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बैंक अधिकारियों के विरुद्ध झूठी शिकायतों की प्रारंभिक जांच के लिए जिला स्तरीय समिति बनाने की मांग

August 11, 2026

बैंक अधिकारियों के विरुद्ध झूठी शिकायतों की प्रारंभिक जांच के लिए जिला स्तरीय समिति बनाने की मांग

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस लखनऊ जिला इकाई

*दुर्भावनापूर्ण शिकायतों से बैंक अधिकारियों के उत्पीड़न को रोका जाना आवश्यक- लक्ष्मण सिंह प्रदेश सचिव*

लखनऊ। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (आयबॉक) के प्रदेश सचिव श्री लक्ष्मण सिंह ने आज मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से बैंक अधिकारियों के विरुद्ध उनके आधिकारिक कार्यों, ऋण वसूली एवं सरफेसी कार्रवाई से संबंधित आपराधिक शिकायतों की प्रारंभिक जांच के लिए प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है।

आयबॉक के अनुसार, निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत ऋण वसूली करने वाले बैंक अधिकारियों के विरुद्ध कई बार दबाव बनाने अथवा वसूली कार्रवाई रोकने के उद्देश्य से शिकायतें की जाती हैं। ऐसी शिकायतों के कारण अधिकारियों को पुलिस जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है, जिससे ऋण वसूली भी प्रभावित होती है।

प्रस्तावित समिति में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल किए जाने का सुझाव दिया गया है। समिति शिकायत की प्रथम दृष्टया जांच कर यह देखेगी कि मामला वास्तविक आपराधिक कृत्य से जुड़ा है या बैंक की वैधानिक वसूली कार्रवाई को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया है।

आयबॉक ने स्पष्ट किया कि वास्तविक शिकायतों की जांच में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए, लेकिन निराधार एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों से बैंक अधिकारियों के उत्पीड़न को रोका जाना आवश्यक है। इससे ऋण वसूली, वित्तीय अनुशासन और बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास मजबूत होगा।

यूनाइटेड फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया आयबॉक के प्रदेश सचिव श्री लक्ष्मण सिंह ने उपरोक्त पत्र मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, मुख्य सचिव उ.प्र. शासन, प्रमुख सचिव गृह विभाग उ.प्र., पुलिस महानिदेशक उ.प्र., एसएलबीसी तथा महानिदेशक संस्थागत वित्त विभाग को मेल द्वारा भेज कर कार्रवाई करने की मांग रखी।

अनिल तिवारी, मीडिया प्रभारी
(मो. 7355 7345 44)

शमन आवेदन’ को टालमटोल का हथियार बनाने वालों पर होगी कार्रवाई*

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश*

– *जोन वार शमन के लंबित प्रकरणों को निस्तारित करने का दिया टारगेट*

– *नयी पहलः अब से एलडीए की वेबसाइट पर आपत्ति-सुझाव दर्ज करा सकेंगे लोग*

लखनऊ में नियमों के विपरीत निर्माण करा रहे बिल्डर अब शमन आवेदन की आड़ लेकर बच नहीं पाएंगे। एलडीए ऐसे बिल्डरों/भवन स्वामियों को चिन्हित करेगा, जिन्होंने शमन के लिए आवेदन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद न तो निर्धारित शुल्क जमा किया और न ही सही तरीके से मानचित्र जमा किया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को शमन मामलों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिये हैं।

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शमन के जोन वार लंबित मामलों की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि प्रवर्तन की कार्रवाई प्रचलित होने पर कुछ बिल्डरों ने शमन मानचित्र के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर दिया, लेकिन उसके बाद आगे की प्रक्रिया में किसी भी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखायी। इतना ही नहीं, अधिकारियों द्वारा संपर्क करने पर भी वह लोग लंबे समय से टालमटोल का रवैया अपनाये हुये हैं। उपाध्यक्ष ने ऐसे समस्त प्रकरणों को चिन्हित करके सम्बंधित भवन स्वामियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। जिसके अंतर्गत एक सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर ऐसे निर्माण कार्यों को सील किया जाएगा। साथ ही विहित प्राधिकारी न्यायालय में पैरवी करके नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाएगी।

*सही मामलों में हो अविलम्ब निस्तारण*
समीक्षा बैठक में पाया गया कि शमन के कुछ मामलों में भवन स्वामी नियमानुसार एफ0ए0आर0 (फ्लोर एरिया रेशियो) खरीदने पर सहमत हैं और समस्त शुल्क जमा करना चाहते हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि सही मामलों में बिना देर किये निस्तारण करते हुए शमन मानचित्र जारी किया जाए। जिससे कि भवन स्वामियों को बेवजह परेशान न होना पड़े।

*ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे आपत्ति-सुझाव*
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करके आपत्ति-सुझाव आमंत्रित किये जाते हैं। इसमें लोग प्रार्थना पत्र के माध्यम से आपत्ति-सुझाव दर्ज कराते हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने पर आपत्ति-सुझाव संकलित करने में पत्रावली कई पटलों पर जाती है, जिसमें अनावश्यक समय लगता है। ऐसे में अब से लोगों को एलडीए की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आपत्ति-सुझाव दर्ज करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें लोग टिप्पणी के साथ सम्बंधित दस्तावेज भी अटैच कर सकेंगे।

अमिताभ श्रीवास्तव की लखनऊ व्यापार मण्डल में घर वापसी

लखनऊ मंगलवार को वेवियन रेस्टोरेंट, भूतनाथ, लखनऊ में ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित एक गरिमामय समारोह में वरिष्ठ व्यापारी नेता अमिताभ श्रीवास्तव ने लखनऊ व्यापार मण्डल में घर वापसी की। इस अवसर पर उनका पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।

अमिताभ श्रीवास्तव के साथ दीपक चौहान, संतोष त्रिपाठी, कृष्णवीर सिंह, आशीष शर्मा, गौतम सिंह, सूरज यादव, अक्षय जायसवाल, अनुज सिन्हा, सुशील श्रीवास्तव, रजनीश टोडरिया, अभिषेक राय, धर्मेंद्र तिवारी, सिद्धार्थ जैन, शशि प्रताप सिसोदिया, राहुल शर्मा, मनोज सिंह, शुभम पांडे, सुधीर कुमार, अभिजीत सिंह, हेमेंद्र सिंह, विशाल चौहान, मनु शुक्ला, दीपक शुक्ला, विक्की दयालानी, निखिल विशनानी, अमन बक्शी, निखिल तोलानी, तरुण वाधवानी, दीपक अग्रवाल, गौरव बाजपेई, रोहित राठौर, शिवम पटेल, विशाल अग्निहोत्री एवं शिवमूरत सहित सैकड़ों व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मण्डल की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल सदैव व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है। संगठन की एकजुटता ही व्यापारियों की सबसे बड़ी शक्ति है और सभी व्यापारियों को एक मंच पर रहकर अपने अधिकारों एवं समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करना चाहिए।

ट्रान्सगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव की घर वापसी से संगठन को नई ऊर्जा एवं मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी नवसदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से व्यापारियों के हितों की लड़ाई और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने यू.पी.आई. लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा डिजिटल भुगतान व्यवस्था प्रभावित होगी।

सरकार को यू.पी.आई. लेन-देन पूर्णतः निःशुल्क बनाए रखना चाहिए।
अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव हमारे छोटे भाई की तरह थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

उनकी घर वापसी से संगठन और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लालफीताशाही एवं कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न चरम पर है। व्यापारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है मानो वे बंधुआ मजदूर हों, जबकि उनकी समस्याओं की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो व्यापारियों को अपनी जायज मांगों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष एवं आंदोलन के लिए सदैव तैयार रहना होगा। नगर निगम द्वारा जियो टैगिंग के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

वहीं शहर में अतिक्रमण एवं ई-रिक्शा संचालन को लेकर स्पष्ट नीति के अभाव में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे बाजारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों तक व्यापारियों की आवाज पहुंचने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में संगठित संघर्ष ही एकमात्र प्रभावी विकल्प रह जाता है।

वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि लखनऊ व्यापार मण्डल सदैव व्यापारियों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और सभी बाजारों के व्यापारियों से संगठन से जुड़कर इसे और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ महामंत्री उमेश शर्मा ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव के लखनऊ व्यापार मण्डल में पुनः शामिल होने से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव का व्यापारियों के बीच व्यापक जनाधार और लंबा अनुभव संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगा। उनके नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता से व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन का संघर्ष और प्रभावी होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके साथ जुड़ने से बड़ी संख्या में व्यापारी लखनऊ व्यापार मण्डल से जुड़ेंगे और संगठन निरंतर मजबूत होता जाएगा।
कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सबसे अधिक उपेक्षा भी उसी की हो रही है।

