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एटा में सड़क किनारे खड़े युवक को ऑटो ने मारी टक्कर,

May 15, 2026

एटा में सड़क किनारे खड़े युवक को ऑटो ने मारी टक्कर,

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

एटा 15 मई उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र में शिकोहाबाद रोड पर सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक जितेंद्र फिरोजाबाद जिले के बार्थरा गांव का निवासी है। जितेंद्र ऑटो में बैठकर घर लौट रहा था। मुस्तफाबाद के पास ऑटो से उतरकर वह सड़क किनारे खड़ा था, तभी एक ऑटो ने उसे टक्कर मार दी। इस घटना में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने तत्काल परिवार के सदस्यों को सूचना दी और जितेंद्र को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
जितेंद्र के भाई अंशुल ने बताया कि उनका भाई मौसी के घर से लौट रहा था। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर सभी परिवारीजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक जितेंद्र की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

कोतवाली नगर प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

चकबंदी प्रक्रिया रद्द करने की मांग

एटा में चकबंदी अनियमितता पर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से लगाई गुहार,

एटा 15 मई उप्रससे। जनपद में अखतौली गांव के सैकड़ों ग्रामीण शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने चकबंदी कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए पूरी चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण नहीं किया, जबकि वास्तविक स्थिति जानने के लिए यह जरूरी था। और प्रभावित किसानों के बिना बयान किए गए पूरी जांच केवल अधूरे अभिलेखों के आधार पर पूरी कर दी गई।

ग्रामीणों ने लगाया प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा की गई अनियमितताओं को अप्रत्यक्ष रूप से सही ठहराने और उनका बचाव करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। चकबंदी योजना के तहत प्रभावशाली लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसके लिए गरीब और कमजोर वर्ग के किसानों की सड़क किनारे स्थित तथा आबादी से लगी बेशकीमती मूल जोतों पर जानबूझकर चक प्रस्तावित किए गए। बंदोबस्त अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में प्रस्तावित चकबंदी योजना को त्रुटिपूर्ण मानते हुए सहायक चकबंदी अधिकारी को दोबारा चक निर्माण के लिए वापस भेजने का उल्लेख किया था। बावजूद इसके, रिपोर्ट के अंत में परिवाद को निस्तारित करने योग्य बताते हुए मामले को समाप्त करने का प्रयास किया गया, जिसे ग्रामीणों ने भ्रामक बताया।
जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान द्वारा पूर्व में चकबंदी समाप्त कराए जाने के तथ्य को भी दर्ज किया, लेकिन इस पर कोई आगे की कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा चकबंदी अधिकारी द्वारा तैयार और बंदोबस्त अधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पूरी तरह सतही, अस्पष्ट और अधूरी है। इसमें वास्तविक तथ्यों की अनदेखी की गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और चकबंदी प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है।

पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर इंजीनियर ने दी जान,

Posted on 15/05/2026
Time 17:57 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

मंदिर में की पूजा, फिर वीडियो कॉल पर फंदा दिखाकर दी जान

​गोरखपुर। 15 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी पत्नी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले युवक ने मंदिर जाकर विधिवत पूजा-अर्चना की और फिर एक इमोशनल वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी मौत का जिम्मेदार पत्नी को ठहराया।

​जानकारी के अनुसार, मृतक इंजीनियर मानसिक रूप से काफी परेशान था। सुसाइड करने से ठीक पहले उसने एक मंदिर में दर्शन किए, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इसके बाद उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें वह फंदा दिखाते हुए कहता नजर आया— “मेरा सेहरा तैयार है”

​इस खौफनाक कदम को उठाने से पहले उसने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि वह अपनी पत्नी के व्यवहार और उत्पीड़न से पूरी तरह टूट चुका है और उसके पास अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

​घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को युवक का वह वीडियो भी मिला है जिसमें उसने अपनी मौत की वजह साफ की है।
​क्षेत्राधिकारी गीडा योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मृतक के पास से मिले वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर पत्नी और संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

​सोशल मीडिया पर चर्चा है कि एक होनहार इंजीनियर का इस तरह टूट जाना समाज के लिए चिंता का विषय है। वीडियो में युवक की बेबसी साफ झलक रही थी, जहाँ उसने अपनी मौत को अपनी शादी की विडंबना से जोड़ते हुए ‘फंदे’ को अपना ‘सेहरा’ बताया। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

