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किन्नर से शादी होने पर दूल्हे ने पुलिस से लगाई गुहार

April 6, 2026

किन्नर से शादी होने पर दूल्हे ने पुलिस से लगाई गुहार

सुहागरात में दुल्हन की खुली पोल, मंगलामुखी निकली
दूल्हा; बोला- मेरे साथ बड़ा धोखा हुआ
मैनपुरी
किशनी थाना क्षेत्र में एक ऐसे हैरान करने वाले मामले ने लोगों को चौंका दिया है, जहां एक युवक को शादी की पहली रात को पता चला कि वह जिस महिला को अपनी दुल्हन बनाकर घर लाया है, वह मंगलामुखी (किन्नर) है। इस खुलासे के बाद घर की खुशियां मातम में बदल गईं और परेशान युवक ने थाने में तहरीर देकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
 जानकारी के अनुसार, किशनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की शादी 25 मार्च को थाना बिछवां क्षेत्र के एक गांव की युवती के साथ बड़े धूमधाम से संपन्न हुई थी। शादी समारोह हंसी-खुशी के माहौल में पूरा हुआ। अगले दिन जब युवक अपनी नई नवेली दुल्हन को विदा कराकर घर लाया, तो घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे और खुशियां छाई हुई थीं। परिवार के सदस्य नवविवाहिता का स्वागत कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, किशनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की शादी 25 मार्च को थाना बिछवां क्षेत्र के एक गांव की युवती के साथ बड़े धूमधाम से संपन्न हुई थी। शादी समारोह हंसी-खुशी के माहौल में पूरा हुआ। अगले दिन जब युवक अपनी नई नवेली दुल्हन को विदा कराकर घर लाया, तो घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे और खुशियां छाई हुई थीं सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन शादी के दो दिन बाद, यानी 28 मार्च को युवक को एक ऐसे सच का पता चला जिसने उसे हिलाकर रख दिया। उसे पता चला कि जिसे वह अपनी पत्नी के रूप में घर लाया है, वह वास्तव में एक मंगलामुखी है। यह जानकारी मिलते ही युवक और उसके परिजनों के होश उड़ गए। परेशान युवक ने तत्काल अपने परिजनों को इस बारे में बताया। परिवार ने मिलकर इस मामले पर विचार किया और युवक ने थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। उसने तहरीर में आरोप लगाया है कि उसके ससुरालवालों ने उससे यह महत्वपूर्ण बात जानबूझकर छुपाई और धोखाधड़ी करके उसकी मंगलामुखी से शादी करा दी। युवक का कहना है कि शादी के समय या उससे पहले इस बारे में कोई भी जानकारी नही थी युवक ने यह भी बताया कि पत्नी का जब सच सामने आया, तो वो अपने मायके लौट गई। वो अपने साथ शादी में मिले सारे जेवर और नकदी भी ले गई है। इस पूरी घटना से आहत युवक ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है

एटा में मंदिर से मां दुर्गा की अष्टधातु की मूर्ति व पीतल का विशाल घंटा गायब, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

एटा 06 अप्रैल उप्रससे। जनपद में सकरौली थाना क्षेत्र के नगला झडू (बलिदादपुर) गांव में एक प्राचीन मंदिर से मां दुर्गा की अष्टधातु की मूर्ति और मंदिर के घंटे चोरी हो गए। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

सोमवार को ग्रामीण मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मंदिर के गर्भगृह से मां दुर्गा की प्रतिमा और पीतल के घंटे गायब थे। इस खबर के फैलते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

ग्रामीणों ने इस चोरी पर आक्रोश जताते हुए इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब धार्मिक स्थल ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
घटना की सूचना मिलते ही सकरौली थाना प्रभारी नित्यानंद पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। चोरी की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।

थाना प्रभारी नित्यानंद पांडेय ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा और चोरी हुई मूर्ति बरामद कर ली जाएगी। इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों में समन्वय आवश्यक : मुख्यमंत्री

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
06/04/2026

गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह

पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना है : मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 6 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के अलग-अलग आयामों प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके और दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आमजनमानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जनविश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें।

सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। पत्रकारिता में प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के स्वरूप हैं। आज परिवारों में प्रत्येक सदस्य का रूझान मीडिया के अलग अलग रूपों में रहता है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। प्रिंट मीडिया, विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है। पर, सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है।

सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना है बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों व आर्दशों के साथ आगे बढ़ाना है। भारत में 200 वर्ष के पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व एक भारत श्रेष्ठ भारत का भाव रहा है। हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है। हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सोशल मीडिया तथा प्रिंट मीडिया में एक ही खबर में भिन्नता होती है तो वह जनमानस को विचलित करती है। यह दुविधा की स्थिति खतरनाक होती है। हमें ऐसी स्थिति नहीं हो, ऐसा प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मूल्यों व आर्दशों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है किन्तु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मनाना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होता है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दो को प्रस्तुत करता है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि यह भाव जन विश्वास पर कुठाराघात करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष हिन्दी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 200 वर्ष पहले हिन्दी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकता से हुई थी। 30 मई 1826 को जुगुल किशोर शुक्ल ने हिन्दी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारम्भ किया था। जब उन्होंने पत्र निकाला तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रूके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जनविश्वास का प्रतीक बनती है उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है। सीएम योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देश सेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया। साथ ही बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जनमानस में संचार किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने के पश्चात प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की सत्यमेव जयते सूक्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। यह शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाये रखना है क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की विजय निश्चित है का भाव समाहित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तीन करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार व रोजगार हेतु गोरखपुर महानगर पर निर्भर है। पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार, और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है। कहा कि गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगो के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने तथा विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य को पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। यदि हम ऐसा कर पाएंगे तो यह बेहद महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई। इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था। विगत वर्ष भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों को शपथ समारोह में शामिल होने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ था। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना में, अध्यक्ष के रूप में एसपी त्रिपाठी तथा सचिव के रूप में अरविन्द शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया था। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब को एक भव्य भवन सरकार द्वारा दिया गया। जहां पत्रकारिता के कार्य को सुगमता से सम्पन्न किया जा रहा है।
समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश कुमार, महामंत्री पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य मनोज कुमार मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी और अजीत सिंह को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने जबकि संचालन गजेंद्र त्रिपाठी और प्रेम पराया ने किया।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश के उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक मदन मोहन सिंह, अमर उजाला के स्थानीय संपादक विनीत सक्सेना, राष्ट्रीय सहारा के पीयूष बंका, आज के अखिलेश चंद, स्वतंत्र चेतना के आनंद जी वैश्य सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों की सहभागिता रही।

नौ वीं वाहिनी पीएसी में प्रशिक्षक की संदिग्ध मौत, कमरे में फंदे से लटका मिला शव

मौत से पीएसी परिसर में मची खलबली
बहन की शादी कर ड्यूटी पर लौटा

पीएसी परिसर में सिपाही ने किया सुसाइड
: कमरे में फंदे से लटका मिलात शव, बहन की शादी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे

Post on 6.4.26
Monday,Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
मुरादाबाद में पीएसी परिसर में जवान की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।पीएसी में प्रशिक्षक जवान का शव अपने कमरे में फंदे से लटका मिला।‌ इससे परिसर में सनसनी फ़ैलगई।आननफानन में शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामला आत्महत्या से जुड़ा मानकर पारिवारिक कलह बताया गया है।
मुरादाबाद की नौवीं वाहिनी पीएसी में जवान विकास गौतम प्रशिक्षक का शव अपने कमरे में फंदे से लटका मिला। प्रारम्भिक जांच में मामले को आत्महत्या से जुड़ा माना जा रहा है। बताया जाता है कि पीएसी में सिपाही के पद पर तैनात विकास गौतम (34)प्रशिक्षु सिपाहियों को प्रशिक्षण दे रहे थे। सोमवार की सुबह विकास ने परेड ग्राउंड में प्रशिक्षु सिपाहियों की गिनती कराई। इसके बाद वह अपने साथियों से कपड़े बदलने को कहकर अपने आवास चले गए। बाद में उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। कुछ समय बाद उनके साथ रहने वाले जवान विपिन कुमार कमरे पर पहुंचे। दिन की छुट्टी के बाद पीएसी लौटे विपिन ने दरवाजा खुलवाना चाहा। दरवाजा नहीं खुला तो अन्य साथियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया तो जवान फंदे पर लटका देखा। नजारा देखकर सभी हैरत में पड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी, थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्ट मार्टम के लिए भिजवाया।

