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गोरखपुर से दिल्ली के बीच 7 अप्रैल से 14 जुलाई तक चलेगी 29 फेरा में समर स्पेशल ट्रेन

March 30, 2026

गोरखपुर से दिल्ली के बीच 7 अप्रैल से 14 जुलाई तक चलेगी 29 फेरा में समर स्पेशल ट्रेन

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
30/03/2026

 

नई दिल्ली तक के यात्रियों को राहत

पूर्वांचल के लोगों के लिए रेलवे प्रशासन ने राहत भरी खबर दी है। गोरखपुर से दिल्ली तक यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर से नई दिल्ली के बीच सप्ताह में 2 दिन समर स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। गोरखधाम के निर्धारित समय से 20 मिनट पहले यह ट्रेन गोरखपुर से छूटेगी।

जनसंपर्क अधिकारी ने क्या कहा

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 05101/05102 नंबर की गोरखपुर-नई दिल्ली गोरखपुर समर साप्ताहिक (मंगलवार /शनिवार )साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन गोरखपुर से 7 अप्रैल से 14 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को तथा नई दिल्ली से 8 अप्रैल से 15 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को 29 फेरा में चलाया जाएगा।

किन-किन रास्तों से गुजरेगी ये ट्रेन

05101 गोरखपुर-नई दिल्ली समर स्पेशल ट्रेन आनंदनगर,सिद्धार्थनगर, बढ़नी,तुलसीपुर,बलरामपुर,गोंडा सीतापुर,बरेली,मुरादाबाद और गाजियाबाद होते हुए दूसरे दिन सुबह 7:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।यह ट्रेन
गोरखपुर से शाम 4:00 बजे प्रस्थान करेगी।उन्होंने आगे बताया कि उक्त निर्णय ट्रेन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने लिया है ताकि दिल्ली सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा हेतु लिया गया है।

एटा में SBI शाखा के गेट पर भवन मालिक ने लगाया ताला, 57 लाख किराया शेष

2018 में खत्म हुआ एग्रीमेंट फिर भी नहीं खाली किया भवन

एटा 30 मार्च उप्रससे। जनपद में कस्बा अलीगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के गेट पर भवन स्वामी ने ताला लगा दिया। आरोप है कि बैंक ने पिछले 38 महीनों से किराए का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस घटना से बैंक के हजारों ग्राहकों के सामने लेनदेन का संकट खड़ा हो गया है।

भवन स्वामी रमेश चंद्र और उनके परिवार का कहना है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से किराया भुगतान के लिए अवगत कराया था। इसके बावजूद बैंक की ओर से लगातार टालमटोल की जाती रही। परिवार का कहना है कि जब बार-बार कहने के बाद भी न तो किराए का समाधान हुआ और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिला, तब मजबूर होकर बैंक के गेट पर ताला लगाने का फैसला लिया गया।

2008 से 2018 तक की अवधि का था एग्रीमेंट

भवन स्वामी रमेश चंद्र पुत्र गिरिराज सिंह, मुन्नी देवी, अनिल कुमार गुप्ता, रचना गुप्ता, आरती गुप्ता और बैंक के बीच वर्ष 2008 में एक किराया समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत बैंक को भवन 10 वर्षों के लिए दिया गया था और 50 हजार रुपए प्रतिमाह किराया तय किया गया था। यह एग्रीमेंट वर्ष 2018 में समाप्त हो गया था।

भवन स्वामियों का कहना है कि एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी अगले पांच वर्षों तक शाखा आपसी समझौते के आधार पर उसी भवन में संचालित होती रही। इस दौरान बैंक को कई बार किराया संशोधन और भवन खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि बैंक अधिकारियों को इस संबंध में कानूनी रूप से लिखित नोटिस और मौखिक सूचना दोनों दी गई थीं, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। जनवरी 2023 में बैंक की ओर से 1 लाख 51 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से किराया बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, इस पर कोई नया एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ। इसके बाद भी शाखा उसी भवन में चलती रही। बैंक को भवन खाली करने के लिए भी नोटिस दिया था, लेकिन इस पर भी कोई असर नहीं पड़ा।
16 मार्च को भवन स्वामी की ओर से अधिवक्ता अंकित प्रताप सिंह शाक्य के माध्यम से बैंक को अंतिम नोटिस भेजा गया। जब इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो सुशील कुमार गुप्ता और अन्य साझेदारों ने बैंक के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर ताला लगा दिया। इस कार्रवाई के बाद शाखा पर पहुंचे ग्राहक असमंजस की स्थिति में दिखे और कई लोगों को वापस लौटना पड़ा। बैंक में ताला लगने से शहर के व्यापारियों, खाताधारकों और स्थानीय ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के नकद लेनदेन, जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग कार्य प्रभावित हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर बाजार और आम लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।
पूरे मामले में बैंक प्रबंधन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं।

