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मुख्यमंत्री ने 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

March 7, 2026

मुख्यमंत्री ने 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

  • मुख्यमंत्री ने ‘सेफ यू0पी0’ और ‘समृद्ध यू0पी0’ की
लखनऊ : 06 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम उत्तर प्रदेश को समृद्धि की ऊंचाइयों की ओर लेकर जा रहे हैं। विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने के प्रयासों की कड़ी सुरक्षा से ही प्रारम्भ होती है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह कार्य करके दिखाया है कि एक बिगड़े हुए, अराजक, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य को भी ‘सेफ यू0पी0’ के रूप में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्यू0आर0टी0 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘सेफ यू0पी0’ और ‘समृद्ध यू0पी0’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को अभिनव प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यह पहली बार हुआ कि कानून व्यवस्था भी चुनाव का मुद्दा बनी तथा आजादी के बाद पहली बार कोई सरकार अपना 05 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से चुनी गई। यह उन्हीं प्रयासों का परिणाम है, जो वर्ष 2017 से 2022 के दौरान राज्य में उत्तर प्रदेश पुलिस ने किए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है। प्रदेश पुलिस ने हर वह कार्य किया, जो भारत की आत्मा वाले राज्य को सजाने व संवारने के लिए यहां के नेतृत्व ने चाहा है। विगत 09 वर्षों में इन कार्यों के परिणाम भी सभी के सामने हैं। इन वर्षों में उत्तर प्रदेश का परसेप्शन बदला है। इसके लिए कुछ कदम उठाए गए तथा रिफॉर्म किए गए। ट्रांसफॉर्मेशन बिना रिफॉर्म के नहीं हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल के पास कुल 9,500 चार पहिया वाहन थे। आज इनकी संख्या 15,500 से अधिक हुई है। दो पहिया वाहनों की संख्या वर्ष 2017 में मात्र 3,000 थी। आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक हुई है। यह वृद्धि केवल संख्या में ही नहीं हुई है, बल्कि इससे पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने में सफलता मिली है। आपातकालीन स्थिति में की जाने वाली त्वरित कार्यवाही ही ट्रस्ट में बदलती है। यह ट्रस्ट ही ट्रांसफॉर्मेशन का आधार बनता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मॉडर्न पुलिसिंग के 03 महत्वपूर्ण सूत्र-इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी बताए हैं। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश पुलिस बल का कुल बजट लगभग 16 हजार करोड़ रुपये था। वह भी खर्च नहीं हो पाता था। वर्षों पहले जिले बने थे, लेकिन जिला मुख्यालय और पुलिस लाइन्स का निर्माण नहीं हो पाया था। फिर परिणाम कैसे आते। पुलिस के असलहे पुराने थे, उनके पास कोई सुविधा नहीं थी। इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कार्य नहीं हुए थे। बैरकों की स्थिति बहुत खराब थी, जिनमें जवानों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था। वर्ष 2017 में लखनऊ पुलिस लाइन्स के निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां के बैरकों की अव्यवस्था स्वयं देखी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के 55 जनपदों में सबसे ऊँची बिल्डिंग उत्तर प्रदेश पुलिस अवस्थापना सुविधाओं की है। आज राज्य में मॉडल थाने, मॉडल फायर स्टेशन बन रहे हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल की ट्रेनिंग क्षमता मात्र 03 हजार थी। प्रदेश में उस समय वर्षां से पुलिस भर्ती नहीं की गयी थी तथा निष्पक्ष भर्ती पर एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ था। उस समय अन्य राज्यों एवं मिलिट्री तथा पैरा मिलिट्री की ट्रेनिंग क्षमता का उपयोग करने के पश्चात लगभग 