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योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा ट्रेन को हरी झंड़ी दिखाई

April 19, 2026

योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा ट्रेन को हरी झंड़ी दिखाई

लखनऊ : 19 अप्रैल, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देश ने अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नये युग में प्रवेश किया है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश के यात्रियों की विशेष ट्रेन, विभिन्न तीर्थों से होते हुए द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम सोमनाथ धाम का दर्शन करने के लिए जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने आज यहां गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अन्तर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बाबा सोमनाथ के अभिषेक हेतु उत्तर प्रदेश की पवित्र सप्त नदियों का पावन जल कलश यात्रा के प्रतिभागी श्रद्धालुओं को सौंपा। शुभारम्भ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री जी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ की विशेष ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शास्त्रों की मान्यता के अनुसार आत्मा अजर और अमर तथा जीवन की शाश्वतता का प्रतीक है। इसी प्रकार सनातन आस्था भी उसी अजर, अमर पथ का प्रतीक है। भारत की सनातन संस्कृति पर अनेक हमले हुए। लेकिन यह हमले भारत की आस्था को न डिगा पाए, न हटा पाए और न झुका पाए। 01 हजार वर्ष पहले देवाधिदेव महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, भगवान सोमनाथ के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला हुआ। वर्ष दर वर्ष यह हमला बढ़ता गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विदेशी आक्रांता भारत की धन-सम्पदा को लूटते गए, मंदिरों को अपवित्र करते गए तथा भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करते गए। लेकिन सनातन धर्म की आस्था अपनी भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रही। 01 हजार वर्ष बाद भी भारत की सनातन आस्था दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, लेकिन उन आक्रांताओं का कोई भी नामो-निशान इस दुनिया में नहीं बचा है। यही ’यतो धर्मस्ततो जयः’ का शंखनाद है, जिसे आक्रांताओं की बर्बरता रोक नहीं पायी, झुका नहीं पायी और तोड़ भी नहीं पायी। ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ सनातन धर्म की इसी आस्था का आयोजन है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर देशवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त होनी चाहिए। इसके लिए अनेक ओर से आवाजें उठीं तथा इस दिशा में प्रयास किए गए। भारत माता के महान सपूत और देश की अखण्डता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने उस समय द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा को देखकर इसके पुनरुद्धार का संकल्प लिया था।
सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इस कार्य को आगे बढ़ाया और मंदिर का पुनर्निर्माण पूरा हुआ। प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को भव्यता के साथ आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद को आमंत्रित किया। राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार कार्यक्रम को अपने हाथों से सम्पन्न किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद ने आगे बढ़ाया था, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत के स्वाभिमान और सनातन आस्था के गौरव के अभियान को आगे बढ़ाने के रूप में वही कार्य किया है। आज का यह कार्यक्रम उसी अभियान का हिस्सा है।
पहले कोई यह नहीं सोचता था कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो चुका है। केसरिया पताका श्रीराम मंदिर पर लहरा रही है। देश के हर कोने तथा पूरी दुनिया में जय श्रीराम की आवाज सुनाई देती है। 500 वर्ष पहले आक्रांताओं ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर को अपमानित कर हमारी आस्था पर कुठाराघात किया था, लेकिन वह उसे डिगा नहीं पाए। जिन लोगों ने हमारी आस्था पर प्रहार किया था, आज उनका नाम लेने वाला कोई नहीं है। लेकिन हमारी सनातन आस्था पूरी भव्यता के साथ भारत के गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर तथा विंध्याचल में माँ विंध्यवासिनी का भव्य कॉरिडोर हमारी विरासत को नवीन ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। प्रयागराज की धरती पर आयोजित कुम्भ-2019 तथा महाकुम्भ-2025 ने दुनिया को यह बताया है कि सांस्कृतिक आयोजन किस प्रकार होने चाहिए। महाकुम्भ ने समरसता के आयोजन के रूप में सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसी प्रकार मथुरा-वृन्दावन भी उत्तर प्रदेश का गौरव है। हमारा सौभाग्य है कि यह सभी स्थल उत्तर प्रदेश में हैं। काशी की जीवन्तता, अयोध्या की मर्यादा, मथुरा-वृन्दावन की भक्ति तथा प्रयागराज की समरसता पूरे देश और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महाकाल का महालोक, भव्य श्री केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ मंदिर तथा रामेश्वरम धाम हम सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यही भारत की वह सनातन आस्था है, जो बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे अपनी यात्रा को अनवरत आगे बढ़ा रही है। यह देश का गौरव है। इसी गौरव का साक्षी बनने के लिए 01 हजार से अधिक श्रद्धालु उत्तर प्रदेश से गुजरात की धरती पर भगवान सोमनाथ का दर्शन करने के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। हम सभी इस यात्रा के शुभारम्भ के साक्षी बन रहे हैं। इन श्रद्धालुओं को जो पुण्य मिलेंगे, उसमें हम भी भागीदार होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारम्भ के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हर जनपद से कम से कम 11 श्रद्धालु इस यात्रा में जा रहे हैं। इनमें उद्यमी, किसान, महिला, नौजवान, छात्र-शिक्षक सहित अलग-अलग वर्गों के 01 हजार श्रद्धालु शामिल हैं। रेलवे की ओर से यात्रा की सुविधा निःशुल्क है। केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा अन्य खर्चे उठाए जा रहे हैं। यह लोग हर-हर महादेव की गूंज के साथ काशी तथा अपने-अपने क्षेत्र के तीर्थ स्थलों के जल से भगवान सोमनाथ का अभिषेक करेंगे। मुख्यमंत्री जी ने रेलवे तथा केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं की सुखद यात्रा की कामना की।
ज्ञातव्य है कि इस यात्रा में श्रमिक, हॉकर्स, स्ट्रीट वेण्डर्स, महिलाएं, गिग वर्कर्स, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, युवा प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप से जुड़े युवा, वरिष्ठ नागरिक, तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञ, स्वयंसेवक, आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े सदस्य, सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े कर्मयोगी शामिल हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पवन चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक नीरज बोरा, ओ0पी0 श्रीवास्तव, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात तथा श्रद्धालु उपस्थित थे।