विभिन्न विभागों की जटिल प्रक्रियाओं, अनावश्यक नोटिसों एवं प्रशासनिक उत्पीड़न से व्यापारी परेशान हैं। लखनऊ व्यापार मण्डल व्यापारियों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी मजबूती से संघर्ष करता रहेगा।

व्यापारियों ने जुलूस के रूप में पूरे बाजार का भ्रमण किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मण्डल को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय संगठन बनाने तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमरनाथ मिश्र, देवेंद्र गुप्ता, पवन मनोचा, उमेश शर्मा, उत्तम कपूर जिला महामंत्री अरविंद पाठक, नितिन जैन, अभिषेक सिंह चौहान सतनाम सिंह मनीष वर्मा, अभिषेक गुप्ता, चिराग जाखोड़िया ऋषी मेहरा रिक्कू यादव एवं विशाल चौरसिया सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

पूर्वांचल के सशक्त ब्राह्मण नेता एवं पूर्व स्नातक क्षेत्र प्रत्याशी बी.के. शुक्ला ने थामा राष्ट्रीय लोकदल का दामन


लखनऊ, पूर्वांचल के वरिष्ठ एवं चर्चित नेता तथा रायबरेली निवासी बी.के. शुक्ला, पूर्व प्रत्याशी स्नातक लखनऊ खंड, ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के आवास पर उनके समक्ष राष्ट्रीय लोकदल की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही।

राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बी.के. शुक्ला को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराते हुए उनका स्वागत किया और कहा कि अपने समाज के अधिक से अधिक लोगों को एकजुट करिए तथा पूर्वांचल में राष्ट्रीय लोकदल के संगठन को मजबूत करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दीजिए।

इस अवसर पर रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने कहा कि बी.के. शुक्ला पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक चर्चित और जमीन से जुड़े नेता हैं तथा ब्राह्मण समाज में उनकी मजबूत पकड़ है। उनके राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने से पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने में निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। आगामी विधानसभा चुनाव में भी इसका लाभ राष्ट्रीय लोकदल को मिलेगा, क्योंकि शुक्ला जी जमीन से जुड़े नेता हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार को लेकर लगातार सक्रिय है और समाज के सभी वर्गों के लोगों को पार्टी से जोड़ने का अभियान जारी है। बी.के. शुक्ला के अनुभव और सामाजिक संपर्क से पार्टी के संगठन को और मजबूती मिलेगी।

बी.के. शुक्ला लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने लखनऊ स्नातक खंड से विधान परिषद सदस्य का चुनाव भी लड़ा था और 10 हजार से अधिक मत प्राप्त किए थे। लखनऊ स्नातक खंड के अंतर्गत आने वाले प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई और बाराबंकी सहित सात जनपदों में उनकी लंबे समय से सक्रियता रही है।

इस अवसर पर रालोद संसदीय दल के अध्यक्ष के.सी. त्यागी, सांसद चंदन चौहान, विनय कुमार मिश्रा, डॉ. शक्ति कुमार पांडेय, कृष्ण मोहन चतुर्वेदी, गौरव शुक्ला, धनंजय तिवारी, प्रवीन्द्र सिंह, के.बी. सिंह, हिमांशु देवरा, सचिन सिंह, अक्षय चौधरी सहित पूर्वांचल एवं अवध क्षेत्र से आए अनेक लोग उपस्थित रहे।

बी.के. शुक्ला के राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने से पार्टी को पूर्वांचल एवं अवध क्षेत्र में संगठन विस्तार के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक स्तर पर भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राम मंदिर CEO चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर अमिताभ ठाकुर ने उठाए सवाल

लखनऊ पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ट्रस्ट को भेजे अपने पत्र में कहा है कि लगभग 5,200 आवेदनों में से 18 अभ्यर्थियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए 11 और 12 अगस्त को अयोध्या बुलाए जाने की बात कही गई है। उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्हें अपने चयन अथवा गैर-चयन को लेकर कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन ट्रस्ट की अब तक की कार्यप्रणाली से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हजारों आवेदन प्राप्त होने, उनकी छंटाई पूरी होने और अंतिम साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन की खबरें सामने आने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से उन अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जो उचित नहीं है।

अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से अंतिम साक्षात्कार हेतु चयनित सभी अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक करने, चयन के प्रमुख मानदंड एवं प्रक्रिया बताने तथा सभी आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की औपचारिक सूचना देने का अनुरोध किया है।

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