30 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की क्षमता प्राप्त हुई। हमारी सरकार द्वारा पुलिस के ट्रेनिंग सेण्टरों की अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया गया। हाल ही में प्रदेश पुलिस बल में 60,244 पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी। सभी नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग प्रदेश के ही ट्रेनिंग सेण्टरों में करायी गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में तीन नये आपराधिक कानून लागू किये गये। इन तीन नये कानूनों में 07 वर्ष से अधिक की प्रत्येक सजा पर फॉरेन्सिक साक्ष्य की आवश्यकता पड़ती है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 02 फॉरेन्सिक लैब थीं। आज प्रदेश में 12 फॉरेन्सिक लैब हैं। ए-ग्रेड की 06 फॉरेन्सिक लैब निर्माणाधीन हैं। एक विश्वस्तरीय फॉरेन्सिक इन्स्टीट्यूट भी उत्तर प्रदेश में है। इस इन्स्टीट्यूट में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टीफिकेट कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। प्रत्येक जनपद में 02-02 फॉरेन्सिक मोबाइल वैन तैनात हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, एस0डी0आर0एफ0 का गठन हो चुका है। पी0ए0सी0 की 03 महिला बटालियन का गठन किया जा चुका है और 03 नई महिला पी0ए0सी0 बटालियन का गठन किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी को आगे बढ़ाने के प्रयास प्रारम्भ किये गये हैं। जब टेक्नोलॉजी और ट्राँसफॉर्मेशन एक साथ होता है तथा इसके जो परिणाम आते हैं, वही कॉमन मैन के ट्रस्ट का आधार बनते हैं। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक प्रदेश में निवेश के इच्छुक हैं। उन्हें प्रदेश की जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति पर विश्वास है। प्रदेश में बेटियां एवं व्यापारी सुरक्षित हैं। व्यापारी उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षां में प्रदेश में विकास सम्बन्धी अनेक कार्य किये गये हैं। प्रदेश में 02 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी है। आज प्रदेश में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद है, जिससे बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। आज उत्तर प्रदेश पुलिस बल एवं पी0ए0सी0 बल की मांग देश के अन्य राज्यों द्वारा भी की जाती है। प्रदेश सरकार तथा प्रदेश की पुलिस अपनी जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हम राज्य को सेफ व समृद्ध स्टेट तथा भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।
मुख्यमंत्री जी ने हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउण्डेशन ने सी0एस0आर0 निधि से 50 क्यू0आर0टी0 वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस बल को उपलब्ध कराये हैं। सुरक्षा के वातावरण में ही बेहतर व्यवसाय फलता-फूलता है, उद्यम आगे बढ़ता है तथा युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होते हैं। क्यू0आर0टी0 वाहनों की उपलब्धता सोशल सिक्योरिटी, इण्डस्ट्री और इकोनॉमिक ग्रोथ की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज यहां केवल 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों को प्रदान करने का समारोह मात्र नहीं है, बल्कि यह समारोह शासन-प्रशासन, इण्डस्ट्री और समाज की एक दिशा में सोचने की प्रक्रिया है। जब हम सभी एक दिशा में सोचते हैं, तो विकास तीव्र होता है। यह विकास ही सबके विश्वास का कारण बनता है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस0पी0 गोयल, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक लॉजिस्टिक्स श्री राम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था श्री अमिताभ यश सहित अन्य अधिकारीगण तथा हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन के वाइस प्रेसीडेन्ट कॉरपोरेट अफेयर्स श्री पीयूष मित्तल उपस्थित थे।

