गेहूं तंबाकू की फसल बर्बाद
एटा 08 अप्रैल उप्रससे। जनपद में बे-मौसम बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं और तंबाकू की तैयार फसलें खेतों में बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर विकास खंड अलीगंज, मारहरा, जैथरा सहित कई ग्रामीण इलाकों में फसलों को भारी क्षति हुई है। खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल और कटी पड़ी तंबाकू की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर और कर्ज लेकर फसल तैयार की थी, लेकिन प्रकृति के इस कहर ने उनकी सारी उम्मीदें छीन ली हैं। अब उन्हें घर चलाने और कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है।
प्रशासन द्वारा फसलों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, तंबाकू की फसल को कॉर्पोरेट धंधा माने जाने के कारण शासन से मदद की संभावनाएं कम हैं। गेहूं की फसल में भारी नुकसान पर ही मुआवजे का प्रावधान है।
किसान राहुल प्रताप ने बताया कि उन्होंने 30 बीघा में तंबाकू और 5 बीघा में गेहूं की फसल लगाई थी। फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन लगातार बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है और परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, यह समझ नहीं आ रहा।
इसी तरह किसान राम सेवक ने 13 बीघा में तंबाकू और 7 बीघा में गेहूं बोया था। इसके लिए उन्होंने 3 प्रतिशत ब्याज पर 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। फसल नष्ट होने से उनका कर्ज का बोझ और बढ़ गया है, जिससे उन्हें रातों की नींद हराम हो गई है। क्षेत्र के किसान अब प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट की घड़ी से उबर सकें। फिलहाल, खेतों में बर्बाद फसलें और किसानों की बेबस निगाहें ही उनकी मजबूरी की कहानी बयां कर रही हैं।
तहसीलदार संजय कुमार ने बताया कि गेहूं और अन्य फसलों में पहुंचा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। हर संभव मदद की जायेगी।

