, निरीक्षण में खुली अव्यवस्थाओं की पोल
मैनपुरी 2 जून उप्रससे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निरीक्षण टीम ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है, जिससे सरकारी दावों की पोल खुलती दिखाई दे रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आंध्र प्रदेश की एक महिला अपने शिशु के साथ बिना किसी लिखित आदेश के वन स्टॉप सेंटर में आश्रय लिए हुए मिली, जिसे समिति ने जांच का विषय बताते हुए गंभीर चिंता जताई है।
जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर गठित समिति के अध्यक्ष अपर जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्रा, सदस्य अपर जनपद न्यायाधीश कुलदीप सिंह तृतीय तथा सचिव नूतन चौहान ने मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेंटर की व्यवस्थाओं में कई खामियां उजागर हुईं निरीक्षण में सेंटर पर गैस चूल्हा तो मिला, लेकिन सिलेंडर नहीं था। वहीं फ्रिज भी खाली पाया गया। समिति ने इसे घोर आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी जताई। बताया गया कि आश्रित महिलाओं के भोजन के लिए बाहर से टिफिन मंगाया जाता है, लेकिन संबंधित रजिस्टर में यह तक दर्ज नहीं था कि टिफिन में क्या भोजन आता है और उसकी गुणवत्ता की जांच कौन करता है।
सेंटर प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में यहां कोई काउंसलर नियुक्त नहीं है। पूर्व में तैनात काउंसलर को जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। समिति ने इसे भी गंभीर कमी माना। निरीक्षण के समय पीएलवी सुमन गुप्ता अनुपस्थित मिलीं और बाद में पहुंचीं। समिति ने पाया कि उन्हें सेंटर में रह रही आंध्र प्रदेश की महिला और अन्य अव्यवस्थाओं की कोई जानकारी नहीं थी। इस पर उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए हैं।
