उप्र दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर उठा विवाद
मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
उत्तर प्रदेश पुलिस की दरोगा (Si) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द विकल्प में दिए जाने से ब्राह्मण समाज में आक्रोश है। रविवार को ब्राह्मण के संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता थाना सिविल लाइंस में एकत्रित हुए और शब्द को लेकर आपत्ति जताई। समुदाय ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज करने की मांग भी की।
ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि 14 मार्च, 26 को दरोगा की लिखित परीक्षा के प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या 31 में “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” वाक्य के लिए शब्द का विकल्प दिया। विकल्पों में “पंडित” शब्द भी जोड़ा गया। समाज का कहना है कि “पंडित” शब्द भारतीय समाज में विशेष रूप ब्राह्मण समुदाय के लिए सम्मानजनक संबोधन में माना जाता है।ऐसे में इसे नकारात्मक संदर्भ में विकल्प के रूप में शामिल करना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। कहा कि सरकारी परीक्षा के प्रश्नपत्र में इस प्रकार की सामग्री शामिल होना भी दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे समाज में रोष हो सकता है।
इस दौरान थाना नागफनी के रजत शर्मा ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।साथ ही प्रश्नपत्र तैयार करने वाले संबंधित अधिकारी या संस्था के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के तहत FIR दर्जकर कार्रवाई हो। पुलिस को विवादित प्रश्न पत्र की प्रति भी साक्ष्य बतौर पुलिस को सौंपी गई।
इस दौरान सूर्य शर्मा,विष्णु पंडित,रजत श्रोत्रिय,अनूप कौशल, करण वीर शर्मा, एडवोकेट अभिषेक शर्मा, अभिषेक भारद्वाज, एडवोकेट सुधीर शर्मा, नवीन शर्मा, अर्जुन शर्मा, विशाल शर्मा,सुमित शर्मा, मुदित उपाध्याय, अरविंद मिश्रा, प्रियांशु जोशी,विष्णु शर्मा, कोमल त्यागी, नवनीत शर्मा, सौरभ शर्मा, मोहित शर्मा सहित ब्राह्मण समाज के कई लोग रहें।

