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ट्रंप का दावा: ईरान के साथ युद्ध समाप्ति की ओर

April 15, 2026

ट्रंप का दावा: ईरान के साथ युद्ध समाप्ति की ओर

Washington, April 15: US President Donald Trump has said that the war with Iran is “almost over.” Iranian officials are about to agree to a peace deal. In an interview, Mr Trump claimed that even if he withdrew his forces now, it would take Iran 20 years to rebuild the country. Mr Trump’s comments came hours after US Central Command said the blockade of Iran’s ports had been fully implemented within 36 hours of starting.
वाशिंगटन, 15 अप्रैल 26, अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध लगभग समाप्त होने वाला है। ईरान के अधिकारी शांति समझौते पर सहमत होने वाले हैं। एक साक्षात्कार में, श्री ट्रम्प ने दावा किया कि यदि वह अभी अपनी सेना वापस बुला लेते हैं, तो भी ईरान को देश के पुनर्निर्माण में 20 वर्ष लगेंगे। श्री ट्रम्प की यह टिप्पणी अमरीकी केंद्रीय कमान के यह कहने के कुछ घंटों बाद आई है कि ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी शुरू होने के 36 घंटों के भीतर पूरी तरह से लागू कर दी गई थी।
वहीं, ईरान के सैन्य केंद्रीय कमान के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहती है, तो वे ओमान की खाड़ी और लाल सागर में समुद्री व्यापार को भी अवरुद्ध कर देंगे।

पश्चिम एशिया युद्ध से ऊर्जा संकट और मंदी का खतरा

IMF
Posted on 15.04.2026 Time 07.51 PM IMF , Energy Crisis in world
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि अमरीका और इस्राएल के बीच ईरान को लेकर चल रहा युद्ध ऊर्जा संकट पैदा कर सकता है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भीषण मंदी आ सकती है।
आईएमएफ ने अपने नवीनतम वैश्विक आर्थिक आउटलुक में कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने या ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
रिपोर्ट में विभिन्न परिणामों की आशंकाएं व्‍यक्‍त की गई हैं। बहुत अच्‍छी स्थिति में यदि युद्ध जल्‍दी समाप्त भी जाए और वर्ष के मध्‍य तक ऊर्जा बाजार स्थिर हो जाए तो भी 2026 में वैश्विक विकास दर थोड़ी धीमी होकर लगभग 3.1% रह जाएगी। मुद्रास्फीति उच्च बनी रहेगी।
खराब स्थितियों में, प्रभाव कहीं अधिक गंभीर हो जाता है। यदि तेल की कीमतें लगभग 100 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो वैश्विक विकास दर गिरकर 2.5% हो सकती है।
अत्यंत गंभीर स्थिति में, यदि तेल की कीमतें इस वर्ष बढ़कर 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल और अगले वर्ष 125 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो जाती हैं, तो वैश्विक विकास दर गिरकर 2% हो सकती है, जो वैश्विक मंदी के करीब होगी, जबकि मुद्रास्फीति बढ़कर लगभग 6% हो जाएगी। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था को एक और बड़ा झटका लगने वाला है, खासकर अगर संघर्ष जारी रहता है।
आईएमएफ ने सरकारों को बड़े पैमाने पर, अनियोजित खर्च करने के खिलाफ चेतावनी भी दी और कहा कि सहायता अस्थायी और लक्षित होनी चाहिए क्योंकि मुद्रास्फीति अभी भी अधिक है और सार्वजनिक ऋण पहले से ही काफी ऊंचा है।

श्रमिक के उग्र व्यवहार पर एजेंसी पर होगी कार्रवाई: डीएम मेघा रूपम

डीएम गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की बैठक

कार्मिक या श्रमिक के उपद्रवी व्यवहार पर संबंधित एजेंसी होगी ब्लैक लिस्ट, की जाएगी लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई

समस्त संविदाकार शासन की गाइडलाइंस के अनुसार निर्धारित वेतन देना करें सुनिश्चित

राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध

गौतमबुद्धनगर, 15 अप्रैल। जनपद में शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों के साथ बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकार उद्योग को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्मिकों व श्रमिकों समेत शांति व्यवस्था बनाए रखें।

डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। अगर किसी भी एजेंसी द्वारा या एजेंसी के कार्मिक/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसे में उस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करते हुए एजेंसी का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है ।

जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए 13,690, अर्धकुशल श्रमिक के लिए 15,059 तथा कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपए प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार इन वेतन मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें एवं श्रमिक के बैंक खातों में पूर्ण वेतन हस्तांतरित करें। किसी भी प्रकार के नियमों का उलंघन व श्रमिकों का शोषण करने पर सख्त कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग, श्रमिक एवं नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, वहीं नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य भी सुनिश्चित होता है। यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है।

डीएम ने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए आपसी सहयोग एवं विश्वास के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान हेतु प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश, संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे।

Gorakhpur लिव इन में रह रही युवती की हत्या कर प्रेमी फरार, बंद दुकान से शव बरामद

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
15/04/2026, UP News

Gorakhpur, 15 April 2026 (UP News Service) A heart-wrenching news has come out from the Cantt police station area. The body of a 25-year-old woman was found under suspicious circumstances in a shop in Maharana Pratap Building on Zilla Panchayat Road. The deceased has been identified as Gangotri Yadav, who was living in a live-in relationship with a youth for the last 8 years.

