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ट्रेनों में बेडरोल चोरी के नाम पर यात्रियों को बदनाम करना बंद हो

July 26, 2026

ट्रेनों में बेडरोल चोरी के नाम पर यात्रियों को बदनाम करना बंद हो

संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने रेल मंत्री को भेजा ज्ञापन

हाथरस। संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संबंधित रेलवे ज़ोन के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को ज्ञापन भेजकर ट्रेनों में बेडरोल ,चादर, कंबल, तकिया और तौलिया के नुकसान को यात्रियों द्वारा चोरी बताया जाने का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इसे आम रेल यात्रियों की छवि धूमिल करने वाला कदम बताते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।व्यापार मंडल का कहना है कि हाल ही में विभिन्न माध्यमों से यह प्रचारित किया गया कि यात्रियों द्वारा ₹104 करोड़ से अधिक मूल्य के बेडरोल गायब कर दिए गए हैं। संगठन का आरोप है कि रेलवे की आंतरिक प्रबंधन संबंधी कमियों,  डिपो की अनियमितताओं तथा निजी ठेकेदारी व्यवस्था की खामियों को छिपाने के लिए आम जनता को दोषी ठहराया जा रहा है।संगठन के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय, विपिन वार्ष्णेय और कन्हैया वार्ष्णेय ने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लिनन गायब हो रहा है तो इसकी जिम्मेदारी रेलवे की निगरानी व्यवस्था, ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की तय होनी चाहिए, न कि करोड़ों यात्रियों पर चोरी का आरोप लगाया जाए। जिला अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय, जिला महामंत्री रविंद्र सिंह तथा जिला कोषाध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने भी इस मामले में स्वतंत्र जांच, डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने और लिनन खरीद व धुलाई प्रक्रिया का पारदर्शी ऑडिट कराने की मांग की।व्यापार मंडल ने ज्ञापन में मांग की है कि पूरे मामले की सीएजी अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, यात्रियों को बदनाम करने वाले भ्रामक प्रचार पर रोक लगाई जाए, बेडरोल प्रबंधन में बारकोड या डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू की जाए तथा खरीद, धुलाई और स्टॉक प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

पूर्व प्रधान ने सीडीओ पर लगाए गंभीर आरोप, सीडीओ बोले आरोप पूरी तरह निराधार

 

रिश्वत मांगने, झूठा मुकदमा दर्ज कराने और उत्पीड़न का आरोप; सीडीओ ने कहा जांच के बाद हुई कार्रवाई, न्यायालय से भी राहत नहीं मिली

फोटो –पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री प्रेस से वार्ता करते हुए

हाथरस। हसायन ब्लॉक की ग्राम पंचायत हैथा रघुनाथपुर के पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने प्रेस वार्ता में  मुख्य विकास अधिकारी  पी.एन. दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। वहीं, सीडीओ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है।पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री का आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के दौरान शिकायत होने के बाद उन्हें सीडीओ कार्यालय बुलाया गया, जहां उनसे कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग की गई।एक लाख रुपए की डिमांड की उन्होंने  मना कर दिया, तो कहने लगे मेरी बीबी जालौन  जिला की बीजेपी की अध्यक्ष है, और सीएम तक पहुच है,  पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री का   कहना है कि मांग पूरी न करने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद उनकी प्रधान की शक्तियां समाप्त कर दी गईं और बाद में उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया।अशोक अग्निहोत्री का कहना है कि, ग्राम पंचायत का कंप्यूटर खराब होने की जानकारी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दी थी तथा उसे सर्विस सेंटर पर मरम्मत के लिए भेजा गया था। इसके बावजूद उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। उनका आरोप है कि उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारियों को शिकायतें और दस्तावेज उपलब्ध कराए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया और उन्हें बाद में गिरफ्तार भी कराया गया।पूर्व प्रधान ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्व में हाथरस जंक्शन पर ट्रेनों के ठहराव, स्टेशन के विकास, तालाब चौराहा ओवरब्रिज, गांव में ओवरहेड पानी की टंकी तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सहित कई जनहित के कार्य कराए हैं। उनका आरोप है कि उनकी सार्वजनिक छवि खराब करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया।अब यह मामला दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों के बीच है। मामले की अंतिम स्थिति संबंधित न्यायालय एवं सक्षम प्राधिकारियों की जांच और निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