अंबेडकर का होर्डिंग फाड़े जाने से आक्रोश, गांव में तनाव

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हाथरस। थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव कछपुरा में अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर का होर्डिंग फाड़े जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और गांव में तनाव का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही डायल 112 और थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। वहीं ग्रामीणों और अंबेडकरवादी संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

निर्भीक होकर तथ्य सामने लाएं पत्रकार: दयाशंकर सिंह

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 19/04/2026

बलिया, 19 अप्रैल 26, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा है कि पत्रकार निर्भीक होकर तथ्यों को सामने लाएं। पत्रकारिता चौथा स्तंभ है। इस जिम्मेदारी को निभाएं। वे यहां भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विचार व्यक्त कर रहे थे।

संघ के पदाधिकारियों ने यहां पहुंचे यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का माल्यार्पण और अंगवस्त्र से स्वागत किया। परिवहन मंत्री ने मंच से कहा कि समाज का चौथा स्तंभ पत्रकारिता है न्याय पालिका, कार्यपालिका उसी तरह से पत्रकारिता का एक अलग स्थान है तीनों अगर अपना काम सही ढंग से करें और उसपर अगर कोई अंकुश लगाने का कोई काम करता है जो पत्रकारिता का चौथा स्तंभ है वह कार्य करता है। पत्रकारिता में निर्भीक होकर सही तथ्यों को समाज के सामने लाना यही पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य होता है।समाज के हर क्षेत्र में गिरावट आई है चाहे कार्यपालिका हो,व्यवस्थापिका जो,या न्याय पालिका हो सब में कही न कही गिरावट है जो पत्रकारिता जगत भी कही अक्षुता नही है । अगर सही तथ्यों को उजागर करेंगे तो समाज में एक परिवर्तन आएगा।जब जब समाज में परिवर्तन आया है या बड़े से बड़े आंदोलन हुये  है वह पत्रकारिता के माध्यम से हुआ है और देश की आजादी की लड़ाई में भी पत्रकारिता का बहुत बड़ा सहयोग रहा है।

