Web News

www.upwebnews.com

महिला आरक्षण का विरोध कर कांग्रेस ने पाप किया है: नरेंद्र मोदी

April 18, 2026

महिला आरक्षण का विरोध कर कांग्रेस ने पाप किया है: नरेंद्र मोदी

Posted on 18.04.2026 Saturday Time 09.43 PM, New Delhi, India News, UP News, Narendra Modi, Nari Shakti Vandan Act

नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र के नाम संबोधन में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने पर देश की महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने बिल का विरोध करने के लिए विपक्ष की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा बिल का विरोध करके कांग्रेस ने जो पाप किया है, उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। श्री मोदी ने रात्रि साढ़े आठ बजे संबोधन शुरू किया।

उन्होंने कहा कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा ने एक मौका गंवा दिया। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी का अब लोहिया जी के सपनों से कोई लेना देना नहीं है। सपा ने महिला आरक्षण का विरोध करके लोहिया जी के सपने को तोड़ दिया। यूपी कि महिलाएं इसे भुला नहीं सकती हैं।

श्री मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा विकसित भारत के लिए जो भी रिफार्म क्या जाता है कांग्रेस उसका विरोध करती है। कांग्रेस ने तीन तलाक बिल, सी ए ए, धारा 370 हटाने का भी विरोध किया। कांग्रेस ने 40 साल तक ओबीसी आरक्षण और महिला आरक्षण लगूं नहीं होने दिया। कांग्रेस एंटी रिफॉर्म पार्टी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रहित सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के निष्ठापूर्ण प्रयासों के बावजूद नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन से जुडा विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगते हैं। श्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए जब उनकी पार्टी ही सब कुछ बन जाती है, तो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय हित दोनों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि यह देखकर बेहद दुख हुआ कि महिलाओं के हित में बने इस विधेयक को खारिज कर दिया गया, जबकि कांग्रेस, डीएमके, सपा और टीएमसी जैसी पार्टियां तालियां बजा रही थीं और महिलाओं के अधिकारों को छीनकर अपनी मेजें पीट रही थीं। प्रधानमंत्री ने उनके इस कृत्य को महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान पर आघात बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है और यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम सहित सभी क्षेत्रों में संतुलित सशक्तिकरण सुनिश्चित करने का एक प्रयास था। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य संसद में आनुपातिक प्रतिनिधित्व बढ़ाकर छोटे या बडे प्रत्येक राज्य की आवाज को मजबूत करना था, लेकिन इस नेक प्रयास को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कुचल दिया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन पार्टियों ने कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया, वे महिलाओं की शक्ति को हल्के में ले रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने जो पाप किया है, उसका उन्हें अवश्य ही दंड मिलेगा।

महिला आरक्षण बिल में थीं गंभीर विसंगतियां* –रुचि वीरा

SP MP MORADABAD RUCHI VEERA
संविधान संशोधन विधेयक पर
चर्चा में सपा सांसद ने रखे तर्क

Post on 18.4.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
संसद में महिला आरक्षण से जुड़े बिल संविधान संशोधन विधेयक गिर गया। सांसदों ने विधेयक का विरोध किया। इस दौरान हुईं चर्चा में भाग लेते हुए सपा सांसद रुचि वीरा ने कहा कि 131 वां संविधान संशोधन विधेयक गंभीर विसंगतियां लिए हुए है।
सांसद ने कहा कि वह महिला आरक्षण के विरोध में नहीं। बल्कि आधी आबादी के साथ है। विधेयक में महिला को आरक्षण देने का सरल प्रयास किया गया।विधेयक संविधान की मूल आत्मा व लोकतांत्रिक
प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों के साथ सोची समझी साजिश है। इस संवेदनशील और स्वीकार्य मुद्दे को सरकार कवच की तरह इस्तेमाल कर रही है। इसकी आड़ में चुनावी व्यवस्था और प्रतिनिधित्व के ढांचे को बदलने की कोशिश है।सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण को सरकार ने पूरी तरह से परिसीमन के नियंत्रण में कर दिया है।उनका कहना है कि आरक्षण कब, किन किन सीटों पर लागू होगा, यह सरकार की इच्छा पर निर्भर रहेगा। सांसद ने कहा कि जन गणना व परिसीमन के ऐतिहासिक संबंध लोकतंत्र के सिद्धांत का अटल सत्य है। अब तक परिसीमन से पहले ही जन गणना होती है। जिससे सही जनप्रतिनिधित्व हो सकें।
सांसद नेकहा कि यह परिसीमन एक निर्धारित प्रक्रिया में न रह सरकार की राजनैतिक सुविधा का साधन बन गया है।

तहसील दिवस में जिला प्रशासन सख्त

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/04/2026

डीएम-एसएसपी ने सुनीं 180 शिकायतें, मौके पर 18 का किया गया निस्तारण

जमीन कब्जा, धान भुगतान, वरासत और जनसमस्याओं पर कड़े निर्देश, लापरवाही पर अधिकारियों को फटका

गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में इस बार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित समाधान कराया गया।
तहसील दिवस में कुल 180 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें से 18 मामलों का तत्काल निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एएसपी/सीओ कैंट अरुण कुमार, सीएमओ डॉ. राजेश झा, जिला विकास अधिकारी सतीश चंद्र सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
भू-माफिया और अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
तहसील दिवस में सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत, चकबंदी और पारिवारिक विवादों से जुड़ी रहीं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने एक अधिवक्ता की जमीन पर भू-माफिया द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की, जिस पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तहसीलदार को तहसील दिवस समाप्त होते ही मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
डीएम ने दो टूक कहा कि सरकारी या निजी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