3 अप्रैल को छुट्टी से लौटा था जवान–
पीएसी जवान विकास गौतम अपनी सगी दो बहनों की शादी के मौके पर गए।एक अप्रैल के विवाह के बाद विकास 3 अप्रैल को वापस लौटे। हालांकि पुलिस को अभी सुसाइड नोट नहीं मिला। माना जा रहा कि मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा हो सकता है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस में सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की रहीं हैं।‌साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

मेरठ का है सिपाही::
मेरठ का है सिपाही विकास गौतम मेरठ के किठौर का रहने वाला था। वर्ष 2019 से मुरादाबाद में तैनात थे।इस समय वह महिला आरक्षित वर्ग को प्रशिक्षित कर रहे थे
थे। पुलिस ने शव को पोस्ट -मार्टम के लिए भिजवा दिया।

दक्षिण भारत के हजारों लोगों ने ली मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण की शपथ

चिन्ना जीयर स्वामी बोले, प्राकट्य स्थल पर मंदिर बनना ही चाहिए
हमारे पास ठोस साक्ष्य, सभी के सहयोग से जीतेंगे मुकदमा: महेंद्र प्रताप
दक्षिण भारत में विस्तार लेने लगा श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का आंदोलन
वृंदावन (मथुरा): वृंदावन धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर माहौल भावनात्मक हो गया। कथा स्थल पर दक्षिण भारत से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर निर्माण कराने की शपथ ली।
हैदराबाद स्थित स्टैच्यू ऑफ इक्वेल्टी  आश्रम के आध्यात्मिक गुरु श्रीमन्नारायण रामानुज चिन्ना जीयर स्वामी के सान्निध्य में एक होटल में आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने दक्षिण भारत से आए भक्तों को मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल को मुक्त कर वहां मंदिर निर्माण में सहयोग की शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ने के इतिहास पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उनके पास इस मामले में ठोस साक्ष्य हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय में विजय मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का जागा हुआ संकल्प ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि को कब्जा मुक्त कराएगा।
कार्यक्रम के दौरान दक्षिण भारत से आए श्रद्धालुओं ने महेंद्र प्रताप सिंह को अपने यहां आमंत्रित भी किया। भक्तों ने कहा कि वह दक्षिण भारत में भी श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन को बढ़ाने का कार्य तेजी करेंगे। साथ श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को बार बार तोड़े जाने की जानकारी अपने क्षेत्र के लोगों के साथ में साझा करेंगे। टी. रमेश गुप्ता, मोहन शर्मा, विठ्ठल और पुन्ना गोपाल राव ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब दक्षिण भारत के लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी भव्य मंदिर निर्माण की उम्मीद लगाए हुए हैं। कहा कि जल्द हैदराबाद में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिसमें मुख्य अतिथि भी हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट होंगे।
इस अवसर पर स्वामी जी महाराज ने कहा कि यह विषय हिंदुओं की आस्था और अस्मिता से जुड़ा है। जिस स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ, वहां मंदिर बनना चाहिए। उन्होंने इस आंदोलन में महेंद्र प्रताप सिंह के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का स्वागत किया गया। इस मौके पर गोपी स्वामी, मोहन शर्मा, टी. रमेश गुप्ता, एम. एसएसआर वर्मा, बी. रघुनंदन राव, विठ्ठल, पुनर्गोपाल राव, सत्यनारायण राव, मनोज, मनोहर व श्रीमती देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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