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अभिनेत्री राखी सावंत बोली- आगरा की मेयर पढ़ी-लिखी नहीं हैं क्या?”

April 16, 2026

अभिनेत्री राखी सावंत बोली- आगरा की मेयर पढ़ी-लिखी नहीं हैं क्या?”

आगरा। अपने बेबाक बोलों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली हिंदी सिनेमा जगत की अभिनेत्री राखी सावंत ने आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा पर तंज कसते हुए पूछा है कि क्या मेयर पढ़ी-लिखी नहीं है क्या।

राखी सावंत मुंबई में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि आगरा की मेयर को भोसले और घोसले में अंतर नहीं पता? भोसले कितना बड़ा परिवार है। आशा भोसले कितना बड़ा नाम है। ये लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं क्या? राखी सावंत की यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
दरअसल मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा का मशहूर गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वे आशा भोसले को घोंसले कहते दिख रही थीं। मेयर ने रविवार को नारी वंदन कार्यक्रम के बाद प्रेसवार्ता की। इसमें उन्होंने गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए दो बार गलत नाम लिया। 47 सेकेंड के वीडियो में मेयर सबसे पहले हंसते हुए अपने साथियों से पूछती हैं कि आशा भोसले सिंगर थीं न? हां में जवाब मिलने के बाद वह हसंते हुए कहती हैं कि मैं भूल जाती हूं। इसके बाद वे कहती हैं कि श्रीमती आशा घोसले आज गोलोकवासी हो गई हैं। संगीत के क्षेत्र में देश को बड़ी क्षति हुई है। मैं आगरा और बीजेपी की ओर से अपनी बहन आशा घोसले जी को श्रद्धासुमन अर्पित करती हूं।
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इस बयान को लेकर मेयर को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया। सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने जमकर तंज कसा। एक ने मेयर को टैग करते हुए लिखा- यह कौन हैं, हम इन्हें नहीं जानते।

इसके बाद महापौर ने अपने फेसबुक एकाउंट पर एक वीडियो अपलोड किया। उन्होंने लिखा कि जो वीडियो वायरल किया गया है वो फेक है। उसमें छेड़छाड़ की गई है। कुछ व्यूज और लाइक के लिए मेरी छवि को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसके साथ उन्होंने एक और वीडियो पोस्ट किया।
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इस पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यूजर बोले- मैडम, गलती मान लो। एक यूजर ने लिखा कि सामान्य बात- गलती किसी से भी हो सकती है। गलती होने पर स्वीकार कर लेनी चाहिए। क्षमा याचना भी कर लेनी चाहिए। मगर, गलती को छिपाने के लिए दूसरी गलती करना तो और भी गलत है। दूसरे यूजर ने लिखा कि एडिट तो ये वीडियो है। साफ दिख रहा है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि क्या जमाना आ गया है। एडिटेड वीडियो को ओरिजनल बताया जा रहा है। ओरिजनल को एडिटेड। भगवान कहा है तू।

मल्टीनेशनल कंपनियाओं के खिलाफ बजरंग दल,विहिप का प्रदर्शन

इंपीरियल तिराहे पर प्रदर्शन, जाम लगा

Post on 16.4.26
Thursday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)
उत्पाद पर चित्र के उपयोग पर मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ हिन्दू संगठनों ने विरोध जताया। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और प्रदर्शन करते हुए
‘जिहादी मानसिकता’ का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गुरुवार को शहर में इंपीरियल तिराहे पर बजरंग दल महानगर संयोजक राजीव ठाकुर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। हिन्दू संगठनों ने मल्टी नेशनल कंपनियों पर आरैप लगाया कि उनके उत्पादों पर हिन्दू देवी देवताओं के चित्रों का उपयोग से धार्मिक भावनाओं को ठेस लगी रही हैं।संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया व जिहादी मानसिकता का पुतला जलाया। तिराहे पर प्रदर्शन से हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। संगठन के संयोजक ने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बने। मांग कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएं।