गोरखपुर, 15 अप्रैल 2026 (उप्र समाचार सेवा) कैंट थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिला पंचायत रोड स्थित महाराणा प्रताप बिल्डिंग की एक दुकान में 25 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ है। मृतका की पहचान गंगोत्री यादव के रूप में हुई है, जो पिछले 8 सालों से एक युवक के साथ लिव-इन में रह रही थी।

महाराणा प्रताप बिल्डिंग में स्थित फ्लैक्स की दुकान पिछले तीन दिनों से बंद थी। गंगोत्री के परिजनों का कहना है कि तीन दिनों से उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। जब कोई संपर्क नहीं हुआ, तो परेशान परिजन महाराजगंज से गोरखपुर पहुंचे। पहले वे किराए के कमरे पर गए, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इसके बाद जब वे दुकान पर पहुंचे, तो वहां से तेज दुर्गंध आ रही थी।
परिजनों की सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने जब दुकान का शटर खुलवाया, तो अंदर गंगोत्री का शव पड़ा मिला। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत दो-तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतका के भाई ने गंगोत्री के साथ रहने वाले अनिल गुप्ता पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद से ही अनिल का फोन बंद है और वह फरार है। स्थानीय दुकानदारों ने भी पुष्टि की है कि दुकान पिछले तीन दिनों से नहीं खुली थी।
फिलहाल पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। आखिर उस बंद दुकान के भीतर क्या हुआ? क्या अनिल गुप्ता ने ही गंगोत्री की जान ली या कहानी कुछ और है? पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

April 7, 2026

पीएमओ के नाम पर ठगी, दो पत्रकार गिरफ्तार

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Posted on 07.04.2026 Tuesday Time 09.22 PM, Mumbai

पीएम मोदी के ‘फर्जी’ हस्ताक्षर से 4 लाख की रंगदारी; प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नाम पर ठगी करने वाले दो ‘पत्रकार’ गिरफ्तार

मुंबई 07 अप्रैल 2026 । मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले फर्जी पत्र का इस्तेमाल करके 4 लाख फिरौती मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टारगेट मीडिया से जुड़े तौसीफ हुसैन इस्माइल पटेल (44) और सिद्धिनाथ दीनानाथ पांडे उर्फ ​​सुनील (43) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी शास्त्री नगर, गोरेगांव (पश्चिम) के निवासी हैं। शिकायत के अनुसार, पीड़िता “मेगा श्रेया” नामक एक गैर सरकारी संगठन चलाती हैं, जो 2020 से वंचित बच्चों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों के लिए सामाजिक कार्य कर रहा है।

शिकायतकर्ता की मुलाकात तौसीफ पटेल और उसके सहयोगी फरनाज वाडिया से 2022 में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई। दोनों ने खुद को पत्रकार बताया और व्हाट्सएप के जरिए शिकायतकर्ता के सामाजिक कार्यों के बारे में जानकारी साझा करते हुए संपर्क में रहे। 18 मार्च को पटेल ने कथित तौर पर व्हाट्सएप पर एक वॉयस नोट भेजा, जिसमें पैसे के बदले प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन की बधाई का पत्र भेजने की पेशकश की गई थी। शिकायतकर्ता ने शुरू में इस दावे को फर्जी बताकर खारिज कर दिया। हालांकि, आरोपियों ने पत्र को असली बताते हुए 4 लाख रुपये जनसंपर्क शुल्क की मांग की। इसके बाद, 28 मार्च को फरनाज वाडिया ने प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला एक पत्र की डिजिटल प्रति भेजी, जो शिकायतकर्ता को संबोधित था और उसके सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करता था। शिकायतकर्ता ने शुरू में पत्र को सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन सहकर्मियों द्वारा इसकी प्रामाणिकता पर संदेह जताए जाने के बाद इसे हटा दिया। आरोपी ने कथित तौर पर अपनी मांगों को तेज कर दिया और फर्जी संदेश को विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए शिकायतकर्ता के नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को वर्ली के एक कैफे में बुलाया.

यहां आरोपियों ने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में उनके संपर्क हैं और उन्होंने एक “असली” पत्र के बदले में 4 लाख रुपये की मांग दोहराई। लगातार दबाव और धमकियों के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ ने वर्ली सी फेस स्थित एक होटल में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को शिकायकर्ता से पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रधानमंत्री द्वारा कथित तौर पर हस्ताक्षरित एक फर्जी जन्मदिन का बधाई पत्र, खिलौने वाले नोटों के बंडल, दो असली 500 रुपये के नोट और अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए।

इसके बाद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में एफआईआर वर्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी और बाद में जांच के लिए जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ को स्थानांतरित कर दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच की और वर्ली इलाके में जाल बिछाया, जहां आरोपियों को रंगे हाथों जबरन वसूली की रकम लेते हुए पकड़ा गया। पुलिस को अन्य आरोपियों की संलिप्तता का संदेह है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के जाली हस्ताक्षर और लेटरहेड के स्रोत, फर्जी दस्तावेज बनाने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरण सहित पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।

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