सीडीओ ने आरोपों को बताया निराधार

इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधान द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा शिकायतें की गई थीं, जिनकी जांच कराई गई। जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई हुई। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधान न्यायालय भी गए थे, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।

आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया

 लखनऊ: 26 जुलाई, 2026, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय परम्परा में शिक्षकों का सर्वोच्च स्थान रहा है। व्यक्ति के सामान्य जीवन, शासकीय व्यवस्था तथा गुरुकुल परम्परा में गुरुओं का एक विशिष्ट महत्व रहा है। जब दुनिया अंधकार में जी रही थी, तब भारत तक्षशिला और नालन्दा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों का संचालन कर रहा था।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिजनों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी के समक्ष उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग की उपलब्धियों तथा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विश्वविद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों एवं नवीन शैक्षिक प्रयोगों की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उन्हें गुरु पूर्णिमा के पूर्व मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उपहार उच्च शिक्षण संस्थानों के सभी प्राध्यापकों, अध्यापकों, उनके परिवार के सदस्यों आदि को प्रदान करते हुए सुखद अनुभूति हो रही है। इस सुविधा के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, राजकीय या शासकीय सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय या स्ववित्तपोषित प्रबन्धन के अन्तर्गत संचालित विश्वविद्यालयों या महाविद्यालयों को कवर किया जा रहा है। साथ ही, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। प्रदेश भर के 02 लाख उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक सहित उनके परिवार के लगभग 10 लाख सदस्य इस सुविधा से कवर होने जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी शिक्षक इस सुविधा का बेहतर उपयोग करते हुए देश की एकता और अखण्डता तथा प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जनपद आगरा से उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रारम्भ हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने समयबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्ययोजना को आगे बढ़ाया है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वयं हरदोई में योजना का शुभारम्भ कर रही हैं। अलग-अलग जनपदों में अलग-अलग मंत्रिगण इस योजना का शुभारम्भ कर रहे हैं। कैशलेस सुविधा के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग तथा पंजाब नेशनल बैंक के मध्य शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा हेतु एम0ओ0यू0 का निष्पादन किया गया है। इसके माध्यम से आपको सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुर्भाग्यवश यदि किसी शिक्षक के साथ कोई घटना-दुर्घटना होती है, तो एम0ओ0यू0 के अन्तर्गत शिक्षक के परिवार को योजना के तहत पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 1.5 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 03 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर, 60,000 रुपये तक का अस्पताल नकद लाभ, 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर आदि लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह एक बेहतरीन सुविधा है, जिससे अब तक उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक लाभान्वित नहीं थे। इसमें प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार के सहयोग से सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी भी उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश कोई भी शिक्षक दुर्घटना का शिकार न हो, किसी को हॉस्पिटल न जाना पड़े। लेकिन घटनाएँ-दुर्घटनाएँ बोल कर नहीं आतीं। कोई भी व्यक्ति उसकी चपेट में आ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह व्यक्ति या उसका परिवार उस समय स्वयं को असहाय महसूस न करें। पूरा तंत्र, शासन एवं बैंकर्स उनके साथ खड़े हैं, ताकि वह चुनौती का मुकाबला कर सके।
मुख्यमंत्री जी ने पंजाब नेशनल बैंक से अनुरोध किया कि स्ववित्तपोषित और निजी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी इस योजना से कवर करने की व्यवस्था करे, ताकि उनके साथ कोई घटना-दुर्घटना होने पर उन्हें भी बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सके। इसके दृष्टिगत व्यवस्था आगे बढ़ानी चाहिए। इस व्यवस्था में अभी तक शिक्षणेत्तर कर्मचारी नहीं सम्मिलित थे। लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में कार्यरत 50 हजार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से कवर करने के कार्य को आगे बढ़ाने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तक्षशिला अविभाजित भारत का हिस्सा था। ढाई हजार वर्ष पूर्व तक्षशिला नामक विश्वविख्यात विश्वविद्यालय था। तक्षशिला विश्वविद्यालय आज के पाकिस्तान में स्थित है। तक्षशिला का नाम प्रभु श्रीराम के अनुज भरत के पुत्र तक्ष के नाम पर पड़ा। यहाँ दुनिया भर से आए हुए स्नातकों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पारंगत किया जाता था। इसी विश्वविद्यालय में एक विश्वविख्यात जीवक नामक वैद्य हुए। उन्होंने तक्षशिला में अध्ययन पूर्ण किया। वह लम्बे समय तक तक्षशिला में रहे। जब वह अपने देश काशी वापस आना चाहते थे, तो उनके आचार्य ने जाने से पूर्व उनसे अन्तिम परीक्षा ली। उनके गुरु ने वन से ऐसी वनस्पति लाने का दौयित्व सौंपा, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने अनेक दिनों और महीनों तक पूरे वन का अध्ययन किया। वन में जीवक को कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं मिली, जिसमें कोई औषधीय गुण न हो। जीवक ने वापस आकर अपने आचार्य से कहा ‘नास्ति मूलं अनौषधमं’ अर्थातयानी कोई भी ऐसी वनस्पति नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो। प्रत्येक वनस्पति में औषधीय गुण हैं। इस पर आचार्य प्रसन्न हुए। उनके गुरु ने कहा प्रत्येक वनस्पति में कोई न कोई औषधीय गुण जरूर है।
