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महिलाओं को संसद में आरक्षण सुनिश्चित करने वाला विधेयक गिरा, सरकार ने अन्य दो विधेयक भी वापस लिए

April 17, 2026

महिलाओं को संसद में आरक्षण सुनिश्चित करने वाला विधेयक गिरा, सरकार ने अन्य दो विधेयक भी वापस लिए

LOK SABHA

नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026, केन्द्र सरकार द्वारा आज संसद में प्रस्तुत किया गया महिला आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक गिर गया। संशोधन विधेयक के लिए आवश्यक मत इसके पक्ष में नहीं पड़ सके।

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 गत दिवस केन्द्र सरकार द्वारा प्रसुत किया गया था। यह विधेयक आज लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका। विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 मत पड़े। संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक 2026 के सदन में गिर जाने के कारण परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 सहित अन्य दो विधेयकों को पारित करने के लिए सरकार ने पेश नहीं किया।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार लोकसभा और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। वे लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2029 के लोकसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ संपन्न हों।

उन्होंने कहा कि देश को उत्तर-दक्षिण के आधार पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि लक्षद्वीप जैसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश को भी उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार के समान अधिकार प्राप्त हैं।

विपक्षी गठबंधन की आलोचना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण के लिए संवैधानिक संशोधन का किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन विपक्ष के सभी सदस्यों ने स्पष्ट रूप से महिलाओं के लिए आरक्षण का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही 1972 में परिसीमन प्रक्रिया को बाधित किया था और अब वही इसका विरोध कर रही है। श्री शाह ने स्पष्ट किया कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मान्यता नहीं देता है।

लोकसभा और विधानसभा में एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से लाया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 आज सदन में पारित नहीं हो सका। लोकसभा में उपस्थित कुल 489 सदस्यों में से विधेयक को दो तिहाई बहुमत 326 सांसदों का समर्थन नहीं मिल सका। विधेयक पर मतदान के दौरान 298 सांसदों ने इसके पक्ष में और 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मतदान के परिणाम घोषित करते हुए कहा कि इस विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक बहुमत प्राप्त नहीं होने के कारण इसे आगे बढ़ाना संभव नहीं है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 सहित अन्य दो विधेयक संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन दोनों विधेयकों को पारित करने के लिए पेश नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं को आरक्षण देने का ऐतिहासिक अवसर गवां दिया है।