
संविधान संशोधन विधेयक पर
चर्चा में सपा सांसद ने रखे तर्क
Post on 18.4.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
संसद में महिला आरक्षण से जुड़े बिल संविधान संशोधन विधेयक गिर गया। सांसदों ने विधेयक का विरोध किया। इस दौरान हुईं चर्चा में भाग लेते हुए सपा सांसद रुचि वीरा ने कहा कि 131 वां संविधान संशोधन विधेयक गंभीर विसंगतियां लिए हुए है।
सांसद ने कहा कि वह महिला आरक्षण के विरोध में नहीं। बल्कि आधी आबादी के साथ है। विधेयक में महिला को आरक्षण देने का सरल प्रयास किया गया।विधेयक संविधान की मूल आत्मा व लोकतांत्रिक
प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों के साथ सोची समझी साजिश है। इस संवेदनशील और स्वीकार्य मुद्दे को सरकार कवच की तरह इस्तेमाल कर रही है। इसकी आड़ में चुनावी व्यवस्था और प्रतिनिधित्व के ढांचे को बदलने की कोशिश है।सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण को सरकार ने पूरी तरह से परिसीमन के नियंत्रण में कर दिया है।उनका कहना है कि आरक्षण कब, किन किन सीटों पर लागू होगा, यह सरकार की इच्छा पर निर्भर रहेगा। सांसद ने कहा कि जन गणना व परिसीमन के ऐतिहासिक संबंध लोकतंत्र के सिद्धांत का अटल सत्य है। अब तक परिसीमन से पहले ही जन गणना होती है। जिससे सही जनप्रतिनिधित्व हो सकें।
सांसद नेकहा कि यह परिसीमन एक निर्धारित प्रक्रिया में न रह सरकार की राजनैतिक सुविधा का साधन बन गया है।