भारतीय ऋषि परम्परा में कहा गया है ‘अमंत्रमक्षरम् नास्ति, नास्ति मूलमनौषधम्, अयोग्यः पुरुषो नास्ति, योजकस्तत्र दुर्लभः’ अर्थात दुनिया में ऐसा कोई अक्षर नहीं, जिससे मंत्र न बन सके, ऐसी कोई जड़ या पौधा नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हो और ऐसा कोई मनुष्य नहीं, जो अयोग्य हो, दुर्लभ तो ऐसे व्यक्ति हैं, जो उन्हें सही तरीके से उपयोग करना जानते हों। योग्यता जरूर होगी। लेकिन उसके लिए योजक चाहिए। जैसे वनस्पति को ढूंढने के लिए कोई वैद्य चाहिए, जैसे अक्षर को जोड़ने के लिए कोई भाषा-शास्त्री चाहिए। इसी प्रकार मनुष्य को योग्य बनाने के लिए कोई योजक चाहिए। वह योजक आप सभी शिक्षक हैं। एक छात्र को सही दिशा प्रदान करने के लिए योजक के रूप में आपकी भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आप छात्रों को जीवन के अनुशासन का महत्व बताते हैं। शिक्षकों को इसीलिए महत्व दिया गया है कि आप शिष्यों के गुणों को उजागर कर सही मार्ग दिखा सके और सन्मार्ग की ओर उन्मुख कर सके। छात्र किसी भटकाव का शिकार न हों, इसके लिए पहले दिन से प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले जब हम लोग पढ़ते थे, तो परिवार के सदस्य न्यूज़ पेपर पढ़ने पर बल देते थे। हमें अपनी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ कुछ रेफरेंस बुक्स को भी पढ़ना चाहिए। पुस्तकालयों में ऐसी पुस्तकें भी होती हैं, जो ज्ञानवर्धक होती हैं। वह पुस्तकें पाठ्यक्रम का हिस्सा भले ही न हों, तब भी उसके बारे में हमें बताया जाता था। पहले प्रत्येक व्यक्ति के मन में कुछ नया करने का भाव रहता था। वह ऐसी रचनाएँ भी करता था, जो स्वयं में कालजयी हो जाती थीं। उनकी रचनाएँ लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती थीं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनगणना के समय शिक्षकों को गाँव या मोहल्ले के बारे में तथा उसके सामाजिक और आर्थिक अध्ययन का अवसर मिलता है। वह आंकड़े कलेक्ट करते हैं। एक पृष्ठभूमि के रूप में प्रत्येक जगह की कुछ विशेषताएँ होती हैं। हमें उस स्थान की समृद्ध परम्परा के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। यह आपकी पर्सनल नॉलेज के लिए बहुत आवश्यक होगा। सत्र की पहली क्लास को आप रूटीन के पाठ्यक्रम की बजाय परिचयात्मक रूप से लें। पाठ्यक्रम का सामान्य परिचय बच्चे को देकर रोचक माहौल बनाने का प्रयास करंे। इससे क्लास के प्रत्येक छात्र के मन में उसे जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होगी तथा उसे विद्यालय आने की इच्छा जाग्रत होगी। हमें बीच-बीच में ऐसे प्रयास करने चाहिए, जिससे प्रत्येक छात्र आकर्षित हो सके। उनके पाठ्यक्रम को और सुरुचिपूर्ण एवं सरल बनाना चाहिए। इससे उनके मन में आपके प्रति सम्मान, श्रद्धा और आस्था का भाव जगेगा। जब-जब भारत में शिक्षकों के प्रति श्रद्धा भाव जाग्रत हुआ है, तब-तब भारत ने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूरे समाज में कई वर्ग हैं, जो प्रिण्ट मीडिया, अखबार, न्यूज़ चैनल तथा सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया की खबरों की जानकारी प्राप्त करते हैं। 60 प्रतिशत यूथ का तबका ऐसा है, जो स्मार्टफोन देखकर देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त कर रहा है। स्मार्टफोन पर न्यूज़ के रूप में जिस विषय पर ज्यादा सामग्री उपलब्ध हो, उसे छात्र देखकर सच मान लेते हैं। यह जरूरी नहीं कि वह न्यूज़ सच हो। पहले हम मीडिया, न्यूज़ पेपर की खबर पढ़ते थे। सच मानकर उस पर विश्वास करते थे।
न्यूज़ पेपर ने देश के स्वाधीनता आन्दोलन और जनचेतना जागरूक करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है। उसमें एक जवाबदेही भी है। यदि कोई गलत न्यूज़ दे रहा है, तो हमें रिपोर्टर तथा एडिटर का नाम मालूम है। विजुअल मीडिया तथा चैनल के प्रतिनिधि की भी जानकारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति फेक अकाउण्ट बनाकर समाज में विद्वेष पैदा कर सकता है। आपने इसके अनेक उदाहरण देखे होंगे। सही तथ्य की जानकारी तथा आत्म-अनुशासन न होने के नाते पूरा सिस्टम अक्सर अव्यवस्था और अराजकता का शिकार होता है। इसका खामियाजा वर्तमान और भविष्य सभी को भुगतना पड़ता है। यदि वर्तमान और भविष्य दोनों को सही दिशा में लेकर चलना है, तो छात्रों को आत्म अनुशासन के महत्व के बारे में बताना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस आज की आवश्यकता है। बदलती हुई दुनिया में हम इससे पीछे नहीं रह सकते और मुँह नहीं मोड़ सकते। छात्रों को मोटिवेट करें। सच और झूठ के बारे में बताएं। उन्हें इस प्लेटफॉर्म के बारे में तथ्यों से अवगत कराएं। इसे स्वयं के लिए कल्याणकारी तथा देश व सोसाइटी के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास करना चाहिए। इस पर अच्छे कण्टेंट डालने चाहिए। अच्छे उदाहरण के माध्यम से लोगों को प्रभावित करना चाहिए।