सिकंदराराऊ में रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव, मानसिक रूप से था परेशान

हाथरस। जनपद हाथरस के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
मृतक की पहचान गांव रामपुर चटोल निवासी बृजेश कुमार (25) पुत्र दुर्गपाल सिंह के रूप में हुई है। बताया गया है कि बृजेश पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और गुरुवार शाम को घर से बिना बताए कहीं चला गया था।
देर रात उसका शव पूर्वोत्तर रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिससे परिवार में गहरा शोक व्याप्त है

सादाबाद में तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल सवार किशोर को कुचला, मौके पर दर्दनाक मौत

हाथरस। सादाबाद क्षेत्र के एदलपुर बरी चौराहे के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल सवार किशोर को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार 14 वर्षीय शौर्य चौधरी साइकिल से मीरपुर की ओर जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का पहिया किशोर के सिर के ऊपर से गुजर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिकंदराराऊ में रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव, मानसिक रूप से था परेशान
हाथरस। जनपद हाथरस के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
मृतक की पहचान गांव रामपुर चटोल निवासी बृजेश कुमार (25) पुत्र दुर्गपाल सिंह के रूप में हुई है। बताया गया है कि बृजेश पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और गुरुवार शाम को घर से बिना बताए कहीं चला गया था।
देर रात उसका शव पूर्वोत्तर रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिससे परिवार में गहरा शोक व्याप्त है

सादाबाद में होली के दिन भीषण सड़क हादसा, NSG कमांडो की मौत, तीन साथी गंभीर घायल

हाथरस। जनपद हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में होली के दिन एक भीषण सड़क हादसे में NSG कमांडो की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना गुरुवार देर रात करीब 3 बजे पल्हावत गांव के पास हुई।
बताया गया है कि मथुरा के राया क्षेत्र निवासी NSG कमांडो योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा (32) अपने तीन दोस्तों के साथ थार गाड़ी से हाथरस में होली खेलकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े नीम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी के गेट और पहिए तक अलग हो गए।
हादसे में योगेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद विष्णु कुमार (28), सत्यवीर सिंह (32) और जीतू (30) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल सादाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें आगरा और अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।