धान भुगतान में लापरवाही पर कड़ी फटकार

किसान अभिषेक उपाध्याय ने शिकायत की कि उन्होंने 250 कुंतल धान बेचा, लेकिन केवल 125 कुंतल का ही भुगतान मिला है। इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर शेष भुगतान कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान किसान ने बताया कि वह भुगतान के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है।
राजस्व मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय
तहसील दिवस में वरासत, नामांतरण और पैमाइश से जुड़े कई मामले सामने आए। डीएम ने निर्देश दिया कि—

एक ही प्रकरण में बार-बार जांच कर लोगों को परेशान न किया जाए

यदि जांच आवश्यक हो तो उसी लेखपाल को दोबारा जांच न सौंपी जाए
बिना ठोस आधार के एक जैसी रिपोर्ट लगाना अनुचित है
एक मामले में लेखपाल को मौके पर बुलाकर डीएम ने नाराजगी जताई और तुरंत सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
मंदिर की जमीन पर नामांतरण की कोशिश नाकाम
एक प्रकरण में मंदिर की जमीन को अपने नाम दर्ज कराने की कोशिश की जा रही थी। इस पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कहा कि मंदिर की जमीन मंदिर के नाम ही दर्ज रहेगी, उसमें किसी भी प्रकार का निजी नामांतरण नहीं किया जाएगा।

आईजीआरएस और ई-गवर्नेंस पर जोर

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब कोई भी फाइल मैन्युअल रूप में स्वीकार नहीं की जाएगी, सभी कार्य ई-फाइलिंग प्रणाली के तहत ही होंगे। यदि कोई अधिकारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर राहत: शादी के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया

तहसील दिवस में एक फरियादी शादी के लिए गैस सिलेंडर की समस्या लेकर पहुंचा, जिस पर डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) द्वारा तत्काल व्यवस्था कराकर सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से फरियादी को तत्काल राहत मिली और उसने आभार जताया।
तहसील दिवस में आए पुलिस संबंधी प्रकरणों की सुनवाई एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।
विशेष मामलों में त्वरित निर्देश
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद मकान खाली न कराने के मामले में पुलिस व राजस्व टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश
चकबंदी से जुड़े मामलों में सरकारी जमीन को अभिलेखों में दर्ज कराने का निर्देश
पैमाइश विवाद में राजस्व टीम बनाकर मौके पर माप कराने के निर्देश
रजिस्ट्री के बाद कब्जा न मिलने के मामलों में तत्काल समाधान के निर्देश
तहसील दिवस में डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तहसील दिवस में प्रशासन की सक्रियता, सख्ती और मौके पर समाधान की पहल से आम लोगों में भरोसा बढ़ा है और यह संदेश गया है कि समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

एटा में डीएम जनसुनवाई के दौरान महिला ने स्वयं पर केरोसिन डालकर आग लगाने का किया प्रयास

सुरक्षाकर्मियों ने रोका

एटा 18 अप्रैल उप्रससे। जनपद की अलीगंज तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक महिला ने खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल महिला को रोका और उसे बचा लिया। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अलीगंज तहसील समाधान दिवस में महिला ज्ञान देवी शाक्य पत्नी जगदीश नगला मोहन, थाना राजा का रामपुर जिलाधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत लेकर पहुंची। शिकायत सौंपने के बाद असंतुष्ट होकर उसने सभागार में ही केरोसिन छिड़क लिया। महिला के इस कदम से सभागार में अफरातफरी मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दौड़कर महिला के हाथ से केरोसिन की बोतल और माचिस छीन ली।

पीड़ित महिला ज्ञान देवी ने बताया कि उसने एक भूमि का बैनामा करवाया था, जिस पर वह तंबाकू की फसल उगा रही थी। आरोप है कि गांव के प्रधान और उसके परिजनों ने उस जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। जिसकी कई आला अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। उसने कहा कि वह अब हार चुकी है और आत्महत्या करने को मजबूर है।

वर्जन
जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत को गंभीरता से सुना है। तत्काल राजस्व टीम और पुलिस टीम को मौके पर भेजकर मामले की जांच करने और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल कर रहे हैं।

Bijnore: हाइवे पर वृक्षारोपण की मांग

बिजनौर। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के प्रदेश सचिव एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ विकुल मलिक ने भारत सरकार के केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव एवं उत्तर प्रदेश सरकार में वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ अरुण कुमार सक्सेना को एक-एक पत्र भेज कर जनपद बिजनौर से निकल रहे पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे एवं जनपद से गुजर रहे सभी हाईवे के दोनों ओर 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कराने की मांग की है। श्री विकुल मलिक ने अपने पत्र में कहा कि हाईवे निर्माण कंपनीयो द्वारा हाईवे निर्माण एवं चौड़ीकरण के लिए जनपद बिजनौर की सभी सड़कों पर से छायादार वृक्षों को संबंधित विभाग से कटवा दिया गया था। जिसके कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। सड़कों पर छायादार वृक्षों के न होने से एक ओर जहां प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है वही दो पहिया वाहन चालकों को एवं अन्य यात्रियों को यात्रा करते समय झुलसने वाली भारी गर्मी झेलनी पड़ रही है। श्री विकुल मलिक ने जनपद बिजनौर की समस्त स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अपील की है कि वह भी अभी से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को जनपद बिजनौर की वृक्षों रहित हो चुकी सड़कों पर वृक्षारोपण करने का मन बनाने का प्रयास करें।

« Newer PostsOlder Posts »