विद्यार्थियों को गुमनाम लोग, प्लेटफॉर्म व फेक अकाउण्ट के बारे में बताएं। गुमराह करने वाले तथ्यों से हमें दूरी बनानी चाहिए। अपना न्यूनतम समय उस पर खर्च करना चाहिए। इसके लिए शिक्षक समाज को आगे आना होगा। यदि सही तथ्यों की जानकारी लेनी है, तो फिर से पढ़ने-पढ़ाने की आदत को पुख्ता करना होगा। हमें लाइब्रेरी जाने की आदत डालनी होगी। पाठ्यक्रम के अलावा, रेफरेंस बुक्स को भी देखें। कुछ धर्म ग्रंथों की तरफ उन्मुख हों। यदि हम इनके बारे में छात्रों को बताएंगे, तो देश का कल्याण होगा। देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा और आपका गुणगान करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से सभी संस्थानों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत डुएल डिग्री ले सकते हैं। इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए। प्रत्येक शिक्षक एवं छात्र को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस की जानकारी होनी चाहिए। राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक तथा आई0टी0आई0 में आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स तथा 3-डी प्रिण्ंिटग की जानकारी देने के लिए सुविधा उपलब्ध करायी है। यह बहुत कठिन नहीं है, बस थोड़ा प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसकी जानकारी देश एवं समाज के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन लोगों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लग रही, वह किसी न किसी रूप में समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। वह हमेशा अव्यवस्था का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। एक दिग्भ्रमित समाज सदैव नकारात्मकताओं से भरकर स्वयं का नुकसान करता है। इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए सदैव सतर्क रहना होगा। शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों को राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्र प्रेरणा के इनोवेशन के रिसर्च केन्द्र के रूप में स्थापित करना होगा। विश्वविद्यालय के पब्लिकेशंस समाज की सक्सेस स्टोरी के उदाहरणों से भरे हुए दिखायी देने चाहिए। जो कुछ भी यहाँ है, वह वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा एवं आदर्श हो। हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। यदि हम ऐसा करेंगे, तो वर्तमान और भावी पीढ़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ हमें स्मरण करेगी। सभी शिक्षकों को इस दिशा में मजबूती से अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब भी भारत ने सही दिशा में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया, तब विदेशी हमले प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से प्रारम्भ हुए। एक-एक हमला भारत को गुलामी की आगोश में लाने में सफल हुआ। विदेशी षड्यंत्रों ने भारत को विघटन की ओर ले जाने का कार्य किया तथा भारत में अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया। ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ शिक्षण संस्थानों को खड़ा होना होगा। अपनी युवा पीढ़ी को जागरूक करना होगा। एक मार्गदर्शक के रूप छात्र-छात्राओं को सही मार्ग का अनुसरण करने के लिए तैयार करना होगा। राष्ट्र प्रथम भाव के साथ सन्मार्ग की ओर अग्रसर करना होगा। यदि यह कार्य शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान कर पाएंगे, तो यही देश के प्रति हमारी अमूल्य सेवाएं होंगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की अत्यन्त सराहनीय एवं संवेदनशील पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आगरा की समृद्ध चिकित्सा परम्परा, एस0एन0 मेडिकल कॉलेज के सुदृढ़ीकरण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल रही हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का निरन्तर विकास हो रहा है। सरकार शिक्षकों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि गुरु परम्परा ने राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र ने भगवान श्रीराम का मार्गदर्शन किया, जबकि संदीपन ऋषि ने योगेश्वर श्रीकृष्ण को शिक्षा प्रदान की। आचार्य चाणक्य ने अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी। आज के शिक्षक और शिक्षाविद् उसी गौरवशाली परम्परा के उत्तराधिकारी हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक परिवार की चिन्ता को समझते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अन्तिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार परिवार के मुखिया की जिम्मेदारियों और समस्याओं को समझते हुए ऐसी योजनाएँ संचालित कर रही है, जो आमजन के लिए वरदान सिद्ध हो रही हैं। सरकार का उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार ने समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना को सरकार ने केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से धरातल पर उतारा है। सरकार की सभी योजनाओं में किसी भी वर्ग, बिरादरी या समुदाय के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। सभी पात्र नागरिकों को समान रूप से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना सरकार की नीति और प्रतिबद्धता है। यही भारतीय संस्कृति और सुशासन की मूल भावना भी है।
इस अवसर पर एम0एस0एम0ई0 मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, सांसद श्री नवीन जैन, श्री राजकुमार चाहर, विधान परिषद सदस्य डॉ0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक डॉ0 धर्मपाल सिंह, डॉ0 जी0एस0 धर्मेश, श्री पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, श्री बाबूलाल, श्री भगवान सिंह कुशवाहा, श्री छोटे लाल वर्मा, श्रीमती रानी पक्षालिका सिंह, आगरा की महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर कुशवाह, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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निजी हॉस्पिटल में छापेमारी, अल्ट्रासाउंड सेंटर सील