ईरान की नापाक हरकत से भारत नाराज

Article Posted on 19.04.2026, Time 09.23 PM, Sunday Writer Sarvesh Kumar Singh, Senior Journalist

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

अमेरिका, इजराइल और ईरान के युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम रुख अपनाए जाने के बाद भी ईरान की तरफ से कुछ ऐसी घटनाएं अंजाम दी जा रही हैं जो इस क्षेत्र में फिर से अशांति पैदा कर सकती है। भारत के साथ भी ईरान के संबंध तनावपूर्ण हो सकते यह घटनाक्रम कल हुआ है, जिससे भारत ईरान से बेहद नाराज है। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए भारत के विदेश मंत्रालय ने, विदेश मंत्री विक्रम मिश्री ने कल ईरान के दिल्ली स्थित दूतावास से ईरान के राजदूत को तलब किया और अपनी नाराजगी जाहिर की।

Iran

घटना यह है कि कल हॉर्मूज जलडमरू मध्य मार्ग से भारत के 14 भारत आ रहे थे , जिसमें सात भारत के थे और बाकी कुछ दूसरे देशों के थे। लेकिन जो उसमें तेल, गैस और उर्वरक तीन चीजें लदी हुई थी। ये तीनों भारत ही आ रही थीं। यानी कि भारत के आपूर्ति की श्रंखला का यह हिस्सा थे। इनमें जो जहाज आ रहे थे उनको ईरान के (आईआरजीसी)  इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने अनुमति दी थी। लेकिन अचानक दो जहाजों पर ईरान की आईआरजीसी की नौकाओं ने लाइट मशीन गन से अटैक कर दिया। फायरिंग कर दी। इसमें एक जहाज को मामूली नुकसान भी हुआ।

लेकिन वो दोनों जहाज वापस लौट गए और दोनों ही नहीं लौटे। लगभग 13 जहाज जिसमें एलपीजी गैस, कच्चा तेल और यूरिया लगा हुआ था। ये फिर से फारस की खाड़ी की ओर वापस लौटने को मजबूर हुए। हालांकि भारतीय जहाज के जो नाविक थे, जहाज के कैप्टन थे उन्होंने आईआरजीसी से कहा कि हमें आपने पहले अनुमति दी अब आप अटैक क्यों कर रहे हैं? इसी बीच एक जहाज वहां से निकलने में सफल हो गया और वो भारत की ओर बढ़ रहा है। आ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि एक जहाज इसमें ऐसा भी था जिसमें बहुत बड़ा टैंकर था और 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था। यह इराक से भारत आ रहा था।

इसको भी वापस लौटना पड़ा। यह घटनाक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ने पश्चिम एशिया के युद्ध में अपना संतुलित दृष्टिकोण और समर्थन बनाए रखा है। भारत की विदेश नीति बिल्कुल सही दिशा में थी और उसका ईरान के साथ भी बातचीत का क्रम जारी था और इजराइल के साथ भी जारी था। अमेरिका के साथ भी जारी था। भारत का पूरा प्रयास था कि युद्ध बंद होना चाहिए। शांति प्रयास बहाल होने चाहिए। इसके लिए भारत लगातार सक्रिय था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर लगातार ईरान के विदेश मंत्री से और ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत कर रहे थे।

इसी बीच यह एक कष्टकारी और अप्रिय घटना भारत के सामने आई है। बताया ये जाता है कि जो शांति प्रयास चल रहे थे और लगभग युद्ध विराम की स्थिति थी तो ऐसे में ईरान ने अचानक स्टेट हॉर्मस को फिर से ब्लॉक क्यों कर दिया? और उसने यह रणनीति अपनाई है कि या तो टोल टैक्स दे या ईरान से अनुमति ले तब वहां से निकलेंगे। लेकिन सहमति यह हुई थी कि इसको निर्बाध आवाजाही के लिए खोल कर रखा जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने भी यही बात कही थी। लेकिन ईरान का कहना यह है कि उसकी नौसेना की नाकेबंदी अमेरिका ने शुरू कर दी है। इसके बदले में हमने यह कारवाई की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अब इस युद्ध के बारे में अपना नरम रुख अपनाए हुए हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि युद्ध समाप्ति की ओर है। क्योंकि अब ईरान में लड़ने की क्षमता नहीं है। उनके पास नौसेना और वायु सेना नहीं है। नेतृत्व भी कोई बहुत मजबूत नहीं है। इसलिए युद्ध विराम बहुत जल्दी होगा और युद्ध समाप्त हो जाएगा। लेकिन ये जो कल की घटना है इससे तनावपूर्ण संबंध फिर से सामने आ सकते हैं और जैसा अटैक उन्होंने भारतीय जहाजों पर किया है, वो किसी और जहाज पर भी कर सकते हैं ।

