शादी

राकेश की शादी आठ साल पहले जनपद कासगंज के सहावर थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव में हुई थी। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें छह साल का बेटा आर्यन, चार साल की आरती, दो साल की करिश्मा और एक माह की बच्ची आराध्या शामिल हैं।

पिता सतीश कुमार ने बताया कि वह बेटी की शादी के पिछले कई दिनों से न्यौता बांटने में लगे हुए थे। मेरे तीन बेटे हैं किसी बेटे से शादी के लिए पैसे नहीं मांगे। यह बड़ा बेटा था। शराब पीने का आदी था। घटना के समय हम परिवार के लोग गेहूं उठाने खेत पर गए हुए थे।

मारहरा थाना प्रभारी केके लोधी ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी

April 15, 2026

ऑपरेशन दौरान महिला की मौत, डॉक्टर फरार

एटा में निजी अस्पताल का मामला

एटा। कोतवाली नगर क्षेत्र के शिकोहाबाद रोड स्थित सदाशिव अस्पताल में बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने आई 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत ब्लड चढ़ाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा मच गया और आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो गए।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमॉर्टम कराया।

50 साल की रूपा देवी पत्नी वीरपाल निवासी गिलोरी, थाना पटियाली, जनपद कासगंज से एटा में बच्चेदानी का ऑपरेशन करवाने आई थीं। रविवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए उन्हें ब्लड चढ़ाया। एक यूनिट ब्लड चढ़ाने के बाद रूपा देवी की हालत बिगड़ गई। जब डॉक्टर ने दूसरी यूनिट ब्लड चढ़ाया, तो उसी दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के भतीजे मनजीत ने बताया कि मौत के बाद अस्पताल से डॉक्टर फरार हो गए हैं।

वर्जन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि सदाशिव अस्पताल पंजीकृत है। महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद एसीएमओ को जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एटा में अभद्रता और इलाज से इंकार पर डॉक्टर मुकेश परमार बर्खास्त

एटा 15 अप्रैल उप्रससे। एटा मेडिकल कॉलेज में पत्रकार से अभद्रता और मरीज का इलाज ठुकराने पर संविदा डॉक्टर मुकेश परमार को बर्खास्त कर दिया, जांच जारी

वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में लगभग एक सप्ताह से चर्चा में चल रहा डाक्टर के गंभीर प्रकरण में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संविदा पर तैनात आर्थोपेडिक्स विभाग के बहुचर्चित चिकित्सक डॉ. मुकेश परमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायत और उसके बाद हुई जांच के आधार पर की गई है। जिसमें डॉक्टर पर एक पत्रकार और मरीज के तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार मारपीट करने, मरीज को धमकाने और इलाज से इंकार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से डॉक्टर की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।

सूत्रों के मुताबिक, संबंधित डॉक्टर पर पहले भी दबंगई और अनुशासनहीनता के आरोप लगते रहे हैं। साथ ही उनके द्वारा तीन जगहों पर निजी चिकित्सालय संचालित किए जाने और मैडिकल कालेज से मरीजो को प्राइवेट क्लीनिक ले जाने की भी चर्चा रही है, जिससे विवाद और गहरा गया था। इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह द्वारा डॉक्टर को सस्पेंड किए जाने की मौखिक जानकारी दी गई थी, लिखित आदेश मांगने पर बताया गया कि यह कार्यालय कापी होती है किसी को दी नहीं जा सकती लेकिन लिखित आदेश न देने को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। अब स्पष्ट कार्रवाई सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को कुछ हद तक विराम मिला है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने उक्त प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं जो अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश के नेतृत्व में की जा रही है। मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, इस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

April 13, 2026

एटा में एसएसपी डॉ. इलामारन के नेतृत्व में पुलिस का संकल्प- अब हर निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी

एटा 13 अप्रैल उप्रससे। जनपद एटा में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को नई धार देने के उद्देश्य से पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय हॉल में “नारी शक्ति वंदन सम्मेलन” का लाइव प्रसारण सामूहिक रूप से देखा गया। इस दौरान पुलिस महकमे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम को गंभीरता और उत्साह के साथ देखा और महिला सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देशन में आयोजित किया गया। जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेंद्र सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ जनपद के विभिन्न थानों पर संचालित मिशन शक्ति केंद्रों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
अपर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह ने उपस्थित पुलिसकर्मियों और मिशन शक्ति टीम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जागरूकता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन शक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए हर गांव और मोहल्ले तक महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक महिलाओं को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी नहीं होगी, तब तक सशक्तिकरण अधूरा रहेगा। इसलिए हर स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का प्रण लिया।

पुलिस लाइन में आयोजित यह कार्यक्रम केवल प्रसारण देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक मजबूत संदेश बनकर उभरा।

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