जिला बार एसोसिएशन की नई कमेटी का गठन

निर्विरोध निर्वाचित हुए अध्ययक्ष व महामंत्री,

Post on 15.5.26
Friday Moradabad
Time 1.30 pm
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा
आम सहमति के चलते मुरादाबाद में जिला बार एसोसिएशन का चुनाव निर्विरोध संपन्न‍ हो गया। एसोसिएशन के नए अध्यमक्ष अनिल पाल सिंह व महामंत्री गोपाल कृष्णम के नाम का ऐलान एल्डोर कमेटी ने किया।
शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन की वार्षिक कार्यकारिणी सर्वसम्म ति से गठित हो गई।जिला बार एसोसिएशन मुरादाबाद में आज वार्षिक कार्यकारणी की घोषणा एल्डर कमेटी ने की। कमेटी में
कोषाध्यक्ष पूनम पाल के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष-ध्रुव कुमार सक्सेना, उपाध्यक्ष-अनूप भारती सक्सेना, नीरज पाठक, अभिषेक भारदवाज,संयुक्त सचिव हर स्वरूप , गुंजन सक्सेना, दीपांकर शर्मा व कार्यकारिणी सदस्या–अरूण सक्सेना,लक्ष्मन सिंह प्रजापति, रवि वर्मा, सत्यपाल सिंह, ज्योति गुप्ता, गुंजन गुप्ता, वीरेंद्र सिंह चौहान, आविद हुसैन, धर्मेंद्र कुमार, गुलिफ्शा,रविता चौधरी, अनुराधा सिंह निर्वाचित हुए। एल्डर कमेटी के कार्यवाहक चैयरमेन ललित अरोड़ा, जयवीर सिंह, सत्यप्रकाश भटनागर और निर्वतमान अध्यक्ष हर प्रसाद, महामंत्रीसरदार प्रकाशवीर सिंह एवं डीजीसी सिविल अजय कुमार गुप्ता ने प्रत्याशियों की आम सहमति के आधार पर घोषणा की। कार्यकारणी में 30 प्रतिशत महिला अधिवक्ताएं भी शामिल की गई। इस दौरान सोमपाल सिंह, शेर सिंह बौद्ध, भीकम सिंह सैनी, वैशाली गुप्ता,एएच ज़ैदी, अमीरउद्दीन, शकील अहमद, फुरकान, संजीव तिवारी, संजीव सक्सेना, रागिनी ठाकुर आदि ने नई कमेटी को बधाई दी।

शिक्षा प्रेरकों ने डीम से की बकाया भुगतान की मांग

बिजनौर15 मई। (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम सभा में खोले गए ग्राम लोक शिक्षा केदो पर संविदा पर पूर्व में रखे गए जनपद बिजनौर के शिक्षा प्रेरक अपने पुराने बकाया मानदेय के भुगतान के लिए आज जिलाधिकारी बिजनौर के कार्यलय पर एकत्रित हुए । अपना बकाया मानदेय संबंधित दो सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी बिजनौर को सौंप कर बकाया मानदेय भुगतान की मांग की। जिलाधिकारी को सौंपे मांग पत्र में साक्षरता कर्मियों ने बकाया मानदेय भुगतान एवं आयु सीमा के अंदर वाले साक्षरता कर्मियों को किसी भी विभाग में समायोजन तथा आयु पार कर चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता और साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साक्षरता कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवाने संबंधित मांग पत्र भी दिया। जिला कलेक्ट्रेट में जनपद से आए शिक्षा प्रेरको ने सरकार पर प्रेरकों को बेरोजगार करने और उनका लगभग 18 महीने का मानदेय न देने का आरोप लगाते हुए शिक्षा प्रेरकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। तथा कहा कि साक्षरता, वैकल्पिक शिक्षा, उर्दू एवं प्राच्य भाषा विभाग भारत सरकार द्वारा वर्ष 2009 -10 में पूरे प्रदेश में साक्षर भारत मिशन योजना लागू करके प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर एक महिला एवं एक पुरुष प्रेरक को तैनात करके 15 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित करने का कार्य दिया था। लेकिन सरकार ने जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरको के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए साक्षर भारत मिशन योजना को 31 मार्च 2018 को बंद कर दिया था। सरकार द्वारा प्रेरकों से बीएलओ से लेकर हाउसहोल्ड सर्वे और अन्य सरकारी योजनाओं में बिना किसी मानदेय के भी काम लिया गया था। इन सब के बावजूद भी अकेले जनपद बिजनौर के लगभग 2250 प्रेरकों को उनका 18 माह का मानदेय आठ वर्ष बाद भी नहीं दिया गया। जिसके कारण बेरोजगारी का दंश झेल रहे प्रेरकों के परिवार में रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस अवसर पर प्रेरक एकता कल्याण समिति (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक ने कहा कि बकाया मानदेय के संबंध में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 को साक्षरता विभाग की ऑडिट कराई गई थी। ऑडिट टीम द्वारा धनराशि के सापेक्ष वांछित साक्षरता कर्मियों का सत्यापन/ प्रमाणित विवरण निर्धारित प्रपत्र पर उपलब्ध करा कर साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत रहे साक्षरता कर्मियों का अवशेष मानदेय का भुगतान करने का अनुरोध किया गया था। लेकिन भारत सरकार ने बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनके अवशेष मानदेय को 8 वर्ष बाद भी निर्गत नहीं किया। जिसके चलते बेरोजगार हो चुके शिक्षा प्रेरकों के परिवार में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस अवसर पर प्रेरक एकता कल्याण समिति (पंजीकृत) के जिला महामंत्री चौधरी ईशम सिंह ने भारत सरकार से मांग की कि साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य कर चुके और बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को उनका बकाया मानदेय एक मुश्त दिलाया जाए तथा साक्षरता कर्मियों को अनुभव के आधार पर किसी भी विभाग में समायोजित किया जाए। अथवा बेरोजगार हो चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता दिलाया जाए। जनपद भर से एकत्रित हुए साक्षरता कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी बिजनौर के नाम दो सूत्रीय मांग पत्र देकर प्रेरकों का मानदेय एकमुश्त दिलाने एवं आयु सीमा के अंदर वाले साक्षरता कर्मियों को किसी भी विभाग में समायोजित करने की मांग के साथ-साथ आयु सीमा पर कर चुके साक्षरता कर्मियों को बेरोजगारी भत्ता एवं आयुष्मान कार्ड बनवाने की भी मांग की।

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