महराजगंज रायबरेली। अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने चंदापुर मार्ग स्थित एक निजी हॉस्पिटल में छापेमारी कर वहां संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्र बिना अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट के संचालित पाया गया, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया। जांच टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ अंबिका प्रसाद तथा सीएचसी अधीक्षक डॉ गणनायक पांडेय सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी शामिल रहे। टीम के पहुंचते ही आसपास के कई निजी अस्पतालों में भी हलचल मच गई और कई संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों के बोर्ड तक हटाने शुरू कर दिए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं मिला। अस्पताल परिसर में लगे बोर्ड पर अंकित चिकित्सक भी मौके पर नहीं मिले। प्रथम दृष्टया अल्ट्रासाउंड संचालन संबंधित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए केंद्र को सील कर दिया तथा आवश्यक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि हाल ही में लोक सेवा हॉस्पिटल, प्रतिज्ञा हॉस्पिटल, कल्याण सेवा हॉस्पिटल, किलकारी हॉस्पिटल, डीआर सर्जिकल हॉस्पिटल, अक्ष हॉस्पिटल को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई केवल एक अस्पताल तक सीमित रही। लोगों का कहना है कि यदि अन्य संस्थानों में भी अनियमितताएं हैं तो उन पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अभियान की निष्पक्षता बनी रहे।