इससे एक बार फिर पश्चिम एशिया में अशांति उत्पन्न हो जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी भारत सरकार लगातार बात कर रही है । हालांकि एक बड़ा हिस्सा तेल का हमारे पास जो आता है वो खाड़ी देशों से ही आता है लेकिन अब रूस से भी तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो रही है तो इसलिए भारत को बहुत ज्यादा चिंता की तो जरूरत नहीं है लेकिन ये जो खाड़ी देशों से तेल आता है बहुत सारे सभी देशों से लगभग जो खाड़ी के देश हैं तेल उत्पादक देश हैं। उनसे हमारे यहां एलपीजी गैस, कच्चा तेल और इसके अलावा नेफ़्था जिससे यूरिया बनता है वो भी वहां से आता है। यूरिया भी गल्फ के कई देशों से हम आयात करते हैं। क्योंकि हमारे कृषि क्षेत्र के में यूरिया की बड़ी खपत है और यह कृषि उत्पादन को प्रभावित करता है। इसलिए स्टेट हॉर्बोज का खुला रहना भी जरूरी है। क्योंकि हमें जो यूरिया मिलता है वह इन्हीं क्षेत्रों से मिलता है। नेफा भी मिलता है।

यह जो घटनाक्रम है । इस घटनाक्रम की पुनरावत्ति ना हो और भारत के जहाजों का निर्बाध आवागमन बना रहे। यह पूरे पश्चिम एशिया के हित में है और भारत के भी हित में है और ईरान भारत के संबंधों के लिए यह आवश्यक भी है। ईरान को यह भी याद रखना चाहिए कि जब अमेरिका ने ईरान के एक जहाज को हिंद महासागर में डुबो दिया, नष्ट कर दिया था तो दूसरे जहाज को भारत ने ही शरण दी। भारत ने उसे बचा लिया अमेरिका के हमलों से। बावजूद इसके कि यह बात अमेरिका को नागवार गुजरी होगी। लेकिन भारत ने अपना धर्म निभाया और ईरान की संकट की घड़ी में मदद भी की। तो ऐसी स्थिति में ईरान के नेतृत्व को विचार करना चाहिए और ये जो घटना हुई है इसकी फिर से पुनरावृत्ति ना हो। शांति बहाल हो। पूरे विश्व के लिए यही आवश्यक है।

एटा में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व शुरू

प्राचीन कैलाश मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और पूजन-अर्चना कर यात्रा रवाना

एटा 19 अप्रैल उप्रससे। जनपद में रविवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का शुभारंभहुआ। इस अवसर पर प्राचीन कैलाश मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सुधा गुप्ता, पंकज गुप्ता, सदर विधायक विपिन कुमार वर्मा ‘डेविड’, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अपर उप जिलाधिकारी राजकुमार मौर्य और अधिशासी अधिकारी निहाल सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोषों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के बाद, एटा से 10 श्रद्धालुओं और कर्मचारियों का एक दल लखनऊ के लिए रवाना हुआ। इस दल ने राजधानी के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि यह यात्रा भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य समाज को अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ना और गौरवशाली विरासत के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता उत्पन्न करना है।

जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देशन में एटा का यह श्रद्धालु दल राज्य स्तरीय यात्रा के साथ गुजरात स्थित विश्वविख्यात सोमनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह जत्था 21 अप्रैल 2026 को सोमनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पूजन-अर्चन करेगा।

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