शादी की बदलती तस्वीर: दिखावे, अहंकार और टूटते रिश्ते
– डॉ० प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में शादी केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं रही है, बल्कि इसे हमेशा से परिवार, समाज और संस्कारों से जुड़ी एक पवित्र संस्था माना गया है। विवाह को जीवनभर का साथ, सुख-दुख में एक-दूसरे का संबल और सामाजिक स्थिरता की आधारशिला समझा जाता रहा है। लेकिन बीते कुछ वर्षों […]