एम्स रायबरेली द्वारा जिला कारागार में हेपेटाइटिस-बी जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन


रायबरेली, 26 जुलाई 2926, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला कारागार, रायबरेली में हेपेटाइटिस-बी स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन के मार्गदर्शन एवं सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भोला नाथ के नेतृत्व में इसका आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला कारागार के अधीक्षक (Jail Superintendent) तथा जेलर सहित कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारी और एम्स की ओर से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ पॉल तथा डॉ. शेफाली गुप्ता, रेजिडेंट चिकित्सक एवं इंटर्न्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. (डॉ.) भोला नाथ ने बंदियों को संबोधित करते हुए हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी के संक्रमण के विभिन्न माध्यमों, उनसे बचाव के उपायों, समय पर जांच एवं टीकाकरण के महत्व तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता, समय पर जांच तथा उचित रोकथाम के माध्यम से इन संक्रमणों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
इसके पश्चात सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के इंटर्न्स द्वारा हेपेटाइटिस-बी से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने तथा संक्रमण की रोकथाम के संदेश को जनसामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसे बंदियों एवं उपस्थित अधिकारियों ने अत्यंत सराहा।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा लगभग 150 बंदियों के रक्त नमूने हेपेटाइटिस-बी की जांच हेतु एकत्र किए गए। इन नमूनों की जांच के आधार पर आवश्यकतानुसार आगे की चिकित्सीय सलाह एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। एम्स रायबरेली भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करता रहेगा।image.png

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