भवन स्वामी सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि बैंक और उनके बीच 10 साल का एग्रीमेंट था, जो 2018 में समाप्त हो गया था। इसके बाद करीब पांच वर्षों तक बैंक पुराने तय किराए पर ही भवन में चलता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान लगातार किराया बढ़ाने और भवन खाली कराने की कोशिश की गई, लेकिन बैंक ने न तो किराया बढ़ाया और न ही भवन खाली किया। उनके अनुसार, बैंक पर करीब 57 लाख रुपए किराया बकाया है।

एटा में दो बार हुआ अपंजीकृत अस्पताल सील, उसके बाद भी हो रहा मरीजों का इलाज

सीएमओ की कार्यवाही पर उठे सवाल

एटा 30 मार्च उप्रससे। जनपद में कस्बा जैथरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के पास एम्स नाम से संचालित अपंजीकृत अस्पताल हमेशा से विवादों में रहा है। इस अस्पताल में कई गंभीर बीमारियों के सफल इलाज का दावा किया जाता है। अस्पताल में लगा बोर्ड कई रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर के नाम और उनकी उपलब्धियों को दर्शाता है। जबकि यहां बिना डिग्री डिप्लोमा के अपशिष्ट डॉक्टर यहां मरीजों का इलाज करते हैं। कई बार गर्भपात जैसी जटिल प्रक्रिया इन्ही झोलाछाप चिकित्सकों के द्वारा कराई जाती है। पिछले वर्ष तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने इसी अस्पताल को सीज कर दिया था। अस्पताल संचालक ने किसी युक्ति से सील खुलवाकर दोबारा से देहात क्षेत्र से आने वाले सीधे-साधे लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना आरंभ कर दिया।

20 मार्च शुक्रवार को शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फिर छापा मारा। इस दौरान टीम को कई खामियां मिली किंतु उन कमियों को नजर अंदाज करते हुए केवल ऑपरेशन थिएटर को सील कर खानापूर्ति की गई। अस्पताल संचालक तथाकथित डॉक्टर दानिश से स्पष्टीकरण मांगा गया। स्वास्थ्य विभाग के लचर रवैया ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यहां कितना भी कानून का उल्लंघन करो सब जायज है। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग में दलालों व चापलूसों के चंगुल में फंसे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अवैध को वैध कर दिया जाता है। इसी कारण फर्जी डॉक्टर बनकर इलाज करने वाला डॉक्टर दानिश स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से स्थानीय लोगों की आंखों में धूल झोंककर हर बार कानूनी शिकंजे से बच जाता है।

सूत्रों के अनुसार चिकित्सा विभाग पर उसकी पकड़ बहुत मजबूत बताई जाती है। अस्पताल से होने वाली मोटी कमाई का एक हिस्सा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के ऑफिस में पहुंचाया जाता है। इसी वजह से हर बार वह कानूनी शिकंजे से बच निकलता है और कुछ समय बाद अपना कारोबार दोबारा शुरू कर देता है। जबकि नियमानुसार बिना पंजीयन अस्पताल चलाना पूरी तरह अवैध है। पकड़े जाने पर जुर्माना और संचालक के विरुद्ध एफ आई आर दर्द कराए जाने का प्रावधान है।

March 29, 2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह मामले की सुनवाई अब 10 अप्रैल को

Allahabad High Court

प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद मामले की सुनवाई अब अगली तारीख पर होगी। यह तारीख 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इसि मामले की सुनवाई शनिवार को होनी थी। संबंधित पक्षों की ओर से समय पर जवाब दाखिल नहीं हो सके। इस कारण सुनवाई टल गई। कोर्ट ने अब 10 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।

सत्ता में आने पर पीडीए नायकों की प्रतिमाएं लगवाएंगेः अखिलेश यादव

Akhilesh yadav

Posted on 29.03.2026, Sunday Time 19.53 PM Greater Noida, Dadri

दादरी, गौतमबुद्ध नगर, 29 मार्च 2026, (उप्र.समाचार सेवा) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता में आने पर हम पीडीए यानि पिछडा दलित और अल्पसंख्यक समाज से जुडे नायकों की प्रतिमाएं लगवाकर उन्हें सम्मान देंगे। श्री यादव ने एक दिन पहले हुई रैली के बारे में कहा कि इसमें एक यूनिवर्सिटी के छात्रों को बुलाया गया था। इस रैली में लोगों को जबरन लाया गया, इसमें सरकारी अधिकारी और कर्मचारी लगे थे। श्री यादव आज दोपहर यहांं महिर भोज डिग्री कालेज मैदान में समानता भाईचारा रैली को सम्बोधित कर रहे थे। इसका आयोजन सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने किया था।

रैली को सम्बोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि हमारी रैली की सफलता से घबराकर विरोधी पार्टी ने एक दिन पहले ही अपनी रैली कर ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सात एयरपोर्ट बनाने की घोषणा के बाद इसमें छह बंद हो गए। उन्होंने भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए।

समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित भाई चारा रैली में आसपास के 32 जिलों से नेता और कार्यकर्ता आमंत्रित किये गए थे। रैली को कैराना की सांसद इकरा हसन ने भी सम्बोधित किया।

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