नारी: शक्ति, संवेदना और सृजन -डाॅ० राकेश सक्सेना


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर

एटा 06 मार्च उप्रससे। सृष्टि के विकास में नर और नारी दोनों का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। प्रकृतिस्वरूपा होने के कारण सृष्टि पहले से ही रहस्यात्मक थी किन्तु इसको गंभीरतम बनाने में नर-नारी का मिथुनस्वरूप सहायक सिद्ध हुआ। अपने पौरुष, साहस,शौर्य और तेज के कारण यदि नर एक भिन्न वर्ग में आ गया तो नारी भी अपनी दया, त्याग, उदारता, सहनशीलता, सुकुमारता और धैर्य के कारण एक अलग वर्ग में समझी जाने लगी। चुम्बक और धातु की तरह ये दोनों एक-दूसरे से आकृष्ट होने लगे, इसी कारण मानव जीवन में नर और नारी का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है। नारी के बिना नर और नर के बिना नारी दोनों अपूर्ण हैं। नर यदि अग्नि है तो नारी ईंधन। नर यदि समुद्र है तो नारी किनारा। नर यदि दीपक है तो नारी प्रकाश। नर यदि वृक्ष है तो नारी उसका फल। दोनों का अपने-अपने स्थान पर महत्व है।
यौन आकर्षण को प्रजनन प्रेरणा के नाम से मानव जगत में पुकारा जाता है। प्रजनन जीव का महत्वपूर्ण कार्य है। गर्भ धारण करके संतान को जन्म देना,उसका पालन-पोषण करना मुख्यतः नारी का ही काम है,जो मानव जीवन की निरंतरता का आधार है। यह केवल जैविक प्रक्रिया नहीं बल्कि सृष्टि चक्र को आगे बढ़ाने वाली सृजनात्मक शक्ति है। प्रकृति ने नारी को मातृत्व का अद्भुत गुण प्रदान किया है। याज्ञवल्क्य मुनि का कथन है कि जिस तरह चने अथवा सीप का आधा दल दूसरे से मिलकर पूर्ण होता है उसी प्रकार पुरुष के सामने का खाली आकाश नारी के साथ मिलने से पूर्ण होता है। प्रकृति की इस मनोरम पुत्री ने अपने सौन्दर्य,व्यक्तित्व और कृतित्व के विविध रूपों से नर का पोषण किया है। माता, पत्नी, भगिनी, पुत्री, सखी, सेविका, परिचारिका, तपस्विनी आदि भूमिकाओं में नारी ने हमेशा ही संवेदनशीलता और समर्पण का परिचय दिया है। वह शक्ति,करुणा और सृजन का समन्वित रूप है।
भारतीय समाज व साहित्य में नारी को देवी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। भारतीय आदर्श जैसे विद्या का आदर्श सरस्वती, धन का लक्ष्मी में, पराक्रम का दुर्गा में, सौन्दर्य का रति में, पवित्रता का गंगा आदि नारी में ही समाहित है। इसीलिए महर्षि मनु ने कहा- ‘ यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता ‘ अर्थात् जहाँ नारी का पूजन होता है वहाँ देवता निवास करते हैं और जहाँ आदर नहीं होता वहाँ सभी कार्य विफल होते हैं, इसी अर्थ में फिर एक स्थान पर उन्होंने कहा-‘ शोचन्ति जाम यो यत्र विनश्यत्पाशु तत्कुलम् ‘ अर्थात् जिस घर में स्त्रियाँ शोक करतीं हैं, वह शीघ्र ही नष्ट होता है। कहने का तात्पर्य यह है कि शक्ति, समृद्धि और ज्ञान की अधिष्ठात्री नारी केवल कोमलता नहीं अपितु साहस और आत्मबल की धनी है। आधुनिक युग में शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, अंतरिक्ष और खेल आदि क्षेत्रों में भी वह शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण दिखाई दे रही है। शक्ति के साथ ही उसके हृदय में संवेदना, ममता और सहानुभूति का प्रवाह है जो परिवार,समाज और संस्कृति को मानवीय आधार प्रदान करती है। वह सम्बन्धों का निर्वाह ही नहीं करती बल्कि आत्मीयता से सींचती भी है। उसकी संवेदना का प्रथम रूप मातृत्व में ही दिखाई देता है जहाँ शिशु की पीड़ा को वह बिना शब्दों के ही समझ लेती है। परिवार को एकसूत्र में बाँधने का कार्य भी नारी ही करती है। आज की नारी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ रही है। वह अपने कार्यस्थल पर नेतृत्व करते हुए मानवीय मूल्यों को वरीयता प्रदान करती है, प्रेम की भाषा बोलती है, करुणा की ज्योति जलाए रखती है।
सृष्टि के मूल में नारी वह चेतना है जिसके बिना जीवन की कल्पना ही अधूरी है। वह जन्मदायिनी शक्ति के साथ हमारी संस्कृति, आदर्श और मूल्यों की भी सर्जक है, परिवार की शिक्षिका है। अपनी सृजनात्मक प्रतिभा से नारी ने साहित्य,चित्रकला, संगीत, नृत्य, नाट्यों, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रशासन, शिक्षा आदि सभी क्षेत्रों में नारी की सृजनशीलता हमारे समाज को नई दृष्टि प्रदान कर रही है। कहने का तात्पर्य यह है कि नारी शक्ति है क्योंकि वह संघर्ष में मुस्कुराती है, नारी संवेदना है क्योंकि वह टूटे सम्बन्धों को जोड़ती है,नारी सृजन है क्योंकि वह भविष्य को जन्म देती है। वह परिवार तक ही सीमित नहीं है अपितु समाज व राष्ट्र के उत्थान की प्रेरक शक्ति है। उसको जिस क्षेत्र में दायित्व सौंपा गया है वहाँ वह पुरुषों की तुलना में सफल व सक्षम सिद्ध हो रही है। उसने समाज को सोचने के लिए विवश कर दिया है कि वह नारी के प्रति अपना दृष्टिकोण बदले! उसको शिक्षित, स्वावलंबी, सुयोग्य, समुन्नत बनाने पर ध्यान दे।

डाॅ०राकेश सक्सेना, पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष, 68, शान्तीनगर, एटा ( उ०प्र० ) 207001*

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