Web News

www.upwebnews.com

अमित शाह ने NAFED के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया

June 23, 2026

अमित शाह ने NAFED के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया

देश की एकता-अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को बलिदान दिवस पर शत्-शत् नमन

2014 में बंद होने के कगार पर खड़ा NAFED आज मोदी सरकार में ₹500 करोड़ के मुनाफे के साथ 74 लाख किसानों की सेवा कर रहा

बिचौलिए होंगे खत्म, किसान के पसीने की कमाई 48 घंटे में सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगी

अगले 2 वर्षों में दलहन का एक-एक दाना सीधे किसानों से खरीदेगा NCCF और NAFED

किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर के लिए NAFED की छात्रवृत्ति शुरू, मुनाफे का एक हिस्सा किसान परिवारों को दी जाएगी

Posted Date:- Jun 23, 2026

New Delhi, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी और NAFED के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि NAFED ने आज चार प्रमुख पहलों की शुरुआत की है, जिसमें NAFEX.in, दृष्टि, ईआरपी और NAFED कल्याण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि NAFEX.in सहित अन्य पहलें काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वर्ष 2014 में NAFED बंद होने की कगार पर था, लेकिन आज इन प्रयासों के कारण NAFED 30,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर और 500 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ देश के 74 लाख से अधिक किसानों की सेवा कर रहा है। श्री शाह ने कहा कि जब NAFED गहरे आर्थिक संकट में था, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इसे पूरी पारदर्शिता के साथ चलाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आर्थिक सहायता प्रदान कर NAFED को एक बार फिर मजबूती से खड़ा कर दिया है।

श्री शाह ने कहा कि आज NAFED उत्पादन और खरीद दोनों में काफी बढ़ोत्तरी कर चुका है। देश को दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए NCCF और NAFED को सीधे किसानों से दलहन का एक-एक दाना खरीदने की दिशा में और भी तेजी से आगे बढ़ना है। इससे किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा, तो दलहन की खेती का रकबा अपने आप बढ़ेगा और देश दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हमने दलहन, मक्का तथा अन्य उत्पादों की सीधी खरीद के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है। अब इस इंफ्रास्ट्रक्चर को नीचे तक पहुंचाना है। श्री शाह ने कहा कि NAFED और NCCF को पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा, तभी परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि अगले दो वर्षों के भीतर सभी किसान इन दोनों संगठनों को सीधे दलहन बेच सकें और उन्हें भुगतान भी सीधे उनके खाते में मिले।

उन्होंने कहा कि आज NAFED केवल कृषि उत्पादों की खरीद तक सीमित नहीं रहा है। विगत तीन वर्षों में NAFED ने जैविक खेती, बीज उत्पादन, खुदरा कारोबार, जैव उर्वरक निर्माण, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में बहुत अच्छा कार्य किया है, जिससे NAFED की प्रासंगिकता भी बढ़ी है और मुनाफा भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जब सहकारिता मंत्रालय बना था, तब NAFED का टर्नओवर 20,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़ कर 30,000 करोड़ रुपये हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में यह टर्नओवर बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये के पार हो जाएगा। श्री शाह ने कहा कि NAFED का शुद्ध मुनाफा 139 करोड़ रुपये से बढ़कर 405 करोड़ रुपये हो गया है और नेटवर्थ 358 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,050 करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि NAFED आज एक मजबूत, आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर संगठन के रूप में उभरा है। अब समय है कि NAFED और NCCF पूरी पारदर्शिता के साथ दलहन तथा अन्य फसलों का एक-एक दाना सीधे किसानों से खरीदें, बिचौलियों के पूरे तंत्र को समाप्त करें और मुनाफा जिन किसानों का हक है, वह उन तक अवश्य पहुंचाएं।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि NAFED ने अपने मुनाफे का 1% किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था किसानों के बच्चों को उच्च शिक्षा और करियर बनाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में सहयोग करेगी।

अपने संबोधन की शुरुआत में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री शाह ने कहा कि आज ही के दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक प्रधान’ के सूत्र को चरितार्थ करने और देश को एकजुट रखने के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस राष्ट्र के बड़े नेताओं में शुमार हैं। उन्होंने जीवन में कुछ भी प्रसिद्धि के लिए नहीं किया और जो किया उसके दूरगामी परिणाम इस देश के लिए शुभ साबित हुए। श्री शाह ने कहा कि भारत के विभाजन के समय अंग्रेजों से लड़ाई लड़ कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने सुनिश्चित किया था कि पश्चिम बंगाल भारत में रहे। इसी कारण आज पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया गया, जिसकी वजह से कश्मीर का राष्ट्रध्वज और संविधान अलग था। श्री शाह ने कहा कि यह संकल्पना भारत की एकता और अखंडता के लिए बहुत खतरनाक थी। तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने एक आंदोलन छेड़ा कि एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं रहेंगे। इसके लिए उन्होंने दिल्ली से कश्मीर तक मार्च किया और कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा है। कश्मीर जाने के लिए उन्होंने कोई परमिट लेने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को गिरफ्तार कर लिया गया। कश्मीर की जेल में ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी की संहेदास्पद मृत्यु हो गई। श्री शाह ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तत्कालीन सरकार के उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। गृह मंत्री ने कहा कि आज श्यामा प्रसाद जी का सपना साकार हो चुका है। अनुच्छेद 370 समाप्त हो चुका है और उनकी बनाई पार्टी की सरकार गंगोत्री से लेकर बंगाल के गंगासागर तक है। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति के प्रखर हिमायती थे।