बलिया में दो बोरी गेहूं के लिए बेटे ने की पिता की हत्या

बलिया। रसड़ा थाना क्षेत्र के नथूपुर गांव में दो बोरी गेहूं को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी।
जानकारी के अनुसार मृतक महेंद्र चौहान ने अपनी विवाहित बेटी को घर का कुछ गेहूं देने का निर्णय लिया था। यह फैसला उनके बेटे पप्पू चौहान को इतना नागवार गुजरा कि उसने लाठी-डंडों से पिता पर हमला कर दिया बुजुर्ग पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थिति तब और भयावह हो गई जब बीच-बचाव करने आई मां पर भी आरोपी ने हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। हत्या के बाद आरोपी ने शव को खेत में फेंककर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की।

लखनऊ में आग से 250 झोपड़ियां राख, दो बच्चों की मृत्यु

लखनऊ, 16 अप्रैल 26। विकास नगर इलाके में बुधवार को एक भीषण अग्निकांड में 250 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। इस अग्निकांड में दो बच्चों की जिंदा जलकर मृत्यु हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए।
जानकारी के अनुसार आग लगने के बाद झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर, फ्रिज और एसी के कंप्रेसर तेज धमाकों के साथ फटने लगे। इन धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। आग से उठता घना काला धुआं करीब 10 किलोमीटर दूर तक देखा गया।

फायरब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया ।
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग के असली कारणों का पता लगाने के लिए टीम गठित की गई है। वहीं, प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर और आवश्यक सहायता की व्यवस्था की जा रही है।

संसद में पेश होंगे महिला आरक्षण व परिसीमन विधेयक

नई दिल्ली 16 अप्रैल 2026, लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं की सीटों में बढ़ोतरी के लिए परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक आज प्रस्तुत होंगे। इन पर सरकार व विपक्ष के बीच टकराव हो सकता है।

संसद के विस्तारित सत्र में सरकार ने प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए कमर कस ली है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल परिसीमन के विरोध में आ गए हैं। पीएम ने महिला आरक्षण को देश में मुद्दा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध करता नहीं दिख सकता, पर परिसीमन पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।

संसद के बजट सत्र की तीन दिवसीय विस्तारित में केंद्र सरकार लोकसभा में बड़े बदलाव की नींव रखने जा रही है। इसमें लोकसभा और देश के सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। महिला आरक्षण इसी का अंग होगा।

इनके अलावा, परिसीमन विधेयक और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक भी पेश किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि नए परिसीमन में देश के किसी भी हिस्से, विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।

दक्षिण राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण नए परिसीमन में उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं। सरकार ने इस शंका को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीटों की बढ़ोतरी हर राज्य के लिए एकसमान 50 फीसदी होगी। लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय की गई है, जिसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। किसी भी राज्य की सीटों में कटौती का सवाल ही नहीं उठता।

सरकार का कहना है, 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए स्पष्ट और नया परिसीमन समय की मांग है। परिसीमन प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना (2011) के आधार पर पूरी की जाएगी। राज्याें के लिए सीटों की संख्या तय नहीं है। हर राज्य के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। आयोग राज्य के सभी दलों से चर्चा के बाद सीटों का अंतिम निर्धारण करेगा।

*संसद का विस्तारित सत्र*

लोकसभा में 16 अप्रैल को तीनों विधेयकों पर चर्चा होगी। 18 घंटे का समय तय।
17 अप्रैल : मतदान के साथ लोकसभा में यह प्रक्रिया पूरी होगी।
18 अप्रैल : लोकसभा से पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। 10 घंटे की चर्चा के बाद मतदान होगा।

ये विधेयक होंगे पेश
संविधान (131वां) संशोधन-2026
परिसीमन विधेयक-2026
संघ शासित क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक-2026…

विपक्षी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स आज संसद में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में मुलाकात करेंगे, ताकि विशेष सत्र में सदन की रणनीति बनाई जा सके.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी पार्टी के सांसदों के साथ बैठक कर रणनीति तय करेंगे

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