Web News

www.upwebnews.com

आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 61वां पुण्य स्मृति दिवस

June 25, 2026

आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 61वां पुण्य स्मृति दिवस

मथुरा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बलदेव के “प्रभु प्रिय धाम” में संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका एवं जगत मां मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती (मम्मा) जी का 61वां पुण्य स्मृति दिवस अत्यंत शांति, श्रद्धा और सादगी के साथ “आध्यात्मिक ज्ञान दिवस” के रूप में मनाया गया।
इस अवसर पर स्थानीय प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने मातेश्वरी जी के दिव्य जीवन एवं महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके कर्म इतने अलौकिक और श्रेष्ठ थे कि उनकी लौकिक माता भी उन्हें प्रेमपूर्वक “मम्मा” कहकर संबोधित करती थीं। उन्होंने कहा कि मम्मा ने अपने प्रेम, तपस्या, सादगी और पवित्रता के बल पर असंख्य लोगों के जीवन को आध्यात्मिक ज्ञान की रोशनी से आलोकित किया। वे हमेशा कहती थीं कि “हर घड़ी अंतिम घड़ी है” तथा “हुक्मी हुकम चला रहा है”। उन्होंने जीवनभर शिवबाबा के प्रत्येक निर्देश का पूर्ण समर्पण भाव से पालन किया और कभी किसी की कमी या कमजोरी नहीं देखी। उनका जीवन प्रेम, ममता, करुणा, दया, शांति और पवित्रता का जीवंत उदाहरण था।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रेनू दीदी ने मातेश्वरी जगदंबा की शिक्षाओं और विशेषताओं का वर्णन करते हुए एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। कविता में उन्होंने कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या और महानता का संदेश था तथा उनके दिव्य संस्कार आज भी आत्मिक उन्नति की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को मम्मा की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने तथा अपने अंदर की एक बुराई को त्यागने का संकल्प भी दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ब्रह्मावत्सों ने मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही भोग अर्पण कर प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर बी.के. मोहन, संजू गर्ग, नीरज अग्रवाल, अमित, अंकुश, भोला, पिंकी, कृष्ण, कुसुम, रंजन, बंटी, मीरा, निर्मल, सुनीता, गुड्डी, पूनम, राजवती, रूबी, ओमवती, सिया, कमलेश, रेखा, राजकुमारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।